बचपन की मुस्कान को मिलेंगे नए पंख: तपोवन खिलौना (Toys) लाइब्रेरी की अनूठी पहल बचपन की मुस्कान को मिलेंगे नए पंख: तपोवन खिलौना (Toys) लाइब्रेरी की अनूठी पहल श्री गंगानगर (कृष्ण आसेरी) अक्सर कहा जाता है कि बचपन का सबसे खूबसूरत हिस्सा उसके खिलौने होते हैं। लेकिन समाज की कड़वी सच्चाई यह भी है कि जहाँ एक ओर संपन्न परिवारों में बच्चे बड़े होने के बाद खिलौनों के ढेर अलमारियों में धूल फांकते रह जाते हैं, वहीं दूसरी ओर कई ऐसे बच्चे भी हैं जिनके लिए एक सुंदर खिलौना महज एक सपना बनकर रह जाता है। इसी खाई को पाटने और हर बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लाने के उद्देश्य से तपोवन ट्रस्ट, श्रीगंगानगर द्वारा एक नवीन और प्रेरणादायी प्रकल्प 'तपोवन खिलौना लाइब्रेरी' का शुभारंभ किया जा रहा है। इस अभियान का मूल मंत्र है— 'पुराने खिलौने, नई खुशियाँ'। इसका उद्देश्य उन खिलौनों को पुन: उपयोग में लाना है जो अब घरों में काम नहीं आ रहे, ताकि वे उन बच्चों के हाथों तक पहुँच सकें जो महंगे खिलौने खरीदने में असमर्थ हैं। यह न केवल संसाधनों के सदुपयोग का एक बेहतरीन उदाहरण है, बल्कि समाज में साझा करने (sharing) की संस्कृति को भी बढ़ावा देता है। इस प्रकल्प की सबसे विशेष और गौरवशाली बात यह है कि इसकी नींव और संचालन की जिम्मेदारी बच्चों और महिलाओं ने ही उठाई है। आदित्री, अक्षित और दिव्यांशी जैसे बच्चों ने जब मॉल और बाजारों में दूसरे बच्चों को खिलौनों के लिए तरसते देखा, तो उनके मन में यह विचार आया कि क्यों न कुछ ऐसा किया जाए जिससे हर बच्चे का बचपन खुशहाल हो सके। यही विचार आज एक संस्थागत रूप ले चुका है, जिसका सार-संभाल पूरी तरह से महिलाओं और बच्चों के दल द्वारा किया जाएगा। लाईब्रेरी की मुख्य विशेषताएँ: खिलौने ले जाने की सुविधा: बच्चे लाइब्रेरी से अपनी पसंद के खिलौने एक निश्चित अवधि के लिए घर ले जा सकेंगे और उन्हें वापस जमा करवाकर नए खिलौने ले जा सकेंगे। खेल केंद्र (Play Zone): केंद्र पर केवल खिलौने ही नहीं, बल्कि विभिन्न प्रकार की खेल सामग्री भी उपलब्ध होगी, जहाँ आंगनबाड़ी और स्कूलों के बच्चे आकर सामूहिक रूप से खेल सकते हैं। बच्चों के बौद्धिक विकास के लिए यहाँ समय-समय पर शिक्षाप्रद डॉक्यूमेंट्री फिल्में दिखाने की विशेष व्यवस्था भी की गई है। समाज के लिए एक संदेश तपोवन खिलौना लाइब्रेरी मात्र एक संग्रह केंद्र नहीं है, बल्कि यह संवेदनशीलता और सामूहिकता का प्रतीक है। यह हमें याद दिलाता है कि यदि हम थोड़े से प्रयास करें, तो हम अपने बेकार पड़े सामान से किसी दूसरे के जीवन में खुशियों के रंग भर सकते हैं। "जब एक खिलौना एक हाथ से दूसरे हाथ में जाता है, तो वह केवल प्लास्टिक या लकड़ी का टुकड़ा नहीं होता, बल्कि वह एक बच्चे की उम्मीद और दूसरे की उदारता का मिलन होता है।" अपील: यदि आपके घर में भी ऐसे खिलौने हैं जो अब उपयोग में नहीं आ रहे और अच्छी स्थिति में हैं, तो उन्हें 'तपोवन खिलौना लाइब्रेरी' को दान करें और किसी अनजान चेहरे की मुस्कान का कारण बनें।
बचपन की मुस्कान को मिलेंगे नए पंख: तपोवन खिलौना (Toys) लाइब्रेरी की अनूठी पहल बचपन की मुस्कान को मिलेंगे नए पंख: तपोवन खिलौना (Toys) लाइब्रेरी की अनूठी पहल श्री गंगानगर (कृष्ण आसेरी) अक्सर कहा जाता है कि बचपन का सबसे खूबसूरत हिस्सा उसके खिलौने होते हैं। लेकिन समाज की कड़वी सच्चाई यह भी है कि जहाँ एक ओर संपन्न परिवारों में बच्चे बड़े होने के बाद खिलौनों के ढेर अलमारियों में धूल फांकते रह जाते हैं, वहीं दूसरी ओर कई ऐसे बच्चे भी हैं जिनके लिए एक सुंदर खिलौना महज एक सपना बनकर रह जाता है। इसी खाई को पाटने और हर बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लाने के उद्देश्य से तपोवन ट्रस्ट, श्रीगंगानगर द्वारा एक नवीन और प्रेरणादायी प्रकल्प 'तपोवन खिलौना लाइब्रेरी' का शुभारंभ किया जा रहा है। इस अभियान का मूल मंत्र है— 'पुराने खिलौने, नई खुशियाँ'। इसका उद्देश्य उन खिलौनों को पुन: उपयोग में लाना है जो अब घरों में काम नहीं आ रहे, ताकि वे उन बच्चों के हाथों तक पहुँच सकें जो महंगे खिलौने खरीदने में असमर्थ हैं। यह न केवल संसाधनों के सदुपयोग का एक बेहतरीन उदाहरण है, बल्कि समाज में साझा करने (sharing) की संस्कृति को भी बढ़ावा देता है। इस प्रकल्प की सबसे विशेष और गौरवशाली बात यह है कि इसकी नींव और संचालन की जिम्मेदारी बच्चों और महिलाओं ने ही उठाई है। आदित्री, अक्षित और दिव्यांशी जैसे बच्चों ने जब मॉल और बाजारों में दूसरे बच्चों को खिलौनों के लिए तरसते देखा, तो उनके मन में यह विचार
आया कि क्यों न कुछ ऐसा किया जाए जिससे हर बच्चे का बचपन खुशहाल हो सके। यही विचार आज एक संस्थागत रूप ले चुका है, जिसका सार-संभाल पूरी तरह से महिलाओं और बच्चों के दल द्वारा किया जाएगा। लाईब्रेरी की मुख्य विशेषताएँ: खिलौने ले जाने की सुविधा: बच्चे लाइब्रेरी से अपनी पसंद के खिलौने एक निश्चित अवधि के लिए घर ले जा सकेंगे और उन्हें वापस जमा करवाकर नए खिलौने ले जा सकेंगे। खेल केंद्र (Play Zone): केंद्र पर केवल खिलौने ही नहीं, बल्कि विभिन्न प्रकार की खेल सामग्री भी उपलब्ध होगी, जहाँ आंगनबाड़ी और स्कूलों के बच्चे आकर सामूहिक रूप से खेल सकते हैं। बच्चों के बौद्धिक विकास के लिए यहाँ समय-समय पर शिक्षाप्रद डॉक्यूमेंट्री फिल्में दिखाने की विशेष व्यवस्था भी की गई है। समाज के लिए एक संदेश तपोवन खिलौना लाइब्रेरी मात्र एक संग्रह केंद्र नहीं है, बल्कि यह संवेदनशीलता और सामूहिकता का प्रतीक है। यह हमें याद दिलाता है कि यदि हम थोड़े से प्रयास करें, तो हम अपने बेकार पड़े सामान से किसी दूसरे के जीवन में खुशियों के रंग भर सकते हैं। "जब एक खिलौना एक हाथ से दूसरे हाथ में जाता है, तो वह केवल प्लास्टिक या लकड़ी का टुकड़ा नहीं होता, बल्कि वह एक बच्चे की उम्मीद और दूसरे की उदारता का मिलन होता है।" अपील: यदि आपके घर में भी ऐसे खिलौने हैं जो अब उपयोग में नहीं आ रहे और अच्छी स्थिति में हैं, तो उन्हें 'तपोवन खिलौना लाइब्रेरी' को दान करें और किसी अनजान चेहरे की मुस्कान का कारण बनें।
- श्रीगंगानगर। सर्किट हाउस में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया।इस अवसर पर उपस्थित दिलीप चौधरी पूर्व मंत्री (जेतारण) एवं इंदिरा देवी बावरी (पूर्व विधायक, मेड़ता) ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि आगामी पंचायतीराज व निकाय चुनावों को लेकर जिले में 9 मार्च के बाद पार्टी के अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल द्वारा बड़ी सभाएं व रैलियां आयोजित की जाएंगी।उन्होंने बताया कि वर्तमान में श्रीगंगानगर जिले में विभिन्न स्थानों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी की नीतियों और चुनावी रणनीति की जानकारी मीडिया के माध्यम से आमजन तक पहुंचाई जाएगी। इसके साथ ही पार्टी द्वारा बड़े स्तर पर सदस्यता अभियान चलाकर नए कार्यकर्ताओं को जोड़ा जाएगा तथा गांव-गांव जाकर पार्टी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि आमजन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों से राजस्थान में निराश है और प्रदेश की जनता एक सशक्त विकल्प की तलाश में है। इस मौके पर सीताराम नायक (अध्यक्ष, नायक समाज), विजयपाल बेनीवाल (बीकानेर), दाना राम बेनीवाल (बीकानेर), पंकज खोथ, सुशील सिहाग (प्रभारी, श्रीगंगानगर) सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- Post by Duc News Rajsthan चैनल1
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- बुजुर्गों का आशीर्वाद भी प्राप्त किया।1
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- Post by Balogar Malaksar1
- राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस सर्किट हाउस में आयोजित। श्रीगंगानगर। सर्किट हाउस में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया।इस अवसर पर उपस्थित दिलीप चौधरी पूर्व मंत्री (जेतारण) एवं इंदिरा देवी बावरी (पूर्व विधायक, मेड़ता) ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि आगामी पंचायतीराज व निकाय चुनावों को लेकर जिले में 9 मार्च के बाद पार्टी के अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल द्वारा बड़ी सभाएं व रैलियां आयोजित की जाएंगी।उन्होंने बताया कि वर्तमान में श्रीगंगानगर जिले में विभिन्न स्थानों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी की नीतियों और चुनावी रणनीति की जानकारी मीडिया के माध्यम से आमजन तक पहुंचाई जाएगी। इसके साथ ही पार्टी द्वारा बड़े स्तर पर सदस्यता अभियान चलाकर नए कार्यकर्ताओं को जोड़ा जाएगा तथा गांव-गांव जाकर पार्टी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि आमजन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों से राजस्थान में निराश है और प्रदेश की जनता एक सशक्त विकल्प की तलाश में है। इस मौके पर सीताराम नायक (अध्यक्ष, नायक समाज), विजयपाल बेनीवाल (बीकानेर), दाना राम बेनीवाल (बीकानेर), पंकज खोथ, सुशील सिहाग (प्रभारी, श्रीगंगानगर) सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
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- कड़ेल निवास श्याम ताली कीर्तन आयोजन रखा गया श्याम भगत ने एक से एक बढ़कर भजनों की प्रस्तुति दी मुख्य जजमान पन्नालाल कड़ेल धर्मपत्नी सुमित्रा शिवरतन सरार्फ ललित जैनसारिया कन्हैयालाल कड़ेल राकेश रोड़ा नोरतन कांटा ललित लखोटिया सत्यनारायण लावट ओम प्रकाश रोडा रामलाल प्रजापत श्यामलाल मोनू चौधरी आदि बड़ी संख्या महिलाओं उपस्थित2