भुमि को जोतना। वागड़ की वागड़ी बोली (हलतरो,) यहां के किसान खेत मे बैल से हल जोत कर हल व बैल को ककु का तीलक और मोलीलसा काथागा बाध कर जमीन जोतने कि शुरूआत करते हैं। आखातीज को वागड़ के साहेटी के समस्त गांवों के मेट कोटवाल साहेटी आगेवन गोविन्द गुरू के प्रथम शिष्य कलु भेमा (कलजी भेमा)के वंशज वर्तमान साहेटी के कोटवाल के अनुयाई सामिल हो कर छाणी मगरी धाम बेडसा में इन्द्र की धोणी में सुकड़ी,नारीयल धी का हवन करते हैं। उस दिन बेला पंथी नर नारी अपनी पोशाक में पुरुष भाला व स्त्रियां त्रशुल हाथ में लाल व सफेद कागरे दार नेजा को धारण कर मानव धर्म पांच दिन की पुर्ण पालन करने व बहन बेटी की शादि महावारी की सुरूयात हो जाने के बाद करवाने का ,और बहन बेटी के नाम से किसी प्रकार से दहेज दापा नही लेना, शादी में वर पक्ष के कड़वा व कन्या पक्ष से (अमर) सुडली के साथ विवाह सम्पन्न कराने का मुल मंत्र का अनुसरण करने के मानव मुल्य को याद दिलाया जाता अपने पुर्वजों कि मानवीय संस्कार संस्कृति को आबाद रखने सुद्ध अन्न जल का आहार करने तन मन को सुदृद करके भक्तों को कर्म को उदगम के लिए सद कर्म कि और अग्रसर होने का उद्घाटन किया गया।
भुमि को जोतना। वागड़ की वागड़ी बोली (हलतरो,) यहां के किसान खेत मे बैल से हल जोत कर हल व बैल को ककु का तीलक और मोलीलसा काथागा बाध कर जमीन जोतने कि शुरूआत करते हैं। आखातीज को वागड़ के साहेटी के समस्त गांवों के मेट कोटवाल साहेटी आगेवन गोविन्द गुरू के प्रथम शिष्य कलु भेमा (कलजी भेमा)के वंशज वर्तमान साहेटी के कोटवाल के अनुयाई सामिल हो कर छाणी मगरी धाम बेडसा में इन्द्र की धोणी में सुकड़ी,नारीयल धी का हवन करते हैं। उस दिन बेला पंथी नर नारी अपनी पोशाक में पुरुष भाला व स्त्रियां त्रशुल हाथ में लाल व सफेद कागरे दार नेजा को धारण कर मानव धर्म पांच दिन की पुर्ण पालन करने व बहन बेटी की शादि महावारी की सुरूयात हो जाने के बाद करवाने का ,और बहन बेटी के नाम से किसी प्रकार से दहेज दापा नही लेना, शादी में वर पक्ष के कड़वा व कन्या पक्ष से (अमर) सुडली के साथ विवाह सम्पन्न कराने का मुल मंत्र का अनुसरण करने के मानव मुल्य को याद दिलाया जाता अपने पुर्वजों कि मानवीय संस्कार संस्कृति को आबाद रखने सुद्ध अन्न जल का आहार करने तन मन को सुदृद करके भक्तों को कर्म को उदगम के लिए सद कर्म कि और अग्रसर होने का उद्घाटन किया गया।
- जय गुरू महाराजJothari, Dungarpurtu👍3 hrs ago
- जय गुरू महाराजJothari, Dungarpur💣3 hrs ago
- डूंगरपुर। गांव में आयोजित शादी बिनौले कार्यक्र से लौट रहे चाचा भतीजा एक अन्य बाइक की टक्कर लगने से घायल हो गए वही दूसरी बाइक सवार युवक भी चोटिल हो गया। सूचना पर पहुंची 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। जहा तीनो का उपचार जारी है। प्राप्त जानकारी अनुसार शहर के निकटवर्ती सुंदरपुर गांव निवासी जीवा पिता रमजी डामोर ओर उसका भतीजा कमलेश रविवार रात गांव में परिचित के बिनौले कार्यक्रम में भाग लेकर अपने घर लौट रहे थे।1
- आखातीज को वागड़ के साहेटी के समस्त गांवों के मेट कोटवाल साहेटी आगेवन गोविन्द गुरू के प्रथम शिष्य कलु भेमा (कलजी भेमा)के वंशज वर्तमान साहेटी के कोटवाल के अनुयाई सामिल हो कर छाणी मगरी धाम बेडसा में इन्द्र की धोणी में सुकड़ी,नारीयल धी का हवन करते हैं। उस दिन बेला पंथी नर नारी अपनी पोशाक में पुरुष भाला व स्त्रियां त्रशुल हाथ में लाल व सफेद कागरे दार नेजा को धारण कर मानव धर्म पांच दिन की पुर्ण पालन करने व बहन बेटी की शादि महावारी की सुरूयात हो जाने के बाद करवाने का ,और बहन बेटी के नाम से किसी प्रकार से दहेज दापा नही लेना, शादी में वर पक्ष के कड़वा व कन्या पक्ष से (अमर) सुडली के साथ विवाह सम्पन्न कराने का मुल मंत्र का अनुसरण करने के मानव मुल्य को याद दिलाया जाता अपने पुर्वजों कि मानवीय संस्कार संस्कृति को आबाद रखने सुद्ध अन्न जल का आहार करने तन मन को सुदृद करके भक्तों को कर्म को उदगम के लिए सद कर्म कि और अग्रसर होने का उद्घाटन किया गया।1
- संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। जिले के गामड़ी देवल गाँव में भगवान विष्णु के छठे अवतार श्री परशुराम जी का जन्मोत्सव श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर समस्त ब्राह्मण समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शोभायात्रा के दौरान पूरा वातावरण जय श्री परशुराम के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ भगवान परशुराम के भजनों पर नृत्य किया और अपनी अटूट आस्था प्रकट की। शोभायात्रा के पश्चात भगवान की महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की गई। कार्यक्रम के समापन पर सभी मौजूद समाजजनों ने सामूहिक भोज का आनंद लिया और प्रसाद ग्रहण किया। इस भव्य आयोजन में गामड़ी देवल के समस्त ब्राह्मण समाज की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे पूरा माहौल धर्ममय हो गया।1
- #छाणी मगरी धाम1
- डूंगरपुर। जिले के बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र के चुंडावाड़ा गांव में एक शादी समारोह के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बैल को ढूंढने निकले एक युवक पर अज्ञात बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमले में युवक की पीठ पर चाकू से गहरा वार लगा है, जिसे गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। - मामले के अनुसार, चुंडावाड़ा निवासी पंकज बलात अपने ही गांव में एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने गया था। शादी की रस्में चल रही थीं और मंडप का माहौल था, तभी अचानक एक बैल खूंटे से रस्सी तुड़ाकर भाग निकला। बैल को पकड़ने के लिए गांव के कई लोग पीछे दौड़े, जिनमें पंकज भी शामिल था।बैल को तलाशते समय रास्ते में गांव के ही कुछ अज्ञात बदमाशों ने पंकज को घेर लिया। बदमाशों ने पहले युवक के साथ लात-घूसों से जमकर मारपीट की और फिर अचानक चाकू से उसकी पीठ पर वार कर दिया। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। खून से लथपथ हालत में घायल पंकज को बिछीवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे 108 एम्बुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल रेफर किया गया। वर्तमान में घायल युवक का जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में उपचार चल रहा है। हालांकि अभी तक मामले की कोई रिपोर्ट पुलिस को नहीं दी गई है।1
- राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ की सबसे ताजा सबसे पहले खबर। राजस्थान सूवे में अक्षय तृतीया पर भीषण हादसा। 79 हजर करोड़ की रिफाइनरी में लगी भीषण आग सैकड़ो दमकले अभी तक काबू नहीं पा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कल रिफाइनरी को राष्ट्र को समर्पित करने और राजस्थान के दौरे को रद्द कर दिया गया है।1
- Post by Jivram bhagora1
- डूंगरपुर। बाइक लेकर अपने घर से सीमलवाड़ा निजी काम के चलते जा रह दो बाइक सवा युवक रास्ते मे सड़क हादसे का शिखा हो गए। पाप जानकारी अनुसार जिले के धम्बोला बटडी निवासी छगनलाल पिता कमलाशंकर रोत ओर सीमलवाड़ा कम्बोइया निवासी रणछोड़ पिता खतरा गुदा रविवार रात बाइक लेकर घर से सीमलवाड़ा में अपने निजी काम के लिए जा रहे थे तभी धंबोला चौकी के पास अचानक जेब्रा क्रॉसिंग जंप पर बाइक सवार अपना नियंत्रण खो बैठे।1