भीखेपुर–जूहीखा मार्ग पर ओवरलोड वाहनों का कहर, ग्रामीण परेशान औरैया। भीखेपुर–जूहीखा मार्ग पर इन दिनों ओवरलोड वाहनों का आवागमन तेज हो गया है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर ईंट भट्टों से निकलने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियां क्षमता से कई गुना अधिक ईंटें लादकर तेज रफ्तार से सड़क पर दौड़ रही हैं। इससे जहां सड़क की हालत खराब हो रही है, वहीं राहगीरों और अन्य वाहनों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। अनिरुद्ध नगर गांव निवासी लाइनमैन संदीप ने बताया कि जालौन जनपद से आने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली चार से पांच हजार ईंटें लादकर इस मार्ग से गुजरते हैं। भारी ओवरलोड के कारण सड़क पर दबाव बढ़ रहा है और कई जगह सड़क टूटने लगी है। उन्होंने बताया कि शाम के समय इन वाहनों की रफ्तार और भी तेज हो जाती है तथा ये रास्ते में चलने वाले अन्य वाहनों को साइड तक नहीं देते, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। अकबरपुर गांव निवासी मोहर सिंह ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता। मिलक गांव निवासी अंकित ने कहा कि ट्रैक्टर मूल रूप से कृषि कार्यों के लिए बनाए गए हैं, लेकिन इनका उपयोग बड़े पैमाने पर व्यापारिक गतिविधियों में किया जा रहा है। ईंटों का परिवहन कर रहे ये वाहन न केवल नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। वहीं गांव निवासी जितेंद्र का कहना है कि प्रशासन को ऐसे ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि परिवहन विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से अभियान चलाएं तो इस समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भीखेपुर–जूहीखा मार्ग पर नियमित चेकिंग अभियान चलाया जाए और ओवरलोड वाहनों पर जुर्माना तथा अन्य कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और सड़क सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।
भीखेपुर–जूहीखा मार्ग पर ओवरलोड वाहनों का कहर, ग्रामीण परेशान औरैया। भीखेपुर–जूहीखा मार्ग पर इन दिनों ओवरलोड वाहनों का आवागमन तेज हो गया है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर ईंट भट्टों से निकलने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियां क्षमता से कई गुना अधिक ईंटें लादकर तेज रफ्तार से सड़क पर दौड़ रही हैं। इससे जहां सड़क की हालत खराब हो रही है, वहीं राहगीरों और अन्य वाहनों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। अनिरुद्ध नगर गांव निवासी लाइनमैन संदीप ने बताया कि जालौन
जनपद से आने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली चार से पांच हजार ईंटें लादकर इस मार्ग से गुजरते हैं। भारी ओवरलोड के कारण सड़क पर दबाव बढ़ रहा है और कई जगह सड़क टूटने लगी है। उन्होंने बताया कि शाम के समय इन वाहनों की रफ्तार और भी तेज हो जाती है तथा ये रास्ते में चलने वाले अन्य वाहनों को साइड तक नहीं देते, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। अकबरपुर गांव निवासी मोहर सिंह ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की
गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता। मिलक गांव निवासी अंकित ने कहा कि ट्रैक्टर मूल रूप से कृषि कार्यों के लिए बनाए गए हैं, लेकिन इनका उपयोग बड़े पैमाने पर व्यापारिक गतिविधियों में किया जा रहा है। ईंटों का परिवहन कर रहे ये वाहन न केवल नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बनते
जा रहे हैं। वहीं गांव निवासी जितेंद्र का कहना है कि प्रशासन को ऐसे ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि परिवहन विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से अभियान चलाएं तो इस समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भीखेपुर–जूहीखा मार्ग पर नियमित चेकिंग अभियान चलाया जाए और ओवरलोड वाहनों पर जुर्माना तथा अन्य कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और सड़क सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।
- औरैया जिले के दिबियापुर नगर पंचायत क्षेत्र में फफूंद रोड स्थित मुख्य चौराहे पर अवैध अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। सड़क किनारे बने फुटपाथों पर पार्किंग और अस्थायी दुकानों के कारण राहगीरों को पैदल निकलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी की भूमि पर “इंडिया नंबर 1 एटीएम” भी लगा दिया गया है, जिससे सड़क और फुटपाथ की जगह और कम हो गई है। वहीं विद्युत विभाग के कार्यालय तक पहुंचने के लिए सड़क पर ही लोहे की सीढ़ियां लगा दी गई हैं, जो आवागमन में बाधा बन रही हैं। पीडब्ल्यूडी के मानकों के अनुसार सड़क और फुटपाथ पर किसी भी प्रकार का निजी कब्जा या निर्माण अवैध माना जाता है। निर्धारित चौड़ाई में किसी भी तरह की रुकावट डालना नियमों के विरुद्ध है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बढ़ते अतिक्रमण के कारण आए दिन जाम और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई करते हुए अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग की है। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर प्रशासन कब जागेगा और अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर कब चलेगा।1
- कानपुर देहात से औरैया के याकूबपुर नहर नहाने आया युवक डूबा औरैया जिले के बेला थाना क्षेत्र स्थित याकूबपुर नहर में रविवार को नहाने के दौरान एक युवक के डूब जाने की घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही थाना पुलिस और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए तथा युवक की तलाश शुरू कराई गई। देर शाम तक गोताखोरों की मदद से नहर में सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं लग सका। प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 मार्च 2026 को करीब तीन बजे तीन युवक—विदान बंगाली पुत्र विमल सेन, शेखर पुत्र नारायण तथा विवेक पुत्र विमल सेन निवासी बंगाली कॉलोनी महेंद्र नगर, थाना रसूलाबाद जनपद कानपुर देहात—मोटरसाइकिल से याकूबपुर नहर पर नहाने के लिए पहुंचे थे। बताया गया है कि तीनों युवक नशे की हालत में थे और डमरपुर झाल के पास नहर में नहाने लगे। नहाने के दौरान शेखर और विवेक किसी तरह नहर से बाहर निकल आए, लेकिन विदान बंगाली गहरे पानी में चले जाने से नहर में डूब गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची थाना बेला पुलिस ने तत्काल स्थानीय गोताखोरों को बुलाकर नहर में तलाश अभियान शुरू कराया। देर शाम तक लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन युवक का कोई पता नहीं चल सका। थानाध्यक्ष बेला गंगादास गौतम ने बताया कि गोताखोरों की मदद से नहर में युवक की तलाश जारी है और जल्द ही उसे खोज निकालने का प्रयास किया जा रहा है।1
- Post by Kanhaiya lal1
- औरैया। जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास से एक खौफनाक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में दो आवारा सांड बीच सड़क पर आपस में भिड़ते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान वहां से गुजर रहे दो साइकिल सवार सांडों की लड़ाई की चपेट में आने ही वाले थे कि उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए साइकिल से कूदकर अपनी जान बचाई। हालांकि, इस 'बुल फाइट' में दोनों साइकिलें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और स्थानीय लोगों में आवारा पशुओं को लेकर भारी दहशत है।1
- cctv fotos dikhane ke babjud vi police ne nhi likha mukaddma . police ka kahna hai koi chori nhi hue tum jhut bol rhe jabki maine video vi diya or office me rk rhe kam karne bale welder ki gawahi vi di lekin police manne ko raki nhi kyoki Esme police ke kuchh log vi samil hai . SP SAHAB SE. nivedan hai ki meri sunvai kare . mujhe nyay dila de . Mai bahut majboor ho gya mera sab kuchh barbad ho gya hu . mujhe majbori me atmhatya karni padegi kyoki karje bale or labour mujhe paise ke liye bahut paresan kr rhe hai . Mai kanoon se madad ki ummid chahta hu . mera 15 lakh ka saman chori hua hai . plz 🙏🙏🙏🙏 koi meri madad kro kanoon se madad dila do plz 🙏🙏💙🙏4
- Post by Mera Auraiya5
- *कस्बा बिधूना के मोहल्ला जवाहरनगर में शनिवार देर रात शॉर्ट सर्किट से घर में भीषण आग लग गई।* *आग लगने से घर के अंदर रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया।* *घर में खड़ी दो बाइक हीरो स्प्लेंडर और टीवीएस अपाचे, इन्वर्टर-बैटरा व गृहस्थी का सामान आग में नष्ट।* *मकान बीएसएफ जवान विशाल कुमार का है, जो वर्तमान में मणिपुर में तैनात हैं।* *घटना के समय घर में मौजूद 6 लोग सो रहे थे, धुआं और लपटें उठने पर मची अफरा-तफरी।* *पड़ोसियों ने समरसेबल पंप से आग बुझाने का प्रयास किया।* *सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने करीब 1 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू।* *पीड़ित परिवार के अनुसार अग्निकांड में लाखों रुपये का नुकसान हुआ।*4
- औरैया। भीखेपुर–जूहीखा मार्ग पर इन दिनों ओवरलोड वाहनों का आवागमन तेज हो गया है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर ईंट भट्टों से निकलने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियां क्षमता से कई गुना अधिक ईंटें लादकर तेज रफ्तार से सड़क पर दौड़ रही हैं। इससे जहां सड़क की हालत खराब हो रही है, वहीं राहगीरों और अन्य वाहनों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। अनिरुद्ध नगर गांव निवासी लाइनमैन संदीप ने बताया कि जालौन जनपद से आने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली चार से पांच हजार ईंटें लादकर इस मार्ग से गुजरते हैं। भारी ओवरलोड के कारण सड़क पर दबाव बढ़ रहा है और कई जगह सड़क टूटने लगी है। उन्होंने बताया कि शाम के समय इन वाहनों की रफ्तार और भी तेज हो जाती है तथा ये रास्ते में चलने वाले अन्य वाहनों को साइड तक नहीं देते, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। अकबरपुर गांव निवासी मोहर सिंह ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता। मिलक गांव निवासी अंकित ने कहा कि ट्रैक्टर मूल रूप से कृषि कार्यों के लिए बनाए गए हैं, लेकिन इनका उपयोग बड़े पैमाने पर व्यापारिक गतिविधियों में किया जा रहा है। ईंटों का परिवहन कर रहे ये वाहन न केवल नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। वहीं गांव निवासी जितेंद्र का कहना है कि प्रशासन को ऐसे ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि परिवहन विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से अभियान चलाएं तो इस समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भीखेपुर–जूहीखा मार्ग पर नियमित चेकिंग अभियान चलाया जाए और ओवरलोड वाहनों पर जुर्माना तथा अन्य कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और सड़क सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।4