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अन्नपूर्णा रसोई योजना मे सरकार फेल और भयंकर लापरवाही प्रतापगढ़ राजस्थान प्रतापगढ़, राजस्थान// चित्तौड़गढ़ लोकसभा सांसद प्रत्याशी कमल मीणा बहुजन समाज पार्टी प्रतापगढ़ जिला अध्यक्ष ने बताया कि वर्तमान समय में राजस्थान सरकार द्वारा चलाई जा रही अन्नपूर्णा रसोई योजना फाइलों में बराबर चल रही है लेकिन धरातल पर नहीं चल रही | प्रतापगढ़ जिले में जो अन्नपूर्णा रसोई योजना है वह ठेकेदारों की मनमर्जी से चलती हैं अन्नपूर्णा रसोई में जो पौष्टिक खाना बता रखा है वह भी नहीं मिलता है एवं प्रत्येक थाली पर निर्धारित मूल्य ₹8 रुपया थाली बता रखा जबकि ₹10 मजदूर से लिया जाता है जो पौष्टिक खाना थाली में बता रखा वह भी नहीं मिलता है यह योजनाएं कागज में पूंजीपति लोग चला रहे हैं जिनको गरीब आदमी भूखे रहे या प्यासे रहे उससे उन्हें कोई लेना-देना नहीं है जब एक व्यक्ति से एक थाली के ₹10 लेते हैं 30 दिन आदमी खाना खाता है तो ₹300 बनते हैं जो की थाली की रेट से देखे तो 30 दिन के ₹8 के हिसाब से ₹240 बनते हैं जिस गरीब मजदूर आदमी से एक माह की 30 दिन के ₹60 ज्यादा ले रहे हैं अगर गरीब मजदूर के पास एक दिन अगर भोजन करने की ₹8 नहीं हो तो मजदूर आदमी को भूखे ही रहना होता है यह ₹8 के खाना खाने वाले मजदूर, आदिवासी लोग ही होते हैं इसलिए राजस्थान सरकार वर्तमान समय में आदिवासी क्षेत्र में जो अन्नपूर्णा रसोई योजनाएं चला रखी है वह सभी भोजन के टेंडर आदिवासी लोगों को दिए जाए जिंससे गरीब मजदूरों को भूख न काटनी पड़े आज दिनांक 4 मार्च 2026 को जब मजदूर ने बताया कि आज रसोई योजना बंद है तो मैंने जाकर देखा तो पाया कि प्रतापगढ़ नगर पालिका में चल रही अन्नपूर्णा रसोई योजना पर ताला लगा हुआ था और प्रतापगढ़ सुखाडिया ग्राउंड में चल रही अन्नपूर्णा योजना भी बंद मिलीं एवं प्रतापगढ़ जिला चिकित्सालय में चल रही अन्नपूर्णा योजना भी बंद मिली इसी तरह प्रतापगढ़ में पोस्ट ऑफिस के सामने चल रही अन्नपूर्णा योजना पर भी ताला लगा मिला इस प्रकार से वर्तमान सरकार द्वारा जो योजनाएं सरकार ने चला रखी है वह सब योजनाएं कागज़ो और फाइलों में चल रही है इन योजनाओं का लाभ गरीब, मजदूर आदमी नहीं ले पा रहा जैसा की प्रतापगढ़ जिला पूर्ण रूप से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है जो कि आज आजादी के 71 वर्षों के बाद भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, रोटी, कपड़ा, मकान, जल,जंगल, जमीन हर प्रकार से पिछड़ा हुआ है वर्तमान सरकार द्वारा गरीब आदमी को खाना उपलब्ध नहीं करना है इसलिए अन्नपूर्णा रसोई योजना का काम पूंजीपति लोगों को दे रखा है जो वीआईपी खाना खाते हैं ऐसे लोगों को जिन लोगों को गरीब आदमी की भूख से कोई लेना-देना नहीं है ऐसे पुंजीपति लोगों को ट्राइबल क्षेत्र की रसोई योजना की टेंडर दे रखे हैं मैं बहुजन समाज पार्टी जिला अध्यक्ष प्रतापगढ़ होने के नाते भजनलाल जी सरकार से कहना चाहता हूं कि गरीब का निवाला छिलने वाले लोगों से तुरंत प्रभाव से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में चलने वाली सभी अन्नपूर्णा रसोई योजना के टेंडर आदिवासी गरीब मजदूरों को दिए जाएं जिससे गरीब मजदूर पेट भर कर खाना खा सके ₹8 थाली की जगह ₹10 लिए जा रहे हैं जबकि 22 रुपए अनुदान की रिपोर्ट राजस्थान सरकार दे रही है ₹2 प्रति थाली पर अवैध वसूली हो रही इस पर रोक लगाई जाए | अन्नपूर्णा रसोई योजना की टैगलाइन है कोई भी भूखा नहीं सोए जबकि प्रतापगढ़ जिले में जो अन्नपूर्णा रसोई योजना चल रही है इस अन्नपूर्णा योजना को चलाने वाले पूंजीपति लोग गरीब जनता को भूख से मरने को मजबूर कर रहे हैं | अन्नपूर्णा रसोई योजना का समय सुबह 8.30 से 3: 00 बजे तक एवं रात को 5:00 बजे से 9:00 तक का समय दिया हुआ है जबकि रात को 8:00 बजे अन्नपूर्णा रसोई योजना बंद हो जाती है निर्धारित मूल्य ₹8 रुपए दे रखा जबकि जनता से ₹10 लिए जाते हैं भोजन थाली में बताई हुई सामग्री भी पूरी नहीं दि जाती हैं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में अन्नपूर्णा रसोई योजना के नाम पर गरीब जनता का निवाला छिनने वाले लोगों की जांच निकलवाई और भोजन में सुधार करवाया जाए अगर समय रहते जांच नहीं हुई तो बहुजन समाज पार्टी अनिश्चित कालीन धरना लगाएगी जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी

4 hrs ago
user_न्यूज़ रिपोर्टर कमल मीणा
न्यूज़ रिपोर्टर कमल मीणा
Nurse छोटी सादड़ी, प्रतापगढ़, राजस्थान•
4 hrs ago
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अन्नपूर्णा रसोई योजना मे सरकार फेल और भयंकर लापरवाही प्रतापगढ़ राजस्थान प्रतापगढ़, राजस्थान// चित्तौड़गढ़ लोकसभा सांसद प्रत्याशी कमल मीणा बहुजन समाज पार्टी प्रतापगढ़ जिला अध्यक्ष ने बताया कि वर्तमान समय में राजस्थान सरकार द्वारा चलाई जा रही अन्नपूर्णा रसोई योजना फाइलों में बराबर चल रही है लेकिन धरातल पर नहीं चल रही | प्रतापगढ़ जिले में जो अन्नपूर्णा रसोई योजना है वह ठेकेदारों की मनमर्जी से चलती हैं अन्नपूर्णा रसोई में जो पौष्टिक खाना बता रखा है वह भी नहीं मिलता है एवं प्रत्येक थाली पर निर्धारित मूल्य ₹8 रुपया थाली बता रखा जबकि ₹10 मजदूर से लिया जाता है जो पौष्टिक खाना थाली में बता रखा वह भी नहीं मिलता है यह योजनाएं कागज में पूंजीपति लोग चला रहे हैं जिनको गरीब आदमी भूखे रहे या प्यासे रहे उससे उन्हें कोई लेना-देना नहीं है जब एक व्यक्ति से एक थाली के ₹10 लेते हैं 30 दिन आदमी खाना खाता है तो ₹300 बनते हैं जो की थाली की रेट से देखे तो 30 दिन के ₹8 के हिसाब से ₹240 बनते हैं जिस गरीब मजदूर आदमी से

एक माह की 30 दिन के ₹60 ज्यादा ले रहे हैं अगर गरीब मजदूर के पास एक दिन अगर भोजन करने की ₹8 नहीं हो तो मजदूर आदमी को भूखे ही रहना होता है यह ₹8 के खाना खाने वाले मजदूर, आदिवासी लोग ही होते हैं इसलिए राजस्थान सरकार वर्तमान समय में आदिवासी क्षेत्र में जो अन्नपूर्णा रसोई योजनाएं चला रखी है वह सभी भोजन के टेंडर आदिवासी लोगों को दिए जाए जिंससे गरीब मजदूरों को भूख न काटनी पड़े आज दिनांक 4 मार्च 2026 को जब मजदूर ने बताया कि आज रसोई योजना बंद है तो मैंने जाकर देखा तो पाया कि प्रतापगढ़ नगर पालिका में चल रही अन्नपूर्णा रसोई योजना पर ताला लगा हुआ था और प्रतापगढ़ सुखाडिया ग्राउंड में चल रही अन्नपूर्णा योजना भी बंद मिलीं एवं प्रतापगढ़ जिला चिकित्सालय में चल रही अन्नपूर्णा योजना भी बंद मिली इसी तरह प्रतापगढ़ में पोस्ट ऑफिस के सामने चल रही अन्नपूर्णा योजना पर भी ताला लगा मिला इस प्रकार से वर्तमान सरकार द्वारा जो योजनाएं सरकार ने चला रखी है वह सब योजनाएं कागज़ो और फाइलों

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में चल रही है इन योजनाओं का लाभ गरीब, मजदूर आदमी नहीं ले पा रहा जैसा की प्रतापगढ़ जिला पूर्ण रूप से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है जो कि आज आजादी के 71 वर्षों के बाद भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, रोटी, कपड़ा, मकान, जल,जंगल, जमीन हर प्रकार से पिछड़ा हुआ है वर्तमान सरकार द्वारा गरीब आदमी को खाना उपलब्ध नहीं करना है इसलिए अन्नपूर्णा रसोई योजना का काम पूंजीपति लोगों को दे रखा है जो वीआईपी खाना खाते हैं ऐसे लोगों को जिन लोगों को गरीब आदमी की भूख से कोई लेना-देना नहीं है ऐसे पुंजीपति लोगों को ट्राइबल क्षेत्र की रसोई योजना की टेंडर दे रखे हैं मैं बहुजन समाज पार्टी जिला अध्यक्ष प्रतापगढ़ होने के नाते भजनलाल जी सरकार से कहना चाहता हूं कि गरीब का निवाला छिलने वाले लोगों से तुरंत प्रभाव से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में चलने वाली सभी अन्नपूर्णा रसोई योजना के टेंडर आदिवासी गरीब मजदूरों को दिए जाएं जिससे गरीब मजदूर पेट भर कर खाना खा सके ₹8 थाली की जगह ₹10 लिए जा रहे हैं जबकि 22 रुपए अनुदान की

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रिपोर्ट राजस्थान सरकार दे रही है ₹2 प्रति थाली पर अवैध वसूली हो रही इस पर रोक लगाई जाए | अन्नपूर्णा रसोई योजना की टैगलाइन है कोई भी भूखा नहीं सोए जबकि प्रतापगढ़ जिले में जो अन्नपूर्णा रसोई योजना चल रही है इस अन्नपूर्णा योजना को चलाने वाले पूंजीपति लोग गरीब जनता को भूख से मरने को मजबूर कर रहे हैं | अन्नपूर्णा रसोई योजना का समय सुबह 8.30 से 3: 00 बजे तक एवं रात को 5:00 बजे से 9:00 तक का समय दिया हुआ है जबकि रात को 8:00 बजे अन्नपूर्णा रसोई योजना बंद हो जाती है निर्धारित मूल्य ₹8 रुपए दे रखा जबकि जनता से ₹10 लिए जाते हैं भोजन थाली में बताई हुई सामग्री भी पूरी नहीं दि जाती हैं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में अन्नपूर्णा रसोई योजना के नाम पर गरीब जनता का निवाला छिनने वाले लोगों की जांच निकलवाई और भोजन में सुधार करवाया जाए अगर समय रहते जांच नहीं हुई तो बहुजन समाज पार्टी अनिश्चित कालीन धरना लगाएगी जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी

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  • प्रतापगढ़, राजस्थान// चित्तौड़गढ़ लोकसभा सांसद प्रत्याशी कमल मीणा बहुजन समाज पार्टी प्रतापगढ़ जिला अध्यक्ष ने बताया कि वर्तमान समय में राजस्थान सरकार द्वारा चलाई जा रही अन्नपूर्णा रसोई योजना फाइलों में बराबर चल रही है लेकिन धरातल पर नहीं चल रही | प्रतापगढ़ जिले में जो अन्नपूर्णा रसोई योजना है वह ठेकेदारों की मनमर्जी से चलती हैं अन्नपूर्णा रसोई में जो पौष्टिक खाना बता रखा है वह भी नहीं मिलता है एवं प्रत्येक थाली पर निर्धारित मूल्य ₹8 रुपया थाली बता रखा जबकि ₹10 मजदूर से लिया जाता है जो पौष्टिक खाना थाली में बता रखा वह भी नहीं मिलता है यह योजनाएं कागज में पूंजीपति लोग चला रहे हैं जिनको गरीब आदमी भूखे रहे या प्यासे रहे उससे उन्हें कोई लेना-देना नहीं है जब एक व्यक्ति से एक थाली के ₹10 लेते हैं 30 दिन आदमी खाना खाता है तो ₹300 बनते हैं जो की थाली की रेट से देखे तो 30 दिन के ₹8 के हिसाब से ₹240 बनते हैं जिस गरीब मजदूर आदमी से एक माह की 30 दिन के ₹60 ज्यादा ले रहे हैं अगर गरीब मजदूर के पास एक दिन अगर भोजन करने की ₹8 नहीं हो तो मजदूर आदमी को भूखे ही रहना होता है यह ₹8 के खाना खाने वाले मजदूर, आदिवासी लोग ही होते हैं इसलिए राजस्थान सरकार वर्तमान समय में आदिवासी क्षेत्र में जो अन्नपूर्णा रसोई योजनाएं चला रखी है वह सभी भोजन के टेंडर आदिवासी लोगों को दिए जाए जिंससे गरीब मजदूरों को भूख न काटनी पड़े आज दिनांक 4 मार्च 2026 को जब मजदूर ने बताया कि आज रसोई योजना बंद है तो मैंने जाकर देखा तो पाया कि प्रतापगढ़ नगर पालिका में चल रही अन्नपूर्णा रसोई योजना पर ताला लगा हुआ था और प्रतापगढ़ सुखाडिया ग्राउंड में चल रही अन्नपूर्णा योजना भी बंद मिलीं एवं प्रतापगढ़ जिला चिकित्सालय में चल रही अन्नपूर्णा योजना भी बंद मिली इसी तरह प्रतापगढ़ में पोस्ट ऑफिस के सामने चल रही अन्नपूर्णा योजना पर भी ताला लगा मिला इस प्रकार से वर्तमान सरकार द्वारा जो योजनाएं सरकार ने चला रखी है वह सब योजनाएं कागज़ो और फाइलों में चल रही है इन योजनाओं का लाभ गरीब, मजदूर आदमी नहीं ले पा रहा जैसा की प्रतापगढ़ जिला पूर्ण रूप से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है जो कि आज आजादी के 71 वर्षों के बाद भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, रोटी, कपड़ा, मकान, जल,जंगल, जमीन हर प्रकार से पिछड़ा हुआ है वर्तमान सरकार द्वारा गरीब आदमी को खाना उपलब्ध नहीं करना है इसलिए अन्नपूर्णा रसोई योजना का काम पूंजीपति लोगों को दे रखा है जो वीआईपी खाना खाते हैं ऐसे लोगों को जिन लोगों को गरीब आदमी की भूख से कोई लेना-देना नहीं है ऐसे पुंजीपति लोगों को ट्राइबल क्षेत्र की रसोई योजना की टेंडर दे रखे हैं मैं बहुजन समाज पार्टी जिला अध्यक्ष प्रतापगढ़ होने के नाते भजनलाल जी सरकार से कहना चाहता हूं कि गरीब का निवाला छिलने वाले लोगों से तुरंत प्रभाव से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में चलने वाली सभी अन्नपूर्णा रसोई योजना के टेंडर आदिवासी गरीब मजदूरों को दिए जाएं जिससे गरीब मजदूर पेट भर कर खाना खा सके ₹8 थाली की जगह ₹10 लिए जा रहे हैं जबकि 22 रुपए अनुदान की रिपोर्ट राजस्थान सरकार दे रही है ₹2 प्रति थाली पर अवैध वसूली हो रही इस पर रोक लगाई जाए | अन्नपूर्णा रसोई योजना की टैगलाइन है कोई भी भूखा नहीं सोए जबकि प्रतापगढ़ जिले में जो अन्नपूर्णा रसोई योजना चल रही है इस अन्नपूर्णा योजना को चलाने वाले पूंजीपति लोग गरीब जनता को भूख से मरने को मजबूर कर रहे हैं | अन्नपूर्णा रसोई योजना का समय सुबह 8.30 से 3: 00 बजे तक एवं रात को 5:00 बजे से 9:00 तक का समय दिया हुआ है जबकि रात को 8:00 बजे अन्नपूर्णा रसोई योजना बंद हो जाती है निर्धारित मूल्य ₹8 रुपए दे रखा जबकि जनता से ₹10 लिए जाते हैं भोजन थाली में बताई हुई सामग्री भी पूरी नहीं दि जाती हैं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में अन्नपूर्णा रसोई योजना के नाम पर गरीब जनता का निवाला छिनने वाले लोगों की जांच निकलवाई और भोजन में सुधार करवाया जाए अगर समय रहते जांच नहीं हुई तो बहुजन समाज पार्टी अनिश्चित कालीन धरना लगाएगी जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी
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    प्रतापगढ़, राजस्थान//
चित्तौड़गढ़ लोकसभा सांसद प्रत्याशी कमल मीणा बहुजन समाज पार्टी प्रतापगढ़ जिला अध्यक्ष ने बताया कि वर्तमान समय में राजस्थान सरकार द्वारा चलाई जा रही अन्नपूर्णा रसोई योजना फाइलों में बराबर चल रही है लेकिन धरातल पर नहीं चल रही | प्रतापगढ़ जिले में जो अन्नपूर्णा रसोई योजना है वह ठेकेदारों की मनमर्जी से चलती हैं अन्नपूर्णा रसोई में जो पौष्टिक खाना बता रखा है वह भी नहीं मिलता है एवं प्रत्येक थाली पर निर्धारित मूल्य ₹8 रुपया थाली बता रखा जबकि ₹10 मजदूर से लिया जाता है जो पौष्टिक खाना थाली में बता रखा वह भी नहीं मिलता है यह योजनाएं कागज में पूंजीपति लोग चला रहे हैं जिनको गरीब आदमी भूखे रहे या प्यासे रहे उससे उन्हें कोई लेना-देना नहीं है जब एक व्यक्ति से एक थाली के ₹10 लेते हैं 30 दिन आदमी खाना खाता है तो ₹300 बनते हैं जो की थाली की रेट से देखे तो 30 दिन के ₹8 के हिसाब से ₹240 बनते हैं जिस गरीब मजदूर आदमी से एक माह की 30 दिन के ₹60 ज्यादा ले रहे हैं अगर गरीब मजदूर के पास एक दिन अगर भोजन करने की ₹8 नहीं हो तो मजदूर आदमी को भूखे ही रहना होता है यह ₹8 के खाना खाने वाले मजदूर, आदिवासी लोग ही होते हैं इसलिए राजस्थान सरकार वर्तमान समय में आदिवासी क्षेत्र में जो अन्नपूर्णा रसोई योजनाएं चला रखी है वह सभी भोजन के टेंडर आदिवासी लोगों को दिए जाए जिंससे गरीब मजदूरों को भूख न काटनी पड़े आज दिनांक 4 मार्च 2026 को जब मजदूर ने बताया कि आज रसोई योजना बंद है तो मैंने जाकर देखा तो पाया कि प्रतापगढ़ नगर पालिका में चल रही अन्नपूर्णा रसोई योजना पर ताला लगा हुआ था और प्रतापगढ़ सुखाडिया ग्राउंड में चल रही अन्नपूर्णा योजना भी बंद मिलीं एवं प्रतापगढ़ जिला चिकित्सालय में चल रही अन्नपूर्णा योजना भी बंद मिली इसी तरह प्रतापगढ़ में पोस्ट ऑफिस के सामने चल रही अन्नपूर्णा योजना पर भी ताला लगा मिला इस प्रकार से वर्तमान सरकार द्वारा जो योजनाएं सरकार ने चला रखी है वह सब योजनाएं कागज़ो और फाइलों में चल रही है इन योजनाओं का लाभ गरीब, मजदूर आदमी नहीं ले पा रहा जैसा की प्रतापगढ़ जिला पूर्ण रूप से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है जो कि आज आजादी के 71 वर्षों के बाद भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, रोटी, कपड़ा, मकान, जल,जंगल, जमीन हर प्रकार से पिछड़ा हुआ है वर्तमान सरकार द्वारा गरीब आदमी को खाना उपलब्ध नहीं करना है इसलिए  अन्नपूर्णा रसोई योजना का काम पूंजीपति लोगों को दे रखा है जो वीआईपी खाना खाते हैं ऐसे लोगों को जिन लोगों को गरीब आदमी की भूख से कोई लेना-देना नहीं है ऐसे पुंजीपति लोगों को ट्राइबल क्षेत्र की रसोई योजना की टेंडर दे रखे हैं मैं बहुजन समाज पार्टी जिला अध्यक्ष प्रतापगढ़ होने के नाते भजनलाल जी सरकार से कहना चाहता हूं कि गरीब का निवाला छिलने वाले लोगों से तुरंत प्रभाव से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में चलने वाली सभी अन्नपूर्णा रसोई योजना के टेंडर आदिवासी गरीब मजदूरों को दिए जाएं जिससे गरीब मजदूर पेट भर कर खाना खा सके ₹8 थाली की जगह ₹10 लिए जा रहे हैं जबकि 22 रुपए अनुदान की रिपोर्ट राजस्थान सरकार दे रही है ₹2 प्रति थाली पर अवैध वसूली हो रही इस पर रोक लगाई जाए | अन्नपूर्णा रसोई योजना की टैगलाइन है कोई भी भूखा नहीं सोए जबकि प्रतापगढ़ जिले में जो अन्नपूर्णा रसोई योजना चल रही है इस अन्नपूर्णा योजना को चलाने वाले पूंजीपति लोग गरीब जनता को भूख से मरने को मजबूर कर रहे हैं | अन्नपूर्णा रसोई योजना का समय सुबह  8.30 से 3: 00 बजे तक एवं रात को 5:00 बजे से 9:00 तक का समय दिया हुआ है जबकि रात को 8:00 बजे अन्नपूर्णा  रसोई योजना बंद हो जाती है निर्धारित मूल्य ₹8 रुपए दे रखा जबकि जनता से ₹10 लिए जाते हैं भोजन थाली में बताई हुई सामग्री भी पूरी नहीं दि  जाती हैं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में अन्नपूर्णा रसोई योजना के नाम पर गरीब जनता का निवाला छिनने वाले लोगों की जांच निकलवाई और भोजन में सुधार करवाया जाए अगर समय रहते जांच नहीं हुई तो बहुजन समाज पार्टी अनिश्चित कालीन  धरना लगाएगी जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी
    user_न्यूज़ रिपोर्टर कमल मीणा
    न्यूज़ रिपोर्टर कमल मीणा
    Nurse छोटी सादड़ी, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • Writing अति माहवारी (मासिक धर्म में अत्यधिक रक्तस्राव) का आयुर्वेदिक उपचार संभव आजकल महिलाओं में अति माहवारी (Menorrhagia) यानी मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। इस स्थिति में महिलाओं को सामान्य से अधिक दिनों तक या अत्यधिक मात्रा में ब्लीडिंग होती है, जिससे शरीर में कमजोरी, चक्कर आना, थकान, कमर दर्द, चिड़चिड़ापन और खून की कमी (एनीमिया) जैसी समस्याएं हो सकती हैं। आयुर्वेद के अनुसार यह समस्या मुख्यतः पित्त दोष और रक्त दोष के असंतुलन के कारण उत्पन्न होती है। समय पर उचित आयुर्वेदिक उपचार और जीवनशैली में सुधार से इस समस्या का सुरक्षित और स्थायी समाधान संभव है। आयुष हॉस्पिटल चित्तौड़गढ़ में अति माहवारी की समस्या का आयुर्वेदिक सिद्धांतों पर आधारित सफल उपचार किया जा रहा है। यहाँ प्रत्येक रोगी की प्रकृति और बीमारी की अवस्था को ध्यान में रखते हुए व्यक्तिगत उपचार योजना, औषधि और आवश्यक पंचकर्म चिकित्सा द्वारा इलाज किया जाता है। अति माहवारी के साथ-साथ यहाँ महिलाओं की अन्य समस्याओं जैसे— • अनियमित मासिक धर्म • सफेद पानी (ल्यूकोरिया) • हार्मोनल असंतुलन • कमर व शारीरिक कमजोरी • प्रसव के बाद की समस्याएं का भी आयुर्वेदिक उपचार उपलब्ध है। आयुष हॉस्पिटल में अनुभवी आयुर्वेद चिकित्सक द्वारा प्राकृतिक और सुरक्षित चिकित्सा पद्धति से महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाता है। विशेषताएँ: • NABH Certified Ayurved Hospital • Mediclaim Policy / Health Insurance के अंतर्गत उपचार उपलब्ध • आयुर्वेदिक परामर्श एवं व्यक्तिगत उपचार योजना • पंचकर्म एवं विशेष स्त्री रोग चिकित्सा परामर्श हेतु संपर्क करें: आयुष हॉस्पिटल, चित्तौड़गढ़ 📍 आकाशवाणी चौराहा, गांधी नगर, चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) 📞 94618 08623 | 83020 83835
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    Writing
अति माहवारी (मासिक धर्म में अत्यधिक रक्तस्राव) का आयुर्वेदिक उपचार संभव
आजकल महिलाओं में अति माहवारी (Menorrhagia) यानी मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। इस स्थिति में महिलाओं को सामान्य से अधिक दिनों तक या अत्यधिक मात्रा में ब्लीडिंग होती है, जिससे शरीर में कमजोरी, चक्कर आना, थकान, कमर दर्द, चिड़चिड़ापन और खून की कमी (एनीमिया) जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
आयुर्वेद के अनुसार यह समस्या मुख्यतः पित्त दोष और रक्त दोष के असंतुलन के कारण उत्पन्न होती है। समय पर उचित आयुर्वेदिक उपचार और जीवनशैली में सुधार से इस समस्या का सुरक्षित और स्थायी समाधान संभव है।
आयुष हॉस्पिटल चित्तौड़गढ़ में अति माहवारी की समस्या का आयुर्वेदिक सिद्धांतों पर आधारित सफल उपचार किया जा रहा है। यहाँ प्रत्येक रोगी की प्रकृति और बीमारी की अवस्था को ध्यान में रखते हुए व्यक्तिगत उपचार योजना, औषधि और आवश्यक पंचकर्म चिकित्सा द्वारा इलाज किया जाता है।
अति माहवारी के साथ-साथ यहाँ महिलाओं की अन्य समस्याओं जैसे—
• अनियमित मासिक धर्म
• सफेद पानी (ल्यूकोरिया)
• हार्मोनल असंतुलन
• कमर व शारीरिक कमजोरी
• प्रसव के बाद की समस्याएं
का भी आयुर्वेदिक उपचार उपलब्ध है।
आयुष हॉस्पिटल में अनुभवी आयुर्वेद चिकित्सक द्वारा प्राकृतिक और सुरक्षित चिकित्सा पद्धति से महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाता है।
विशेषताएँ:
• NABH Certified Ayurved Hospital
• Mediclaim Policy / Health Insurance के अंतर्गत उपचार उपलब्ध
• आयुर्वेदिक परामर्श एवं व्यक्तिगत उपचार योजना
• पंचकर्म एवं विशेष स्त्री रोग चिकित्सा
परामर्श हेतु संपर्क करें:
आयुष हॉस्पिटल, चित्तौड़गढ़
📍 आकाशवाणी चौराहा, गांधी नगर, चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)
📞 94618 08623 | 83020 83835
    user_Dr CP Patel 8302083835 आयुष हॉस्पिटल
    Dr CP Patel 8302083835 आयुष हॉस्पिटल
    Doctor Nimbahera, Chittorgarh•
    2 hrs ago
  • राजस्थान के Pratapgarh में Anti Corruption Bureau Rajasthan (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम विकास अधिकारी यशवंत जोशी और ई-मित्र संचालक राजमल हाड़ौती को 8,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपियों ने पट्टा बनाने के बदले रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद ACB टीम ने ट्रैप की योजना बनाकर कार्रवाई को अंजाम दिया। यह कार्रवाई ACB के DIG Dr. Rameshwar Singh के सुपरविजन में तथा ASP Vikram Singh के नेतृत्व में की गई। ACB टीम द्वारा दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले की आगे की जांच जारी है।
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    राजस्थान के Pratapgarh में Anti Corruption Bureau Rajasthan (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम विकास अधिकारी यशवंत जोशी और ई-मित्र संचालक राजमल हाड़ौती को 8,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
बताया जा रहा है कि दोनों आरोपियों ने पट्टा बनाने के बदले रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद ACB टीम ने ट्रैप की योजना बनाकर कार्रवाई को अंजाम दिया।
यह कार्रवाई ACB के DIG Dr. Rameshwar Singh के सुपरविजन में तथा ASP Vikram Singh के नेतृत्व में की गई।
ACB टीम द्वारा दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले की आगे की जांच जारी है।
    user_Vikram Singh
    Vikram Singh
    Local News Reporter प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • Post by Parmeshvar redash
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    Post by Parmeshvar redash
    user_Parmeshvar redash
    Parmeshvar redash
    Photographer प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • ब्यूरो चीफ अनिल जटिया नवीनीकरण कोर्ट परिसर में पार्किंग में नहीं है छांव, गंदगी से परेशान वकील और आमजन प्रतापगढ़। नवीनीकरण के बाद भी कोर्ट परिसर की पार्किंग व्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सीनियर अधिवक्ता रवि जी सुथार ने जानकारी में बताया की पार्किंग स्थल पर वाहनों के लिए किसी प्रकार की छांव की व्यवस्था नहीं है, जिससे तेज धूप में खड़े वाहनों को नुकसान होने के साथ-साथ लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा पार्किंग क्षेत्र में गंदगी का भी अंबार लगा हुआ है। नियमित सफाई नहीं होने से यहां आने वाले वकीलों, पक्षकारों और आमजन को असुविधा का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों और अधिवक्ताओं का कहना है कि कोर्ट परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते हैं, ऐसे में पार्किंग स्थल पर छायादार शेड और नियमित सफाई की व्यवस्था होना जरूरी है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पार्किंग स्थल पर जल्द से जल्द छांव की व्यवस्था की जाए और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि कोर्ट आने वाले लोगों को राहत मिल सके।
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    ब्यूरो चीफ अनिल जटिया 
नवीनीकरण कोर्ट परिसर में पार्किंग में नहीं है छांव, गंदगी से परेशान वकील और आमजन
प्रतापगढ़। नवीनीकरण के बाद भी कोर्ट परिसर की पार्किंग व्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सीनियर अधिवक्ता रवि जी सुथार ने जानकारी में बताया की पार्किंग स्थल पर वाहनों के लिए किसी प्रकार की छांव की व्यवस्था नहीं है, जिससे तेज धूप में खड़े वाहनों को नुकसान होने के साथ-साथ लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके अलावा पार्किंग क्षेत्र में गंदगी का भी अंबार लगा हुआ है। नियमित सफाई नहीं होने से यहां आने वाले वकीलों, पक्षकारों और आमजन को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों और अधिवक्ताओं का कहना है कि कोर्ट परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते हैं, ऐसे में पार्किंग स्थल पर छायादार शेड और नियमित सफाई की व्यवस्था होना जरूरी है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पार्किंग स्थल पर जल्द से जल्द छांव की व्यवस्था की जाए और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि कोर्ट आने वाले लोगों को राहत मिल सके।
    user_Aniljatiya 6878
    Aniljatiya 6878
    Photographer प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • Post by Bhupendra Singh
    1
    Post by Bhupendra Singh
    user_Bhupendra Singh
    Bhupendra Singh
    प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • शामगढ़ पुलिस थाने में होली के दूसरे दिन मनाई गई पुलिस स्टाफ के द्वारा होली का लिया गया आनंद
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    शामगढ़ पुलिस थाने में होली के दूसरे दिन मनाई गई पुलिस स्टाफ के द्वारा होली का लिया गया  आनंद
    user_विजय रेटूदिया
    विजय रेटूदिया
    मंदसौर नगर, मंदसौर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • आयुर्वेद केवल रोगों का उपचार नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की पद्धति है। आयुष हॉस्पिटल चितौड़गढ़ में हम प्राचीन आयुर्वेदिक ज्ञान और आधुनिक सुविधाओं के साथ आपके स्वास्थ्य की संपूर्ण देखभाल के लिए समर्पित हैं। यहाँ अनुभवी वैद्यों द्वारा प्रत्येक रोगी की व्यक्तिगत प्रकृति (प्रकृति परीक्षण) के अनुसार उपचार योजना बनाई जाती है ताकि रोग को जड़ से समाप्त किया जा सके। 🔹 पंचकर्म थेरेपी (वमन, विरेचन, बस्ती, नस्य आदि) 🔹 कमर, गर्दन और घुटनों का दर्द 🔹 सर्वाइकल, स्लिप डिस्क, सायटिका 🔹 माइग्रेन, सिरदर्द, अनिद्रा 🔹 त्वचा रोग (एक्जिमा, सोरायसिस आदि) 🔹 थायरॉइड एवं हार्मोनल समस्याएं 🔹 महिलाओं की शारीरिक समस्याएं ✨ विशेष सुविधाएं: ✔ NABH Certified Ayurved Hospital ✔ Mediclaim Policy / Health Insurance के अंतर्गत उपचार की सुविधा ✔ अनुभवी आयुर्वेद चिकित्सकों की टीम ✔ सुरक्षित एवं प्रभावी पंचकर्म उपचार आइए, आयुर्वेद के साथ स्वस्थ जीवन की ओर एक कदम बढ़ाएं। 📍 आकाशवाणी चौराहा, गांधी नगर, चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) 📞 94618 08623 | 83020 83835 🌿 आयुष हॉस्पिटल चितौड़गढ़ प्रकृति के साथ स्वास्थ्य की ओर…
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    आयुर्वेद केवल रोगों का उपचार नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की पद्धति है।
आयुष हॉस्पिटल चितौड़गढ़ में हम प्राचीन आयुर्वेदिक ज्ञान और आधुनिक सुविधाओं के साथ आपके स्वास्थ्य की संपूर्ण देखभाल के लिए समर्पित हैं।
यहाँ अनुभवी वैद्यों द्वारा प्रत्येक रोगी की व्यक्तिगत प्रकृति (प्रकृति परीक्षण) के अनुसार उपचार योजना बनाई जाती है ताकि रोग को जड़ से समाप्त किया जा सके।
🔹 पंचकर्म थेरेपी (वमन, विरेचन, बस्ती, नस्य आदि)
🔹 कमर, गर्दन और घुटनों का दर्द
🔹 सर्वाइकल, स्लिप डिस्क, सायटिका
🔹 माइग्रेन, सिरदर्द, अनिद्रा
🔹 त्वचा रोग (एक्जिमा, सोरायसिस आदि)
🔹 थायरॉइड एवं हार्मोनल समस्याएं
🔹 महिलाओं की शारीरिक समस्याएं
✨ विशेष सुविधाएं:
✔ NABH Certified Ayurved Hospital
✔ Mediclaim Policy / Health Insurance के अंतर्गत उपचार की सुविधा
✔ अनुभवी आयुर्वेद चिकित्सकों की टीम
✔ सुरक्षित एवं प्रभावी पंचकर्म उपचार
आइए, आयुर्वेद के साथ स्वस्थ जीवन की ओर एक कदम बढ़ाएं।
📍 आकाशवाणी चौराहा, गांधी नगर, चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)
📞 94618 08623 | 83020 83835
🌿 आयुष हॉस्पिटल चितौड़गढ़
प्रकृति के साथ स्वास्थ्य की ओर…
    user_Dr CP Patel 8302083835 आयुष हॉस्पिटल
    Dr CP Patel 8302083835 आयुष हॉस्पिटल
    Doctor Nimbahera, Chittorgarh•
    13 hrs ago
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