logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

विदिशा जिले के गंजबासौदा स्थित बेदनखेड़ी में श्री जगदीश स्वामी चतोर मंदिर में जीर्णोद्धार का कार्य तेज बारिश के बावजूद लगातार जारी है। मंदिर के वार्ड नंबर 23 में स्थित इस स्थल पर जीर्णोद्धार का काम प्रगति पर है।

4 hrs ago
user_ABHISHEK THAKUR
ABHISHEK THAKUR
बासोदा, विदिशा, मध्य प्रदेश•
4 hrs ago

विदिशा जिले के गंजबासौदा स्थित बेदनखेड़ी में श्री जगदीश स्वामी चतोर मंदिर में जीर्णोद्धार का कार्य तेज बारिश के बावजूद लगातार जारी है। मंदिर के वार्ड नंबर 23 में स्थित इस स्थल पर जीर्णोद्धार का काम प्रगति पर है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • विदिशा जिले के गंजबासौदा स्थित बेदनखेड़ी में श्री जगदीश स्वामी चतोर मंदिर में जीर्णोद्धार का कार्य तेज बारिश के बावजूद लगातार जारी है। मंदिर के वार्ड नंबर 23 में स्थित इस स्थल पर जीर्णोद्धार का काम प्रगति पर है।
    1
    विदिशा जिले के गंजबासौदा स्थित बेदनखेड़ी में श्री जगदीश स्वामी चतोर मंदिर में जीर्णोद्धार का कार्य तेज बारिश के बावजूद लगातार जारी है। मंदिर के वार्ड नंबर 23 में स्थित इस स्थल पर जीर्णोद्धार का काम प्रगति पर है।
    user_ABHISHEK THAKUR
    ABHISHEK THAKUR
    बासोदा, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के नटेरन तहसील अंतर्गत ग्राम सेऊ में एक युवक द्वारा नाबालिग बेटी के साथ दुराचार किए जाने की घटना को लेकर विश्वकर्मा समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस गंभीर मामले में समाज के लोग आज जिला मुख्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने दोषी पर तत्काल कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई। समाजबंधुओं ने विशेष रूप से प्रशासन से यह मांग की है कि दोषी के मकान पर बुलडोजर चलाकर उसे गिरा दिया जाए। यह मांग ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश देने और न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
    4
    मध्य प्रदेश के नटेरन तहसील अंतर्गत ग्राम सेऊ में एक युवक द्वारा नाबालिग बेटी के साथ दुराचार किए जाने की घटना को लेकर विश्वकर्मा समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस गंभीर मामले में समाज के लोग आज जिला मुख्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने दोषी पर तत्काल कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई।

समाजबंधुओं ने विशेष रूप से प्रशासन से यह मांग की है कि दोषी के मकान पर बुलडोजर चलाकर उसे गिरा दिया जाए। यह मांग ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश देने और न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
    user_Vinod Mehra
    Vinod Mehra
    Emt news Vidisha News editor Vidisha, Madhya Pradesh•
    9 hrs ago
  • विदिशा के सिरोंज में जिला कुशवाहा समाज ने एक निजी क्लीनिक, संजीवनी हॉस्पिटल, के कथित अवैध संचालन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे पर बुलडोजर चलाने की जोरदार मांग की है। समाज के लोगों ने कलेक्टर और एसपी को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर बताया कि इस अस्पताल के संचालक डॉक्टर संजीव माथुर पर उनकी समाज की एक बेटी के साथ 'गलत काम' करने का आरोप है, जिसके संबंध में एफआईआर भी दर्ज की गई थी और आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। इसके बावजूद, यह हॉस्पिटल अभी भी संचालित हो रहा है, जिसे समाज अवैध करार दे रहा है। कुशवाहा समाज ने आरोप लगाया कि आरोपी डॉक्टर के लोगों द्वारा शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से इस अवैध अस्पताल की बारीकी से जांच करने, आयुष्मान योजना में संभावित गड़बड़ी समेत अन्य विषयों पर गौर करने और अंततः इसे बुलडोजर चलाकर 'जमींदोज' करने की अपील की है। समाज ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे 'उग्र आंदोलन' करेंगे। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए संयुक्त कलेक्टर नितिन जैन ने जानकारी दी है कि मामले की जांच की जा रही है और प्राप्त ज्ञापन को वरिष्ठ अधिकारियों के पास भेजा जाएगा।
    4
    विदिशा के सिरोंज में जिला कुशवाहा समाज ने एक निजी क्लीनिक, संजीवनी हॉस्पिटल, के कथित अवैध संचालन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे पर बुलडोजर चलाने की जोरदार मांग की है। समाज के लोगों ने कलेक्टर और एसपी को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर बताया कि इस अस्पताल के संचालक डॉक्टर संजीव माथुर पर उनकी समाज की एक बेटी के साथ 'गलत काम' करने का आरोप है, जिसके संबंध में एफआईआर भी दर्ज की गई थी और आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। इसके बावजूद, यह हॉस्पिटल अभी भी संचालित हो रहा है, जिसे समाज अवैध करार दे रहा है।

कुशवाहा समाज ने आरोप लगाया कि आरोपी डॉक्टर के लोगों द्वारा शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से इस अवैध अस्पताल की बारीकी से जांच करने, आयुष्मान योजना में संभावित गड़बड़ी समेत अन्य विषयों पर गौर करने और अंततः इसे बुलडोजर चलाकर 'जमींदोज' करने की अपील की है। समाज ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे 'उग्र आंदोलन' करेंगे।

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए संयुक्त कलेक्टर नितिन जैन ने जानकारी दी है कि मामले की जांच की जा रही है और प्राप्त ज्ञापन को वरिष्ठ अधिकारियों के पास भेजा जाएगा।
    user_रिपोर्टर rupesh yadav
    रिपोर्टर rupesh yadav
    सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • एक व्यक्ति ने अपनी गहरी इच्छा व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें फौजी बनने का बहुत शौक था। उन्होंने यह भी साझा किया कि उनकी माँ ने उन्हें एक ऐसी जगह रखा था, जहाँ उनका जन्म नहीं हुआ था।
    1
    एक व्यक्ति ने अपनी गहरी इच्छा व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें फौजी बनने का बहुत शौक था। उन्होंने यह भी साझा किया कि उनकी माँ ने उन्हें एक ऐसी जगह रखा था, जहाँ उनका जन्म नहीं हुआ था।
    user_Ajay Lodhi
    Ajay Lodhi
    Photographer विदिशा नगर, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • बीना में राय गैस एजेंसी के खिलाफ उपभोक्ताओं का गुस्सा अब प्रशासन तक पहुँच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता दशरथ अहिरवार के नेतृत्व में उपभोक्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बीना, जिला सागर के नाम नायब तहसीलदार हेमराज मेहर को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन राय गैस एजेंसी के प्रति उपभोक्ताओं के तीव्र आक्रोश को दर्शाता है।
    1
    बीना में राय गैस एजेंसी के खिलाफ उपभोक्ताओं का गुस्सा अब प्रशासन तक पहुँच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता दशरथ अहिरवार के नेतृत्व में उपभोक्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बीना, जिला सागर के नाम नायब तहसीलदार हेमराज मेहर को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन राय गैस एजेंसी के प्रति उपभोक्ताओं के तीव्र आक्रोश को दर्शाता है।
    user_RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
    RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
    पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • विदिशा जिले के पीपलखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की गंभीर लापरवाही सामने आई है। एक युवक, जिसने जहरीला पदार्थ पी लिया था, उसे जब परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे तो वहां कोई भी ड्यूटी डॉक्टर मौजूद नहीं था। मरीज लगभग आधे घंटे तक अस्पताल में तड़पता रहा और उसके इलाज की जिम्मेदारी केवल दो नर्सों के भरोसे रही, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह मामला पीपलखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है, जहां पीपलखेड़ा निवासी सत्यम केवट, पिता सेवाराम केवट, ने अज्ञात कारणों से जहरीला पदार्थ पी लिया था। उसकी हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल अस्पताल ले गए, लेकिन वहां कोई भी डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं मिला। अस्पताल में मौजूद दो नर्सों ने युवक को प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण उसे समय पर विशेषज्ञ इलाज नहीं मिल पाया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि युवक करीब आधे घंटे तक अस्पताल में दर्द से कराहता रहा, जबकि डॉक्टर का कमरा और कुर्सियां खाली पड़ी थीं। जब इस मामले में अस्पताल स्टाफ से डॉक्टर की अनुपस्थिति पर सवाल किया गया, तो पहले उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया, लेकिन बाद में बताया गया कि ड्यूटी डॉक्टर डॉ. जया अधिकारी खाना खाने गई हैं। फोन पर संपर्क करने पर भी डॉक्टर ने यही जानकारी दी। प्राथमिक उपचार के बाद युवक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे 108 एंबुलेंस की मदद से विदिशा जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि आपातकालीन स्थिति में भी डॉक्टर अस्पताल में उपलब्ध नहीं होंगे, तो मरीजों की जान खतरे में पड़ सकती है। पीपलखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की यह अनुपस्थिति स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है, और अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई करता है।
    1
    विदिशा जिले के पीपलखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की गंभीर लापरवाही सामने आई है। एक युवक, जिसने जहरीला पदार्थ पी लिया था, उसे जब परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे तो वहां कोई भी ड्यूटी डॉक्टर मौजूद नहीं था। मरीज लगभग आधे घंटे तक अस्पताल में तड़पता रहा और उसके इलाज की जिम्मेदारी केवल दो नर्सों के भरोसे रही, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

यह मामला पीपलखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है, जहां पीपलखेड़ा निवासी सत्यम केवट, पिता सेवाराम केवट, ने अज्ञात कारणों से जहरीला पदार्थ पी लिया था। उसकी हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल अस्पताल ले गए, लेकिन वहां कोई भी डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं मिला।

अस्पताल में मौजूद दो नर्सों ने युवक को प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण उसे समय पर विशेषज्ञ इलाज नहीं मिल पाया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि युवक करीब आधे घंटे तक अस्पताल में दर्द से कराहता रहा, जबकि डॉक्टर का कमरा और कुर्सियां खाली पड़ी थीं। जब इस मामले में अस्पताल स्टाफ से डॉक्टर की अनुपस्थिति पर सवाल किया गया, तो पहले उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया, लेकिन बाद में बताया गया कि ड्यूटी डॉक्टर डॉ. जया अधिकारी खाना खाने गई हैं। फोन पर संपर्क करने पर भी डॉक्टर ने यही जानकारी दी।

प्राथमिक उपचार के बाद युवक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे 108 एंबुलेंस की मदद से विदिशा जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि आपातकालीन स्थिति में भी डॉक्टर अस्पताल में उपलब्ध नहीं होंगे, तो मरीजों की जान खतरे में पड़ सकती है। पीपलखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की यह अनुपस्थिति स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है, और अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई करता है।
    user_PRAYAS vishwakarma
    PRAYAS vishwakarma
    Loan agency शमशाबाद, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • सिरोंज में संचालित एक निजी अस्पताल के संचालक द्वारा इलाज के दौरान एक बेटी के साथ गलत व्यवहार करने को लेकर कुशवाहा समाज में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। इस घटना से समाज के लोग बेहद नाराज हैं और त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर कुशवाहा समाज के पदाधिकारी और सदस्य जिला मुख्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से समाज ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि दोषी अस्पताल संचालक के अस्पताल पर तत्काल बुलडोजर चलाया जाए और उसे फांसी की सजा दी जाए।
    4
    सिरोंज में संचालित एक निजी अस्पताल के संचालक द्वारा इलाज के दौरान एक बेटी के साथ गलत व्यवहार करने को लेकर कुशवाहा समाज में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। इस घटना से समाज के लोग बेहद नाराज हैं और त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

अपनी मांगों को लेकर कुशवाहा समाज के पदाधिकारी और सदस्य जिला मुख्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से समाज ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि दोषी अस्पताल संचालक के अस्पताल पर तत्काल बुलडोजर चलाया जाए और उसे फांसी की सजा दी जाए।
    user_Vinod Mehra
    Vinod Mehra
    Emt news Vidisha News editor Vidisha, Madhya Pradesh•
    9 hrs ago
  • मध्यप्रदेश के सागर जिले में, बीना के ग्राम पंडरिया से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां जमीन विवाद के चलते एक लगभग 40 वर्षीय महिला को कथित तौर पर डीजल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की गई। गंभीर रूप से झुलसी महिला को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उसे सागर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंडरिया निवासी रीना बाई पति अरविंद अपने बेटे के साथ खेत पर पहुंची थीं, जहां उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग उनके खेत पर कृषि कार्य कर रहे थे। इस बात का विरोध करने पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान आरोपियों ने पहले महिला के बेटे के साथ मारपीट का प्रयास किया और फिर रीना बाई के ऊपर डीजल डालकर आग लगा दी। महिला के बेटे ने किसी तरह आग बुझाई और तुरंत डायल-112 को सूचना दी। डायल-112 की टीम, जिसमें आरक्षक धर्मेंद्र, विक्रम, अजय और पायलट इमारत सेन शामिल थे, तत्परता से मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से झुलसी महिला को बीना सिविल अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच सकी। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल सागर रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर नई बस्ती पुलिस चौकी से प्रधान आरक्षक विनोद यादव भी अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। जमीन विवाद में महिला को जिंदा जलाने की कोशिश की इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।
    1
    मध्यप्रदेश के सागर जिले में, बीना के ग्राम पंडरिया से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां जमीन विवाद के चलते एक लगभग 40 वर्षीय महिला को कथित तौर पर डीजल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की गई। गंभीर रूप से झुलसी महिला को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उसे सागर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम पंडरिया निवासी रीना बाई पति अरविंद अपने बेटे के साथ खेत पर पहुंची थीं, जहां उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग उनके खेत पर कृषि कार्य कर रहे थे। इस बात का विरोध करने पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान आरोपियों ने पहले महिला के बेटे के साथ मारपीट का प्रयास किया और फिर रीना बाई के ऊपर डीजल डालकर आग लगा दी।

महिला के बेटे ने किसी तरह आग बुझाई और तुरंत डायल-112 को सूचना दी। डायल-112 की टीम, जिसमें आरक्षक धर्मेंद्र, विक्रम, अजय और पायलट इमारत सेन शामिल थे, तत्परता से मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से झुलसी महिला को बीना सिविल अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच सकी। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल सागर रेफर कर दिया।

घटना की सूचना मिलने पर नई बस्ती पुलिस चौकी से प्रधान आरक्षक विनोद यादव भी अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। जमीन विवाद में महिला को जिंदा जलाने की कोशिश की इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।
    user_Mp news 24live
    Mp news 24live
    पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.