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8 hrs ago
user_Op Goyal
Op Goyal
लूणकरणसर, बीकानेर, राजस्थान•
8 hrs ago

More news from राजस्थान and nearby areas
  • Post by Op Goyal
    1
    Post by Op Goyal
    user_Op Goyal
    Op Goyal
    लूणकरणसर, बीकानेर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • प्रतिबंधित मादक पदार्थ एम डी के साथ पकड़े गए हिस्ट्रीशीटर को न्यायालय ने पुलिस रिमांड पर भेजा
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    प्रतिबंधित मादक पदार्थ एम डी के साथ पकड़े गए हिस्ट्रीशीटर को न्यायालय ने पुलिस रिमांड पर भेजा
    user_News 7 NETWORK
    News 7 NETWORK
    पत्रकार श्रीडूंगरगढ़, बीकानेर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • पत्रकार इकबाल खान ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का असर अब खाड़ी देशों की आपूर्ति व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। संयुक्त अरब अमीरात में खाने-पीने की चीजों की कमी की आशंका जताई जा रही है। खासतौर पर दुबई में स्थिति ज्यादा चिंताजनक बताई जा रही है क्योंकि शहर में ताजा खाद्य सामग्री का भंडार तेजी से घट रहा है।विशेषज्ञों के अनुसार दुबई में फिलहाल केवल आठ दिन का ताजा खाना बचा है। युद्ध के कारण समुद्री व्यापार प्रभावित होने की आशंका है और अगर आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में खाद्य संकट गहरा सकता है। एनालिस्ट शनाका एंस्लेम परेरा ने एक्स पर लॉजिस्टिक्स प्रमुख स्टीफन पॉल का बयान साझा किया है। स्विस ब्रॉडकास्टर एसआरएफ से 5 मार्च को बातचीत में पॉल ने बताया कि दुबई में उस समय करीब दस दिन का ताजा खाद्य भंडार मौजूद था, जो अब घटकर लगभग आठ दिन रह गया है। यह आंकड़ा उनकी कंपनी द्वारा मॉनिटर किए जा रहे सप्लाई चेन डाटा के आधार पर बताया गया है।विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव बढ़ने से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। यह मार्ग खाड़ी क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग माना जाता है। अगर यहां आवाजाही बाधित रहती है तो दुबई समेत पूरे यूएई में खाद्य आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है।विशेषज्ञों ने जल्द से जल्द समुद्री व्यापार सामान्य करने की जरूरत पर जोर दिया है, ताकि आपूर्ति श्रृंखला में आने वाली बाधाओं को रोका जा सके और खाद्य संकट की स्थिति पैदा न हो।
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    पत्रकार इकबाल खान
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का असर अब खाड़ी देशों की आपूर्ति व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। संयुक्त अरब अमीरात में खाने-पीने की चीजों की कमी की आशंका जताई जा रही है। खासतौर पर दुबई में स्थिति ज्यादा चिंताजनक बताई जा रही है क्योंकि शहर में ताजा खाद्य सामग्री का भंडार तेजी से घट रहा है।विशेषज्ञों के अनुसार दुबई में फिलहाल केवल आठ दिन का ताजा खाना बचा है। युद्ध के कारण समुद्री व्यापार प्रभावित होने की आशंका है और अगर आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में खाद्य संकट गहरा सकता है।
एनालिस्ट शनाका एंस्लेम परेरा ने एक्स पर लॉजिस्टिक्स प्रमुख स्टीफन पॉल का बयान साझा किया है। स्विस ब्रॉडकास्टर एसआरएफ से 5 मार्च को बातचीत में पॉल ने बताया कि दुबई में उस समय करीब दस दिन का ताजा खाद्य भंडार मौजूद था, जो अब घटकर लगभग आठ दिन रह गया है। यह आंकड़ा उनकी कंपनी द्वारा मॉनिटर किए जा रहे सप्लाई चेन डाटा के आधार पर बताया गया है।विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव बढ़ने से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। यह मार्ग खाड़ी क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग माना जाता है। अगर यहां आवाजाही बाधित रहती है तो दुबई समेत पूरे यूएई में खाद्य आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है।विशेषज्ञों ने जल्द से जल्द समुद्री व्यापार सामान्य करने की जरूरत पर जोर दिया है, ताकि आपूर्ति श्रृंखला में आने वाली बाधाओं को रोका जा सके और खाद्य संकट की स्थिति पैदा न हो।
    user_आईरा समाचार बीकानेर
    आईरा समाचार बीकानेर
    Journalist Bikaner, Rajasthan•
    4 hrs ago
  • वाह! जोधपुर पुलिस की यह पहल सही है! तलाक के मामले में दोनों पक्षों को समझाकर उन्हें फिर से एक करने का प्रयास करना एक बहुत बड़ा काम है। यह न केवल एक परिवार को बचाने का प्रयास है, बल्कि समाज में प्रेम और समझ की भावना को बढ़ावा देने का भी एक अच्छा तरीका है। जोधपुर पुलिस को सलाम! उनकी इस पहल से न केवल एक परिवार खुशहाल हुआ होगा, बल्कि समाज में भी एक अच्छा संदेश गया होगा। 🙏👏 क्या आपको लगता है कि पुलिस को इस तरह के मामलों में ज्यादा सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए? Shakir Husain social media reporter patrakaar
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    वाह! जोधपुर पुलिस की यह पहल सही है! तलाक के मामले में दोनों पक्षों को समझाकर उन्हें फिर से एक करने का प्रयास करना एक बहुत बड़ा काम है। यह न केवल एक परिवार को बचाने का प्रयास है, बल्कि समाज में प्रेम और समझ की भावना को बढ़ावा देने का भी एक अच्छा तरीका है।
जोधपुर पुलिस को सलाम! उनकी इस पहल से न केवल एक परिवार खुशहाल हुआ होगा, बल्कि समाज में भी एक अच्छा संदेश गया होगा। 🙏👏
क्या आपको लगता है कि पुलिस को इस तरह के मामलों में ज्यादा सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए? Shakir Husain social media reporter patrakaar
    user_Sakir Husen1983 news reporter 8824615723
    Sakir Husen1983 news reporter 8824615723
    Bikaner, Rajasthan•
    14 hrs ago
  • पंजाबी मशहूर गायक बाबा गुरदास मान पंजाब की आन बान शान बाबा गुरदास मान
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    पंजाबी मशहूर गायक बाबा गुरदास मान पंजाब की आन बान शान बाबा गुरदास मान
    user_Dr.Sharwan
    Dr.Sharwan
    Doctor Ravla, Sri Ganganagar•
    10 hrs ago
  • घड़साना में फूटा जनआक्रोश: न्याय की मांग ने लिया आंदोलन का रूप खानुवाली की प्रसूता सुदेश कुमारी और उसके अजन्मे बच्चे की दर्दनाक मौत के मामले में आखिरकार वह दिन आ ही गया जब जनता का आक्रोश सड़कों पर उतर आया। इस दर्दनाक घटना को दबाने की कोशिशों के बीच समाजसेवी रामेश्वर बाबल और पत्रकार सुनील पुरी ने वह हिम्मत दिखाई, जिसने इस पूरे मामले को दबने नहीं दिया और न्याय के लिए एक संगठित आंदोलन की रूपरेखा तैयार की। इसी संघर्ष का परिणाम था कि आज 6 तारीख को घड़साना में न्याय की आवाज एक बड़े जनसैलाब में बदल गई। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग सिंह सभा गुरुद्वारा घड़साना में एकत्रित होने लगे। यह कोई साधारण भीड़ नहीं थी, बल्कि उस पीड़ा, आक्रोश और न्याय की पुकार का स्वर था जो एक बेबस परिवार के साथ हुए अन्याय के खिलाफ उठ रहा था। गुरुद्वारा में हुई बैठक के बाद लोग संगठित होकर एसडीएम कार्यालय घड़साना के सामने पहुंचे और शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ आंदोलन शुरू किया। आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना था कि सुदेश कुमारी और उसके अजन्मे बच्चे की मौत कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि लापरवाही और लालच का नतीजा है, जिसकी निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जनता के इस बढ़ते दबाव और आक्रोश को देखते हुए प्रशासन भी आखिरकार हरकत में आया। अनूपगढ़ के एडीएम अशोक सांगवा और डीएसपी प्रशांत कौशिक खुद धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों के बीच आकर वार्ता की। प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों की बात सुनी और मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। हालांकि आंदोलनकारियों का कहना साफ था कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। जनता ने चेतावनी दी कि अगर पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन और भी बड़ा रूप ले सकता है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब समाज जागता है और कुछ लोग सच के साथ खड़े होने का साहस दिखाते हैं, तो दबाई जा रही आवाजें भी बुलंद हो जाती हैं। समाजसेवी रामेश्वर बाबल और पत्रकार सुनील पुरी की पहल ने उस चिंगारी को हवा दी, जो अब न्याय की आग बनकर पूरे क्षेत्र में फैलती नजर आ रही है। अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है—क्या सच में पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा या फिर यह मामला भी सिस्टम की फाइलों में दबकर रह जाएगा। क्योंकि इस बार जनता चुप बैठने के मूड में नहीं है। #खानुवाली #रावला #घडसाना #अनूपगढ़ #गंगानगर #वायरलपोस्ट2025シ #justiceforsudesh #बेटी_को_न्याय_दो #dmsriganganagar #वायरलन्यूज़ #खबरें24 #चिकित्सामंत्री #राजस्थानन्यूज़ #गोपीबेनीवाल
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    घड़साना में फूटा जनआक्रोश: न्याय की मांग ने लिया आंदोलन का रूप
खानुवाली की प्रसूता सुदेश कुमारी और उसके अजन्मे बच्चे की दर्दनाक मौत के मामले में आखिरकार वह दिन आ ही गया जब जनता का आक्रोश सड़कों पर उतर आया। इस दर्दनाक घटना को दबाने की कोशिशों के बीच समाजसेवी रामेश्वर बाबल और पत्रकार सुनील पुरी ने वह हिम्मत दिखाई, जिसने इस पूरे मामले को दबने नहीं दिया और न्याय के लिए एक संगठित आंदोलन की रूपरेखा तैयार की।
इसी संघर्ष का परिणाम था कि आज 6 तारीख को घड़साना में न्याय की आवाज एक बड़े जनसैलाब में बदल गई। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग सिंह सभा गुरुद्वारा घड़साना में एकत्रित होने लगे। यह कोई साधारण भीड़ नहीं थी, बल्कि उस पीड़ा, आक्रोश और न्याय की पुकार का स्वर था जो एक बेबस परिवार के साथ हुए अन्याय के खिलाफ उठ रहा था।
गुरुद्वारा में हुई बैठक के बाद लोग संगठित होकर एसडीएम कार्यालय घड़साना के सामने पहुंचे और शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ आंदोलन शुरू किया। आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना था कि सुदेश कुमारी और उसके अजन्मे बच्चे की मौत कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि लापरवाही और लालच का नतीजा है, जिसकी निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
जनता के इस बढ़ते दबाव और आक्रोश को देखते हुए प्रशासन भी आखिरकार हरकत में आया। अनूपगढ़ के एडीएम अशोक सांगवा और डीएसपी प्रशांत कौशिक खुद धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों के बीच आकर वार्ता की। प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों की बात सुनी और मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया।
हालांकि आंदोलनकारियों का कहना साफ था कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। जनता ने चेतावनी दी कि अगर पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन और भी बड़ा रूप ले सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब समाज जागता है और कुछ लोग सच के साथ खड़े होने का साहस दिखाते हैं, तो दबाई जा रही आवाजें भी बुलंद हो जाती हैं। समाजसेवी रामेश्वर बाबल और पत्रकार सुनील पुरी की पहल ने उस चिंगारी को हवा दी, जो अब न्याय की आग बनकर पूरे क्षेत्र में फैलती नजर आ रही है।
अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है—क्या सच में पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा या फिर यह मामला भी सिस्टम की फाइलों में दबकर रह जाएगा। क्योंकि इस बार जनता चुप बैठने के मूड में नहीं है।
#खानुवाली #रावला #घडसाना #अनूपगढ़ #गंगानगर #वायरलपोस्ट2025シ #justiceforsudesh #बेटी_को_न्याय_दो #dmsriganganagar #वायरलन्यूज़ #खबरें24 #चिकित्सामंत्री #राजस्थानन्यूज़ #गोपीबेनीवाल
    user_पत्रकार
    पत्रकार
    JOURNALIST अनूपगढ़, श्री गंगानगर, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • Post by आवाज़
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    Post by आवाज़
    user_आवाज़
    आवाज़
    Media company कोलायत, बीकानेर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • श्रीडूंगरगढ़ बीकानेर नेशनल हाईवे 11 पर बेनीसर गांव के पास ट्रक व कार के बीच भिड़ंत होने से कार सवार गंभीर रूप से घायल हो गया
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    श्रीडूंगरगढ़ बीकानेर नेशनल हाईवे 11 पर बेनीसर गांव के पास ट्रक व कार के बीच भिड़ंत होने से कार सवार गंभीर रूप से घायल हो गया
    user_News 7 NETWORK
    News 7 NETWORK
    पत्रकार श्रीडूंगरगढ़, बीकानेर, राजस्थान•
    18 hrs ago
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