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UGC कानून के खिलाफ महिपाल सिंह मकराना जी के नेतृत्व में निकाली जा रही 600 किलोमीटर की ऐतिहासिक न्याय यात्रा आज शाम रतनगढ़ पहुंचेगी। इस यात्रा के तहत आज रात 8 बजे रतनगढ़ में एक विशाल मशाल जुलूस का आयोजन किया जाएगा। इस मशाल जुलूस को लेकर सभी युवा साथियों, छात्र शक्ति, अभिभावकों और आम जनता से हाथ जोड़कर अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इसमें शामिल होकर छात्र हितों की इस लड़ाई को मजबूती दें। इस आंदोलन के जरिए शिक्षा बचाने और 'UGC कानून वापस लो' की मांग बुलंद की जा रही है। इस कार्यक्रम से एपेक्स वेलफेयर सोसाइटी, कम्मो काको चुरु, विश्वनाथ शर्मा, रजत शर्मा और बीजेवाईएम भी जुड़े हुए हैं।

12 hrs ago
user_Bhajan lal sharma
Bhajan lal sharma
Farmer चूरू, चूरू, राजस्थान•
12 hrs ago

UGC कानून के खिलाफ महिपाल सिंह मकराना जी के नेतृत्व में निकाली जा रही 600 किलोमीटर की ऐतिहासिक न्याय यात्रा आज शाम रतनगढ़ पहुंचेगी। इस यात्रा के तहत आज रात 8 बजे रतनगढ़ में एक विशाल मशाल जुलूस का आयोजन किया जाएगा। इस मशाल जुलूस को लेकर सभी युवा साथियों, छात्र शक्ति, अभिभावकों और आम जनता से हाथ जोड़कर अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इसमें शामिल होकर छात्र हितों की इस लड़ाई को मजबूती दें। इस आंदोलन के जरिए शिक्षा बचाने और 'UGC कानून वापस लो' की मांग बुलंद की जा रही है। इस कार्यक्रम से एपेक्स वेलफेयर सोसाइटी, कम्मो काको चुरु, विश्वनाथ शर्मा, रजत शर्मा और बीजेवाईएम भी जुड़े हुए हैं।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • राजस्थान में सत्ता के अहंकार और लचर स्वास्थ्य व्यवस्था का एक बेहद असंवेदनशील और झकझोर देने वाला चेहरा सामने आया है। पिछले दो महीनों में प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में 18 से अधिक गर्भवती महिलाओं की जान जा चुकी है। एक ओर जहाँ इन पीड़ित महिलाओं के परिवारों में मातम पसरा हुआ है, वहीं दूसरी ओर जब प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर से इस दर्दनाक घटना पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बेशर्मी से ठहाके लगाए और जवाबदेही से भागने की शर्मनाक कोशिश करते हुए "मिलते हैं ब्रेक के बाद..!!" कहकर चलते बने। सरकारी अस्पतालों में जच्चा-बच्चा की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन 18 गर्भवती महिलाओं की मौत कोई सामान्य आँकड़ा नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की एक बहुत बड़ी विफलता है। ऐसे में प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री द्वारा इस गंभीर मुद्दे को मजाक में उड़ा देना लोकतंत्र और मानवता, दोनों का खुला अपमान है। इस असंवेदनशील व्यवहार के बाद अब कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि क्या सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले आम और गरीब लोगों की जान की कोई कीमत नहीं है? क्या सत्ता के नशे में बैठे मंत्री इतने बेपरवाह हो गए हैं कि उन्हें मौतों के आँकड़ों पर भी हंसी आती है और आखिर इन अस्पतालों में हो रही मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा? स्वास्थ्य मंत्री के इस गैर-जिम्मेदाराना और बेतुके बयान के बाद सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक आम जनता में भारी रोष फैला हुआ है। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की इस बदहाली और जवाबदेही से बचने की कोशिश के खिलाफ जमीनी स्तर पर और अधिक मुखर होकर आवाज उठाना बेहद जरूरी हो गया है, क्योंकि जब तक ऐसी संवेदनहीनता के खिलाफ कड़े सवाल नहीं किए जाएंगे, तब तक इस सोए हुए सिस्टम की नींद नहीं टूटेगी।
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    राजस्थान में सत्ता के अहंकार और लचर स्वास्थ्य व्यवस्था का एक बेहद असंवेदनशील और झकझोर देने वाला चेहरा सामने आया है। पिछले दो महीनों में प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में 18 से अधिक गर्भवती महिलाओं की जान जा चुकी है। एक ओर जहाँ इन पीड़ित महिलाओं के परिवारों में मातम पसरा हुआ है, वहीं दूसरी ओर जब प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर से इस दर्दनाक घटना पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बेशर्मी से ठहाके लगाए और जवाबदेही से भागने की शर्मनाक कोशिश करते हुए "मिलते हैं ब्रेक के बाद..!!" कहकर चलते बने।

सरकारी अस्पतालों में जच्चा-बच्चा की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन 18 गर्भवती महिलाओं की मौत कोई सामान्य आँकड़ा नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की एक बहुत बड़ी विफलता है। ऐसे में प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री द्वारा इस गंभीर मुद्दे को मजाक में उड़ा देना लोकतंत्र और मानवता, दोनों का खुला अपमान है। इस असंवेदनशील व्यवहार के बाद अब कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि क्या सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले आम और गरीब लोगों की जान की कोई कीमत नहीं है? क्या सत्ता के नशे में बैठे मंत्री इतने बेपरवाह हो गए हैं कि उन्हें मौतों के आँकड़ों पर भी हंसी आती है और आखिर इन अस्पतालों में हो रही मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा?

स्वास्थ्य मंत्री के इस गैर-जिम्मेदाराना और बेतुके बयान के बाद सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक आम जनता में भारी रोष फैला हुआ है। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की इस बदहाली और जवाबदेही से बचने की कोशिश के खिलाफ जमीनी स्तर पर और अधिक मुखर होकर आवाज उठाना बेहद जरूरी हो गया है, क्योंकि जब तक ऐसी संवेदनहीनता के खिलाफ कड़े सवाल नहीं किए जाएंगे, तब तक इस सोए हुए सिस्टम की नींद नहीं टूटेगी।
    user_कुमार राजेश चौधरी
    कुमार राजेश चौधरी
    Voice of people चूरू, चूरू, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • UGC कानून के खिलाफ महिपाल सिंह मकराना जी के नेतृत्व में निकाली जा रही 600 किलोमीटर की ऐतिहासिक न्याय यात्रा आज शाम रतनगढ़ पहुंचेगी। इस यात्रा के तहत आज रात 8 बजे रतनगढ़ में एक विशाल मशाल जुलूस का आयोजन किया जाएगा। इस मशाल जुलूस को लेकर सभी युवा साथियों, छात्र शक्ति, अभिभावकों और आम जनता से हाथ जोड़कर अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इसमें शामिल होकर छात्र हितों की इस लड़ाई को मजबूती दें। इस आंदोलन के जरिए शिक्षा बचाने और 'UGC कानून वापस लो' की मांग बुलंद की जा रही है। इस कार्यक्रम से एपेक्स वेलफेयर सोसाइटी, कम्मो काको चुरु, विश्वनाथ शर्मा, रजत शर्मा और बीजेवाईएम भी जुड़े हुए हैं।
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    UGC कानून के खिलाफ महिपाल सिंह मकराना जी के नेतृत्व में निकाली जा रही 600 किलोमीटर की ऐतिहासिक न्याय यात्रा आज शाम रतनगढ़ पहुंचेगी। इस यात्रा के तहत आज रात 8 बजे रतनगढ़ में एक विशाल मशाल जुलूस का आयोजन किया जाएगा। 

इस मशाल जुलूस को लेकर सभी युवा साथियों, छात्र शक्ति, अभिभावकों और आम जनता से हाथ जोड़कर अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इसमें शामिल होकर छात्र हितों की इस लड़ाई को मजबूती दें। इस आंदोलन के जरिए शिक्षा बचाने और 'UGC कानून वापस लो' की मांग बुलंद की जा रही है। इस कार्यक्रम से एपेक्स वेलफेयर सोसाइटी, कम्मो काको चुरु, विश्वनाथ शर्मा, रजत शर्मा और बीजेवाईएम भी जुड़े हुए हैं।
    user_Bhajan lal sharma
    Bhajan lal sharma
    Farmer चूरू, चूरू, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश मंत्री सीताराम लुगरिया ने अपना 58वां जन्मदिन पाश्चात्य संस्कृति का अनुसरण करने के बजाय जनसेवा और सामाजिक सरोकारों के कार्यों के साथ मनाया। चूरू जिले में आयोजित इस जनहितकारी कार्यक्रम के तहत सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए कुल 251 हेलमेट का निःशुल्क वितरण किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम. और भाजपा जिलाध्यक्ष बसंत शर्मा की उपस्थिति में चूरू जिला पुलिस को 51 हेलमेट सौंपे गए, जबकि शहर के विभिन्न मार्गों पर 200 से अधिक राहगीरों को हेलमेट पहनाकर सुरक्षित वाहन चलाने का संदेश दिया गया। जन्मदिन के इस विशेष अवसर पर भरतिया अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं और कार्यकर्ताओं के उत्साहपूर्वक भाग लेने से 82 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ। इसके साथ ही, विजेंद्र वाल्मीकि, पवन चांवरिया और अशोक पंवार के सहयोग से देपालसर रोड स्थित मधुर स्पेशल दिव्यांग स्कूल में केक काटकर बच्चों के साथ खुशियां साझा की गईं। इस अवसर पर सीताराम लुगरिया ने संस्थान को ₹5,100 की आर्थिक सहायता प्रदान की और बच्चों को अल्पाहार वितरित किया। वहीं, भाजपा नेता सुरेश सैन बूंटिया के नेतृत्व में डाबला रोड स्थित गोरखनाथ गौशाला में गोवंश को हरी सब्जियां और फल खिलाकर गौसेवा भी की गई। संत कबीर शिक्षा समिति और भाईचारा ग्रुप के सहयोग से आयोजित इस पूरे कार्यक्रम के अंत में सीताराम लुगरिया ने सभी सहयोगियों का आभार जताते हुए लोगों से अपने विशेष दिनों को मानवता के कार्यों में समर्पित करने का आह्वान किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष महेन्द्र बावलिया, सचिव गुरु धानका, सुरेश नाई बूंटिया, पार्षद विश्वनाथ जांगिड़, मंडल अध्यक्ष सुरेश सारस्वत, सत्यवीर नीनानिया, रामस्वरूप मेघवाल, हरिराम चौपड़ा, भंवर गुर्जर, गोविंद इंदौरा और अनीश लुगरिया सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने उनके दीर्घायु जीवन की कामना की।
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    भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश मंत्री सीताराम लुगरिया ने अपना 58वां जन्मदिन पाश्चात्य संस्कृति का अनुसरण करने के बजाय जनसेवा और सामाजिक सरोकारों के कार्यों के साथ मनाया। चूरू जिले में आयोजित इस जनहितकारी कार्यक्रम के तहत सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए कुल 251 हेलमेट का निःशुल्क वितरण किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम. और भाजपा जिलाध्यक्ष बसंत शर्मा की उपस्थिति में चूरू जिला पुलिस को 51 हेलमेट सौंपे गए, जबकि शहर के विभिन्न मार्गों पर 200 से अधिक राहगीरों को हेलमेट पहनाकर सुरक्षित वाहन चलाने का संदेश दिया गया।

जन्मदिन के इस विशेष अवसर पर भरतिया अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं और कार्यकर्ताओं के उत्साहपूर्वक भाग लेने से 82 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ। इसके साथ ही, विजेंद्र वाल्मीकि, पवन चांवरिया और अशोक पंवार के सहयोग से देपालसर रोड स्थित मधुर स्पेशल दिव्यांग स्कूल में केक काटकर बच्चों के साथ खुशियां साझा की गईं। इस अवसर पर सीताराम लुगरिया ने संस्थान को ₹5,100 की आर्थिक सहायता प्रदान की और बच्चों को अल्पाहार वितरित किया। वहीं, भाजपा नेता सुरेश सैन बूंटिया के नेतृत्व में डाबला रोड स्थित गोरखनाथ गौशाला में गोवंश को हरी सब्जियां और फल खिलाकर गौसेवा भी की गई।

संत कबीर शिक्षा समिति और भाईचारा ग्रुप के सहयोग से आयोजित इस पूरे कार्यक्रम के अंत में सीताराम लुगरिया ने सभी सहयोगियों का आभार जताते हुए लोगों से अपने विशेष दिनों को मानवता के कार्यों में समर्पित करने का आह्वान किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष महेन्द्र बावलिया, सचिव गुरु धानका, सुरेश नाई बूंटिया, पार्षद विश्वनाथ जांगिड़, मंडल अध्यक्ष सुरेश सारस्वत, सत्यवीर नीनानिया, रामस्वरूप मेघवाल, हरिराम चौपड़ा, भंवर गुर्जर, गोविंद इंदौरा और अनीश लुगरिया सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने उनके दीर्घायु जीवन की कामना की।
    user_Interviewer India
    Interviewer India
    पत्रकार चूरू, चूरू, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • झुंझुनू जिले के एक गांव के बेहद खराब हालातों पर तीखा कटाक्ष किया गया है। वायरल दावे में सीधे तौर पर कहा गया है कि अगर किसी को जीते जी नर्क का अहसास करना है, तो उसे झुंझुनू जिले के इस गांव में कुछ समय के लिए रहकर देखना चाहिए। गांव की बदहाली को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश है और इसे सीधे नर्क के समान बताया गया है।
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    झुंझुनू जिले के एक गांव के बेहद खराब हालातों पर तीखा कटाक्ष किया गया है। वायरल दावे में सीधे तौर पर कहा गया है कि अगर किसी को जीते जी नर्क का अहसास करना है, तो उसे झुंझुनू जिले के इस गांव में कुछ समय के लिए रहकर देखना चाहिए। गांव की बदहाली को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश है और इसे सीधे नर्क के समान बताया गया है।
    user_PGS INDIA NEWS
    PGS INDIA NEWS
    Court reporter झुंझुनू, झुंझुनू, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • राजस्थान के झुंझुनूं जिले के बुड़ाना गांव में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक व्याख्याता के खिलाफ छात्राओं के नाम से कथित झूठी शिकायत किए जाने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का आक्रोश इस बात को लेकर था कि विद्यालय की गरिमा और छात्राओं के नाम का गलत इस्तेमाल किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी के विरोध में बुधवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीणों और महिलाओं ने स्कूल के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन करते हुए ताला जड़ दिया और शिक्षकों व विद्यार्थियों के प्रवेश को पूरी तरह रोक दिया। घटना की सूचना मिलते ही मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार शर्मा, सीबीईओ रामकिशन यादव और बगड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच लगभग चार घंटे तक कई दौर की बातचीत हुई। शुरुआती बातचीत बेनतीजा रहने के बाद, आखिरकार दोनों पक्षों में कुछ मांगों पर सहमति बनी और पुलिस की मौजूदगी में स्कूल का ताला खुलवाया जा सका। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार शर्मा ने आश्वासन दिया है कि ग्रामीणों की सभी मांगों व आपत्तियों को दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजकर जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं सीबीईओ रामकिशन यादव ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और शिक्षा व्यवस्था को बाधित न करने की अपील की है। अब सभी को जांच के बाद होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई और मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार है।
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    राजस्थान के झुंझुनूं जिले के बुड़ाना गांव में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक व्याख्याता के खिलाफ छात्राओं के नाम से कथित झूठी शिकायत किए जाने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का आक्रोश इस बात को लेकर था कि विद्यालय की गरिमा और छात्राओं के नाम का गलत इस्तेमाल किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी के विरोध में बुधवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीणों और महिलाओं ने स्कूल के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन करते हुए ताला जड़ दिया और शिक्षकों व विद्यार्थियों के प्रवेश को पूरी तरह रोक दिया।

घटना की सूचना मिलते ही मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार शर्मा, सीबीईओ रामकिशन यादव और बगड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच लगभग चार घंटे तक कई दौर की बातचीत हुई। शुरुआती बातचीत बेनतीजा रहने के बाद, आखिरकार दोनों पक्षों में कुछ मांगों पर सहमति बनी और पुलिस की मौजूदगी में स्कूल का ताला खुलवाया जा सका।

मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार शर्मा ने आश्वासन दिया है कि ग्रामीणों की सभी मांगों व आपत्तियों को दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजकर जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं सीबीईओ रामकिशन यादव ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और शिक्षा व्यवस्था को बाधित न करने की अपील की है। अब सभी को जांच के बाद होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई और मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार है।
    user_BAGAR NEWS RAJASTHAN
    BAGAR NEWS RAJASTHAN
    Media company झुंझुनू, झुंझुनू, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • उज्जैन में आयोजित मध्यप्रदेश शासन की संभाग स्तरीय क्षमता-वर्धन प्रशिक्षण कार्यशाला में राजस्थान सरकार के प्रदेश स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर और स्वच्छता विशेषज्ञ के.के. गुप्ता ने हिस्सा लिया। उन्होंने कार्यशाला में जोर देकर कहा कि केवल सफाई अभियान चलाने से शहर स्वच्छ नहीं होंगे। शहरों को वास्तविक रूप से कचरा मुक्त बनाने के लिए नागरिकों के व्यवहार में बदलाव, नियमों की सख्त पालना और सिंगल यूज प्लास्टिक पर कठोर कार्रवाई करना आवश्यक है। इस कार्यशाला में सुप्रीम कोर्ट के स्वच्छता संबंधी निर्देशों और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की गई, जिसमें मध्यप्रदेश के विभिन्न नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्वच्छता प्रभारियों ने भाग लिया। के.के. गुप्ता ने इंदौर और डूंगरपुर का उदाहरण देते हुए समझाया कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति, जनसहभागिता और लगातार निगरानी से सीमित संसाधनों में भी बेहतरीन स्वच्छता व्यवस्था खड़ी की जा सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2014 में शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वच्छता सबसे महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने नगर निकायों को सुझाव दिया कि प्रत्येक घर से सुबह 10 बजे तक गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग संग्रहण सुनिश्चित किया जाए, व्यावसायिक क्षेत्रों में रात के समय नियमित सफाई हो और सार्वजनिक शौचालयों की दिन में कम से कम तीन बार सफाई की जाए। प्लास्टिक प्रदूषण पर गहरी चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि केवल उपभोक्ताओं पर कार्रवाई काफी नहीं है, बल्कि प्लास्टिक थैलियों का निर्माण, भंडारण और अवैध व्यापार करने वाले निर्माताओं पर भी कड़ा प्रहार होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने खाली भूखंडों के स्वामियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और आवश्यकता पड़ने पर भूखंड सीज करने का सुझाव दिया। कार्यशाला में रतलाम नगर निगम के महापौर ने भी प्लास्टिक कंपनियों पर प्रभावी नियंत्रण की बात कही। इस पूरे आयोजन में फीडबैक फाउंडेशन ने प्रमुख भूमिका निभाई।
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    उज्जैन में आयोजित मध्यप्रदेश शासन की संभाग स्तरीय क्षमता-वर्धन प्रशिक्षण कार्यशाला में राजस्थान सरकार के प्रदेश स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर और स्वच्छता विशेषज्ञ के.के. गुप्ता ने हिस्सा लिया। उन्होंने कार्यशाला में जोर देकर कहा कि केवल सफाई अभियान चलाने से शहर स्वच्छ नहीं होंगे। शहरों को वास्तविक रूप से कचरा मुक्त बनाने के लिए नागरिकों के व्यवहार में बदलाव, नियमों की सख्त पालना और सिंगल यूज प्लास्टिक पर कठोर कार्रवाई करना आवश्यक है। इस कार्यशाला में सुप्रीम कोर्ट के स्वच्छता संबंधी निर्देशों और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की गई, जिसमें मध्यप्रदेश के विभिन्न नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्वच्छता प्रभारियों ने भाग लिया।

के.के. गुप्ता ने इंदौर और डूंगरपुर का उदाहरण देते हुए समझाया कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति, जनसहभागिता और लगातार निगरानी से सीमित संसाधनों में भी बेहतरीन स्वच्छता व्यवस्था खड़ी की जा सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2014 में शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वच्छता सबसे महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने नगर निकायों को सुझाव दिया कि प्रत्येक घर से सुबह 10 बजे तक गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग संग्रहण सुनिश्चित किया जाए, व्यावसायिक क्षेत्रों में रात के समय नियमित सफाई हो और सार्वजनिक शौचालयों की दिन में कम से कम तीन बार सफाई की जाए।

प्लास्टिक प्रदूषण पर गहरी चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि केवल उपभोक्ताओं पर कार्रवाई काफी नहीं है, बल्कि प्लास्टिक थैलियों का निर्माण, भंडारण और अवैध व्यापार करने वाले निर्माताओं पर भी कड़ा प्रहार होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने खाली भूखंडों के स्वामियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और आवश्यकता पड़ने पर भूखंड सीज करने का सुझाव दिया। कार्यशाला में रतलाम नगर निगम के महापौर ने भी प्लास्टिक कंपनियों पर प्रभावी नियंत्रण की बात कही। इस पूरे आयोजन में फीडबैक फाउंडेशन ने प्रमुख भूमिका निभाई।
    user_Jjn good news ( Rakesh Agrawal
    Jjn good news ( Rakesh Agrawal
    Newsagent झुंझुनू, झुंझुनू, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • सीकर के वार्ड नंबर न्यू 07 में दीन मोहम्मद रोड पर पिछले 5 दिनों से कचरा पड़ा हुआ है। पांच दिन बीत जाने के बाद भी इस कचरे को वहां से साफ नहीं किया गया है और यह इसी तरह मार्ग पर जमा है।
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    सीकर के वार्ड नंबर न्यू 07 में दीन मोहम्मद रोड पर पिछले 5 दिनों से कचरा पड़ा हुआ है। पांच दिन बीत जाने के बाद भी इस कचरे को वहां से साफ नहीं किया गया है और यह इसी तरह मार्ग पर जमा है।
    user_Akshay Dhikiya
    Akshay Dhikiya
    सीकर ग्रामीण, सीकर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • भारत ने स्वच्छ और आधुनिक रेल परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक छलांग लगाते हुए देश की पहली पूरी तरह से स्वदेशी हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन तैयार कर ली है। यह अत्याधुनिक ट्रेन हरियाणा के जींद-सोनीपत रेलखंड पर संचालित की जाएगी, जो हरित परिवहन की दिशा में भारतीय रेलवे के लिए एक मील का पत्थर है। यह 10 डिब्बों वाली एक आधुनिक ट्रेन है, जिसकी अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। इसे 1200 किलोवाट की क्षमता वाली उन्नत 'हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रणाली' से संचालित किया जाएगा। पर्यावरण के अनुकूल यह ट्रेन पारंपरिक डीजल या कोयला इंजनों के विपरीत केवल जलवाष्प यानी पानी की भाप उत्सर्जित करेगी, जिससे वायु प्रदूषण बिल्कुल नहीं होगा। इस पूरी परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका पूरी तरह स्वदेशी होना है। 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को मजबूती देने के लिए ट्रेन को ईंधन की आपूर्ति करने हेतु जींद में ही विशेष हाइड्रोजन भंडारण और रीफ्यूलिंग की सुविधा तैयार की गई है। इस अभूतपूर्व तकनीकी उपलब्धि के साथ भारत अब जर्मनी, जापान, चीन और अमेरिका जैसे दुनिया के उन चुनिंदा और गिने-चुने देशों के क्लब में शामिल हो गया है, जो सस्टेनेबल रेल परिवहन के लिए हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं। यह प्रोजेक्ट जीवाश्म ईंधन पर देश की निर्भरता को कम करने के साथ ही आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण देने के संकल्प को सच साबित करेगा।
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    भारत ने स्वच्छ और आधुनिक रेल परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक छलांग लगाते हुए देश की पहली पूरी तरह से स्वदेशी हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन तैयार कर ली है। यह अत्याधुनिक ट्रेन हरियाणा के जींद-सोनीपत रेलखंड पर संचालित की जाएगी, जो हरित परिवहन की दिशा में भारतीय रेलवे के लिए एक मील का पत्थर है।

यह 10 डिब्बों वाली एक आधुनिक ट्रेन है, जिसकी अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। इसे 1200 किलोवाट की क्षमता वाली उन्नत 'हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रणाली' से संचालित किया जाएगा। पर्यावरण के अनुकूल यह ट्रेन पारंपरिक डीजल या कोयला इंजनों के विपरीत केवल जलवाष्प यानी पानी की भाप उत्सर्जित करेगी, जिससे वायु प्रदूषण बिल्कुल नहीं होगा। इस पूरी परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका पूरी तरह स्वदेशी होना है। 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को मजबूती देने के लिए ट्रेन को ईंधन की आपूर्ति करने हेतु जींद में ही विशेष हाइड्रोजन भंडारण और रीफ्यूलिंग की सुविधा तैयार की गई है।

इस अभूतपूर्व तकनीकी उपलब्धि के साथ भारत अब जर्मनी, जापान, चीन और अमेरिका जैसे दुनिया के उन चुनिंदा और गिने-चुने देशों के क्लब में शामिल हो गया है, जो सस्टेनेबल रेल परिवहन के लिए हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं। यह प्रोजेक्ट जीवाश्म ईंधन पर देश की निर्भरता को कम करने के साथ ही आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण देने के संकल्प को सच साबित करेगा।
    user_कुमार राजेश चौधरी
    कुमार राजेश चौधरी
    Voice of people चूरू, चूरू, राजस्थान•
    9 hrs ago
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