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मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से रिपोर्टर देवेंद्र सिंह मीना

1 hr ago
user_रिपोर्टर देवेन्द्र सिंह मीना
रिपोर्टर देवेन्द्र सिंह मीना
Local News Reporter सीहोर नगर, सीहोर, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से रिपोर्टर देवेंद्र सिंह मीना

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से रिपोर्टर देवेंद्र सिंह मीना
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    मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से रिपोर्टर देवेंद्र सिंह मीना
    user_रिपोर्टर देवेन्द्र सिंह मीना
    रिपोर्टर देवेन्द्र सिंह मीना
    Local News Reporter सीहोर नगर, सीहोर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • सीहोर मे भारतीय किसान संघ, मध्य भारत प्रान्त किसानों ने सीहोर कलेक्टर को सौपा ज्ञापन। *लोकेशन सीहोर* हेमन्त त्रिपाठी *भारतीय किसान संघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, किसानों के धरने की बात के बाद मिले कलेक्टर* सीहोर में भारतीय किसान संघ (मध्यभारत प्रांत) ने किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर कलेक्टर कार्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया।अनोखे अंदाज गायन के माध्यम से राखी किसानों ने समस्या शुरुआत में जब अन्य विभागीय अधिकारियों ने ज्ञापन लेने का प्रयास किया, तो किसान असंतुष्ट होकर कलेक्ट्रेट परिसर में ही धरने पर बैठ गए। किसानों की स्पष्ट मांग थी कि वे अपना ज्ञापन केवल कलेक्टर को ही सौंपेंगे। काफी बहस के बाद, किसानों की अटूट एकजुटता के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा। आखिरकार, सीहोर कलेक्टर बालगुरु के. खुद किसानों से मिले किसान प्रतिनिधियों ने कलेक्टर के समक्ष ही ज्ञापन का वाचन किया। कलेक्टर बालगुरु के. ने किसानों की सभी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उनकी मांगों का जल्द से जल्द समाधान करने का ठोस आश्वासन दिया। इस दौरान संभाग उपाध्यक्ष सहित जिला व तहसील कार्यकारिणी के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे।
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    सीहोर मे भारतीय किसान संघ, मध्य भारत प्रान्त किसानों ने सीहोर कलेक्टर को सौपा ज्ञापन।
*लोकेशन सीहोर* 
हेमन्त त्रिपाठी 
*भारतीय किसान संघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, किसानों के धरने की बात के बाद मिले कलेक्टर* 
सीहोर में भारतीय किसान संघ (मध्यभारत प्रांत) ने किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर कलेक्टर कार्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया।अनोखे अंदाज गायन के माध्यम से राखी किसानों ने समस्या 
शुरुआत में जब अन्य विभागीय अधिकारियों ने ज्ञापन लेने का प्रयास किया, तो किसान असंतुष्ट होकर कलेक्ट्रेट परिसर में ही धरने पर बैठ गए।
किसानों की स्पष्ट मांग थी कि वे अपना ज्ञापन केवल कलेक्टर को ही सौंपेंगे। काफी बहस के बाद, किसानों की अटूट एकजुटता के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा। आखिरकार, सीहोर कलेक्टर बालगुरु के. खुद किसानों से मिले किसान प्रतिनिधियों ने कलेक्टर के समक्ष ही ज्ञापन का वाचन किया।
कलेक्टर बालगुरु के. ने किसानों की सभी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उनकी मांगों का जल्द से जल्द समाधान करने का ठोस आश्वासन दिया। इस दौरान संभाग उपाध्यक्ष सहित जिला व तहसील कार्यकारिणी के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे।
    user_Tripathi
    Tripathi
    News Anchor सीहोर नगर, सीहोर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • विधायक रामेश्वर शर्मा ने औवेसी को दिया कड़ा जवाब,ओवैसी बैरिस्टर हो तो बदतमीज़ी की भाषा छोड़ दो *विधायक रामेश्वर शर्मा ने औवेसी को दिया कड़ा जवाब* *विधायक रामेश्वर शर्मा का औवेसी पर तीखा पलटवार* रामेश्वर शर्मा बोले - ओवैसी बैरिस्टर हो तो बदतमीज़ी की भाषा छोड़ दो। मैं तो भारत मैं रहने वाले हिजड़ों का सम्मान करता हूँ, उनका भी सम्मान है हमारी नजरों में तुम बदतमीजी की भाषा बोलोगे तो मैं पूछता हूँ कि औवेसी क्या तुम हिजड़े की संतान हो हमारे वैज्ञानिकों ने जो मिसाइल तैयार की, उसे भारत की सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में तुम्हारे अब्बा के घर गिराकर बता दी जब मिसाइल इस्लामाबाद में गिरी तो वहां आतंकवादी और इस्लामिक कट्टरपंथी रो रहे थे और यहां तुम जैसे नए-नए जिन्ना रो रहे हैं, छाती पीट रहे हैं। मिसाइल चलती थी, मिसाइल चलती रहेगी। जहाँ-जहाँ आतंकवाद के कैंप रहेंगे, जहाँ-जहाँ भारत विरोधी कैंप रहेंगे, वहाँ भारत की मिसाइल तैयार है। मैं कल भी अपने बयान पर कायम था, आज भी हूँ। ओवैसी, तुम पूरा भाषण सुनो और तुम तो वकील हो, कोर्ट ले जाओ। *UCC पर बोले रामेश्वर शर्मा -* हर दल हिंदुओं की वोट लेना चाहता है तो फिर हिंदू कानून क्या बुरा है? हिंदू कानून क्या बुरा है? ये 5 बीवी, 25 बच्चे की फैक्ट्री बंद होगी। भारत के गृह मंत्री अमित शाह जी की घोषणा है, 2029 तक 21 प्रांतों में UCC लागू हो जाएगा। मध्य प्रदेश में लागू हो गया है। अब तुम छाती पीटो या इस्लामाबाद से अपने तार जोड़ो, UCC लागू होगा और बाबा साहेब अंबेडकर की भावना के अनुसार ही होगा।
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    विधायक रामेश्वर शर्मा ने औवेसी को दिया कड़ा जवाब,ओवैसी बैरिस्टर हो तो बदतमीज़ी की भाषा छोड़ दो

*विधायक रामेश्वर शर्मा ने औवेसी को दिया कड़ा जवाब*
*विधायक रामेश्वर शर्मा का औवेसी पर तीखा पलटवार*
रामेश्वर शर्मा बोले -
ओवैसी बैरिस्टर हो तो बदतमीज़ी की भाषा छोड़ दो।
मैं तो भारत मैं रहने वाले हिजड़ों का सम्मान करता हूँ, उनका भी सम्मान है हमारी नजरों में
तुम बदतमीजी की भाषा बोलोगे तो मैं पूछता हूँ कि औवेसी क्या तुम हिजड़े की संतान हो
हमारे वैज्ञानिकों ने जो मिसाइल तैयार की, उसे भारत की सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में तुम्हारे अब्बा के घर गिराकर बता दी
जब मिसाइल इस्लामाबाद में गिरी तो वहां आतंकवादी और इस्लामिक कट्टरपंथी रो रहे थे और यहां तुम जैसे नए-नए जिन्ना रो रहे हैं, छाती पीट रहे हैं। 
मिसाइल चलती थी, मिसाइल चलती रहेगी। जहाँ-जहाँ आतंकवाद के कैंप रहेंगे, जहाँ-जहाँ भारत विरोधी कैंप रहेंगे, वहाँ भारत की मिसाइल तैयार है। मैं कल भी अपने बयान पर कायम था, आज भी हूँ।
ओवैसी, तुम पूरा भाषण सुनो और तुम तो वकील हो, कोर्ट ले जाओ।
*UCC पर बोले रामेश्वर शर्मा -*
हर दल हिंदुओं की वोट लेना चाहता है तो फिर हिंदू कानून क्या बुरा है? हिंदू कानून क्या बुरा है? 
ये 5 बीवी, 25 बच्चे की फैक्ट्री बंद होगी। 
भारत के गृह मंत्री अमित शाह जी की घोषणा है, 2029 तक 21 प्रांतों में UCC लागू हो जाएगा। मध्य प्रदेश में लागू हो गया है। 
अब तुम छाती पीटो या इस्लामाबाद से अपने तार जोड़ो, UCC लागू होगा और बाबा साहेब अंबेडकर की भावना के अनुसार ही होगा।
    user_राहुल सतीश अग्रवाल
    राहुल सतीश अग्रवाल
    Local News Reporter हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • प्रेस विज्ञप्ति *MP का बासमती बेहतर फिर भी GI टैग से वंचित, दूसरे राज्यों के व्यापारी उठा रहे फायदा: दिग्विजय सिंह* *मध्य प्रदेश के बासमती चावल को तत्काल GI टैग देने की मांग, उदयपुरा में गैर-दलीय बासमती उत्पादक किसान संवाद में किसानों ने रखीं समस्याएं* दिनांक: 15 सितंबर, 2026 उदयपुरा, रायसेन। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह प्रदेश में उत्पादित बासमती चावल को GI टैग (Geographical Indication) दिए जाने की मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। पूर्व सीएम ने मंगलवार को रायसेन के उदयपुरा स्थित उदय पैलेस में गैर-दलीय पूसा बासमती धान उत्पादक किसानों से संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं सुझावों को सुना। साथ ही मध्य प्रदेश के बासमती चावल को GI टैग देने की मांग दोहराई। दिग्विजय सिंह ने इस दौरान कहा कि मध्य प्रदेश में हर साल करीब 27 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा बासमती चावल का उत्पादन होता है। यहां का बासमती चावल अन्य राज्यों से बेहतर किस्म का है। लेकिन GI टैग न मिलने के कारण पंजाब और अन्य राज्यों के व्यापारी मध्य प्रदेश के बासमती चावल में अपने राज्यों का GI टैग लगाकर निर्यात करने का लाभ कमा रहे हैं। इससे मध्य प्रदेश के किसान अपने हक से वंचित हो रहे हैं और उन्हें खुद के उगाए चावल का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। सिंह ने केंद्र सरकार पर मध्य प्रदेश के किसानों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा कि GI टैग के अभाव में प्रदेश के किसान अपने ही उगाए बासमती चावल का पूरा लाभ नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मध्य प्रदेश के बासमती चावल को तत्काल GI टैग देने की मांग की। सिंह ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2013 में तत्कालीन कृषि मंत्री शरद पवार से मुलाकात कर मध्य प्रदेश के बासमती चावल का GI टैग स्वीकृत करवाया था, लेकिन मोदी सरकार आने के बाद वर्ष 2016 में इसे निरस्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि आज देश के केंद्रीय कृषि मंत्री मध्य प्रदेश से हैं, इसके बावजूद प्रदेश को बासमती चावल के लिए GI टैग नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि मध्य प्रदेश को बासमती चावल का GI टैग मिल जाता है तो राज्य से करीब 40 फीसदी बासमती चावल का निर्यात किया जा सकता है। इससे प्रदेश के किसानों को अपनी उपज की बेहतर पहचान और उसका उचित लाभ मिल सकेगा। श्री सिंह ने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश जैसे राज्य के पास 77 GI टैग हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर एक ही दिन में 21 GI टैग दिए गए। वहीं मध्य प्रदेश को उसके बासमती चावल के लिए GI टैग से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिख चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह भी दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्रीय कृषि मंत्री मध्य प्रदेश से हैं, लेकिन उन्होंने प्रदेश के बासमती उत्पादक किसानों के हित में इस दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के बासमती चावल का बड़ा हिस्सा उसी क्षेत्र में उत्पादित होता है, जहां से केंद्रीय कृषि मंत्री चुनाव जीतकर आते हैं। किसान संवाद के दौरान रायसेन, नर्मदापुरम, सीहोर, नरसिंहपुर, मंदसौर सहित विभिन्न जिलों से आए बासमती धान उत्पादक किसानों ने अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। किसानों ने पूसा बासमती धान की पहचान, उत्पादन, उचित मूल्य और निर्यात से जुड़े विषयों पर चर्चा की तथा मध्य प्रदेश के बासमती चावल को GI टैग दिलाने की मांग को प्रमुखता से उठाया। किसान नेता केदार सिरोही, प्रतीक शर्मा (गाडरवारा), परमजीत सिंह, मुकेश शर्मा सहित अन्य किसान प्रतिनिधियों ने दिग्विजय सिंह के समक्ष अपने विचार और सुझाव रखे। संवाद का उद्देश्य बासमती उत्पादक किसानों की समस्याओं और उनके हितों से जुड़े मुद्दों को साझा मंच पर उठाना रहा। कार्यक्रम में पूर्व सांसद रामेश्वर नीखरा, सिलवानी विधायक देवेंद्र पटेल, पूर्व विधायक सुनीता पटेल, गाडरवारा के पूर्व विधायक भगवान सिंह राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में बासमती उत्पादक किसान उपस्थित रहे। प्रति, माननीय संपादक महोदय, सादर प्रकाशनार्थ। द्वारा समस्त बासमती उत्पादक किसान नर्मदांचल, मध्यप्रदेश
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    प्रेस विज्ञप्ति

*MP का बासमती बेहतर फिर भी GI टैग से वंचित, दूसरे राज्यों के व्यापारी उठा रहे फायदा: दिग्विजय सिंह*

*मध्य प्रदेश के बासमती चावल को तत्काल GI टैग देने की मांग, उदयपुरा में गैर-दलीय बासमती उत्पादक किसान संवाद में किसानों ने रखीं समस्याएं*

दिनांक: 15 सितंबर, 2026

उदयपुरा, रायसेन। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह प्रदेश में उत्पादित बासमती चावल को GI टैग (Geographical Indication) दिए जाने की मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। पूर्व सीएम ने मंगलवार को रायसेन के उदयपुरा स्थित उदय पैलेस में गैर-दलीय पूसा बासमती धान उत्पादक किसानों से संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं सुझावों को सुना। साथ ही मध्य प्रदेश के बासमती चावल को GI टैग देने की मांग दोहराई।

दिग्विजय सिंह ने इस दौरान कहा कि मध्य प्रदेश में हर साल करीब 27 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा बासमती चावल का उत्पादन होता है। यहां का बासमती चावल अन्य राज्यों से बेहतर किस्म का है। लेकिन GI टैग न मिलने के कारण पंजाब और अन्य राज्यों के व्यापारी मध्य प्रदेश के बासमती चावल में अपने राज्यों का GI टैग लगाकर निर्यात करने का लाभ कमा रहे हैं। इससे मध्य प्रदेश के किसान अपने हक से वंचित हो रहे हैं और उन्हें खुद के उगाए चावल का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।

सिंह ने केंद्र सरकार पर मध्य प्रदेश के किसानों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा कि GI टैग के अभाव में प्रदेश के किसान अपने ही उगाए बासमती चावल का पूरा लाभ नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मध्य प्रदेश के बासमती चावल को तत्काल GI टैग देने की मांग की।

सिंह ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2013 में तत्कालीन कृषि मंत्री शरद पवार से मुलाकात कर मध्य प्रदेश के बासमती चावल का GI टैग स्वीकृत करवाया था, लेकिन मोदी सरकार आने के बाद वर्ष 2016 में इसे निरस्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि आज देश के केंद्रीय कृषि मंत्री मध्य प्रदेश से हैं, इसके बावजूद प्रदेश को बासमती चावल के लिए GI टैग नहीं दिया गया।

उन्होंने कहा कि यदि मध्य प्रदेश को बासमती चावल का GI टैग मिल जाता है तो राज्य से करीब 40 फीसदी बासमती चावल का निर्यात किया जा सकता है। इससे प्रदेश के किसानों को अपनी उपज की बेहतर पहचान और उसका उचित लाभ मिल सकेगा।

श्री सिंह ने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश जैसे राज्य के पास 77 GI टैग हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर एक ही दिन में 21 GI टैग दिए गए। वहीं मध्य प्रदेश को उसके बासमती चावल के लिए GI टैग से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिख चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि यह भी दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्रीय कृषि मंत्री मध्य प्रदेश से हैं, लेकिन उन्होंने प्रदेश के बासमती उत्पादक किसानों के हित में इस दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के बासमती चावल का बड़ा हिस्सा उसी क्षेत्र में उत्पादित होता है, जहां से केंद्रीय कृषि मंत्री चुनाव जीतकर आते हैं।

किसान संवाद के दौरान रायसेन, नर्मदापुरम, सीहोर, नरसिंहपुर, मंदसौर सहित विभिन्न जिलों से आए बासमती धान उत्पादक किसानों ने अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। किसानों ने पूसा बासमती धान की पहचान, उत्पादन, उचित मूल्य और निर्यात से जुड़े विषयों पर चर्चा की तथा मध्य प्रदेश के बासमती चावल को GI टैग दिलाने की मांग को प्रमुखता से उठाया।

किसान नेता केदार सिरोही, प्रतीक शर्मा (गाडरवारा), परमजीत सिंह, मुकेश शर्मा सहित अन्य किसान प्रतिनिधियों ने दिग्विजय सिंह के समक्ष अपने विचार और सुझाव रखे। संवाद का उद्देश्य बासमती उत्पादक किसानों की समस्याओं और उनके हितों से जुड़े मुद्दों को साझा मंच पर उठाना रहा। कार्यक्रम में पूर्व सांसद रामेश्वर नीखरा, सिलवानी विधायक देवेंद्र पटेल, पूर्व विधायक सुनीता पटेल, गाडरवारा के पूर्व विधायक भगवान सिंह राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में बासमती उत्पादक किसान उपस्थित रहे।

प्रति,
माननीय संपादक महोदय,
सादर प्रकाशनार्थ।

द्वारा
समस्त बासमती उत्पादक किसान
नर्मदांचल, मध्यप्रदेश
    user_शाहिद खान रिपोर्टर
    शाहिद खान रिपोर्टर
    Journalist हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • डॉ कोमल शर्मा साईं कृति ने अपना जन्मदिवस गौ माताओं की सेवा करके मनाया
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    डॉ कोमल शर्मा साईं कृति ने अपना जन्मदिवस गौ माताओं की सेवा करके मनाया
    user_Pradesh Prasar
    Pradesh Prasar
    Media house हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • हमारी सरकार सदैव नवाचारी विचारों और कार्यों को आगे बढ़ाने में साथ है... प्रदेश में अब फ्लाई-ऐश आधारित सीमेंट से सड़कें बनाई जाएंगी। इसके लिए अभियंता दिवस पर आज भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग और CSIR-AMPRI के मध्य महत्वपूर्ण MoU हुआ। प्रदेश में बनने वाले सरकारी भवन अब ग्रीन बिल्डिंग टेक्नोलॉजी पर आधारित होंगे। सड़क निर्माण में आधुनिक तकनीक एवं रोड सेफ्टी के लिए विशेषज्ञों के सुझाव भी लिए जा रहे हैं। इस अवसर पर PWD के अभियंताओं को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार
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    हमारी सरकार सदैव नवाचारी विचारों और कार्यों को आगे बढ़ाने में साथ है... 

प्रदेश में अब फ्लाई-ऐश आधारित सीमेंट से सड़कें बनाई जाएंगी। इसके लिए अभियंता दिवस पर आज भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग और CSIR-AMPRI के मध्य महत्वपूर्ण MoU हुआ। 

प्रदेश में बनने वाले सरकारी भवन अब ग्रीन बिल्डिंग टेक्नोलॉजी पर आधारित होंगे। सड़क निर्माण में आधुनिक तकनीक एवं रोड सेफ्टी के लिए विशेषज्ञों के सुझाव भी लिए जा रहे हैं।  

इस अवसर पर PWD के अभियंताओं को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार
    user_भोपाल टुडे न्यूज़ मुंसिफ खान
    भोपाल टुडे न्यूज़ मुंसिफ खान
    Police Officer हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • भोपाल में UCC विरोध सभा के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के काजी कैंप और मिसाइल वाले बयान पर तीखा पलटवार किया। भोपाल में UCC विरोध सभा के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के काजी कैंप और मिसाइल वाले बयान पर तीखा पलटवार किया। ओवैसी ने मंच से रामेश्वर शर्मा को चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो काजी कैंप आकर मिसाइल लॉन्च करके दिखाएं। #AsaduddinOwaisi #Owaisi #UCC #Bhopal #RameshwarSharma #QaziCamp #MPNews #BhopalNews #ViralNews
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    भोपाल में UCC विरोध सभा के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के काजी कैंप और मिसाइल वाले बयान पर तीखा पलटवार किया।
भोपाल में UCC विरोध सभा के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के काजी कैंप और मिसाइल वाले बयान पर तीखा पलटवार किया। ओवैसी ने मंच से रामेश्वर शर्मा को चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो काजी कैंप आकर मिसाइल लॉन्च करके दिखाएं।
#AsaduddinOwaisi #Owaisi #UCC #Bhopal #RameshwarSharma #QaziCamp #MPNews #BhopalNews #ViralNews
    user_HIGH NEWS LIVE
    HIGH NEWS LIVE
    Media house हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सीहोर क़े गणेश मंदिर मे उमड़ा जन सैलाब बारिश भी आस्था को नही डिगा पाई। लोकेशन सीहोर हेमन्त त्रिपाठी सिद्धपुर गणेशोत्सव अपार श्रद्धा और अनोखी परंपरा, विक्रमादित्य कलीम मंदिर में लोगो की अटूट श्रद्धा सिद्धपुर (सीहोर) में प्रथम पूज्य भगवान गणेश के 10 दिवसीय गणेश उत्सव का भव्य शुभारंभ हो चुका है। भारी बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं डिगा सकी और मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। विक्रमादित्य कालीन इस अति प्राचीन मंदिर में इस खास अवसर पर भगवान गणेश का आकर्षक रजत (चांदी) श्रृंगार किया गया है। श्रद्धालुओं की गहरी आस्था के इस केंद्र में मंदिर की दीवार पर उल्टा स्वास्तिक बनाकर मनोकामना मांगने की अनोखी परंपरा है, जहाँ हर भक्त अपनी मन्नत लेकर पहुँचता है।
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    सीहोर क़े गणेश मंदिर मे उमड़ा जन सैलाब बारिश भी आस्था को नही डिगा पाई।
लोकेशन सीहोर 
हेमन्त त्रिपाठी 
सिद्धपुर गणेशोत्सव अपार श्रद्धा और अनोखी परंपरा, विक्रमादित्य कलीम मंदिर में लोगो की अटूट श्रद्धा 
सिद्धपुर (सीहोर) में प्रथम पूज्य भगवान गणेश के 10 दिवसीय गणेश उत्सव का भव्य शुभारंभ हो चुका है। भारी बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं डिगा सकी और मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है।
विक्रमादित्य कालीन इस अति प्राचीन मंदिर में इस खास अवसर पर भगवान गणेश का आकर्षक रजत (चांदी) श्रृंगार किया गया है। श्रद्धालुओं की गहरी आस्था के इस केंद्र में मंदिर की दीवार पर उल्टा स्वास्तिक बनाकर मनोकामना मांगने की अनोखी परंपरा है, जहाँ हर भक्त अपनी मन्नत लेकर पहुँचता है।
    user_Tripathi
    Tripathi
    News Anchor सीहोर नगर, सीहोर, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
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