जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस साप्ताहिक कार्यक्रम के तहत आज दिनांक 7.3.2026 को पंचायत समिति सभागार में महिलाओं के उद्यमिता प्रोत्साहन हेतु कार्यशाला का आयोजन किया गया कार्यक्रम की अध्यक्षता उपखंड अधिकारी राजेश कुमार नायक ने की उपखंड अधिकारी महोदय द्वारा महिलाओं के अधिकारों की जानकारी दी तथा बताया कि आज महिला प्रत्येक क्षेत्र में अपने कर्तव्यो का निर्वाह कर रही है पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं महिला अधिकारिता सुपरवाइजर विमला बिश्नोई ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के साप्ताहिक कार्यक्रम की रुपरेखा बताई जिसके तहत दिनांक 4 मार्च को विभागीय योजनाओं के प्रचार प्रसार हेतु कार्यशाला, 5 मार्च को एनीमिया जागरूकता कार्यक्रम,6 मार्च को आत्मरक्षा प्रशिक्षण, रैली सिग्नेचर कैंपेन और आज महिलाओं के उद्यमिता प्रोत्साहन हेतु कार्यशाला और 8 मार्च को जिला स्तरीय प्रोग्राम का आयोजन किया जाएगा इसके साथ विभागीय योजना मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन के बारे में महिलाओं को विस्तार से जानकारी दी इस योजना के तहत सामान्य वर्ग को 25% सब्सिडी और अन्य पिछड़ा वर्ग तलाकशुदा विधवा महिला को 30% सब्सिडी का अनुदान है जिससे ऋण लेकर महिला अपना रोजगार शुरू कर सकती हैं सहायक विकास अधिकारी मुल्तान जी पवार द्वारा पालनहार योजना की जानकारी दी गई जन शिक्षण संस्थान से सुलोचना राठौर कंप्यूटर बेसिक कोर्स, कुकिंग प्रशिक्षण,सिलाई प्रशिक्षण और ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण के बारे में जानकारी दी इस दौरान राजीविका से पूनम चंद उपस्थित रहे और ग्रामीण महिलाएं उपस्थिति रही
जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस साप्ताहिक कार्यक्रम के तहत आज दिनांक 7.3.2026 को पंचायत समिति सभागार में महिलाओं के उद्यमिता प्रोत्साहन हेतु कार्यशाला का आयोजन किया गया कार्यक्रम की अध्यक्षता उपखंड अधिकारी राजेश कुमार नायक ने की उपखंड अधिकारी महोदय द्वारा महिलाओं के अधिकारों की जानकारी दी तथा बताया कि आज महिला प्रत्येक क्षेत्र में अपने कर्तव्यो का निर्वाह कर रही है पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं महिला अधिकारिता सुपरवाइजर विमला बिश्नोई ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के साप्ताहिक कार्यक्रम की रुपरेखा बताई जिसके तहत दिनांक 4 मार्च को विभागीय योजनाओं के प्रचार प्रसार हेतु कार्यशाला, 5 मार्च को एनीमिया जागरूकता कार्यक्रम,6 मार्च को आत्मरक्षा प्रशिक्षण, रैली सिग्नेचर कैंपेन और आज महिलाओं के उद्यमिता प्रोत्साहन हेतु कार्यशाला और 8 मार्च को जिला स्तरीय प्रोग्राम का आयोजन किया जाएगा इसके साथ विभागीय योजना मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन के बारे में महिलाओं को विस्तार से जानकारी दी इस योजना के तहत सामान्य वर्ग को 25% सब्सिडी और अन्य पिछड़ा वर्ग तलाकशुदा विधवा महिला को 30% सब्सिडी का अनुदान है जिससे ऋण लेकर महिला अपना रोजगार शुरू कर सकती हैं सहायक विकास अधिकारी मुल्तान जी पवार द्वारा पालनहार योजना की जानकारी दी गई जन शिक्षण संस्थान से सुलोचना राठौर कंप्यूटर बेसिक कोर्स, कुकिंग प्रशिक्षण,सिलाई प्रशिक्षण और ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण के बारे में जानकारी दी इस दौरान राजीविका से पूनम चंद उपस्थित रहे और ग्रामीण महिलाएं उपस्थिति रही
- Post by आवाज़1
- पत्रकार इकबाल खान ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का असर अब खाड़ी देशों की आपूर्ति व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। संयुक्त अरब अमीरात में खाने-पीने की चीजों की कमी की आशंका जताई जा रही है। खासतौर पर दुबई में स्थिति ज्यादा चिंताजनक बताई जा रही है क्योंकि शहर में ताजा खाद्य सामग्री का भंडार तेजी से घट रहा है।विशेषज्ञों के अनुसार दुबई में फिलहाल केवल आठ दिन का ताजा खाना बचा है। युद्ध के कारण समुद्री व्यापार प्रभावित होने की आशंका है और अगर आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में खाद्य संकट गहरा सकता है। एनालिस्ट शनाका एंस्लेम परेरा ने एक्स पर लॉजिस्टिक्स प्रमुख स्टीफन पॉल का बयान साझा किया है। स्विस ब्रॉडकास्टर एसआरएफ से 5 मार्च को बातचीत में पॉल ने बताया कि दुबई में उस समय करीब दस दिन का ताजा खाद्य भंडार मौजूद था, जो अब घटकर लगभग आठ दिन रह गया है। यह आंकड़ा उनकी कंपनी द्वारा मॉनिटर किए जा रहे सप्लाई चेन डाटा के आधार पर बताया गया है।विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव बढ़ने से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। यह मार्ग खाड़ी क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग माना जाता है। अगर यहां आवाजाही बाधित रहती है तो दुबई समेत पूरे यूएई में खाद्य आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है।विशेषज्ञों ने जल्द से जल्द समुद्री व्यापार सामान्य करने की जरूरत पर जोर दिया है, ताकि आपूर्ति श्रृंखला में आने वाली बाधाओं को रोका जा सके और खाद्य संकट की स्थिति पैदा न हो।1
- वाह! जोधपुर पुलिस की यह पहल सही है! तलाक के मामले में दोनों पक्षों को समझाकर उन्हें फिर से एक करने का प्रयास करना एक बहुत बड़ा काम है। यह न केवल एक परिवार को बचाने का प्रयास है, बल्कि समाज में प्रेम और समझ की भावना को बढ़ावा देने का भी एक अच्छा तरीका है। जोधपुर पुलिस को सलाम! उनकी इस पहल से न केवल एक परिवार खुशहाल हुआ होगा, बल्कि समाज में भी एक अच्छा संदेश गया होगा। 🙏👏 क्या आपको लगता है कि पुलिस को इस तरह के मामलों में ज्यादा सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए? Shakir Husain social media reporter patrakaar1
- Post by TILORARAM Godara अध्यक्ष वीर तेजा सेना जिला फलोदी1
- Post by FIROZ MATODA1
- प्रतिबंधित मादक पदार्थ एम डी के साथ पकड़े गए हिस्ट्रीशीटर को न्यायालय ने पुलिस रिमांड पर भेजा1
- Post by Op Goyal1
- इकबाल खान, बीकानेर देश में लगातार सामने आ रही बलात्कार और हत्या की घटनाओं ने समाज को गहरी चिंता में डाल दिया है। खासकर युवा लड़कियों और नाबालिग बेटियों के साथ हो रही वारदातों ने परिवारों को असुरक्षित महसूस करने पर मजबूर कर दिया है। ऐसे माहौल में जरूरी है कि बेटियां भावनाओं से ज्यादा समझदारी और सतर्कता को प्राथमिकता दें। अक्सर देखा गया है कि कई मामलों में लड़कियां जल्द भरोसा कर लेती हैं। दोस्ती, प्रेम या शादी के वादों के नाम पर कुछ लोग विश्वास जीतकर धोखा दे देते हैं। कई दुखद घटनाओं में पहले प्रेम संबंध और फिर विवाद, धोखा या हत्या तक की नौबत सामने आई है। इसलिए जरूरी है कि भरोसा सोच-समझकर किया जाए। सबसे मजबूत और सुरक्षित भरोसा अपने माता-पिता, भाई-बहन और परिवार पर ही होता है।युवा अवस्था में भावनाएं प्रबल होती हैं, लेकिन जीवन का सबसे महत्वपूर्ण आधार शिक्षा है। सबसे पहले पढ़ाई और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देनी चाहिए। विवाह जैसे निर्णय जल्दबाजी या दबाव में नहीं, बल्कि परिवार की सहमति और समझदारी से होने चाहिए। कई सामाजिक अध्ययनों में यह सामने आया है कि परिवार की सहभागिता से तय रिश्तों में स्थिरता अधिक देखी गई है। इसलिए जीवन के बड़े फैसलों में माता-पिता के अनुभव का सम्मान करना समझदारी है।सुरक्षा के लिहाज से भी सावधानी बेहद जरूरी है। अनजान या संदिग्ध लोगों के साथ अकेले कहीं न जाएं। यदि घर से बाहर निकलें तो अपने परिवार को लोकेशन और गतिविधियों की जानकारी देती रहें। मोबाइल फोन का उपयोग केवल बातचीत के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षा साधन के रूप में भी करें। आसपास के माहौल और लोगों को पहचानना सीखें और किसी भी असहज स्थिति में तुरंत परिवार या पुलिस से संपर्क करें। लड़कियों को यह समझना होगा कि सच्चा प्रेम और सम्मान कभी दबाव, धमकी या छिपाने की जरूरत नहीं रखता। जो व्यक्ति परिवार से दूर करने की कोशिश करे, जल्द फैसले लेने का दबाव बनाए या गुप्त मुलाकातों पर जोर दे, उससे दूरी बनाना ही बेहतर है। गलत संगत, दिखावेबाजी और असामाजिक तत्वों से जितनी दूरी रखी जाए, उतना ही सुरक्षित भविष्य होगा। समाज की जिम्मेदारी है कि वह बेटियों को डराकर नहीं, बल्कि जागरूक बनाकर सशक्त करे। सावधानी का मतलब भय नहीं, बल्कि समझदारी है। शिक्षा, आत्मविश्वास और परिवार का साथ ये तीन बातें बेटियों की सबसे बड़ी ताकत हैं। जब बेटियां सजग होंगी और परिवार उनके साथ खड़ा होगा, तभी अपराधों पर प्रभावी रोक लग सकेगी।1