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बीना में राय गैस एजेंसी के खिलाफ उपभोक्ताओं का गुस्सा अब प्रशासन तक पहुँच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता दशरथ अहिरवार के नेतृत्व में उपभोक्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बीना, जिला सागर के नाम नायब तहसीलदार हेमराज मेहर को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन राय गैस एजेंसी के प्रति उपभोक्ताओं के तीव्र आक्रोश को दर्शाता है।
RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
बीना में राय गैस एजेंसी के खिलाफ उपभोक्ताओं का गुस्सा अब प्रशासन तक पहुँच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता दशरथ अहिरवार के नेतृत्व में उपभोक्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बीना, जिला सागर के नाम नायब तहसीलदार हेमराज मेहर को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन राय गैस एजेंसी के प्रति उपभोक्ताओं के तीव्र आक्रोश को दर्शाता है।
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- बीना में राय गैस एजेंसी के खिलाफ उपभोक्ताओं का गुस्सा अब प्रशासन तक पहुँच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता दशरथ अहिरवार के नेतृत्व में उपभोक्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बीना, जिला सागर के नाम नायब तहसीलदार हेमराज मेहर को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन राय गैस एजेंसी के प्रति उपभोक्ताओं के तीव्र आक्रोश को दर्शाता है।1
- बसहरी गाँव में नाली का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो रहा है, जिसके चलते लोगों के घरों में पानी भर रहा है।2
- विदिशा जिले के गंजबासौदा स्थित बेदनखेड़ी में श्री जगदीश स्वामी चतोर मंदिर में जीर्णोद्धार का कार्य तेज बारिश के बावजूद लगातार जारी है। मंदिर के वार्ड नंबर 23 में स्थित इस स्थल पर जीर्णोद्धार का काम प्रगति पर है।1
- विदिशा के सिरोंज में जिला कुशवाहा समाज ने एक निजी क्लीनिक, संजीवनी हॉस्पिटल, के कथित अवैध संचालन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे पर बुलडोजर चलाने की जोरदार मांग की है। समाज के लोगों ने कलेक्टर और एसपी को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर बताया कि इस अस्पताल के संचालक डॉक्टर संजीव माथुर पर उनकी समाज की एक बेटी के साथ 'गलत काम' करने का आरोप है, जिसके संबंध में एफआईआर भी दर्ज की गई थी और आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। इसके बावजूद, यह हॉस्पिटल अभी भी संचालित हो रहा है, जिसे समाज अवैध करार दे रहा है। कुशवाहा समाज ने आरोप लगाया कि आरोपी डॉक्टर के लोगों द्वारा शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से इस अवैध अस्पताल की बारीकी से जांच करने, आयुष्मान योजना में संभावित गड़बड़ी समेत अन्य विषयों पर गौर करने और अंततः इसे बुलडोजर चलाकर 'जमींदोज' करने की अपील की है। समाज ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे 'उग्र आंदोलन' करेंगे। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए संयुक्त कलेक्टर नितिन जैन ने जानकारी दी है कि मामले की जांच की जा रही है और प्राप्त ज्ञापन को वरिष्ठ अधिकारियों के पास भेजा जाएगा।4
- विदिशा जिले के पीपलखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जब जहरीला पदार्थ खाने के बाद एक युवक को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया और मौके पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। जानकारी के अनुसार, पीपलखेड़ा निवासी सत्यम केवट की तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल अस्पताल लाया गया, जहाँ मौजूद नर्सिंग स्टाफ ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। हालांकि, डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण परिजनों को काफी चिंता का सामना करना पड़ा। परिजनों ने बताया कि मरीज काफी देर तक डॉक्टर का इंतजार करता रहा। बाद में अस्पताल कर्मचारियों ने जानकारी दी कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर भोजन के लिए बाहर गई थीं। मरीज की हालत गंभीर होने के कारण उसे 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल विदिशा रेफर कर दिया गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि गंभीर मरीजों के लिए समय पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं होंगे, तो ऐसी स्थितियाँ मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं। अब सभी की नजर स्वास्थ्य विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।4
- मध्यप्रदेश के सागर जिले में, बीना के ग्राम पंडरिया से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां जमीन विवाद के चलते एक लगभग 40 वर्षीय महिला को कथित तौर पर डीजल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की गई। गंभीर रूप से झुलसी महिला को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उसे सागर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंडरिया निवासी रीना बाई पति अरविंद अपने बेटे के साथ खेत पर पहुंची थीं, जहां उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग उनके खेत पर कृषि कार्य कर रहे थे। इस बात का विरोध करने पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान आरोपियों ने पहले महिला के बेटे के साथ मारपीट का प्रयास किया और फिर रीना बाई के ऊपर डीजल डालकर आग लगा दी। महिला के बेटे ने किसी तरह आग बुझाई और तुरंत डायल-112 को सूचना दी। डायल-112 की टीम, जिसमें आरक्षक धर्मेंद्र, विक्रम, अजय और पायलट इमारत सेन शामिल थे, तत्परता से मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से झुलसी महिला को बीना सिविल अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच सकी। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल सागर रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर नई बस्ती पुलिस चौकी से प्रधान आरक्षक विनोद यादव भी अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। जमीन विवाद में महिला को जिंदा जलाने की कोशिश की इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।1