प्रतापगढ़ नवीनीकरण को परिषद में पार्किंग में नहीं है जो गंदगी से परेशान वकीलों राम ब्यूरो चीफ अनिल जटिया नवीनीकरण कोर्ट परिसर में पार्किंग में नहीं है छांव, गंदगी से परेशान वकील और आमजन प्रतापगढ़। नवीनीकरण के बाद भी कोर्ट परिसर की पार्किंग व्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सीनियर अधिवक्ता रवि जी सुथार ने जानकारी में बताया की पार्किंग स्थल पर वाहनों के लिए किसी प्रकार की छांव की व्यवस्था नहीं है, जिससे तेज धूप में खड़े वाहनों को नुकसान होने के साथ-साथ लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा पार्किंग क्षेत्र में गंदगी का भी अंबार लगा हुआ है। नियमित सफाई नहीं होने से यहां आने वाले वकीलों, पक्षकारों और आमजन को असुविधा का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों और अधिवक्ताओं का कहना है कि कोर्ट परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते हैं, ऐसे में पार्किंग स्थल पर छायादार शेड और नियमित सफाई की व्यवस्था होना जरूरी है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पार्किंग स्थल पर जल्द से जल्द छांव की व्यवस्था की जाए और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि कोर्ट आने वाले लोगों को राहत मिल सके।
प्रतापगढ़ नवीनीकरण को परिषद में पार्किंग में नहीं है जो गंदगी से परेशान वकीलों राम ब्यूरो चीफ अनिल जटिया नवीनीकरण कोर्ट परिसर में पार्किंग में नहीं है छांव, गंदगी से परेशान वकील और आमजन प्रतापगढ़। नवीनीकरण के बाद भी कोर्ट परिसर की पार्किंग व्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सीनियर अधिवक्ता रवि जी सुथार ने जानकारी में बताया की पार्किंग स्थल पर वाहनों के लिए किसी प्रकार की छांव की व्यवस्था नहीं है, जिससे तेज धूप में खड़े वाहनों को नुकसान होने के साथ-साथ लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके
अलावा पार्किंग क्षेत्र में गंदगी का भी अंबार लगा हुआ है। नियमित सफाई नहीं होने से यहां आने वाले वकीलों, पक्षकारों और आमजन को असुविधा का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों और अधिवक्ताओं का कहना है कि कोर्ट परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते हैं, ऐसे में पार्किंग स्थल पर छायादार शेड और नियमित सफाई की व्यवस्था होना जरूरी है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पार्किंग स्थल पर जल्द से जल्द छांव की व्यवस्था की जाए और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि कोर्ट आने वाले लोगों को राहत मिल सके।
- राजस्थान के Pratapgarh में Anti Corruption Bureau Rajasthan (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम विकास अधिकारी यशवंत जोशी और ई-मित्र संचालक राजमल हाड़ौती को 8,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपियों ने पट्टा बनाने के बदले रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद ACB टीम ने ट्रैप की योजना बनाकर कार्रवाई को अंजाम दिया। यह कार्रवाई ACB के DIG Dr. Rameshwar Singh के सुपरविजन में तथा ASP Vikram Singh के नेतृत्व में की गई। ACB टीम द्वारा दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले की आगे की जांच जारी है।3
- Post by Parmeshvar redash4
- ब्यूरो चीफ अनिल जटिया नवीनीकरण कोर्ट परिसर में पार्किंग में नहीं है छांव, गंदगी से परेशान वकील और आमजन प्रतापगढ़। नवीनीकरण के बाद भी कोर्ट परिसर की पार्किंग व्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सीनियर अधिवक्ता रवि जी सुथार ने जानकारी में बताया की पार्किंग स्थल पर वाहनों के लिए किसी प्रकार की छांव की व्यवस्था नहीं है, जिससे तेज धूप में खड़े वाहनों को नुकसान होने के साथ-साथ लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा पार्किंग क्षेत्र में गंदगी का भी अंबार लगा हुआ है। नियमित सफाई नहीं होने से यहां आने वाले वकीलों, पक्षकारों और आमजन को असुविधा का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों और अधिवक्ताओं का कहना है कि कोर्ट परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते हैं, ऐसे में पार्किंग स्थल पर छायादार शेड और नियमित सफाई की व्यवस्था होना जरूरी है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पार्किंग स्थल पर जल्द से जल्द छांव की व्यवस्था की जाए और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि कोर्ट आने वाले लोगों को राहत मिल सके।2
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- शामगढ़ पुलिस थाने में होली के दूसरे दिन मनाई गई पुलिस स्टाफ के द्वारा होली का लिया गया आनंद1
- प्रतापगढ़, राजस्थान// चित्तौड़गढ़ लोकसभा सांसद प्रत्याशी कमल मीणा बहुजन समाज पार्टी प्रतापगढ़ जिला अध्यक्ष ने बताया कि वर्तमान समय में राजस्थान सरकार द्वारा चलाई जा रही अन्नपूर्णा रसोई योजना फाइलों में बराबर चल रही है लेकिन धरातल पर नहीं चल रही | प्रतापगढ़ जिले में जो अन्नपूर्णा रसोई योजना है वह ठेकेदारों की मनमर्जी से चलती हैं अन्नपूर्णा रसोई में जो पौष्टिक खाना बता रखा है वह भी नहीं मिलता है एवं प्रत्येक थाली पर निर्धारित मूल्य ₹8 रुपया थाली बता रखा जबकि ₹10 मजदूर से लिया जाता है जो पौष्टिक खाना थाली में बता रखा वह भी नहीं मिलता है यह योजनाएं कागज में पूंजीपति लोग चला रहे हैं जिनको गरीब आदमी भूखे रहे या प्यासे रहे उससे उन्हें कोई लेना-देना नहीं है जब एक व्यक्ति से एक थाली के ₹10 लेते हैं 30 दिन आदमी खाना खाता है तो ₹300 बनते हैं जो की थाली की रेट से देखे तो 30 दिन के ₹8 के हिसाब से ₹240 बनते हैं जिस गरीब मजदूर आदमी से एक माह की 30 दिन के ₹60 ज्यादा ले रहे हैं अगर गरीब मजदूर के पास एक दिन अगर भोजन करने की ₹8 नहीं हो तो मजदूर आदमी को भूखे ही रहना होता है यह ₹8 के खाना खाने वाले मजदूर, आदिवासी लोग ही होते हैं इसलिए राजस्थान सरकार वर्तमान समय में आदिवासी क्षेत्र में जो अन्नपूर्णा रसोई योजनाएं चला रखी है वह सभी भोजन के टेंडर आदिवासी लोगों को दिए जाए जिंससे गरीब मजदूरों को भूख न काटनी पड़े आज दिनांक 4 मार्च 2026 को जब मजदूर ने बताया कि आज रसोई योजना बंद है तो मैंने जाकर देखा तो पाया कि प्रतापगढ़ नगर पालिका में चल रही अन्नपूर्णा रसोई योजना पर ताला लगा हुआ था और प्रतापगढ़ सुखाडिया ग्राउंड में चल रही अन्नपूर्णा योजना भी बंद मिलीं एवं प्रतापगढ़ जिला चिकित्सालय में चल रही अन्नपूर्णा योजना भी बंद मिली इसी तरह प्रतापगढ़ में पोस्ट ऑफिस के सामने चल रही अन्नपूर्णा योजना पर भी ताला लगा मिला इस प्रकार से वर्तमान सरकार द्वारा जो योजनाएं सरकार ने चला रखी है वह सब योजनाएं कागज़ो और फाइलों में चल रही है इन योजनाओं का लाभ गरीब, मजदूर आदमी नहीं ले पा रहा जैसा की प्रतापगढ़ जिला पूर्ण रूप से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है जो कि आज आजादी के 71 वर्षों के बाद भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, रोटी, कपड़ा, मकान, जल,जंगल, जमीन हर प्रकार से पिछड़ा हुआ है वर्तमान सरकार द्वारा गरीब आदमी को खाना उपलब्ध नहीं करना है इसलिए अन्नपूर्णा रसोई योजना का काम पूंजीपति लोगों को दे रखा है जो वीआईपी खाना खाते हैं ऐसे लोगों को जिन लोगों को गरीब आदमी की भूख से कोई लेना-देना नहीं है ऐसे पुंजीपति लोगों को ट्राइबल क्षेत्र की रसोई योजना की टेंडर दे रखे हैं मैं बहुजन समाज पार्टी जिला अध्यक्ष प्रतापगढ़ होने के नाते भजनलाल जी सरकार से कहना चाहता हूं कि गरीब का निवाला छिलने वाले लोगों से तुरंत प्रभाव से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में चलने वाली सभी अन्नपूर्णा रसोई योजना के टेंडर आदिवासी गरीब मजदूरों को दिए जाएं जिससे गरीब मजदूर पेट भर कर खाना खा सके ₹8 थाली की जगह ₹10 लिए जा रहे हैं जबकि 22 रुपए अनुदान की रिपोर्ट राजस्थान सरकार दे रही है ₹2 प्रति थाली पर अवैध वसूली हो रही इस पर रोक लगाई जाए | अन्नपूर्णा रसोई योजना की टैगलाइन है कोई भी भूखा नहीं सोए जबकि प्रतापगढ़ जिले में जो अन्नपूर्णा रसोई योजना चल रही है इस अन्नपूर्णा योजना को चलाने वाले पूंजीपति लोग गरीब जनता को भूख से मरने को मजबूर कर रहे हैं | अन्नपूर्णा रसोई योजना का समय सुबह 8.30 से 3: 00 बजे तक एवं रात को 5:00 बजे से 9:00 तक का समय दिया हुआ है जबकि रात को 8:00 बजे अन्नपूर्णा रसोई योजना बंद हो जाती है निर्धारित मूल्य ₹8 रुपए दे रखा जबकि जनता से ₹10 लिए जाते हैं भोजन थाली में बताई हुई सामग्री भी पूरी नहीं दि जाती हैं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में अन्नपूर्णा रसोई योजना के नाम पर गरीब जनता का निवाला छिनने वाले लोगों की जांच निकलवाई और भोजन में सुधार करवाया जाए अगर समय रहते जांच नहीं हुई तो बहुजन समाज पार्टी अनिश्चित कालीन धरना लगाएगी जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी4
- गांव खेडा कलालिया पंचायत धतुरिया तहसील पिपलोदा जिला रतलाम पंचायत मै हालात1
- Post by Parmeshvar redash1