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Bapulal Ahari
More news from राजस्थान and nearby areas
- Post by Bapulal Ahari1
- डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा नगर पालिका में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष आशीष गांधी और पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष के पुत्र इरफान शेख के बीच विवाद बढ़ गया, जानकारी के अनुसार मामूली कहासुनी के चलते मामला इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई, बताया जा रहा है कि आशीष गांधी कार्यकाल समाप्त होने के बाद नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सोहील शेख के कार्यालय में मौजूद थे, इसी दौरान ठेकेदारी से जुड़े भुगतान के सिलसिले में इरफान शेख वहां पहुंचे थे, जहां बातचीत के दौरान विवाद हो गया और देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई, घटना के बाद इरफान शेख के गले पर हाथापाई के निशान और टी-शर्ट फटी हुई हालत में वे पुलिस थाना सागवाड़ा पहुंचे और कार्रवाई की मांग की, वहीं विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार आशीष गांधी ने भी इस मामले में थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है, फिलहाल मामला पुलिस के संज्ञान में है और सागवाड़ा क्षेत्र में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।1
- राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने आज राज्यसभा में “धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान” पर अपनी बात रखते हुए देश के जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी अभियान की शुरुआत देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2 अक्टूबर 2024 को झारखंड के हजारीबाग से की गई थी। उन्होंने बताया कि लगभग 79 हजार 156 करोड़ रुपये के परिव्यय वाले इस अभियान के तहत देश के 30 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 549 जिलों के 63 हजार से अधिक जनजाति बहुल गांवों को शामिल किया गया है, जिससे करीब 5 करोड़ जनजातीय नागरिकों के समग्र विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सांसद श्री गरासिया ने कहा कि 17 मंत्रालयों के समन्वित प्रयासों से 25 योजनाओं के माध्यम से सामाजिक अवसंरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आजीविका के क्षेत्र में सुधार का प्रयास सराहनीय है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा 40 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के उद्घाटन एवं 25 नए विद्यालयों के शिलान्यास सहित “पीएम जन मन” योजना के अंतर्गत सड़कों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं छात्रावासों जैसी परियोजनाओं के शुभारंभ को जनजातीय विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। उन्होंने विशेष रूप से राजस्थान के जनजाति बहुल क्षेत्रों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि राज्य के दक्षिणी जिलों—बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, सलूम्बर एवं प्रतापगढ़—में निवासरत जनजातीय समुदायों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क संपर्क, पेयजल एवं रोजगार के बेहतर अवसरों की अत्यंत आवश्यकता है। सांसद श्री गरासिया ने सरकार से आग्रह किया कि “धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान” के अंतर्गत राजस्थान के इन जनजाति बहुल क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाए तथा अधिक से अधिक विकास परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान कर उनके त्वरित एवं प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे राज्य के जनजातीय समाज को इस महत्वाकांक्षी योजना का पूर्ण लाभ प्राप्त होगा और उनके जीवन स्तर में व्यापक सुधार आएगा।1
- Post by Pavan kumar Pargi1
- 2 अप्रैल 2018, वो दिन था खून का, बाज़ी लगाकर 13 बेटों ने लिख दी नयी किताब। संविधान बचाने को निकले थे नंगे पाँव, मौत ने भी सलाम किया, जो शहीद हुए थे गाँव-गाँव। 2 अप्रैल 2018 को एससी एसटी एक्ट को बहाली हेतु अपने प्राण न्योछावर करने वाले इन वीर सपूतों को भावपूर्ण श्रांजलि सत् सत् नमन।1
- खोडनिया रहे चौरासी विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर रहे इस दौरान शोकाकुल कांग्रेस परिवारो से मिलकर संवेदना व्यक्त की, कांग्रेस नेता पूर्व जिला अध्यक्ष एआईसीसी सदस्य पूर्व राज्य मंत्री खोड़निया ने पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मनोहरसिंह जी के स्वर्गीय पिता श्री, एवं शांतिलाल जी पाटीदार की धर्मपत्नी स्वर्गीय श्रीमती मातोश्री और नागेन्द्र सिंह पीठ के स्वर्गीय पिता श्री के निधन पर aicc सदस्य दिनेश जी खोड़निया पार्टी प्रत्याशी कैलाश जी रोत, आसपुर प्रत्याशी राकेश जी रोत, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र जी, ब्लॉक अध्यक्ष गजेंद्र सिंह जी सागवाड़ा ,अध्यक्ष धीरज जी मेहता गलियाकोट, लोकेश जी पाटीदार ,नगर अध्यक्ष ललित जी पांचाल, पूर्व सेवादल अध्यक्ष गौतम जी पंड्या, जिला परिषद सदस्य हरीश अहारी, मंडल अध्यक्ष सुरेश दादा , प्रदेश पदाधिकारी अजीत सिंह,चोरासी से वरिष्ठ नेता कारीलाल जी सालेडा, समाज सेवी दिनेश चंद्र अहारी, प्रीतम ननोमा , संजय रोत , नरेश डोडियार रोहित पाटीदार, पुष्पेंद्र सिंह जी हितेश जी सिंगाड़ा मनोज जी पाटीदार सालमपुरा अंकित जी दर्जी गैंजि पिंटू जी कटारा वैंजा ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर संवेदना प्रकट की।4
- डूंगरपुर जिले के आसपुर थाना क्षेत्र के गोल गांव में बुधवार दोपहर 3 बजे एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां निर्माणाधीन भवन की छत गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि ठेकेदार गंभीर रूप से घायल हो गया।आसपुर थाना क्षेत्र के गोल गांव में निर्माणाधीन भवन की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय नीचे काम कर रहे मजदूर और ठेकेदार मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही आसपुर पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू करते हुए दोनों को मलबे से बाहर निकाला। घायलों को तुरंत आसपुर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मजदूर लक्ष्मण को मृत घोषित कर दिया। शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। वहीं हादसे में गंभीर रूप से घायल ठेकेदार सूरजमल पुत्र टीकम मीणा निवासी विजयमाता खेड़ा को प्राथमिक उपचार के बाद डूंगरपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है। वीडियो निर्माणाधीन भवन गिरी छत व घायल ठेकेदार का अस्पताल चलता इलाज1
- लोडेश्वर बांध क्षेत्र में ठेकेदारों पर ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप, कार्रवाई की मांग डूंगरपुर जिले के ओबरी थाना क्षेत्र अंतर्गत लोडेश्वर बांध इलाके में मछली ठेकेदारों के खिलाफ ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मटूवेट निवासी लक्ष्मण मीणा और कालू मीणा सहित कई ग्रामीणों ने शिकायत प्रस्तुत कर बताया कि डूंगरपुर निवासी तोसिन पठान और दिल्ली निवासी परवेश पठान, जो मत्स्य विभाग के तहत लोडेश्वर बांध पर ठेकेदार के रूप में कार्यरत हैं, क्षेत्र में भय और आतंक का माहौल बना रहे हैं। शिकायत के अनुसार लोडेश्वर, रंगथोर, गड़ा वेजणिया, बरबोदनिया, छः महूड़ी, मटूवेट और रातड़िया गांवों के किसान अपनी खातेदारी भूमि पर खेती करते हैं और फसल की देखरेख के लिए नियमित रूप से आते-जाते रहते हैं। इस दौरान आरोप है कि दोनों ठेकेदार ग्रामीणों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं, अश्लील गालियां देते हैं और महिलाओं के साथ भी दुर्व्यवहार करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार उन्हें बांध के पास आने से रोकते हैं और जान से मारने की धमकियां तक देते हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि ठेकेदार पत्थरबाजी करते हैं और कहते हैं कि उन्होंने पुलिस को “खरीद लिया है”, जिससे ग्रामीणों में भारी भय का माहौल है। इस कारण किसान अपनी ही जमीन पर जाने से डर रहे हैं और खेती कार्य प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें तत्काल हटाकर किसी अन्य ठेकेदार को नियुक्त किया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो सभी प्रभावित गांवों के लोग मिलकर बड़ा जन आंदोलन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। फिलहाल इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।1