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नागौर के मेड़ता रोड/ छापरी में किसानों को पुलिस का खौफ दिखाकर कंपनियां जबरदस्ती उनके खेतों में हाईटेंशन पोल खड़े करना चाहती हैं। डीएलसी दर कम होने के कारण पीड़ित किसान बेहद परेशान हैं और उनकी केवल एक ही मांग है कि उन्हें अपनी जमीन का उचित मुआवजा दिया जाए। लेकिन प्रभावित किसानों को राहत देने के बजाय स्थानीय प्रशासन और पुलिस बुजुर्ग किसान (अन्नदाता) के साथ बदसलूकी कर रहे हैं। प्रशासन और पुलिस की टीम मिलकर खेतों में जबरन पोल खड़े करने की कोशिशों में जुटी हुई है और बुजुर्ग अन्नदाता के साथ बदसलूकी कर कंपनियां खेतों में जबरदस्ती पोल गाड़ रही हैं।
प्रदीप कुमार डागा
नागौर के मेड़ता रोड/ छापरी में किसानों को पुलिस का खौफ दिखाकर कंपनियां जबरदस्ती उनके खेतों में हाईटेंशन पोल खड़े करना चाहती हैं। डीएलसी दर कम होने के कारण पीड़ित किसान बेहद परेशान हैं और उनकी केवल एक ही मांग है कि उन्हें अपनी जमीन का उचित मुआवजा दिया जाए। लेकिन प्रभावित किसानों को राहत देने के बजाय स्थानीय प्रशासन और पुलिस बुजुर्ग किसान (अन्नदाता) के साथ बदसलूकी कर रहे हैं। प्रशासन और पुलिस की टीम मिलकर खेतों में जबरन पोल खड़े करने की कोशिशों में जुटी हुई है और बुजुर्ग अन्नदाता के साथ बदसलूकी कर कंपनियां खेतों में जबरदस्ती पोल गाड़ रही हैं।
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- नागौर के मेड़ता रोड/ छापरी में किसानों को पुलिस का खौफ दिखाकर कंपनियां जबरदस्ती उनके खेतों में हाईटेंशन पोल खड़े करना चाहती हैं। डीएलसी दर कम होने के कारण पीड़ित किसान बेहद परेशान हैं और उनकी केवल एक ही मांग है कि उन्हें अपनी जमीन का उचित मुआवजा दिया जाए। लेकिन प्रभावित किसानों को राहत देने के बजाय स्थानीय प्रशासन और पुलिस बुजुर्ग किसान (अन्नदाता) के साथ बदसलूकी कर रहे हैं। प्रशासन और पुलिस की टीम मिलकर खेतों में जबरन पोल खड़े करने की कोशिशों में जुटी हुई है और बुजुर्ग अन्नदाता के साथ बदसलूकी कर कंपनियां खेतों में जबरदस्ती पोल गाड़ रही हैं।1
- नागौर के मेड़ता रोड/छापरी में किसानों को पुलिस का खौफ दिखाकर कंपनियां जबरदस्ती खेतों में हाईटेंशन पोल खड़े करना चाहती हैं। डीएलसी दर कम होने के कारण परेशान किसानों की केवल एक ही मांग है कि उन्हें जमीन का उचित मुआवजा दिया जाए। लेकिन किसानों को राहत देने के बजाय स्थानीय प्रशासन और पुलिस बुजुर्ग किसान (अन्नदाता) के साथ बदसलूकी कर रहे हैं और जबरन पोल खड़े करने की कोशिशों में जुटे हैं।1
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