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वाला औषधि गुणकारी एक औषधि है इसे हर कोई किसी भी प्रकार के लिए प्रयोग कर सकता है यह बालों के लिए और आंखों के लिए लाभकारी है
Mamta chaurasiya
वाला औषधि गुणकारी एक औषधि है इसे हर कोई किसी भी प्रकार के लिए प्रयोग कर सकता है यह बालों के लिए और आंखों के लिए लाभकारी है
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- बाँदा :24 घंटे में चोरी का खुलासा नरैनी पुलिस ने शातिर चोर दबोचा1
- Post by Mamta chaurasiya1
- बांदा : थाना नरैनी पुलिस टीम द्वारा थाना नरैनी क्षेत्रान्तर्गत बरसडामानपुर में घर का ताला तोड़कर हुई चोरी की घटना का सफल अनावरण करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार किया है । बताया गया कि थाना नरैना क्षेत्र के बरसडामानपुर में पप्पू पुत्र रामसेवक के घर का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों द्वारा सोने के जेवरात चोरी करने की घटना को अंजाम दिया गया था । जिसके सम्बन्ध में थाना नरैनी में अभियोग पंजीकृत किया गया कर अभियुक्त की पहचान व गिरफ्तारी हेतु कई टीमों का गठन किया गया था । इसी क्रम में थाना नरैनी पुलिस टीम द्वारा सीसीटीवी कैमरों, वैज्ञानिक व तकनिकी साक्ष्यों का प्रयोग कर अभियुक्तों की पहचान करते हुए मुखबिर की सूचना पर 24 घण्टे के अन्दर लहुटेरा के पास से अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया1
- #Apkiawajdigital बुलंदशहर | गुरुवार, 12 मार्च 2026 विशेष संवाददाता कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर बुलंदशहर के एक बुजुर्ग का वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में बाबा अपनी पोती शिखा की UPSC परीक्षा में 113वीं रैंक आने की खुशी में फूट-फूटकर रो रहे थे। उस पल को लोगों ने 'संघर्ष की जीत' के रूप में देखा था। लेकिन आज, जब हकीकत सामने आई है, तो वही खुशी के आंसू परिवार के लिए गहरे शर्म और अफसोस का सबब बन गए हैं। धोखे की बुनियाद और टूटता हुआ विश्वास जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि पोती शिखा का यूपीएससी परीक्षा में चयन नहीं हुआ है। असल में, 113वीं रैंक हरियाणा की एक अन्य शिखा ने हासिल की थी, और बुलंदशहर वाली शिखा तो मुख्य परीक्षा (Mains) भी पास नहीं कर सकी थीं। केवल नाम की समानता का लाभ उठाकर किए गए इस दावे ने न केवल प्रशासन की नजर में परिवार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि उस बुजुर्ग बाबा की भावनाओं का भी मजाक बना दिया है, जिन्होंने अपनी पोती की कथित सफलता को अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी उपलब्धि माना था। सोशल मीडिया का 'दिखावटी जश्न' और उसका कड़वा सच यह वायरल वीडियो मंगलवार, 10 मार्च 2026 को सामने आया था। उस वक्त बाबा का भावुक चेहरा हर किसी के दिल को छू गया था। लेकिन जब सच सामने आया कि यह सफलता महज एक 'नाम का भ्रम' थी, तो सोशल मीडिया पर लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम को 'असंवेदनशील प्रचार' करार दिया है। परिवार पर उठे सवाल सवाल यह उठता है कि क्या केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए एक पूरे परिवार ने बुजुर्ग दादा की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया? बिना रोल नंबर की पुष्टि किए, एक बड़े जश्न का आयोजन करना और उसे सार्वजनिक करना अब बुलंदशहर के इस परिवार पर भारी पड़ रहा है। यह घटना दिखाती है कि कैसे डिजिटल युग में बिना ठोस तथ्यों के किया गया प्रचार, अंततः अपनों के सम्मान को ही दांव पर लगा देता है। आज वह बाबा, जो गर्व से रो रहे थे, सच्चाई सामने आने के बाद शर्मिंदगी के साए में हैं।1
- हमीरपुर जिले की गौशालाओं में गोवंश की लगातार हो रही मौतों और अव्यवस्थाओं को लेकर मामला गरमा गया है। भारतीय श्री राधाकृष्ण गौरक्षा संघ के जिलाध्यक्ष राजा साहू ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ गौशालाओं में ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से गोवंश की उपेक्षा की जा रही है। चारा-पानी की कमी के कारण गोवंश की हालत खराब हो रही है और कई स्थानों पर उनकी मौत की घटनाएं सामने आ रही हैं। गौरक्षा संघ का यह भी आरोप है कि मृत गोवंश के शवों को खुले में फेंक दिया जाता है, जिससे गंभीर लापरवाही उजागर हो रही है। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि गौशालाओं का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।1
- खिलाड़ी प्रेमी पहुंचे कलेक्टर सभागार शिकायत पत्र लेकर निजी प्रदर्शनी को रोक के लिए राइफल क्लब मैदान में हर प्रकार के खिलाड़ी पहुंचे हैं बाहर से आए हुए खिलाड़ी को भी बहुत दिक्कत होती है यहां पर ना लगाया जाए प्रदेशनी की मांग करते हुए1
- Post by Mamta chaurasiya1
- #Apkiawajdigital बुलंदशहर | गुरुवार, 12 मार्च 2026 विशेष संवाददाता यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता का दावा करना एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन बुलंदशहर की एक शिखा के लिए यह उपलब्धि तब 'हास्यास्पद' बन गई जब उन्होंने बिना रोल नंबर मिलान किए ही अपनी जीत का ढोल पीट दिया। खबर यह है कि जिस शिखा ने बड़े ही धूमधाम से अपना विजय जुलूस निकलवाया था, उनका नाम मेरिट लिस्ट में था ही नहीं। जुलूस अब भी निकलेगा, लेकिन शर्म का! सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे बुलंदशहर की शिखा ने यूपीएससी में 113वीं रैंक आने का दावा कर गाजे-बाजे के साथ अपना जुलूस निकलवाया था। मिठाई बांटी गई, ढोल-नगाड़े बजे और पूरे क्षेत्र में उनकी चर्चा होने लगी। लेकिन, अब जब सच्चाई सामने आई है कि वह मुख्य परीक्षा (Mains) में भी उत्तीर्ण नहीं हो सकी थीं, तो सोशल मीडिया पर जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग तंज कस रहे हैं कि "जुलूस तो निकलेगा, पर इस बार जीत का नहीं, बल्कि फर्जीवाड़े के शर्म का।" 'नाम की समानता' का लिया सहारा? इस अजीबोगरीब वाकये पर शिखा का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने सफाई दी कि, "उसका भी नाम शिखा है, मेरा भी। मैंने PDF में सिर्फ नाम देखा, रोल नंबर नहीं।" प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नाम के आधार पर UPSC जैसी परीक्षा में सफलता का दावा करना न केवल लापरवाही है, बल्कि पूरी चयन प्रक्रिया की गरिमा को कम करने जैसा है। सच्चाई यह है कि 113वीं रैंक हरियाणा की एक अन्य शिखा ने प्राप्त की है, न कि बुलंदशहर की इस शिखा ने। वायरल वीडियो ने खोली पोल सोशल मीडिया पर उनका जश्न मनाते हुए जो वीडियो मंगलवार, 10 मार्च 2026 को वायरल हुआ था, आज वही वीडियो उनकी फजीहत का कारण बना हुआ है। जहाँ पहले लोग उन्हें बधाई दे रहे थे, वहीं अब उनके इस 'झूठे दावे' को लेकर ट्रोलिंग का सिलसिला जारी है। यह घटना उन सभी उम्मीदवारों के लिए एक बड़ा सबक है जो बिना तथ्यों की पुष्टि किए सोशल मीडिया पर अपनी 'सफलता' का बखान करते हैं। बुलंदशहर की इस घटना ने साबित कर दिया है कि सच्चाई छिपाने से नहीं, बल्कि मेहनत से ही सामने आती है।1
- महोबा जनपद के कबरई कस्बे के शास्त्री नगर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा परीक्षित श्री बाल्मिक पाठक एवं श्रीमती शकुंतला पाठक द्वारा आयोजित इस पावन कार्यक्रम में कथा व्यास परम पूजनीय गुरुदेव राजेश पांडे जी (काशीपुर, कानपुर देहात) ने भक्तों को भक्त प्रह्लाद की प्रेरणादायक कथा सुनाई। गुरुदेव ने अपनी वाणी के माध्यम से अंधकार और प्रकाश, परमात्मा की भक्ति और सच्ची श्रद्धा का महत्व बताते हुए भक्तों को धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कथा के दौरान पंडाल में मौजूद श्रद्धालु संगीतमय भजनों पर झूम उठे और पूरे माहौल में भक्ति का रंग देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में आरती, पूजा और प्रसाद वितरण किया गया तथा जय श्री राम के नारों के साथ आज की कथा का समापन हुआ। इस अवसर पर कस्बा कबरई के बड़ी संख्या में भागवत प्रेमी भक्त उपस्थित रहे।1