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ट्रैक्टर पलटने से दो युवकों की मौत, चालक फरार मांझी थाना क्षेत्र के महम्मदपुर पंचायत में श्रीरामपुर मार्ग पर शनिवार दोपहर ट्रैक्टर पलटने से दो युवकों की मौत हो गई। गेहूं लदा ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर गड्ढे में पलटा, जिससे भट्ठा गांव निवासी 22 वर्षीय अली हुसैन और 16 वर्षीय श्याम सुंदर बीन दब गए। चालक फरार हो गया। ग्रामीणों ने एक युवक को तुरंत निकाला, दूसरे को जेसीबी से निकाला गया।
Abhishek Kumar Pandey
ट्रैक्टर पलटने से दो युवकों की मौत, चालक फरार मांझी थाना क्षेत्र के महम्मदपुर पंचायत में श्रीरामपुर मार्ग पर शनिवार दोपहर ट्रैक्टर पलटने से दो युवकों की मौत हो गई। गेहूं लदा ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर गड्ढे में पलटा, जिससे भट्ठा गांव निवासी 22 वर्षीय अली हुसैन और 16 वर्षीय श्याम सुंदर बीन दब गए। चालक फरार हो गया। ग्रामीणों ने एक युवक को तुरंत निकाला, दूसरे को जेसीबी से निकाला गया।
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- मांझी थाना क्षेत्र के महम्मदपुर पंचायत में श्रीरामपुर मार्ग पर शनिवार दोपहर ट्रैक्टर पलटने से दो युवकों की मौत हो गई। गेहूं लदा ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर गड्ढे में पलटा, जिससे भट्ठा गांव निवासी 22 वर्षीय अली हुसैन और 16 वर्षीय श्याम सुंदर बीन दब गए। चालक फरार हो गया। ग्रामीणों ने एक युवक को तुरंत निकाला, दूसरे को जेसीबी से निकाला गया।1
- Post by एनामुल हक1
- Post by जनसत्ता NEWS@1
- सीवान जिले के हसनपुरा प्रखंड अंतर्गत एम.एच.नगर थाना परिसर में शनिवार दोपहर सर्किल ऑफिसर (सीओ) उदयन सिंह के नेतृत्व में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान भूमि विवाद से जुड़े मामलों को लेकर बड़ी संख्या में फरियादी पहुंचे और अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। बिहार सरकार के निर्देशानुसार आयोजित इस जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य भूमि संबंधी विवादों का त्वरित, पारदर्शी एवं निष्पक्ष निपटारा करना है, ताकि आम लोगों को न्याय के लिए भटकना न पड़े। हर शनिवार को आयोजित होने वाले इस जनता दरबार से स्थानीय लोगों को काफी राहत मिल रही है। पहले जहां छोटे-छोटे विवादों को लेकर लोगों को थाना, अंचल कार्यालय और न्यायालय के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब एक ही स्थान पर उनकी समस्याओं की सुनवाई और समाधान की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि अधिक से अधिक मामलों का निपटारा मौके पर ही कर दिया जाए, जिससे समय और संसाधनों की बचत हो सके। शनिवार को आयोजित दरबार में कुल 8 मामलों की सुनवाई की गई। इनमें से 6 मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया, जबकि 2 मामलों को आवश्यक दस्तावेजों के अभाव और स्थल निरीक्षण की आवश्यकता के कारण लंबित रखा गया है। अधिकारियों ने संबंधित मामलों में आवश्यक कागजात प्रस्तुत करने और जांच पूरी होने के बाद शीघ्र समाधान का भरोसा दिया। जनता दरबार में पहुंचे फरियादियों ने प्रशासनिक पहल की सराहना की और कहा कि इससे उन्हें काफी सहूलियत मिल रही है। कई लोगों ने बताया कि पहले वर्षों तक लंबित रहने वाले भूमि विवाद अब तेजी से सुलझ रहे हैं, जिससे आपसी तनाव भी कम हो रहा है।दरबार में अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे प्रमुख फरियादियों में सतीशचंद्र गुप्ता, नसीमुल हक (हसनपुरा), जगदीश भगत, मनोज साह (कोहरौता), विकास सोनी, गणेश साह (सहली), कन्हैया यादव, वीरेंद्र यादव, मोना गुप्ता, बदरे आलम (अरंडा), सुनीता कुमारी, कृष्ण मांझी (लहेज़ी), सविता देवी और संपत साह (भेखपुरवा) शामिल रहे। इस मौके पर संबंधित विभाग के कर्मचारी और पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद थे, जिन्होंने मामलों की सुनवाई में सक्रिय भूमिका निभाई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा है कि आम जनता को न्याय उनके नजदीक और समय पर मिले। जनता दरबार इसी दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हो रहा है, जिससे प्रशासन और आम नागरिकों के बीच विश्वास भी मजबूत हो रहा है।1
- फिल्म: मोहब्बत मेरी जान लव स्टोरी अभिनेता चिंटू तिवारी1
- महाराजगंज, सिवान, बिहार JHVP BHARAT NEWS EDITED BY : परवेज़ आलम भारतीय "माटी बोलेगी एक दिन" ना तख़्त रहेगा, ना ताज रहेगा, ये दुनिया है फानी, कहाँ राज रहेगा, ना जब एक भी ये कहानी रहेगी, तो माटी सभी की गवाही कहेगी, तो माटी सभी की गवाही कहेगी। कहेगी ये कुर्सी के झगड़ों की बातें, कहेगी ये झूठी इबारत की रातें, जो जनता के नाम पे खेला गया है, वो हर एक चेहरा उघाड़ा गया है, ये सत्ता की हर चाल पुरानी कहेगी, ये माटी सभी की गवाही कहेगी। जो वादे थे काग़ज़ पे लिखकर मिटाए, जो सपने थे आँखों में लेकिन बुझाए, चुनावों में जो मीठी बातें सुनाई, हकीकत में जनता ही सबसे रुलाई, ये आँसू की हर एक कहानी कहेगी, ये माटी सभी की गवाही कहेगी। कहीं धर्म के नाम पे दीवार खड़ी है, कहीं जाति की आग में बस्ती जली है, इंसान ही इंसान से डरने लगा है, मोहब्बत का रिश्ता भी मरने लगा है, ये नफ़रत की हर बदगुमानी कहेगी, ये माटी सभी की गवाही कहेगी। जो बिकती रही ख़बरों की सच्चाई, जो दबती रही हर तरफ़ से सुनवाई, कलम भी कहीं डर के साए में खोई, आवाज़ भी सच की कहीं जा के रोई, ये स्याही भी अपनी जुबानी कहेगी, ये माटी सभी की गवाही कहेगी। मगर याद रखना ये बदलेगा मंजर, उठेगा फिर इक सच का जलता हुआ सर, न झूठों का मेला, न डर का बसेरा, जगेगा फिर इंसाफ का वो सवेरा, ये बदलाव की नई कहानी कहेगी, ये माटी सभी की गवाही कहेगी। कलम ये “परवेज़ भारतीय ” की जब बोलेगी, तो सच की ही ज्वाला ये खोलेगी, न डर सत्ता का, न झूठ का पहरा, ये शब्द बनेंगे जनता का चेहरा, ये आवाज़ नई एक रवानी कहेगी, ये माटी सभी की गवाही कहेगी।2
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- Post by एनामुल हक1