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बलिया: मामूली विवाद में गई 22 वर्षीय युवक की जान, गांव में मचा कोहराम!
Sadik Ahmad Journalist
बलिया: मामूली विवाद में गई 22 वर्षीय युवक की जान, गांव में मचा कोहराम!
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- बलिया: मामूली विवाद में गई 22 वर्षीय युवक की जान, गांव में मचा कोहराम!1
- 72 घंटे से बिजली गुल, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा; भीमपुरा-बेलौली मार्ग पर लगाया जा बिल्थरारोड तहसील क्षेत्र अंतर्गत रजईपुर विद्युत उपकेंद्र से सम्बद्ध गांव में 72 घंटे बाद भी बिजली नहीं आई तो ग्रामीणों ने जाम किया मार्ग, बलिया। चक्रवाती तूफान के दौरान पेड़ गिरने से क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था चरमरा गई। उधरन-सेमरी क्षेत्र में 72 घंटे बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होने से नाराज ग्रामीणों का सोमवार को आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शक्ति कुमार सिंह के नेतृत्व में सेमरी गांव के समीप भीमपुरा-बेलौली मार्ग पर आंशिक जाम लगा दिया और विद्युत विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप था कि रजईपुर विद्युत उपकेंद्र के कर्मचारियों को बार-बार सूचना देने के बावजूद विद्युत आपूर्ति बहाल करने में लापरवाही बरती गई। ग्रामीणों ने कहा कि बिजली बिल वसूलने के लिए कर्मचारी समय से गांवों में पहुंच जाते हैं, लेकिन आपूर्ति बाधित होने पर शिकायत के बाद भी समस्या के समाधान में देरी होती है। इस दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र में जर्जर विद्युत तार और पुराने खंभों की समस्या भी उठाई। उनका कहना था कि जर्जर विद्युत व्यवस्था के कारण आए दिन आपूर्ति बाधित होती है, लेकिन शिकायतों के बावजूद विभाग की ओर से स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। मार्ग जाम की सूचना मिलते ही विद्युत विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और आपूर्ति बहाल करने के कार्य में जुट गए। कर्मचारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया। देर रात बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। रजईपुर विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता हुकुमचंद ने बताया कि चक्रवाती तूफान के कारण क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई थी। विभागीय कर्मचारी दिन-रात लगकर विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटे थे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के सभी गांवों में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है। जाम के दौरान कल्पनाथ राव, कौशल गोस्वामी, पिंटू कुमार, शिवम समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।4
- 728 लोगों के नाम गायब! SIR के बाद सिर्फ 1 नाम बचा? वोटर लिस्ट पर बड़ा सवाल! यमुना किनारे बसी बेला एस्टेट को लेकर मतदाता सूची पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यहां करीब 728 लोग लंबे समय से रह रहे हैं, लेकिन SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में केवल एक व्यक्ति का नाम दर्ज रहने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इनमें से कई लोग 2024 के लोकसभा और 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में मतदान भी कर चुके हैं। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, 2023 में उनके घरों पर कार्रवाई हुई थी, लेकिन इसके बावजूद वे क्षेत्र में रह रहे हैं। इसी बीच मतदाता सूची में इतने बड़े स्तर पर नाम हटने को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। मामले को लेकर प्रशासन से यह सवाल पूछा जा रहा है कि किस आधार पर इतने लोगों के नाम हटाए गए और क्या सभी प्रभावित लोगों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर मिला? चुनाव प्रक्रिया में मतदाता का अधिकार केवल उसके मकान की स्थिति से तय नहीं होता। इसलिए पूरे मामले की पारदर्शी जांच और तथ्य सार्वजनिक किए जाने की मांग उठ रही है। यह मामला सिर्फ 728 नामों का नहीं, बल्कि उन लोगों के मताधिकार और लोकतांत्रिक भागीदारी से जुड़ा सवाल है। सवाल साफ है—अगर इतने लोगों के नाम हटे हैं, तो इसकी पूरी प्रक्रिया और कारण जनता के सामने कब आएंगे? #VoterList #SIR #Delhi #Yamuna #VoterRights #CJP #CockroachJantaParty #schoolthikkro #YouthMovement1
- नगरा में मारपीट के बाद युवक की मौत: गैर-इरादतन हत्या के मामले में चार गिरफ्तार, चार बांस की लाठियां बरामद नगरा (बलिया)। थाना नगरा क्षेत्र के ग्राम सेमरी में बिजली ठीक करने को लेकर हुए विवाद के बाद युवक की मौत के मामले में नगरा पुलिस ने चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चार बांस की लाठियां भी बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार, 27 सितंबर 2026 को करीब 11:30 बजे सेमरी गांव निवासी करीब 25 वर्षीय सोनू यादव अपने घर की खराब बिजली को ठीक करने के लिए पट्टीदार शैलेंद्र यादव के घर के सामने बिजली के खंभे से बिजली बना रहा था। इसी बात को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि विवाद के दौरान शैलेंद्र यादव और उसके परिवार के सदस्यों ने सोनू के साथ मारपीट की, जिससे वह घायल हो गया। सोनू को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल बलिया रेफर किया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में तहरीर के आधार पर थाना नगरा में मु0अ0सं0 190/2026, धारा 105, 115(2), 352 व 3(5) BNS के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने शैलेन्द्र यादव (33), सुमेर यादव (56), हरेराम (47) और राजकुमार यादव (18) को 27 सितंबर की रात करीब 10:20 बजे हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर डीह बाबा मंदिर-सोनाड़ी रोड के किनारे झाड़ी से चार बांस की लाठियां बरामद की गईं। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय भेज दिया। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बलिया ओमवीर सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी दिनेश कुमार शुक्ला के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी रसड़ा रजनीश कुमार और थानाध्यक्ष नगरा संजय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में की गई। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक संदीप कुमार, उपनिरीक्षक शिवकुमार यादव और कांस्टेबल दुर्गेश यादव शामिल रहे।1
- सुरेंद्र सिंह उर्फ शुभ नारायण की हुंकार, “बलिया के हईं, इहवे रहब-इहवे मरब” 2027 चुनाव को लेकर शुभ नारायण का बागी तेवर, बाहरी उम्मीदवारों का करेंगे विरोध क्रांति मैदान से जमात निकालने की तैयारी, बलिया की माटी के हक की उठी आवाज भाजपा नेता शुभ नारायण का ऐलान, बलिया के अधिकार के लिए लड़ाई रहेगी जारी1
- चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर DM कार्यालय कांग्रेसियो का प्रदर्शन,जलाया पुतला,दिया पत्रक #बलिया के नौजवान कांग्रेस नेताओं ने कलेक्ट परिसर में पुलिसकर्मी को दौड़ते हुए आखिर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर ही दिया @फैज़ान अहमद खान (PSO) अल्पसंख्यक उपाध्यक्ष कांग्रेस2
- राष्ट्रीय लोकदल ने नाले की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने को लेकर जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन नगर पालिका की जल निकासी व्यवस्था को लेकर किसानों की परेशानी अब जिला प्रशासन तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय लोक दल, जनपद मऊ के जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने जिलाधिकारी मऊ को ज्ञापन सौंपकर नाले की सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नगर पालिका अदरी के जल निकासी की सही व्यवस्था नहीं होने के कारण करीब 500 एकड़ फसल हर वर्ष जलभराव से प्रभावित हो रही है। बताया गया है कि किसानों के खेतों का पानी छोटी नहर के जरिए तमसा नदी में गिरता है, लेकिन लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण नहर जाम और अवरुद्ध हो गई है। ज्ञापन के मुताबिक, पहले हर साल बारिश से पहले मई-जून में नाले की सफाई कराई जाती थी, लेकिन अब सफाई नहीं होने से पानी का बहाव रुक गया है। इसका सीधा असर किसानों की धान और गेहूं की फसल पर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि जलभराव की समस्या के कारण खेती बर्बाद होने की स्थिति में पहुंच गई है। इसी को लेकर राष्ट्रीय लोक दल ने प्रशासन से नाले की तत्काल सफाई और जल निकासी का अवरुद्ध मार्ग खुलवाने की मांग की है, ताकि किसानों की फसल की समय पर कटाई और बुआई हो सके।2
- बलिया में बिजली के तार को लेकर दो पक्षों में विवाद, इलाज के दौरान युवक की मौत!1