पश्चिमी चम्पारण के कृषि प्रसार कर्मियों को फसल विविधीकरण पर प्रशिक्षण ।। माधोपुर (प. चंपारण), 11 मार्च। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना तथा कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 11 मार्च 2026 को कृषि प्रसार कर्मियों के लिए “फसल विविधीकरण के माध्यम से जीविकोपार्जन में वृद्धि” विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण में जिले के लगभग 20 कृषि प्रसार कर्मियों ने भाग लिया जिनमे 7 महिलाएं शामिल थीं। परियोजना के प्रधान अन्वेषक एवं फसल अनुसंधान प्रभाग के अध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि फसल विविधीकरण अपनाकर किसान न केवल उत्पादन बढ़ा सकते हैं, बल्कि अपनी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने समेकित कृषि प्रणाली को किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया। कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के अध्यक्ष डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रसार कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका किसानों तक नई तकनीकों को पहुँचाने में होती है। उन्होंने उनसे अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों को फसल विविधीकरण अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक कुमार ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच फसल विविधीकरण में कृषिवानिकी को शामिल करने पर बल दिया। वहीं केंद्र के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. हर्षा बी. आर. ने विभिन्न फसलों के उत्पादन एवं उर्वरता प्रबंधन पर विस्तृत जानकारी दी। केंद्र के अन्य विशेषज्ञ डॉ. जगपाल ने फसल विविधीकरण में मत्स्य पालन की संभावनाओं और उसके प्रबंधन के बारे में बताया। कार्यक्रम के आयोजन में पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना के निदेशक डॉ. अनुप दास का अहम योगदान रहा। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि बदलते जलवायु परिदृश्य में फसल विविधीकरण किसानों की आय बढ़ाने और कृषि की स्थिरता सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम है, तथा कृषि प्रसार कर्मी नई तकनीकों को किसानों तक पहुँचाकर खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह, विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. जग पाल, डॉ. सौरभ दुबे, डॉ. चेलपुरी रामुलु तथा डॉ. हर्षा बी. आर. सहित अन्य कर्मचारियों का भी उल्लेखनीय योगदान रहा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 12 मार्च तक चलेगा। कार्यक्रम के अंत में वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक कुमार ने सभी प्रतिभागियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा कृषि प्रसार कर्मियों से किसानों को अपने खेतों में फसल विविधीकरण अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।
पश्चिमी चम्पारण के कृषि प्रसार कर्मियों को फसल विविधीकरण पर प्रशिक्षण ।। माधोपुर (प. चंपारण), 11 मार्च। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना तथा कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 11 मार्च 2026 को कृषि प्रसार कर्मियों के लिए “फसल विविधीकरण के माध्यम से जीविकोपार्जन में वृद्धि” विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण में जिले के लगभग 20 कृषि प्रसार कर्मियों ने भाग लिया जिनमे 7 महिलाएं शामिल थीं। परियोजना के प्रधान अन्वेषक एवं फसल अनुसंधान प्रभाग के अध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि फसल विविधीकरण अपनाकर किसान न केवल उत्पादन बढ़ा सकते हैं, बल्कि अपनी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने समेकित कृषि प्रणाली को किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया। कृषि
विज्ञान केंद्र, माधोपुर के अध्यक्ष डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रसार कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका किसानों तक नई तकनीकों को पहुँचाने में होती है। उन्होंने उनसे अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों को फसल विविधीकरण अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक कुमार ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच फसल विविधीकरण में कृषिवानिकी को शामिल करने पर बल दिया। वहीं केंद्र के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. हर्षा बी. आर. ने विभिन्न फसलों के उत्पादन एवं उर्वरता प्रबंधन पर विस्तृत जानकारी दी। केंद्र के अन्य विशेषज्ञ डॉ. जगपाल ने फसल विविधीकरण में मत्स्य पालन की संभावनाओं और उसके प्रबंधन के बारे में बताया। कार्यक्रम के आयोजन में पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना के निदेशक डॉ. अनुप दास का अहम योगदान रहा। अपने संदेश
में उन्होंने कहा कि बदलते जलवायु परिदृश्य में फसल विविधीकरण किसानों की आय बढ़ाने और कृषि की स्थिरता सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम है, तथा कृषि प्रसार कर्मी नई तकनीकों को किसानों तक पहुँचाकर खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह, विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. जग पाल, डॉ. सौरभ दुबे, डॉ. चेलपुरी रामुलु तथा डॉ. हर्षा बी. आर. सहित अन्य कर्मचारियों का भी उल्लेखनीय योगदान रहा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 12 मार्च तक चलेगा। कार्यक्रम के अंत में वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक कुमार ने सभी प्रतिभागियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा कृषि प्रसार कर्मियों से किसानों को अपने खेतों में फसल विविधीकरण अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।
- बेतिया: मिडिल ईस्ट में युद्ध की खबरों के बीच एलपीजी को लेकर अफवाह, गैस गोदामों पर लगी लंबी कतारें बेतिया। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध की खबरों का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में एलपीजी गैस को लेकर अफवाह फैलने से लोगों में अचानक घबराहट का माहौल बन गया है। स्थिति यह है कि गैस गोदामों के बाहर देर रात से ही लोगों की लंबी कतारें लग गई हैं। ग्राउंड जीरो से ऐ नाईन भारत टीम की पड़ताल में सामने आया कि बेतिया के सिंगाछापर स्थित एचपी गैस एजेंसी के बाहर सैकड़ों की संख्या में लोग अपने-अपने खाली सिलेंडर लेकर लाइन में खड़े नजर आए। कई लोग रात करीब दो बजे से ही गोदाम के बाहर पहुंचकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे, ताकि समय पर गैस मिल सके। गैस एजेंसी के कंप्यूटर ऑपरेटर ने बताया कि गोदाम में गैस की कोई कमी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्याप्त मात्रा में गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं, लेकिन सोशल मीडिया और आपसी चर्चा के कारण यह अफवाह फैल गई है कि आने वाले दिनों में गैस की किल्लत हो सकती है। इसी आशंका के कारण लोग रात से ही गैस लेने पहुंच रहे हैं। वहीं कई उपभोक्ताओं का कहना है कि फरवरी महीने में तकनीकी कारणों और बुकिंग से जुड़ी समस्याओं के चलते उन्हें समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पाया था। इसी अनुभव के कारण इस बार लोग पहले से ही गैस लेने के लिए जल्दबाजी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर घरेलू गैस की आपूर्ति पर पड़ सकता है। हालांकि एजेंसी संचालकों का कहना है कि फिलहाल आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। इधर सरकार की ओर से पहले ही एडवाइजरी जारी की गई है कि जिला प्रशासन ऐसी अफवाहों पर तुरंत संज्ञान लेकर उन्हें रोकने का काम करे। लेकिन बेतिया में फिलहाल अफवाहों का बाजार गर्म है, जिसके कारण गैस गोदामों पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को माइकिंग, सोशल मीडिया और जनसंपर्क के माध्यम से सही जानकारी लोगों तक पहुंचानी चाहिए, ताकि अफवाहों पर रोक लग सके और आम लोगों को बेवजह परेशानी न हो। गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि लगभग 10 से 12 वर्षों बाद ऐसा दृश्य देखने को मिल रहा है, जब गैस गोदाम के बाहर इतनी लंबी कतार लगी हो। अगर समय रहते प्रशासन और सरकार लोगों को सही जानकारी नहीं देती है, तो ऐसी अफवाहें लोगों के बीच और घबराहट का कारण बन सकती हैं। अफवाह से बचें।1
- बुधवार के दिन राजकीयकृत मोतीलाल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सभागार में दो दिवसीय आंगनवाड़ी सेविकाओं का प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ।उक्त आशय जानकारी सीडीपीओ पूनम कुमारी ने दी।उन्होंने बताया कि पूरे प्रखंड के 29 पंचायतों के आंगनवाड़ी सेविकाओं का दो दिवसीय प्रशिक्षण दी गई।जिसमें मातृत्व लाभ ,धात्री , मुख्यमंत्री कन्या उत्थान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना आदि विषयों पर विस्तृत जानकारी दीगई। वही प्रशिक्षक नवीन कुमार ने बताया कि पोशाक ट्रेकर एप तथा मुख्यमंत्री कन्या उत्थान आदि विषयों के बारे में विस्तृत सेविकाओं को जानकारी दी गई।विशेष कर पोशक ट्रेकर एप डाउनलोड कराई गई।इस प्रशिक्षण में प्रवेक्षिकाओं में किरण कुमारी,गीता कुमारी,रीता कुमारी,पूजा कुमारी,रुचि कुमारी, जया कुमारी,ऊषा कुमारी,रंजना कुमारी शामिल रही ।इस अवसर पर आंगनवाड़ी सेविकाओं में बबीता कुमारी,सावित्री देवी,मंजू देवी,रीना कुमारी ,संगीता कुमारी,मधुमाला देवी,आशा कुमारी सहित सभी आंगनवाड़ी सेविका शामिल रही ।4
- ईद पर गद्दी समाज उत्थान समिति ने जरूरतमंदों के बीच बांटी ईदी किट बैरिया प्रखंड के सिसवा, सरैया, पुजहा, गदीयानी व तुमकडिया गांवों में गरीब परिवारों को मिला सहयोग बैरिया ईद-उल-फितर के पावन अवसर पर गद्दी समाज उत्थान समिति द्वारा सामाजिक सहयोग की मिसाल पेश करते हुए बैरिया प्रखंड क्षेत्र के सिसवा, सरैया, पुजहा, गदीयानी और तुमकडिया सहित कई गांवों में गरीब एवं असहाय परिवारों के बीच ईदी किट का वितरण किया गया। समिति की इस पहल से दर्जनों जरूरतमंद परिवारों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली।समिति के सदस्यों ने बताया कि समाज के सक्षम लोगों के सहयोग से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है, ताकि गद्दी समाज के गरीब परिवार भी ईद की खुशियों में शामिल हो सकें। वितरित की गई ईदी किट में पहनावे और खाद्य सामग्री का विशेष ध्यान रखा गया है। किट में साड़ी, सूट, कुर्ता का कपड़ा, लुंगी और गमछा के साथ-साथ सेवई, चीनी, खजूर, गड़ी-छोहड़ा तथा दूध के लिए नकद राशि भी दी गई, जिससे जरूरतमंद परिवार भी खुशी के साथ त्योहार मना सकें। समिति के सदस्यों ने कहा कि ईद का पर्व भाईचारे और एक-दूसरे की मदद करने का संदेश देता है। आगे भी समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे। मौके पर आसिफ गद्दी, इंसाफ गद्दी, मो. अज़हरुद्दीन गद्दी, आलियास गद्दी, जाकिर गद्दी, खुरशेद गद्दी, रहमत गद्दी, नेजामुल्लाह गद्दी, रफी गद्दी, अफजल गद्दी, एमाम गद्दी और अमीन गद्दी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। फोटो कैप्शन: ईद के मौके पर बैरिया प्रखंड के विभिन्न गांवों में जरूरतमंद परिवारों के बीच ईदी किट वितरित करते गद्दी समाज उत्थान समिति के सदस्य।1
- गैस सिलिंडर की किल्लत की अफवाह पर सदर एसडीएम-1 पहुंचे सुगौली। किया गैस एजेंसी के गोदाम और ऑफिस की जांच। बाद में प्रखंड सहित अन्य कार्यालयों का जांच कर आवश्यक निर्देश दिए।1
- Post by Manjeet Kumar1
- चकिया के गांधी मैदान में हो रही महात्मा गांधी ऑल इंडिया टूर्नामेंट्स सीजन 2 2026 का आज चौथे दिन है बिहार में टीम कोलकाता और उत्तराखंड के बीच दोनों पक्ष मैदान में उतरे।1
- पुलिस अधीक्षक कार्यालय से आज 11मार्च बुधवार दोपहर करीब 2बजे जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था संधारण को लेकर बेतिया पुलिस जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में बीते 24 घंटे के भीतर समकालीन अभियान चलाया गया। इस विशेष कार्रवाई के दौरान अलग-अलग कांडों में कुल23 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार,136.300लीटर शराब बरामद । सभी गिरफ्तार अभियुक्तों को मेडिकल जांच के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि जिले में अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- रोहतास में घरेलू गैस की कालाबाजारी पर प्रशासन का छापा 10 सिलेंडर जब्त दो हिरासत में। रोहतास जिले के सासाराम में घरेलू एलपीजी गैस की कालाबाजारी की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। बुधवार को एसडीएम डॉ.नेहा कुमारी के नेतृत्व में शहर के जक्की शहीद मोहल्ले में छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान एक घर से 10 घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण बरामद किया गया। प्रशासन की टीम ने सभी सिलेंडरों को जब्त कर लिया। साथ ही मौके से 19 उपभोक्ता कार्ड भी बरामद किए गए और दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। लोग गैस की कालाबाजारी को लेकर नाराजगी भी जताते दिखे। एसडीएम डॉ.नेहा कुमारी ने बताया कि घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है और सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि गैस की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं कई उपभोक्ताओं ने गैस बुकिंग में परेशानी की शिकायत भी की है। उनका कहना है कि एजेंसी द्वारा जारी किया गया नंबर अक्सर नहीं लग रहा है जिससे गैस बुक कराने में दिक्कत हो रही है। छापेमारी टीम में खाद आपूर्ति विभाग के मार्केटिंग ऑफिसर राजदीप कुमार और नगर थाना की पुलिस भी शामिल थी। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है।1