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*सुभाषगंज वार्ड नंबर 22 में आम का पेड़ गिरने से आवागमन बाधित, मकान भी हुआ क्षतिग्रस्तl मुकेश कुमार दुबे संवाददाता की रिपोर्ट l *उमरिया*। नगर के वार्ड नंबर 22 सुभाषगंज में आम का एक बड़ा पेड़ गिर जाने से रास्ते पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। पेड़ की बड़ी-बड़ी शाखाएं सड़क और आसपास के घरों में जा गिरीं, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि पेड़ गिरने से रोहित हरिजन के घर को भी नुकसान पहुंचा है। मौके की तस्वीरों में पेड़ की भारी शाखाएं मकान और आसपास के हिस्से में गिरी हुई दिखाई दे रही हैं। वहीं पेड़ के नीचे ठेला/सामान भी दबा हुआ नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर पालिका से मांग की है कि मौके पर तत्काल टीम भेजकर गिरे हुए पेड़ और उसकी शाखाओं को हटवाया जाए, ताकि आवागमन सुचारू हो सके और किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे। साथ ही प्रभावित परिवार के मकान का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लेने की मांग की गई हैl स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो रास्ता लंबे समय तक बंद रहने से परेशानी और बढ़ सकती है*।

12 hrs ago
user_मुकेश कुमार दुबे (MJ *CC)
मुकेश कुमार दुबे (MJ *CC)
बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
12 hrs ago
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*सुभाषगंज वार्ड नंबर 22 में आम का पेड़ गिरने से आवागमन बाधित, मकान भी हुआ क्षतिग्रस्तl मुकेश कुमार दुबे संवाददाता की रिपोर्ट l *उमरिया*। नगर के वार्ड नंबर 22 सुभाषगंज में आम का एक बड़ा पेड़ गिर जाने से रास्ते पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। पेड़ की बड़ी-बड़ी शाखाएं

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सड़क और आसपास के घरों में जा गिरीं, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि पेड़ गिरने से रोहित हरिजन के घर को भी नुकसान पहुंचा है। मौके की तस्वीरों में पेड़ की भारी शाखाएं मकान और आसपास के हिस्से में

गिरी हुई दिखाई दे रही हैं। वहीं पेड़ के नीचे ठेला/सामान भी दबा हुआ नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर पालिका से मांग की है कि मौके पर तत्काल टीम भेजकर गिरे हुए पेड़ और उसकी शाखाओं को हटवाया जाए, ताकि आवागमन सुचारू हो सके और किसी

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प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे। साथ ही प्रभावित परिवार के मकान का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लेने की मांग की गई हैl स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो रास्ता लंबे समय तक बंद रहने से परेशानी और बढ़ सकती है*।

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  • *सुभाषगंज वार्ड नंबर 22 में आम का पेड़ गिरने से आवागमन बाधित, मकान भी हुआ क्षतिग्रस्तl मुकेश कुमार दुबे संवाददाता की रिपोर्ट l *उमरिया*। नगर के वार्ड नंबर 22 सुभाषगंज में आम का एक बड़ा पेड़ गिर जाने से रास्ते पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। पेड़ की बड़ी-बड़ी शाखाएं सड़क और आसपास के घरों में जा गिरीं, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि पेड़ गिरने से रोहित हरिजन के घर को भी नुकसान पहुंचा है। मौके की तस्वीरों में पेड़ की भारी शाखाएं मकान और आसपास के हिस्से में गिरी हुई दिखाई दे रही हैं। वहीं पेड़ के नीचे ठेला/सामान भी दबा हुआ नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर पालिका से मांग की है कि मौके पर तत्काल टीम भेजकर गिरे हुए पेड़ और उसकी शाखाओं को हटवाया जाए, ताकि आवागमन सुचारू हो सके और किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे। साथ ही प्रभावित परिवार के मकान का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लेने की मांग की गई हैl स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो रास्ता लंबे समय तक बंद रहने से परेशानी और बढ़ सकती है*।
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    *सुभाषगंज वार्ड नंबर 22 में आम का पेड़ गिरने से आवागमन बाधित, मकान भी हुआ क्षतिग्रस्तl

मुकेश कुमार दुबे संवाददाता की रिपोर्ट l
*उमरिया*। नगर के वार्ड नंबर 22 सुभाषगंज में आम का एक बड़ा पेड़ गिर जाने से रास्ते पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। पेड़ की बड़ी-बड़ी शाखाएं सड़क और आसपास के घरों में जा गिरीं, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि पेड़ गिरने से रोहित हरिजन के घर को भी नुकसान पहुंचा है। मौके की तस्वीरों में पेड़ की भारी शाखाएं मकान और आसपास के हिस्से में गिरी हुई दिखाई दे रही हैं। वहीं पेड़ के नीचे ठेला/सामान भी दबा हुआ नजर आ रहा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर पालिका से मांग की है कि मौके पर तत्काल टीम भेजकर गिरे हुए पेड़ और उसकी शाखाओं को हटवाया जाए, ताकि आवागमन सुचारू हो सके और किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे। साथ ही प्रभावित परिवार के मकान का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लेने की मांग की गई हैl
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो रास्ता लंबे समय तक बंद रहने से परेशानी और बढ़ सकती है*।
    user_मुकेश कुमार दुबे (MJ *CC)
    मुकेश कुमार दुबे (MJ *CC)
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • बांधवगढ़ में हाथी महोत्सव का आगाज! बारिश में हाथियों ने मचाई धूम, देखें खास तस्वीरें उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में झमाझम बारिश के बीच पांच दिवसीय हाथी महोत्सव एवं हाथी पुनर्यौवनीकरण कैंप का शुभारंभ हुआ। परासी गेट के समीप धमोखर बफर क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर राखी सहाय, जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह ओहरिया, वन विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पत्रकार एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। बांधवगढ़ में कार्यरत 15 कैंप हाथियों की जानकारी भी साझा की गई। पुनर्यौवनीकरण कैंप में शामिल नर हाथी कृष्णा ने अपनी अठखेलियों से लोगों का ध्यान आकर्षित किया। महोत्सव का उद्देश्य हाथियों का स्वास्थ्य परीक्षण, उन्हें विशेष भोजन उपलब्ध कराना और स्थानीय लोगों को हाथियों तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
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    बांधवगढ़ में हाथी महोत्सव का आगाज! बारिश में हाथियों ने मचाई धूम, देखें खास तस्वीरें
उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में झमाझम बारिश के बीच पांच दिवसीय हाथी महोत्सव एवं हाथी पुनर्यौवनीकरण कैंप का शुभारंभ हुआ।
परासी गेट के समीप धमोखर बफर क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर राखी सहाय, जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह ओहरिया, वन विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पत्रकार एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
बांधवगढ़ में कार्यरत 15 कैंप हाथियों की जानकारी भी साझा की गई। पुनर्यौवनीकरण कैंप में शामिल नर हाथी कृष्णा ने अपनी अठखेलियों से लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
महोत्सव का उद्देश्य हाथियों का स्वास्थ्य परीक्षण, उन्हें विशेष भोजन उपलब्ध कराना और स्थानीय लोगों को हाथियों तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
    user_NEWS 24 PUBLIC TV
    NEWS 24 PUBLIC TV
    Media company Bandhogarh, Umaria•
    12 hrs ago
  • 452 स्वरों में गूंजा ‘वन्देमातरम्’, राष्ट्रभक्ति से सराबोर हुआ मानपुर 🚩 जनचिंगारी एक्सक्लूसिव 452 स्वरों में गूंजा ‘वन्देमातरम्’, राष्ट्रभक्ति से सराबोर हुआ मानपुर 150 वर्ष की गौरवगाथा पर विद्या भारती का ‘नमामि भारतम्’—अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थियों ने एक साथ किया सामूहिक गायन मानपुर/उमरिया। वन्देमातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर शुक्रवार को मानपुर में राष्ट्रभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित ‘नमामि भारतम्’ सामूहिक वन्देमातरम् गायन कार्यक्रम में विद्यालय परिसर एक साथ उठे 452 स्वरों से गूंज उठा। सुबह 11 बजे विद्या भारती सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मानपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर नगर के गणमान्य नागरिक, अभिभावक, शिक्षक और विद्यार्थियों ने एक साथ राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन किया। जब 452 लोग एक साथ बोले—वन्देमातरम्! कार्यक्रम के दौरान जैसे ही सामूहिक वन्देमातरम् का स्वर गूंजा, पूरा विद्यालय परिसर राष्ट्रभावना से भर उठा। भैया-बहिनों के साथ आचार्य परिवार, अभिभावकों एवं उपस्थित नागरिकों ने सहभागिता कर मातृभूमि के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। एसडीएम हरनीत कौर का प्रेरक संदेश—संस्कारों की ताकत बताई कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एसडीएम मानपुर सुश्री हरनीत कौर ने कहा कि वन्देमातरम् भारतीय संस्कृति, एकता एवं अखंडता की भावना को व्यक्त करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार और अनुशासन को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। अपने अनुभव को साझा करते हुए एसडीएम ने बताया कि राज्य सिविल सेवा परीक्षा में 40 अभ्यर्थियों में से 22 अभ्यर्थी सरस्वती शिशु मंदिर से शिक्षा प्राप्त करने वाले थे। उन्होंने इसे शिक्षा, संस्कार और अनुशासन के महत्व से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत और अच्छे संस्कारों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। प्रशासनिक अमला भी बना राष्ट्रगान का सहभागी कार्यक्रम में एसडीएम सुश्री हरनीत कौर कलसी, तहसीलदार पंकज नयन तिवारी, जनपद पंचायत मानपुर के सीईओ अंकित सीरोठिया एवं थाना प्रभारी बृजकिशोर गर्ग की उपस्थिति रही। अधिकारियों की मौजूदगी और सामूहिक सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। विद्यालय के व्यवस्थापक एवं कार्यक्रम पर्यवेक्षक हरीश कुमार विश्वकर्मा, जिला सचिव लक्ष्मीनारायण शुक्ल, कोषाध्यक्ष श्रीप्रकाश त्रिपाठी, अध्यक्ष दिनेश प्रसाद परौहा, सदस्य मुकेश चतुर्वेदी, पत्रकार आशुतोष त्रिपाठी, त्रिवेणी शरण द्विवेदी एवं कुलदीप गुप्ता, प्राचार्य श्रवण कुमार तिवारी, संयोजिका अर्चना गुप्ता, सहसंयोजिका योगिता तिवारी तथा कार्यक्रम संचालक अनुराग कुमार शुक्ल सहित समिति सदस्य आचार्य देवेन्द्र कुमार मिश्रा एवं विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।
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    452 स्वरों में गूंजा ‘वन्देमातरम्’, राष्ट्रभक्ति से सराबोर हुआ मानपुर

🚩 जनचिंगारी एक्सक्लूसिव
452 स्वरों में गूंजा ‘वन्देमातरम्’, राष्ट्रभक्ति से सराबोर हुआ मानपुर
150 वर्ष की गौरवगाथा पर विद्या भारती का ‘नमामि भारतम्’—अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थियों ने एक साथ किया सामूहिक गायन
मानपुर/उमरिया। वन्देमातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर शुक्रवार को मानपुर में राष्ट्रभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित ‘नमामि भारतम्’ सामूहिक वन्देमातरम् गायन कार्यक्रम में विद्यालय परिसर एक साथ उठे 452 स्वरों से गूंज उठा। सुबह 11 बजे विद्या भारती सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मानपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर नगर के गणमान्य नागरिक, अभिभावक, शिक्षक और विद्यार्थियों ने एक साथ राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन किया।
जब 452 लोग एक साथ बोले—वन्देमातरम्!
कार्यक्रम के दौरान जैसे ही सामूहिक वन्देमातरम् का स्वर गूंजा, पूरा विद्यालय परिसर राष्ट्रभावना से भर उठा। भैया-बहिनों के साथ आचार्य परिवार, अभिभावकों एवं उपस्थित नागरिकों ने सहभागिता कर मातृभूमि के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
एसडीएम हरनीत कौर का प्रेरक संदेश—संस्कारों की ताकत बताई
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एसडीएम मानपुर सुश्री हरनीत कौर ने कहा कि वन्देमातरम् भारतीय संस्कृति, एकता एवं अखंडता की भावना को व्यक्त करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार और अनुशासन को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
अपने अनुभव को साझा करते हुए एसडीएम ने बताया कि राज्य सिविल सेवा परीक्षा में 40 अभ्यर्थियों में से 22 अभ्यर्थी सरस्वती शिशु मंदिर से शिक्षा प्राप्त करने वाले थे। उन्होंने इसे शिक्षा, संस्कार और अनुशासन के महत्व से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत और अच्छे संस्कारों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
प्रशासनिक अमला भी बना राष्ट्रगान का सहभागी
कार्यक्रम में एसडीएम सुश्री हरनीत कौर कलसी, तहसीलदार पंकज नयन तिवारी, जनपद पंचायत मानपुर के सीईओ अंकित सीरोठिया एवं थाना प्रभारी बृजकिशोर गर्ग की उपस्थिति रही। अधिकारियों की मौजूदगी और सामूहिक सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।
विद्यालय के व्यवस्थापक एवं कार्यक्रम पर्यवेक्षक हरीश कुमार विश्वकर्मा, जिला सचिव लक्ष्मीनारायण शुक्ल, कोषाध्यक्ष श्रीप्रकाश त्रिपाठी, अध्यक्ष दिनेश प्रसाद परौहा, सदस्य मुकेश चतुर्वेदी, पत्रकार आशुतोष त्रिपाठी, त्रिवेणी शरण द्विवेदी एवं कुलदीप गुप्ता, प्राचार्य श्रवण कुमार तिवारी, संयोजिका अर्चना गुप्ता, सहसंयोजिका योगिता तिवारी तथा कार्यक्रम संचालक अनुराग कुमार शुक्ल सहित समिति सदस्य आचार्य देवेन्द्र कुमार मिश्रा एवं विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • सेवा संकल्प अभियान:- 2026 मध्य प्रदेश सरकार द्वारा खेलकूद की गतिविधियों को निरंतर किया जा रहा प्रोत्साहित। #सेवा_संकल्प_अभियान #SevaSankalpAbhiyan #शहडोल #shahdol
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    सेवा संकल्प अभियान:- 2026

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा खेलकूद की गतिविधियों को निरंतर किया जा रहा प्रोत्साहित। 

#सेवा_संकल्प_अभियान #SevaSankalpAbhiyan  #शहडोल #shahdol
    user_Angad Tiwari
    Angad Tiwari
    पत्रकार जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • तकनीकी स्वीकृति की फाइल में त्रुटि का पेंच 39 वार्डों का विकास ठप, शहडोल नपा के पार्षदों ने संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन शहडोल। शहडोल नगर पालिका में इन दिनों विकास का पहिया घोंघे की रफ्तार से भी धीमा चल रहा है, और इसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि संभागीय कार्यालय में बैठे अफसरों की वो लाल कलम है, जो हर फाइल में कोई न कोई त्रुटि निकालकर उसे कागजों के ढेर में वापस दबा देती है। पिछले दो सालों से नगर के सभी 39 वार्डों के पार्षद अपने-अपने इलाके में रोड, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। आखिर में सब्र का बांध टूटा तो संयुक्त पार्षद मंच के बैनर तले तमाम पार्षदों ने एकजुट होकर संभागायुक्त की चौखट पर जाकर ज्ञापन का पुलिंदा सौंप दिया। 2 साल से फाइलों का पिंग-पॉन्ग खेल पार्षदों का सीधा आरोप है कि जब भी वार्ड की जनता के लिए रोड, नाली या पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रस्ताव नगर पालिका स्तर से मंजूर होकर तकनीकी स्वीकृति के लिए कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास संभागीय कार्यालय भेजा जाता है, तो वहां बैठे जिम्मेदार अफसर कोई न कोई कमी या त्रुटि का बहाना बनाकर फाइलों को वापस लौटा देते हैं। पिछले 2 वर्षों से फाइलों का यह पिंग-पॉन्ग खेल बदस्तूर जारी है। निकाय दफ्तर से फाइल ईई दफ्तर जाती है और वहां से तकनीकी पेंच फंसाकर वापस नगर पालिका भेज दी जाती है। इस चक्कर में 39 वार्डों का विकास कार्य पूरी तरह से ठप्प पड़ा है और जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि अपनी ही नगर सरकार में उपेक्षित और लाचार महसूस कर रहे हैं। 1 साल में 3 सीएमओ और 2 ईई बदले! शहडोल नगर पालिका में प्रशासनिक स्थिरता की क्या स्थिति है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते एक साल में यहां 3-3 मुख्य नगर पालिका अधिकारी बदले जा चुके हैं। संभागीय कार्यालय का हाल तो और भी हास्यास्पद है, यहां कार्यपालन यंत्री के 02 पद स्वीकृत हैं, लेकिन काम सिर्फ 01 ही अफसर के भरोसे चल रहा है। इस एक साल में यहां भी 2 बार कार्यपालन यंत्री बदले जा चुके हैं। जब दफ्तरों में अफसरों का आना-जाना ही लगा रहेगा, तो विकास की फाइलों पर दस्तखत कौन करेगा? इस तबादला उद्योग का खामियाजा सीधे तौर पर शहडोल की आम जनता भुगत रही है। बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड रोड बेहाल संयुक्त पार्षद मंच ने अपने शिकायती पत्र में नगर की दो प्रमुख और विकराल समस्याओं पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कराया है। बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड मार्ग: इस बेहद व्यस्त मार्ग के निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सडक़ की खस्ताहाली और धूल-गड्ढों से जनता का गुस्सा दिन-ब-दिन फूट रहा है। सीवर परियोजना का कोराम: पिछले 2 सालों से शहडोल शहर में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर पूरे शहर को खोदकर छोड़ दिया गया है। सीवर कंपनी अपनी मर्जी से जहां चाहे खुदाई कर देती है, न कोई समयसीमा है और न ही वार्ड पार्षदों को इसकी कोई पूर्व सूचना दी जाती है। जनता रोज दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है और ठेकेदार बेफिक्र घूम रहा है। अव्यवस्था सुधारो, वरना होगा आंदोलन शहडोल के सभी वार्ड पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि तकनीकी स्वीकृतियों में अनावश्यक देरी का यह सिलसिला तुरंत बंद नहीं हुआ और सीवर कंपनी की मनमानी पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनप्रतिनिधि खामोश नहीं बैठेंगे। अब देखना यह होगा कि संभागायुक्त के हस्तक्षेप के बाद संभागीय कार्यालय के कार्यपालन यंत्री और नगर पालिका प्रशासन की नींद टूटती है या फिर 39 वार्डों का विकास यूं ही फाइलों के पन्नों में दम तोड़ता रहेगा।
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    तकनीकी स्वीकृति की फाइल में त्रुटि का पेंच
39 वार्डों का विकास ठप, शहडोल नपा के पार्षदों ने संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन 
शहडोल। शहडोल नगर पालिका में इन दिनों विकास का पहिया घोंघे की रफ्तार से भी धीमा चल रहा है, और इसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि संभागीय कार्यालय में बैठे अफसरों की वो लाल कलम है, जो हर फाइल में कोई न कोई त्रुटि निकालकर उसे कागजों के ढेर में वापस दबा देती है। पिछले दो सालों से नगर के सभी 39 वार्डों के पार्षद अपने-अपने इलाके में रोड, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। आखिर में सब्र का बांध टूटा तो संयुक्त पार्षद मंच के बैनर तले तमाम पार्षदों ने एकजुट होकर संभागायुक्त की चौखट पर जाकर ज्ञापन का पुलिंदा सौंप दिया।
2 साल से फाइलों का पिंग-पॉन्ग खेल 
पार्षदों का सीधा आरोप है कि जब भी वार्ड की जनता के लिए रोड, नाली या पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रस्ताव नगर पालिका स्तर से मंजूर होकर तकनीकी स्वीकृति के लिए कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास संभागीय कार्यालय भेजा जाता है, तो वहां बैठे जिम्मेदार अफसर कोई न कोई कमी या त्रुटि का बहाना बनाकर फाइलों को वापस लौटा देते हैं। पिछले 2 वर्षों से फाइलों का यह पिंग-पॉन्ग खेल बदस्तूर जारी है। निकाय दफ्तर से फाइल ईई दफ्तर जाती है और वहां से तकनीकी पेंच फंसाकर वापस नगर पालिका भेज दी जाती है। इस चक्कर में 39 वार्डों का विकास कार्य पूरी तरह से ठप्प पड़ा है और जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि अपनी ही नगर सरकार में उपेक्षित और लाचार महसूस कर रहे हैं।
1 साल में 3 सीएमओ और 2 ईई बदले!
शहडोल नगर पालिका में प्रशासनिक स्थिरता की क्या स्थिति है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते एक साल में यहां 3-3 मुख्य नगर पालिका अधिकारी बदले जा चुके हैं। संभागीय कार्यालय का हाल तो और भी हास्यास्पद है, यहां कार्यपालन यंत्री के 02 पद स्वीकृत हैं, लेकिन काम सिर्फ 01 ही अफसर के भरोसे चल रहा है। इस एक साल में यहां भी 2 बार कार्यपालन यंत्री बदले जा चुके हैं। जब दफ्तरों में अफसरों का आना-जाना ही लगा रहेगा, तो विकास की फाइलों पर दस्तखत कौन करेगा? इस तबादला उद्योग का खामियाजा सीधे तौर पर शहडोल की आम जनता भुगत रही है।
बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड रोड बेहाल 
संयुक्त पार्षद मंच ने अपने शिकायती पत्र में नगर की दो प्रमुख और विकराल समस्याओं पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कराया है। 
बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड मार्ग: इस बेहद व्यस्त मार्ग के निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सडक़ की खस्ताहाली और धूल-गड्ढों से जनता का गुस्सा दिन-ब-दिन फूट रहा है।
सीवर परियोजना का कोराम: पिछले 2 सालों से शहडोल शहर में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर पूरे शहर को खोदकर छोड़ दिया गया है। सीवर कंपनी अपनी मर्जी से जहां चाहे खुदाई कर देती है, न कोई समयसीमा है और न ही वार्ड पार्षदों को इसकी कोई पूर्व सूचना दी जाती है। जनता रोज दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है और ठेकेदार बेफिक्र घूम रहा है।
अव्यवस्था सुधारो, वरना होगा आंदोलन
शहडोल के सभी वार्ड पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि तकनीकी स्वीकृतियों में अनावश्यक देरी का यह सिलसिला तुरंत बंद नहीं हुआ और सीवर कंपनी की मनमानी पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनप्रतिनिधि खामोश नहीं बैठेंगे। अब देखना यह होगा कि संभागायुक्त के हस्तक्षेप के बाद संभागीय कार्यालय के कार्यपालन यंत्री और नगर पालिका प्रशासन की नींद टूटती है या फिर 39 वार्डों का विकास यूं ही फाइलों के पन्नों में दम तोड़ता रहेगा।
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बिलगांव बांध का एक अतिरिक्त गेट 26 सितंबर को सुबह 7 बजे खोला जाएगा कैचमेंट क्षेत्र में अधिक वर्षा के चलते अतिरिक्त पानी की निकासी की जाएगी; निचले क्षेत्र के ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील डिंडौरी। बिलगांव बांध के कैचमेंट क्षेत्र में अधिक वर्षा होने के कारण बांध में जलभराव की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए दिनांक 26 सितंबर 2026 को सुबह 7:00 बजे बांध का एक अतिरिक्त गेट खोला जाएगा। इस दौरान बांध से पानी की निकासी की जाएगी। *बांध से कुल 2 गेट खुले रहेंगे,* जिनमें एक गेट 60 सेंटीमीटर तथा दूसरा गेट 50 सेंटीमीटर तक खोला जाएगा। इन गेटों से लगभग 73.16 क्यूमेक (घन मीटर प्रति सेकंड) पानी का डिस्चार्ज होगा। प्रशासन द्वारा बताया गया है कि यदि बिलगांव बांध के कैचमेंट क्षेत्र में वर्षा अधिक होती है, तो जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध के गेटों को आवश्यकता के अनुसार और अधिक खोला जा सकता है। ऐसी स्थिति में बांध से निकलने वाले पानी का प्रवाह बढ़ सकता है। *प्रभावित/सतर्कता वाले ग्राम:* शहपुरा विकासखंड के अंतर्गत बिलगांव, पिपरिया, अमठेरा, बरगांव, करौंदी, इंदौरी, घुंडीसरई, डुंडीसरई, कारीगढ़हरी, चंदवाही, चांटी, फुलवाही,मेंहदवानी विकासखंड के अंतर्गत पिंडरई, कुटरई एवं फूलवाही ग्राम शामिल हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि बांध से पानी की निकासी के दौरान नदी के किनारे, निचले क्षेत्रों एवं जल प्रवाह वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से न जाएं और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
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    बिलगांव बांध का एक अतिरिक्त गेट 26 सितंबर को सुबह 7 बजे खोला जाएगा
कैचमेंट क्षेत्र में अधिक वर्षा के चलते अतिरिक्त पानी की निकासी की जाएगी; निचले क्षेत्र के ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
डिंडौरी।
बिलगांव बांध के कैचमेंट क्षेत्र में अधिक वर्षा होने के कारण बांध में जलभराव की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए दिनांक 26 सितंबर 2026 को सुबह 7:00 बजे बांध का एक अतिरिक्त गेट खोला जाएगा। इस दौरान बांध से पानी की निकासी की जाएगी।
*बांध से कुल 2 गेट खुले रहेंगे,* जिनमें एक गेट 60 सेंटीमीटर तथा दूसरा गेट 50 सेंटीमीटर तक खोला जाएगा। इन गेटों से लगभग 73.16 क्यूमेक (घन मीटर प्रति सेकंड) पानी का डिस्चार्ज होगा।
प्रशासन द्वारा बताया गया है कि यदि बिलगांव बांध के कैचमेंट क्षेत्र में वर्षा अधिक होती है, तो जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध के गेटों को आवश्यकता के अनुसार और अधिक खोला जा सकता है। ऐसी स्थिति में बांध से निकलने वाले पानी का प्रवाह बढ़ सकता है।
*प्रभावित/सतर्कता वाले ग्राम:* 
शहपुरा विकासखंड के अंतर्गत बिलगांव, पिपरिया, अमठेरा, बरगांव, करौंदी, इंदौरी, घुंडीसरई, डुंडीसरई, कारीगढ़हरी, चंदवाही, चांटी, फुलवाही,मेंहदवानी विकासखंड के अंतर्गत पिंडरई, कुटरई एवं फूलवाही  ग्राम शामिल हैं।
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि बांध से पानी की निकासी के दौरान नदी के किनारे, निचले क्षेत्रों एवं जल प्रवाह वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से न जाएं और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
    user_मोर डिण्डौरी
    मोर डिण्डौरी
    Local News Reporter शाहपुरा, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    27 min ago
  • तकनीकी स्वीकृति की फाइल में त्रुटि का पेंच 39 वार्डों का विकास ठप, शहडोल नपा के पार्षदों ने संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन शहडोल। शहडोल नगर पालिका में इन दिनों विकास का पहिया घोंघे की रफ्तार से भी धीमा चल रहा है, और इसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि संभागीय कार्यालय में बैठे अफसरों की वो लाल कलम है, जो हर फाइल में कोई न कोई त्रुटि निकालकर उसे कागजों के ढेर में वापस दबा देती है। पिछले दो सालों से नगर के सभी 39 वार्डों के पार्षद अपने-अपने इलाके में रोड, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। आखिर में सब्र का बांध टूटा तो संयुक्त पार्षद मंच के बैनर तले तमाम पार्षदों ने एकजुट होकर संभागायुक्त की चौखट पर जाकर ज्ञापन का पुलिंदा सौंप दिया। 2 साल से फाइलों का पिंग-पॉन्ग खेल पार्षदों का सीधा आरोप है कि जब भी वार्ड की जनता के लिए रोड, नाली या पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रस्ताव नगर पालिका स्तर से मंजूर होकर तकनीकी स्वीकृति के लिए कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास संभागीय कार्यालय भेजा जाता है, तो वहां बैठे जिम्मेदार अफसर कोई न कोई कमी या त्रुटि का बहाना बनाकर फाइलों को वापस लौटा देते हैं। पिछले 2 वर्षों से फाइलों का यह पिंग-पॉन्ग खेल बदस्तूर जारी है। निकाय दफ्तर से फाइल ईई दफ्तर जाती है और वहां से तकनीकी पेंच फंसाकर वापस नगर पालिका भेज दी जाती है। इस चक्कर में 39 वार्डों का विकास कार्य पूरी तरह से ठप्प पड़ा है और जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि अपनी ही नगर सरकार में उपेक्षित और लाचार महसूस कर रहे हैं। 1 साल में 3 सीएमओ और 2 ईई बदले! शहडोल नगर पालिका में प्रशासनिक स्थिरता की क्या स्थिति है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते एक साल में यहां 3-3 मुख्य नगर पालिका अधिकारी बदले जा चुके हैं। संभागीय कार्यालय का हाल तो और भी हास्यास्पद है, यहां कार्यपालन यंत्री के 02 पद स्वीकृत हैं, लेकिन काम सिर्फ 01 ही अफसर के भरोसे चल रहा है। इस एक साल में यहां भी 2 बार कार्यपालन यंत्री बदले जा चुके हैं। जब दफ्तरों में अफसरों का आना-जाना ही लगा रहेगा, तो विकास की फाइलों पर दस्तखत कौन करेगा? इस तबादला उद्योग का खामियाजा सीधे तौर पर शहडोल की आम जनता भुगत रही है। बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड रोड बेहाल संयुक्त पार्षद मंच ने अपने शिकायती पत्र में नगर की दो प्रमुख और विकराल समस्याओं पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कराया है। बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड मार्ग: इस बेहद व्यस्त मार्ग के निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सडक़ की खस्ताहाली और धूल-गड्ढों से जनता का गुस्सा दिन-ब-दिन फूट रहा है। सीवर परियोजना का कोराम: पिछले 2 सालों से शहडोल शहर में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर पूरे शहर को खोदकर छोड़ दिया गया है। सीवर कंपनी अपनी मर्जी से जहां चाहे खुदाई कर देती है, न कोई समयसीमा है और न ही वार्ड पार्षदों को इसकी कोई पूर्व सूचना दी जाती है। जनता रोज दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है और ठेकेदार बेफिक्र घूम रहा है। अव्यवस्था सुधारो, वरना होगा आंदोलन शहडोल के सभी वार्ड पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि तकनीकी स्वीकृतियों में अनावश्यक देरी का यह सिलसिला तुरंत बंद नहीं हुआ और सीवर कंपनी की मनमानी पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनप्रतिनिधि खामोश नहीं बैठेंगे। अब देखना यह होगा कि संभागायुक्त के हस्तक्षेप के बाद संभागीय कार्यालय के कार्यपालन यंत्री और नगर पालिका प्रशासन की नींद टूटती है या फिर 39 वार्डों का विकास यूं ही फाइलों के पन्नों में दम तोड़ता रहेगा। तकनीकी स्वीकृति की फाइल में त्रुटि का पेंच 39 वार्डों का विकास ठप, शहडोल नपा के पार्षदों ने संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन शहडोल। शहडोल नगर पालिका में इन दिनों विकास का पहिया घोंघे की रफ्तार से भी धीमा चल रहा है, और इसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि संभागीय कार्यालय में बैठे अफसरों की वो लाल कलम है, जो हर फाइल में कोई न कोई त्रुटि निकालकर उसे कागजों के ढेर में वापस दबा देती है। पिछले दो सालों से नगर के सभी 39 वार्डों के पार्षद अपने-अपने इलाके में रोड, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। आखिर में सब्र का बांध टूटा तो संयुक्त पार्षद मंच के बैनर तले तमाम पार्षदों ने एकजुट होकर संभागायुक्त की चौखट पर जाकर ज्ञापन का पुलिंदा सौंप दिया। 2 साल से फाइलों का पिंग-पॉन्ग खेल पार्षदों का सीधा आरोप है कि जब भी वार्ड की जनता के लिए रोड, नाली या पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रस्ताव नगर पालिका स्तर से मंजूर होकर तकनीकी स्वीकृति के लिए कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास संभागीय कार्यालय भेजा जाता है, तो वहां बैठे जिम्मेदार अफसर कोई न कोई कमी या त्रुटि का बहाना बनाकर फाइलों को वापस लौटा देते हैं। पिछले 2 वर्षों से फाइलों का यह पिंग-पॉन्ग खेल बदस्तूर जारी है। निकाय दफ्तर से फाइल ईई दफ्तर जाती है और वहां से तकनीकी पेंच फंसाकर वापस नगर पालिका भेज दी जाती है। इस चक्कर में 39 वार्डों का विकास कार्य पूरी तरह से ठप्प पड़ा है और जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि अपनी ही नगर सरकार में उपेक्षित और लाचार महसूस कर रहे हैं। 1 साल में 3 सीएमओ और 2 ईई बदले! शहडोल नगर पालिका में प्रशासनिक स्थिरता की क्या स्थिति है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते एक साल में यहां 3-3 मुख्य नगर पालिका अधिकारी बदले जा चुके हैं। संभागीय कार्यालय का हाल तो और भी हास्यास्पद है, यहां कार्यपालन यंत्री के 02 पद स्वीकृत हैं, लेकिन काम सिर्फ 01 ही अफसर के भरोसे चल रहा है। इस एक साल में यहां भी 2 बार कार्यपालन यंत्री बदले जा चुके हैं। जब दफ्तरों में अफसरों का आना-जाना ही लगा रहेगा, तो विकास की फाइलों पर दस्तखत कौन करेगा? इस तबादला उद्योग का खामियाजा सीधे तौर पर शहडोल की आम जनता भुगत रही है। बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड रोड बेहाल संयुक्त पार्षद मंच ने अपने शिकायती पत्र में नगर की दो प्रमुख और विकराल समस्याओं पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कराया है। बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड मार्ग: इस बेहद व्यस्त मार्ग के निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सडक़ की खस्ताहाली और धूल-गड्ढों से जनता का गुस्सा दिन-ब-दिन फूट रहा है। सीवर परियोजना का कोराम: पिछले 2 सालों से शहडोल शहर में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर पूरे शहर को खोदकर छोड़ दिया गया है। सीवर कंपनी अपनी मर्जी से जहां चाहे खुदाई कर देती है, न कोई समयसीमा है और न ही वार्ड पार्षदों को इसकी कोई पूर्व सूचना दी जाती है। जनता रोज दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है और ठेकेदार बेफिक्र घूम रहा है। अव्यवस्था सुधारो, वरना होगा आंदोलन शहडोल के सभी वार्ड पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि तकनीकी स्वीकृतियों में अनावश्यक देरी का यह सिलसिला तुरंत बंद नहीं हुआ और सीवर कंपनी की मनमानी पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनप्रतिनिधि खामोश नहीं बैठेंगे। अब देखना यह होगा कि संभागायुक्त के हस्तक्षेप के बाद संभागीय कार्यालय के कार्यपालन यंत्री और नगर पालिका प्रशासन की नींद टूटती है या फिर 39 वार्डों का विकास यूं ही फाइलों के पन्नों में दम तोड़ता रहेगा।
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    तकनीकी स्वीकृति की फाइल में त्रुटि का पेंच
39 वार्डों का विकास ठप, शहडोल नपा के पार्षदों ने संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन 

शहडोल। शहडोल नगर पालिका में इन दिनों विकास का पहिया घोंघे की रफ्तार से भी धीमा चल रहा है, और इसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि संभागीय कार्यालय में बैठे अफसरों की वो लाल कलम है, जो हर फाइल में कोई न कोई त्रुटि निकालकर उसे कागजों के ढेर में वापस दबा देती है। पिछले दो सालों से नगर के सभी 39 वार्डों के पार्षद अपने-अपने इलाके में रोड, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। आखिर में सब्र का बांध टूटा तो संयुक्त पार्षद मंच के बैनर तले तमाम पार्षदों ने एकजुट होकर संभागायुक्त की चौखट पर जाकर ज्ञापन का पुलिंदा सौंप दिया।
2 साल से फाइलों का पिंग-पॉन्ग खेल 
पार्षदों का सीधा आरोप है कि जब भी वार्ड की जनता के लिए रोड, नाली या पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रस्ताव नगर पालिका स्तर से मंजूर होकर तकनीकी स्वीकृति के लिए कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास संभागीय कार्यालय भेजा जाता है, तो वहां बैठे जिम्मेदार अफसर कोई न कोई कमी या त्रुटि का बहाना बनाकर फाइलों को वापस लौटा देते हैं। पिछले 2 वर्षों से फाइलों का यह पिंग-पॉन्ग खेल बदस्तूर जारी है। निकाय दफ्तर से फाइल ईई दफ्तर जाती है और वहां से तकनीकी पेंच फंसाकर वापस नगर पालिका भेज दी जाती है। इस चक्कर में 39 वार्डों का विकास कार्य पूरी तरह से ठप्प पड़ा है और जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि अपनी ही नगर सरकार में उपेक्षित और लाचार महसूस कर रहे हैं।
1 साल में 3 सीएमओ और 2 ईई बदले!
शहडोल नगर पालिका में प्रशासनिक स्थिरता की क्या स्थिति है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते एक साल में यहां 3-3 मुख्य नगर पालिका अधिकारी बदले जा चुके हैं। संभागीय कार्यालय का हाल तो और भी हास्यास्पद है, यहां कार्यपालन यंत्री के 02 पद स्वीकृत हैं, लेकिन काम सिर्फ 01 ही अफसर के भरोसे चल रहा है। इस एक साल में यहां भी 2 बार कार्यपालन यंत्री बदले जा चुके हैं। जब दफ्तरों में अफसरों का आना-जाना ही लगा रहेगा, तो विकास की फाइलों पर दस्तखत कौन करेगा? इस तबादला उद्योग का खामियाजा सीधे तौर पर शहडोल की आम जनता भुगत रही है।
बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड रोड बेहाल 
संयुक्त पार्षद मंच ने अपने शिकायती पत्र में नगर की दो प्रमुख और विकराल समस्याओं पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कराया है। 
बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड मार्ग: इस बेहद व्यस्त मार्ग के निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सडक़ की खस्ताहाली और धूल-गड्ढों से जनता का गुस्सा दिन-ब-दिन फूट रहा है।
सीवर परियोजना का कोराम: पिछले 2 सालों से शहडोल शहर में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर पूरे शहर को खोदकर छोड़ दिया गया है। सीवर कंपनी अपनी मर्जी से जहां चाहे खुदाई कर देती है, न कोई समयसीमा है और न ही वार्ड पार्षदों को इसकी कोई पूर्व सूचना दी जाती है। जनता रोज दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है और ठेकेदार बेफिक्र घूम रहा है।
अव्यवस्था सुधारो, वरना होगा आंदोलन
शहडोल के सभी वार्ड पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि तकनीकी स्वीकृतियों में अनावश्यक देरी का यह सिलसिला तुरंत बंद नहीं हुआ और सीवर कंपनी की मनमानी पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनप्रतिनिधि खामोश नहीं बैठेंगे। अब देखना यह होगा कि संभागायुक्त के हस्तक्षेप के बाद संभागीय कार्यालय के कार्यपालन यंत्री और नगर पालिका प्रशासन की नींद टूटती है या फिर 39 वार्डों का विकास यूं ही फाइलों के पन्नों में दम तोड़ता रहेगा।
तकनीकी स्वीकृति की फाइल में त्रुटि का पेंच
39 वार्डों का विकास ठप, शहडोल नपा के पार्षदों ने संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन 
शहडोल। शहडोल नगर पालिका में इन दिनों विकास का पहिया घोंघे की रफ्तार से भी धीमा चल रहा है, और इसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि संभागीय कार्यालय में बैठे अफसरों की वो लाल कलम है, जो हर फाइल में कोई न कोई त्रुटि निकालकर उसे कागजों के ढेर में वापस दबा देती है। पिछले दो सालों से नगर के सभी 39 वार्डों के पार्षद अपने-अपने इलाके में रोड, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। आखिर में सब्र का बांध टूटा तो संयुक्त पार्षद मंच के बैनर तले तमाम पार्षदों ने एकजुट होकर संभागायुक्त की चौखट पर जाकर ज्ञापन का पुलिंदा सौंप दिया।
2 साल से फाइलों का पिंग-पॉन्ग खेल 
पार्षदों का सीधा आरोप है कि जब भी वार्ड की जनता के लिए रोड, नाली या पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रस्ताव नगर पालिका स्तर से मंजूर होकर तकनीकी स्वीकृति के लिए कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास संभागीय कार्यालय भेजा जाता है, तो वहां बैठे जिम्मेदार अफसर कोई न कोई कमी या त्रुटि का बहाना बनाकर फाइलों को वापस लौटा देते हैं। पिछले 2 वर्षों से फाइलों का यह पिंग-पॉन्ग खेल बदस्तूर जारी है। निकाय दफ्तर से फाइल ईई दफ्तर जाती है और वहां से तकनीकी पेंच फंसाकर वापस नगर पालिका भेज दी जाती है। इस चक्कर में 39 वार्डों का विकास कार्य पूरी तरह से ठप्प पड़ा है और जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि अपनी ही नगर सरकार में उपेक्षित और लाचार महसूस कर रहे हैं।
1 साल में 3 सीएमओ और 2 ईई बदले!
शहडोल नगर पालिका में प्रशासनिक स्थिरता की क्या स्थिति है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते एक साल में यहां 3-3 मुख्य नगर पालिका अधिकारी बदले जा चुके हैं। संभागीय कार्यालय का हाल तो और भी हास्यास्पद है, यहां कार्यपालन यंत्री के 02 पद स्वीकृत हैं, लेकिन काम सिर्फ 01 ही अफसर के भरोसे चल रहा है। इस एक साल में यहां भी 2 बार कार्यपालन यंत्री बदले जा चुके हैं। जब दफ्तरों में अफसरों का आना-जाना ही लगा रहेगा, तो विकास की फाइलों पर दस्तखत कौन करेगा? इस तबादला उद्योग का खामियाजा सीधे तौर पर शहडोल की आम जनता भुगत रही है।
बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड रोड बेहाल 
संयुक्त पार्षद मंच ने अपने शिकायती पत्र में नगर की दो प्रमुख और विकराल समस्याओं पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कराया है। 
बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड मार्ग: इस बेहद व्यस्त मार्ग के निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सडक़ की खस्ताहाली और धूल-गड्ढों से जनता का गुस्सा दिन-ब-दिन फूट रहा है।
सीवर परियोजना का कोराम: पिछले 2 सालों से शहडोल शहर में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर पूरे शहर को खोदकर छोड़ दिया गया है। सीवर कंपनी अपनी मर्जी से जहां चाहे खुदाई कर देती है, न कोई समयसीमा है और न ही वार्ड पार्षदों को इसकी कोई पूर्व सूचना दी जाती है। जनता रोज दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है और ठेकेदार बेफिक्र घूम रहा है।
अव्यवस्था सुधारो, वरना होगा आंदोलन
शहडोल के सभी वार्ड पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि तकनीकी स्वीकृतियों में अनावश्यक देरी का यह सिलसिला तुरंत बंद नहीं हुआ और सीवर कंपनी की मनमानी पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनप्रतिनिधि खामोश नहीं बैठेंगे। अब देखना यह होगा कि संभागायुक्त के हस्तक्षेप के बाद संभागीय कार्यालय के कार्यपालन यंत्री और नगर पालिका प्रशासन की नींद टूटती है या फिर 39 वार्डों का विकास यूं ही फाइलों के पन्नों में दम तोड़ता रहेगा।
    user_POORAN LAL DUBEY
    POORAN LAL DUBEY
    Local News Reporter विजयराघवगढ़, कटनी, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • ग्राम खारी में सड़क निर्माण की मांग, ग्रामीणों ने विधायक से लगाई गुहार कीचड़ भरे रास्तों से आवागमन को मजबूर ग्रामीण, सड़क निर्माण की उठी मांग ब्यौहारी/शहडोल। जनपद पंचायत ब्यौहारी अंतर्गत ग्राम पंचायत खारी में सड़क सुविधा की समस्या को लेकर ग्रामीणों में परेशानी बनी हुई है। गांव में सड़क का अभाव होने के कारण बारिश के दौरान रास्तों में कीचड़ और जलभराव की स्थिति निर्मित हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क निर्माण की आवश्यकता महसूस की जा रही है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक से अपील करते हुए ग्राम खारी में जल्द से जल्द सड़क निर्माण करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध होने से ग्रामीणों को राहत मिलेगी और आवागमन सुगम हो सकेगा। वहीं, गांव की सड़क समस्या को लेकर विकास कार्यों और जिम्मेदार विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित जनप्रतिनिधि और प्रशासन उनकी समस्या का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेंगे। ग्रामीणों की मांग है कि ग्राम खारी में सड़क निर्माण को प्राथमिकता देते हुए जल्द समाधान किया जाए।
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    ग्राम खारी में सड़क निर्माण की मांग, ग्रामीणों ने विधायक से लगाई गुहार
कीचड़ भरे रास्तों से आवागमन को मजबूर ग्रामीण, सड़क निर्माण की उठी मांग
ब्यौहारी/शहडोल। जनपद पंचायत ब्यौहारी अंतर्गत ग्राम पंचायत खारी में सड़क सुविधा की समस्या को लेकर ग्रामीणों में परेशानी बनी हुई है। गांव में सड़क का अभाव होने के कारण बारिश के दौरान रास्तों में कीचड़ और जलभराव की स्थिति निर्मित हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क निर्माण की आवश्यकता महसूस की जा रही है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक से अपील करते हुए ग्राम खारी में जल्द से जल्द सड़क निर्माण करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध होने से ग्रामीणों को राहत मिलेगी और आवागमन सुगम हो सकेगा।
वहीं, गांव की सड़क समस्या को लेकर विकास कार्यों और जिम्मेदार विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित जनप्रतिनिधि और प्रशासन उनकी समस्या का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
ग्रामीणों की मांग है कि ग्राम खारी में सड़क निर्माण को प्राथमिकता देते हुए जल्द समाधान किया जाए।
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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