बिना परमिट छह सागौन के पेड़ काटकर उठा ले गए लकड़ी माफिया,जांच मे जुटा वन विभाग विशुनपुरा विकासखंड के ग्राम सभा खजुरिया में नाहर छपरा माइनर के समीप एक खेत से लकड़ी माफियाओं द्वारा बिना परमिट छह सागौन के पेड़ काटकर रात के अंधेरे में उठा ले जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि खजुरिया गांव में नाहर छपरा माइनर के समीप मडवाडी के खेत से पिछले एक सप्ताह के दौरान लकड़ी माफिया रात के अंधेरे में चोरी-छिपे एक-एक कर छह पेड़ काटकर ले गए। पेड़ों को कटर मशीन से काटे जाने की बात सामने आई है। ग्रामीणों से घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग हरकत में आया।पडरौना वन क्षेत्राधिकारी अशोक यादव के निर्देश पर वनरक्षक संदीप पटेल शुक्रवार को वन वाचरों के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान तीन पेड़ों के कटे स्थान ताजा मिले, जबकि तीन अन्य पेड़ों के कटे स्थान पुराने बताए गए। सभी पेड़ सागौन के थे। काटे गए पेड़ों की लकड़ी मौके से गायब मिली।वन विभाग की टीम मामले की जांच कर पेड़ों की कटान और लकड़ी ले जाने वालों का पता लगाने में जुटी है।जांच टीम का कहना है कि बिना अनुमति पेड़ों की कटान किए जाने की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।पडरौना वन क्षेत्राधिकारी अशोक यादव ने बताया कि टीम को मौके पर जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बिना परमिट छह सागौन के पेड़ काटकर उठा ले गए लकड़ी माफिया,जांच मे जुटा वन विभाग विशुनपुरा विकासखंड के ग्राम सभा खजुरिया में नाहर छपरा माइनर के समीप एक खेत से लकड़ी माफियाओं द्वारा बिना परमिट छह सागौन के पेड़ काटकर रात के अंधेरे में उठा ले जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि खजुरिया गांव में नाहर छपरा माइनर के समीप मडवाडी के खेत से पिछले एक सप्ताह के दौरान लकड़ी माफिया रात के अंधेरे में चोरी-छिपे एक-एक कर छह पेड़ काटकर ले गए। पेड़ों को कटर मशीन से काटे जाने की बात सामने आई है। ग्रामीणों से घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग हरकत में आया।पडरौना वन क्षेत्राधिकारी अशोक यादव के निर्देश पर वनरक्षक संदीप पटेल शुक्रवार को वन वाचरों के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान तीन पेड़ों के कटे स्थान ताजा मिले, जबकि तीन अन्य पेड़ों के कटे स्थान पुराने बताए गए। सभी पेड़ सागौन के थे। काटे गए पेड़ों की लकड़ी मौके से गायब मिली।वन विभाग की टीम मामले की जांच कर पेड़ों की कटान और लकड़ी ले जाने वालों का पता लगाने में जुटी है।जांच टीम का कहना है कि बिना अनुमति पेड़ों की कटान किए जाने की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।पडरौना वन क्षेत्राधिकारी अशोक यादव ने बताया कि टीम को मौके पर जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- बिना परमिट छह सागौन के पेड़ काटकर उठा ले गए लकड़ी माफिया,जांच मे जुटा वन विभाग विशुनपुरा विकासखंड के ग्राम सभा खजुरिया में नाहर छपरा माइनर के समीप एक खेत से लकड़ी माफियाओं द्वारा बिना परमिट छह सागौन के पेड़ काटकर रात के अंधेरे में उठा ले जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि खजुरिया गांव में नाहर छपरा माइनर के समीप मडवाडी के खेत से पिछले एक सप्ताह के दौरान लकड़ी माफिया रात के अंधेरे में चोरी-छिपे एक-एक कर छह पेड़ काटकर ले गए। पेड़ों को कटर मशीन से काटे जाने की बात सामने आई है। ग्रामीणों से घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग हरकत में आया।पडरौना वन क्षेत्राधिकारी अशोक यादव के निर्देश पर वनरक्षक संदीप पटेल शुक्रवार को वन वाचरों के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान तीन पेड़ों के कटे स्थान ताजा मिले, जबकि तीन अन्य पेड़ों के कटे स्थान पुराने बताए गए। सभी पेड़ सागौन के थे। काटे गए पेड़ों की लकड़ी मौके से गायब मिली।वन विभाग की टीम मामले की जांच कर पेड़ों की कटान और लकड़ी ले जाने वालों का पता लगाने में जुटी है।जांच टीम का कहना है कि बिना अनुमति पेड़ों की कटान किए जाने की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।पडरौना वन क्षेत्राधिकारी अशोक यादव ने बताया कि टीम को मौके पर जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- जनसुराज पार्टी के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपाली के अंतिम संस्कार में हुए शामिल. कुशीनगर - कुशीनगर पहुंचे जनसुराज अध्यक्ष प्रशांत किशोर... - - देवपाली गुप्ता के पैतृक गांव गोड़रिया पहुंचकर दी श्रद्धांजलि... - - जनसुराज पार्टी के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपाली के अंतिम संस्कार में हुए शामिल... - - शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर व्यक्त की संवेदना... - - शव के साथ दाह संस्कार स्थल तक पैदल चले प्रशांत किशोर... - - झारखंड में ट्रेन यात्रा के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी देवपाली की मौत... - - रेलवे लाइन किनारे झाड़ियों से बरामद हुआ था शव... - - प्रशांत किशोर ने ट्रेन यात्रा के दौरान हुई दुर्घटना बताया मौत का कारण.. - - देवपाली के भाई तारकेश्वर गुप्ता ने जताई हत्या की आशंका.. - - परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की, पुलिस जांच में जुटी... - - पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद मौत की परिस्थितियों पर स्थिति होगी स्पष्ट...1
- कुशीनगर जनपद के जिलाधिकारी संजय चौहान और कुशीनगर जिले के कप्तान केशव कुमार। कुशीनगर जनपद के जिलाधिकारी संजय चौहान और कुशीनगर जनपद के कप्तान केशव कुमार ने चुनाव के दौरान मजबूती से अपने कार्यों का निर्वहन किए।1
- नवीन परती पर कब्ज़ा प्रधान ने जिलाधिकारी से पत्र देकर की शिकायत ग्राम सभा की नवीन परती भूमि पर कथित अवैध कब्जा, पट्टा आवंटन के लिए दबाव, जान-माल की धमकी तथा सरकारी विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न किए जा रहे हैं ग्राम प्रधान देवदत्त सिंह, पुत्र रामदरश सिंह, निवासी ग्राम सहजवलिया, पोस्ट शेखपुरा, तहसील पडरौना, जनपद कुशीनगर का स्थायी निवासी है तथा वर्तमान में ग्राम सभा का प्रधान/प्रशासक है। ग्राम सभा क्षेत्र के धर्मेंद्र कुमार सिंह, पुत्र पारस सिंह एवं उनके अन्य भाइयों के संबंध में प्रार्थी का आरोप है कि वे दबंगई के बल पर ग्राम सभा के कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप करते हैं। उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, उक्त व्यक्तियों के विरुद्ध पूर्व में जमीनी विवाद के दौरान चाकूबाजी की घटना के संबंध में धारा 307 आदि के तहत न्यायालय में मुकदमा विचाराधीन है। इस संबंध में वास्तविक स्थिति अभिलेखों से सत्यापित की जा सकती है। , ग्राम सहजवलिया स्थित गाटा संख्या 197, जो राजस्व अभिलेखों में नवीन परती भूमि के रूप में दर्ज है, पर उक्त व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से जबरन मकान का निर्माण करा लिया गया है। आरोप है कि वे उक्त भूमि का पट्टा अपने पक्ष में कराए जाने के लिए प्रार्थी पर दबाव बना रहे थे। नियमानुसार कार्रवाई किए बिना पट्टा आवंटित करने से इनकार किए जाने पर वे विवाद करने पर आमादा हो रहे हैं तथा प्रार्थी को जान-माल की क्षति होने की आशंका बनी हुई है। उक्त व्यक्तियों द्वारा ग्राम सभा में संचालित विकास कार्यों में बार-बार बाधा उत्पन्न की जा रही है, जिससे सरकारी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इस स्थिति के कारण को अपने दायित्वों का निर्वहन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। निष्पक्ष जांच राजस्व एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से कराते हुए नवीन परती भूमि की पैमाइश एवं अभिलेखों का सत्यापन कराया जाए। यदि भूमि पर अवैध कब्जा अथवा अनधिकृत निर्माण पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, प्रार्थी को प्राप्त धमकी एवं सरकारी विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न किए जाने के आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए तथा प्रार्थी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।1
- तूफान की आशंका से किसानों में बढ़ी चिंता, बारिश के बीच धान की कटाई तेज सुकरौली में मौसम की चेतावनी के बाद खेतों में जुटे किसान, फसल बचाने की जद्दोजहद कुशीनगर। मौसम विभाग की ओर से तूफान और बारिश की आशंका को लेकर अलर्ट जारी किए जाने के बाद सुकरौली विकासखंड क्षेत्र में किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल को नुकसान से बचाने के लिए किसान बारिश और खराब मौसम के बीच भी कटाई में जुटे हुए हैं। किसानों का प्रयास है कि समय रहते फसल काटकर घर पहुंचा दी जाए, ताकि मौसम बिगड़ने पर होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। क्षेत्र में किसानों को मौसम की चेतावनी मिलने के बाद खेतों में धान की कटाई तेज हो गई है। किसान मजदूरों की मदद से फसल कटवा रहे हैं और कटी हुई धान की फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में लगे हैं। किसानों को आशंका है कि यदि तेज बारिश और हवा चली तो खेतों में खड़ी धान की फसल गिर सकती है। इससे दाने की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ उपज और आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। किसान सहायक लालमन ने किसानों से अपील की है कि जिन किसानों की धान की फसल पककर तैयार हो चुकी है, वे मौसम की स्थिति को देखते हुए जल्द कटाई कर लें। कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था करें, ताकि बारिश और संभावित तूफान के प्रभाव से नुकसान को कम किया जा सके। क्षेत्र के किसान राजदेव, इंद्रजीत और सुरेश ने बताया कि धान की फसल इस समय कटाई के लिए तैयार है। यदि लगातार बारिश होती है तो खेतों में खड़ी फसल गिरकर पानी में भीग सकती है। इससे धान के दाने खराब होने और उपज में कमी आने की आशंका है। किसानों के मुताबिक, पहले से ही खेती में लागत अधिक लग रही है। ऐसे में मौसम की मार पड़ने से उनकी आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल क्षेत्र में किसान मौसम के बदलते मिजाज पर नजर रखते हुए जल्द से जल्द धान की फसल समेटने में जुटे हैं। किसानों को उम्मीद है कि समय रहते फसल घर पहुंच जाने से संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।1
- 3.50 लाख रुपये से बनेगी सड़क, सभासद सुरेंद्र कुमार ने किया भूमि पूजन । महराजगंज ।बृजमनगंज आदर्श नगर पंचायत बृजमनगंज के वार्ड नंबर 10 में बुधवार को सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन कर शुभारंभ किया गया। वार्ड सभासद सुरेंद्र कुमार ने विधि-विधान से पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की। सड़क निर्माण के लिए 3 लाख 50 हजार रुपये की लागत स्वीकृत की गई है। नगर पंचायत अध्यक्ष राकेश जायसवाल ने बताया कि सड़क का निर्माण होने से वार्ड के लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। वहीं, सभासद सुरेंद्र कुमार ने कहा कि सड़क निर्माण वार्डवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद लोगों को आने-जाने में होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी। इस अवसर पर सभासद झीनक विश्वकर्मा, निरंजन चौरसिया, संतोष जायसवाल, हरिश्चंद्र यादव, रमन यादव, बमभोले मौर्य सहित वार्ड के अनेक लोग मौजूद रहे।1
- बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया में इज्तिमा के दौरान उमड़ा जनसैलाब! 🤲 लाखों की संख्या में मुस्लिम भाई पहुंचे, तो दोपहिया से लेकर चारपहिया गाड़ियों तक की भारी भीड़ देखने को मिली। आखिर कैसा रहा यह भव्य आयोजन? देखिए पूरी रिपोर्ट! 📝 डिस्क्रिप्शन (Description) बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया स्थित इज्तिमा गाह में बड़ी संख्या में मुस्लिम भाई पहुंचे। आयोजन स्थल पर लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली, वहीं आसपास की सड़कों और पार्किंग में दोपहिया, तीनपहिया और चारपहिया वाहनों की लंबी कतारें नजर आईं। इस रिपोर्ट में देखिए इज्तिमा की खास झलकियां, लोगों की भारी मौजूदगी और गाड़ियों की भीड़ का नजारा। वीडियो को अंत तक देखें, पसंद आए तो लाइक करें, शेयर करें और ऐसी ही ग्राउंड रिपोर्ट के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें। नोट: लगभग 10 लाख लोगों के पहुंचने का आंकड़ा अनुमानित है; इसकी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया में इज्तिमा के दौरान उमड़ा जनसैलाब! 🤲 लाखों की संख्या में मुस्लिम भाई पहुंचे, तो दोपहिया से लेकर चारपहिया गाड़ियों तक की भारी भीड़ देखने को मिली। आखिर कैसा रहा यह भव्य आयोजन? देखिए पूरी रिपोर्ट! 📝 डिस्क्रिप्शन (Description) बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया स्थित इज्तिमा गाह में बड़ी संख्या में मुस्लिम भाई पहुंचे। आयोजन स्थल पर लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली, वहीं आसपास की सड़कों और पार्किंग में दोपहिया, तीनपहिया और चारपहिया वाहनों की लंबी कतारें नजर आईं। इस रिपोर्ट में देखिए इज्तिमा की खास झलकियां, लोगों की भारी मौजूदगी और गाड़ियों की भीड़ का नजारा। वीडियो को अंत तक देखें, पसंद आए तो लाइक करें, शेयर करें और ऐसी ही ग्राउंड रिपोर्ट के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें। नोट: लगभग 10 लाख लोगों के पहुंचने का आंकड़ा अनुमानित है; इसकी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। 🔥1
- डीएम ने हरी झंडी दिखाकर किया प्रचार वाहन को रवाना । खेतों की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण के लिए पराली न जलाने की अपील । महराजगंज। पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। गुरुवार को जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने कलेक्ट्रेट परिसर से प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन गांव-गांव पहुंचकर किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान और फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के प्रति जागरूक करेगा। जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की कि फसल कटाई के बाद खेतों में पराली न जलाएं। इसके स्थान पर आधुनिक कृषि यंत्रों और वैज्ञानिक तकनीकों से फसल अवशेषों का प्रबंधन करें। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। साथ ही मिट्टी की उर्वरता घटने और भूमि में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीवों के नष्ट होने का खतरा रहता है। इसका असर कृषि उत्पादन पर भी पड़ता है। डीएम ने कहा कि फसल अवशेषों का वैज्ञानिक प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण के साथ मिट्टी की सेहत बनाए रखने के लिए भी जरूरी है। किसान कृषि विभाग की योजनाओं और अनुदान पर उपलब्ध कृषि यंत्रों का लाभ उठाकर पराली का उचित निस्तारण कर सकते हैं। इससे खेतों की उर्वरता सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण एनजीटी और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत पराली जलाने पर जुर्माने और अन्य दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। प्रशासन का उद्देश्य किसानों को जागरूक कर पराली जलाने की घटनाओं को रोकना है। इसके लिए किसानों से सहयोग की अपील की गई है। इस अवसर पर उप निदेशक कृषि संजीव कुमार, अतिरिक्त उपजिलाधिकारी सिद्धार्थ, जिला कृषि अधिकारी एसपी सिंह सहित कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।1