विदिशा के सिरोंज में जिला कुशवाहा समाज ने एक निजी क्लीनिक, संजीवनी हॉस्पिटल, के कथित अवैध संचालन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे पर बुलडोजर चलाने की जोरदार मांग की है। समाज के लोगों ने कलेक्टर और एसपी को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर बताया कि इस अस्पताल के संचालक डॉक्टर संजीव माथुर पर उनकी समाज की एक बेटी के साथ 'गलत काम' करने का आरोप है, जिसके संबंध में एफआईआर भी दर्ज की गई थी और आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। इसके बावजूद, यह हॉस्पिटल अभी भी संचालित हो रहा है, जिसे समाज अवैध करार दे रहा है। कुशवाहा समाज ने आरोप लगाया कि आरोपी डॉक्टर के लोगों द्वारा शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से इस अवैध अस्पताल की बारीकी से जांच करने, आयुष्मान योजना में संभावित गड़बड़ी समेत अन्य विषयों पर गौर करने और अंततः इसे बुलडोजर चलाकर 'जमींदोज' करने की अपील की है। समाज ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे 'उग्र आंदोलन' करेंगे। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए संयुक्त कलेक्टर नितिन जैन ने जानकारी दी है कि मामले की जांच की जा रही है और प्राप्त ज्ञापन को वरिष्ठ अधिकारियों के पास भेजा जाएगा।
विदिशा के सिरोंज में जिला कुशवाहा समाज ने एक निजी क्लीनिक, संजीवनी हॉस्पिटल, के कथित अवैध संचालन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे पर बुलडोजर चलाने की जोरदार मांग की है। समाज के लोगों ने कलेक्टर और एसपी को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर बताया कि इस अस्पताल के संचालक डॉक्टर संजीव माथुर
पर उनकी समाज की एक बेटी के साथ 'गलत काम' करने का आरोप है, जिसके संबंध में एफआईआर भी दर्ज की गई थी और आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। इसके बावजूद, यह हॉस्पिटल अभी भी संचालित हो रहा है, जिसे समाज अवैध करार दे रहा है। कुशवाहा समाज ने
आरोप लगाया कि आरोपी डॉक्टर के लोगों द्वारा शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से इस अवैध अस्पताल की बारीकी से जांच करने, आयुष्मान योजना में संभावित गड़बड़ी समेत अन्य विषयों पर गौर करने और अंततः इसे बुलडोजर चलाकर 'जमींदोज' करने की अपील की है। समाज ने
यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे 'उग्र आंदोलन' करेंगे। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए संयुक्त कलेक्टर नितिन जैन ने जानकारी दी है कि मामले की जांच की जा रही है और प्राप्त ज्ञापन को वरिष्ठ अधिकारियों के पास भेजा जाएगा।
- विदिशा के सिरोंज में जिला कुशवाहा समाज ने एक निजी क्लीनिक, संजीवनी हॉस्पिटल, के कथित अवैध संचालन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे पर बुलडोजर चलाने की जोरदार मांग की है। समाज के लोगों ने कलेक्टर और एसपी को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर बताया कि इस अस्पताल के संचालक डॉक्टर संजीव माथुर पर उनकी समाज की एक बेटी के साथ 'गलत काम' करने का आरोप है, जिसके संबंध में एफआईआर भी दर्ज की गई थी और आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। इसके बावजूद, यह हॉस्पिटल अभी भी संचालित हो रहा है, जिसे समाज अवैध करार दे रहा है। कुशवाहा समाज ने आरोप लगाया कि आरोपी डॉक्टर के लोगों द्वारा शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से इस अवैध अस्पताल की बारीकी से जांच करने, आयुष्मान योजना में संभावित गड़बड़ी समेत अन्य विषयों पर गौर करने और अंततः इसे बुलडोजर चलाकर 'जमींदोज' करने की अपील की है। समाज ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे 'उग्र आंदोलन' करेंगे। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए संयुक्त कलेक्टर नितिन जैन ने जानकारी दी है कि मामले की जांच की जा रही है और प्राप्त ज्ञापन को वरिष्ठ अधिकारियों के पास भेजा जाएगा।4
- विदिशा जिले के गंजबासौदा स्थित बेदनखेड़ी में श्री जगदीश स्वामी चतोर मंदिर में जीर्णोद्धार का कार्य तेज बारिश के बावजूद लगातार जारी है। मंदिर के वार्ड नंबर 23 में स्थित इस स्थल पर जीर्णोद्धार का काम प्रगति पर है।1
- विदिशा जिले के पीपलखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की गंभीर लापरवाही सामने आई है। एक युवक, जिसने जहरीला पदार्थ पी लिया था, उसे जब परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे तो वहां कोई भी ड्यूटी डॉक्टर मौजूद नहीं था। मरीज लगभग आधे घंटे तक अस्पताल में तड़पता रहा और उसके इलाज की जिम्मेदारी केवल दो नर्सों के भरोसे रही, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह मामला पीपलखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है, जहां पीपलखेड़ा निवासी सत्यम केवट, पिता सेवाराम केवट, ने अज्ञात कारणों से जहरीला पदार्थ पी लिया था। उसकी हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल अस्पताल ले गए, लेकिन वहां कोई भी डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं मिला। अस्पताल में मौजूद दो नर्सों ने युवक को प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण उसे समय पर विशेषज्ञ इलाज नहीं मिल पाया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि युवक करीब आधे घंटे तक अस्पताल में दर्द से कराहता रहा, जबकि डॉक्टर का कमरा और कुर्सियां खाली पड़ी थीं। जब इस मामले में अस्पताल स्टाफ से डॉक्टर की अनुपस्थिति पर सवाल किया गया, तो पहले उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया, लेकिन बाद में बताया गया कि ड्यूटी डॉक्टर डॉ. जया अधिकारी खाना खाने गई हैं। फोन पर संपर्क करने पर भी डॉक्टर ने यही जानकारी दी। प्राथमिक उपचार के बाद युवक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे 108 एंबुलेंस की मदद से विदिशा जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि आपातकालीन स्थिति में भी डॉक्टर अस्पताल में उपलब्ध नहीं होंगे, तो मरीजों की जान खतरे में पड़ सकती है। पीपलखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की यह अनुपस्थिति स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है, और अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई करता है।1
- सुरक्षा के मद्देनजर, यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगाए जाने चाहिए। इस पहल को सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।1
- गुना जिले के आरोन स्थित अशोक नगर रोड पर बने वर्धमान कॉम्प्लेक्स में साफ-सफाई की व्यवस्था न होने से स्थानीय दुकानदार बेहद परेशान हैं। दुकानदारों का आरोप है कि नगर पालिका के अधिकारी और कर्मचारी इस गंभीर समस्या के प्रति पूरी तरह से 'नींद में' चल रहे हैं, जिसके कारण कॉम्प्लेक्स में स्वच्छता की स्थिति लगातार बदहाल बनी हुई है।1
- अशोकनगर जिले की शाढ़ौरा तहसील में इस समय महंगाई की भीषण मार पड़ रही है, जिससे आम जनता बुरी तरह परेशान है। सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं, लेकिन सरकार का इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं है। मौजूदा स्थिति यह है कि एक पॉलीथीन में ₹200 तक की सब्जियां आती हैं, जबकि लोगों की आय बहुत कम है। इस महंगाई के कारण आमजन की थाली से सब्जियां लगभग गायब हो चुकी हैं, और सरकार को इस विषय पर गंभीरता से ध्यान देने की सख्त आवश्यकता है।1
- विदिशा जिले के पीपलखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जब जहरीला पदार्थ खाने के बाद एक युवक को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया और मौके पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। जानकारी के अनुसार, पीपलखेड़ा निवासी सत्यम केवट की तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल अस्पताल लाया गया, जहाँ मौजूद नर्सिंग स्टाफ ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। हालांकि, डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण परिजनों को काफी चिंता का सामना करना पड़ा। परिजनों ने बताया कि मरीज काफी देर तक डॉक्टर का इंतजार करता रहा। बाद में अस्पताल कर्मचारियों ने जानकारी दी कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर भोजन के लिए बाहर गई थीं। मरीज की हालत गंभीर होने के कारण उसे 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल विदिशा रेफर कर दिया गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि गंभीर मरीजों के लिए समय पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं होंगे, तो ऐसी स्थितियाँ मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं। अब सभी की नजर स्वास्थ्य विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।4
- भोपाल में मात्र 30 मिनट की बारिश ने आफत ला दी है, जिससे नगर निगम भोपाल के सफाई संबंधी दावों की पोल खुल गई है। वर्षा से पहले नालों की उचित सफाई न होने और मिट्टी न हटाए जाने के कारण लालघाटी गुफा मंदिर के सामने स्थित जैन नगर कॉलोनी में पानी भर गया है। इस जलभराव के कारण जैन नगर के लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं।1