जिला पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे 'सेफ सिटी अभियान' के तहत, एएसआई नीलम ने सढोरा कस्बे के बस अड्डे पर छात्राओं और महिलाओं को विभिन्न विषयों पर जागरूक किया। इस दौरान उन्होंने डायल 112 सेवा की जानकारी दी और विपरीत परिस्थितियों में सीधे पुलिस से संपर्क साधने के लिए 112 ऐप भी डाउनलोड करवाया। एएसआई नीलम ने छात्राओं को नैतिक आधार पर भी जागरूक किया, उन्हें अपने माता-पिता के प्रति कर्तव्यों के बारे में बताया और प्रतिकूल परिस्थितियों में बचाव के तरीके भी सिखाए। यह भी बताया गया कि एएसआई नीलम लगातार इलाके के स्कूल, कॉलेज और शिक्षण संस्थानों में जाकर विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दे रही हैं। इस मार्गदर्शन का युवतियों पर विशेष सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, क्योंकि वे एएसआई नीलम रानी से उन अनेक विषयों पर खुलकर बात कर पाती हैं जिन पर वे अपने माता-पिता या अध्यापकों से बातचीत करने में संकोच करती हैं। इलाके की कई किशोर युवतियों ने एएसआई नीलम रानी और पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल जी के प्रति आभार व्यक्त किया है, उनका कहना है कि नीलम रानी के कारण ही उन्हें सही राह का ज्ञान हुआ है।
जिला पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे 'सेफ सिटी अभियान' के तहत, एएसआई नीलम ने सढोरा कस्बे के बस अड्डे पर छात्राओं और महिलाओं को विभिन्न विषयों पर जागरूक किया। इस दौरान उन्होंने डायल 112 सेवा की जानकारी दी और विपरीत परिस्थितियों में सीधे पुलिस से संपर्क साधने के लिए 112 ऐप भी डाउनलोड करवाया। एएसआई नीलम ने छात्राओं को नैतिक आधार पर भी जागरूक किया, उन्हें अपने माता-पिता के प्रति कर्तव्यों के बारे में बताया और प्रतिकूल परिस्थितियों में बचाव के तरीके भी सिखाए। यह भी बताया गया कि एएसआई नीलम लगातार इलाके के स्कूल, कॉलेज और शिक्षण संस्थानों में जाकर विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दे रही हैं। इस मार्गदर्शन का युवतियों पर विशेष सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, क्योंकि वे एएसआई नीलम रानी से उन अनेक विषयों पर खुलकर बात कर पाती हैं जिन पर वे अपने माता-पिता या अध्यापकों से बातचीत करने में संकोच करती हैं। इलाके की कई किशोर युवतियों ने एएसआई नीलम रानी और पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल जी के प्रति आभार व्यक्त किया है, उनका कहना है कि नीलम रानी के कारण ही उन्हें सही राह का ज्ञान हुआ है।
- जिला पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे 'सेफ सिटी अभियान' के तहत, एएसआई नीलम ने सढोरा कस्बे के बस अड्डे पर छात्राओं और महिलाओं को विभिन्न विषयों पर जागरूक किया। इस दौरान उन्होंने डायल 112 सेवा की जानकारी दी और विपरीत परिस्थितियों में सीधे पुलिस से संपर्क साधने के लिए 112 ऐप भी डाउनलोड करवाया। एएसआई नीलम ने छात्राओं को नैतिक आधार पर भी जागरूक किया, उन्हें अपने माता-पिता के प्रति कर्तव्यों के बारे में बताया और प्रतिकूल परिस्थितियों में बचाव के तरीके भी सिखाए। यह भी बताया गया कि एएसआई नीलम लगातार इलाके के स्कूल, कॉलेज और शिक्षण संस्थानों में जाकर विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दे रही हैं। इस मार्गदर्शन का युवतियों पर विशेष सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, क्योंकि वे एएसआई नीलम रानी से उन अनेक विषयों पर खुलकर बात कर पाती हैं जिन पर वे अपने माता-पिता या अध्यापकों से बातचीत करने में संकोच करती हैं। इलाके की कई किशोर युवतियों ने एएसआई नीलम रानी और पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल जी के प्रति आभार व्यक्त किया है, उनका कहना है कि नीलम रानी के कारण ही उन्हें सही राह का ज्ञान हुआ है।1
- आज यमुनानगर फिल्म सिटी में आगामी हरियाणवी गीत "टक्कर" की रिलीज़ को लेकर एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान, गाने की पूरी टीम ने मीडिया से बातचीत करते हुए जानकारी दी कि यह हरियाणवी गाना "टक्कर" 30 जून को प्रतिष्ठित Aatma Records चैनल पर रिलीज़ किया जाएगा। टीम ने बताया कि इस गाने को SK One और अंजली राज ने अपनी मधुर आवाज़ दी है, जबकि अभिषेक रतौली और अनु सैनी ने इसमें मुख्य भूमिका निभाई है। हरमन ढींगरा ने गाने का शानदार संगीत तैयार किया है, और नवीन कंबोज (जुल्मी) ने वीडियो का निर्देशन और शूट किया है। इस पूरे प्रोजेक्ट को सफल बनाने में फिल्म सिटी यमुनानगर के ओनर लवली सिंह का विशेष सहयोग रहा है, साथ ही साहिल भाटिया और सुबी राजपूत का भी सराहनीय योगदान रहा। प्रेस वार्ता के दौरान, पूरी टीम ने दर्शकों से भावुक अपील की कि वे 30 जून को रिलीज़ होने वाले इस गाने "टक्कर" को देखें और अपना भरपूर प्यार दें। उन्होंने दर्शकों से लाइक, कमेंट और शेयर करके टीम का उत्साह बढ़ाने का भी आग्रह किया। टीम को विश्वास है कि "टक्कर" दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाएगा और हरियाणवी संगीत प्रेमियों को बेहद पसंद आएगा।1
- अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन स्थित नॉर्दर्न रेलवे मेन्स यूनियन (NRMU), UMB डिवीज़न के डिवीज़नल ऑफिस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें A.I. R.F./NRMU के जनरल सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा और NRMU के सेंट्रल प्रेसिडेंट एस.के. त्यागी ने मीडिया को संबोधित करते हुए 8वें वेतन आयोग से संबंधित अधिकारियों के साथ हुई चर्चाओं और यूनियन की अन्य प्रमुख मांगों के बारे में जानकारी दी। A.I. R.F./ NRMU के महासचिव शिवगोपाल मिश्रा ने बताया कि उन्होंने 8वें वेतन आयोग को लेकर अधिकारियों और मंत्रियों से मुलाकात की है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण मांग का भी जिक्र किया, जिसके लिए वे लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे: उन रेल कर्मचारियों को पेंशन योजना में शामिल किया जाए जिनकी मृत्यु 2003 से पहले हो गई थी और उन्होंने 2003 में आवेदन किया था, भले ही उनकी नियुक्ति 2003 या 2004 में हुई हो। इस संबंध में रेल मंत्रालय से भी एक पत्र जारी किया जा चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि आज अंबाला में उनका आना इसलिए भी खास है क्योंकि अंबाला मंडल सचिव निर्मल सिंह की आज रिटायरमेंट भी है। मिश्रा ने जोर देकर कहा कि उनका काम अभी समाप्त नहीं हुआ है और वे इसमें लगातार सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि रेलवे एक ऐसा विभाग है जिसमें 12 लाख से अधिक कर्मचारी काम करते हैं, और कई ऐसी जगहों पर तैनात हैं जहाँ रहना मुश्किल होता है। इन कर्मचारियों की स्थितियों को बेहतर बनाने के लिए भी आगे बात की जा रही है। उन्होंने 8वें वेतन आयोग पर भी विस्तार से चर्चा की और इसके शीघ्र कार्यान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया।1
- गुरुनाम सिंह चढ़ूंनी ने सरकार से निवेदन किया है कि सूरजमुखी की खरीद की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने मांग की है कि वर्तमान में 30 जून को समाप्त हो रही सूरजमुखी खरीद को 5 जुलाई तक बढ़ाया जाना चाहिए।1
- एक कपड़ा कारोबारी ने फांसी लगाने से पहले अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए एक दर्दनाक आरोप लगाया है। कारोबारी के अनुसार, उससे झाड़ू-पोछा और बर्तन साफ करवाए जाते थे।1
- पंचकूला पुलिस ने डेढ़ करोड़ रुपये के साइबर धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश से दो बैंककर्मियों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों आरोपियों को सात दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इस मामले में अब तक कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।1
- देहरादून के विकास नगर क्षेत्र में अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों से उत्पन्न गंभीर खतरों के खिलाफ ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी को एक प्रार्थना-पत्र सौंपा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उनके गांव में लंबे समय से अवैध खनन चरम पर है, जहां खनन सामग्री से लदे ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली दिन-रात आबादी के बीच से तेज रफ्तार और लापरवाही से गुजरते हैं। इन वाहनों के चालक अक्सर नशे की धुत में रहते हैं, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है। प्रार्थना-पत्र में बताया गया है कि 28 जून 2026 को स्थानीय युवक तरुण सिंह के साथ भी एक गंभीर दुर्घटना होते-होते बची थी। जब उन्होंने वाहन चालकों की लापरवाही का विरोध किया, तो उन्हें धमकाया गया और उनके साथ गाली-गलौज व अभद्र व्यवहार किया गया। ग्रामीणों ने कहा कि ये वाहन प्रभावशाली खनन माफियाओं और क्रेशर संचालकों से जुड़े हैं, जिस कारण इनके चालक किसी भी ग्रामीण या कानून का भय नहीं रखते। ओवरलोड वाहनों के निरंतर आवागमन से गांव की सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं और उनमें बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, साथ ही पुल भी जर्जर हो चुका है। इससे आवागमन बाधित होता है और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है, खासकर दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी होती है। सबसे गंभीर मुद्दा यह है कि क्रेशर के पास स्थित एक इंटर कॉलेज 1 जुलाई से फिर से खुलने वाला है, जहां सैकड़ों छात्र-छात्राएं इसी खतरनाक मार्ग से आते-जाते हैं। भारी वाहनों और गड्ढों में भरे पानी से बच्चों की सुरक्षा और जीवन पर लगातार खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, जिसमें अवैध खनन पर रोक, ओवरलोड वाहनों और नशे में गाड़ी चलाने वाले चालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई, क्षतिग्रस्त सड़क व जर्जर पुल की मरम्मत, छात्रों की सुरक्षा हेतु प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करना और खनन माफियाओं को गांव की आबादी से हटकर वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने के स्पष्ट निर्देश देना शामिल है। उन्होंने इंटर कॉलेज और विद्यालय मार्ग से खनन सामग्री ले जाने वाले वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में होने वाली किसी भी जनहानि की पूरी जिम्मेदारी खनन माफियाओं, वाहन संचालकों और संबंधित विभागों की होगी।3
- किसी भी स्थिति में पूरी बात जाने बिना या मात्र किसी के कहने पर उतावलेपन में कोई कार्रवाई करने से बचना चाहिए। इसके बजाय, कोई भी कदम उठाने से पहले पूरी सच्चाई की गहन जांच करना आवश्यक है।1