पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर आगामी सिंहस्थ-2028 के लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को तैयार करने हेतु सागर की पुलिस लाइन में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का पाँचवाँ सप्ताह सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बेहतर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ प्रबंधन, आपदा प्रबंधन और समन्वित पुलिसिंग के लिए प्रतिभागियों को दक्ष बनाना है। इस पाँचवें सप्ताह के प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न थानों और शाखाओं से आए कुल 88 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सिंहस्थ मेले में कानून-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, वीआईपी ड्यूटी, यातायात प्रबंधन, आपदा व आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, संचार व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सहायता, सुरक्षा प्रबंधन तथा समन्वित पुलिस कार्यप्रणाली से संबंधित विषयों पर व्यावहारिक और सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान किया गया। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने विभिन्न परिस्थितियों के लिए अभ्यास (ड्रिल) भी करवाए, ताकि अधिकारी-कर्मचारी वास्तविक परिस्थितियों में अधिक प्रभावी और पेशेवर तरीके से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें। प्रशिक्षण के सफल समापन के बाद, सभी प्रतिभागियों के अनुभवों की समीक्षा की गई और उन्हें भविष्य में सिंहस्थ ड्यूटी के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया गया। यह विशेष प्रशिक्षण पुलिस बल की दक्षता, अनुशासन और आपदा प्रबंधन क्षमताओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर आगामी सिंहस्थ-2028 के लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को तैयार करने हेतु सागर की पुलिस लाइन में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का पाँचवाँ सप्ताह सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बेहतर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ प्रबंधन, आपदा प्रबंधन और समन्वित पुलिसिंग
के लिए प्रतिभागियों को दक्ष बनाना है। इस पाँचवें सप्ताह के प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न थानों और शाखाओं से आए कुल 88 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सिंहस्थ मेले में कानून-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, वीआईपी ड्यूटी, यातायात प्रबंधन, आपदा व आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, संचार व्यवस्था,
श्रद्धालुओं की सहायता, सुरक्षा प्रबंधन तथा समन्वित पुलिस कार्यप्रणाली से संबंधित विषयों पर व्यावहारिक और सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान किया गया। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने विभिन्न परिस्थितियों के लिए अभ्यास (ड्रिल) भी करवाए, ताकि अधिकारी-कर्मचारी वास्तविक परिस्थितियों में अधिक प्रभावी और पेशेवर तरीके से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें। प्रशिक्षण के सफल
समापन के बाद, सभी प्रतिभागियों के अनुभवों की समीक्षा की गई और उन्हें भविष्य में सिंहस्थ ड्यूटी के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया गया। यह विशेष प्रशिक्षण पुलिस बल की दक्षता, अनुशासन और आपदा प्रबंधन क्षमताओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- ओडिशा के जाजपुर टाउन में एक व्यक्ति का भाई कथित तौर पर बंद है, जिसके लिए वे उसे जमानत पर छुड़ाने आए हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने भाई की शादी करवाई थी, लेकिन लड़की के settle हो जाने के बाद जब उसके माता-पिता को बुलाया गया तो उन्होंने उन्हें भुला दिया। पीड़ित परिवार ने इस घटना के बाद एक गंभीर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि ओडिशा में कभी शादी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि वे खुद फंसे हुए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि ओडिशा की लड़कियाँ पैसे भी ले जाती हैं और लड़कों को फंसा भी देती हैं।3
- पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर आगामी सिंहस्थ-2028 के लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को तैयार करने हेतु सागर की पुलिस लाइन में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का पाँचवाँ सप्ताह सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बेहतर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ प्रबंधन, आपदा प्रबंधन और समन्वित पुलिसिंग के लिए प्रतिभागियों को दक्ष बनाना है। इस पाँचवें सप्ताह के प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न थानों और शाखाओं से आए कुल 88 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सिंहस्थ मेले में कानून-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, वीआईपी ड्यूटी, यातायात प्रबंधन, आपदा व आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, संचार व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सहायता, सुरक्षा प्रबंधन तथा समन्वित पुलिस कार्यप्रणाली से संबंधित विषयों पर व्यावहारिक और सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान किया गया। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने विभिन्न परिस्थितियों के लिए अभ्यास (ड्रिल) भी करवाए, ताकि अधिकारी-कर्मचारी वास्तविक परिस्थितियों में अधिक प्रभावी और पेशेवर तरीके से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें। प्रशिक्षण के सफल समापन के बाद, सभी प्रतिभागियों के अनुभवों की समीक्षा की गई और उन्हें भविष्य में सिंहस्थ ड्यूटी के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया गया। यह विशेष प्रशिक्षण पुलिस बल की दक्षता, अनुशासन और आपदा प्रबंधन क्षमताओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।4
- सागर जिले के गौरझामर का एक वीडियो क्षेत्र की सड़कों पर जलभराव और अव्यवस्था की हकीकत को दर्शाता है। यह वीडियो इस बात का उदाहरण पेश करता है कि कैसे बिना नालियों के सड़कें किस प्रकार की अव्यवस्था पैदा करती हैं। स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के अनुसार, बारिश के मौसम में उनका हाल बेहाल हो जाता है, क्योंकि जलभराव के कारण स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। जलमग्न होने के बाद जो नजारा दिखता है, उसके लिए लोग नाली के अभाव और खुद सड़कों को ही जिम्मेदार ठहराते हैं।1
- सागर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "SAFE CLICK अभियान-2026" के तहत दसवें दिन को धार्मिक एवं सामुदायिक जागरूकता दिवस के रूप में मनाया गया। इस विशेष पहल के अंतर्गत, जिले के विभिन्न मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों, चर्चों और अन्य सामुदायिक स्थलों पर पहुँचकर आम नागरिकों को साइबर अपराधों के खतरों से अवगत कराया गया। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस दौरान जनघोषणाओं, पैम्फलेट वितरण और सीधे संवाद के माध्यम से लोगों को डिजिटल अरेस्ट, OTP तथा UPI फ्रॉड, फर्जी KYC कॉल, QR कोड स्कैम, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग सहित अन्य ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए प्रभावी उपाय बताए। अभियान के दौरान नागरिकों से अपील की गई कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें और किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत सतर्क रहें। सागर पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो उसे बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए या साइबर अपराध पोर्टल पर सूचना देनी चाहिए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर आर्थिक नुकसान को रोका जा सके। यह अभियान लगातार लोगों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के प्रति जागरूक कर रहा है और नागरिकों से स्वयं सतर्क रहने के साथ-साथ अपने परिवार तथा समाज को भी साइबर अपराधों से बचने के लिए जागरूक करने की अपील की जा रही है।1
- मध्य प्रदेश के बेगमगंज स्थित बर्री कला के पास एक भयावह सड़क हादसे में शक्ति ट्रांसपोर्ट की बस ने एक बाइक को टक्कर मार दी, जिससे एक पिता और उनके पाँच वर्षीय बेटे की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में पूरन सिंह सहरिया और उनके 5 वर्षीय बेटे ने अपनी जान गंवा दी। उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि उनका एक और पुत्र हालांकि सुरक्षित रहा, लेकिन उसे भी चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बस को जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद एक बार फिर स्थानीय लोग तेज रफ्तार पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं शक्ति ट्रांसपोर्ट कंपनी की बसों पर फिर से सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।1
- गुरुवार को भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट में 24 साल तक देश सेवा करने के बाद, ग्राम बम्होरी खड़ेसरा निवासी गनर राजेश कुर्मी पटेल सेवानिवृत्त होकर अपने पैतृक गांव बीना लौटे। बीना की धरती पर कदम रखते ही उनका भव्य स्वागत किया गया, जहाँ 'भारतीय आर्मी जिंदाबाद', 'भारत माता की जय' और 'भारत जिंदाबाद' के नारों से पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंग गया। राजेश कुर्मी के गांव पहुँचते ही ग्रामीणों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जगह-जगह स्वागत रैली निकाली। इस नागरिक अभिनंदन में पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर, पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ठाकुर, पंडित सोनू शर्मा, राजेंद्र सिंह, बड़े भाई प्रमोद राय, चंद्रभान सिंह ठाकुर, श्रीकांत पाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों ने फूलमाला पहनाकर और पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। एक साधारण किसान परिवार से आने वाले राजेश कुर्मी ने विषम परिस्थितियों के बावजूद भारतीय सेना में शामिल होकर देश सेवा के अपने सपने को पूरा किया था। आर्टिलरी रेजिमेंट में रहते हुए, उन्होंने 24 साल की सेवा के दौरान देश के विभिन्न सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दीं, जिसे गांव के लोग उनके त्याग और समर्पण का एक प्रेरणादायक उदाहरण बता रहे हैं। इस स्वागत समारोह में शामिल ग्रामीणों ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि राजेश कुर्मी ने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है और वे युवाओं के लिए एक प्रेरणा हैं कि कैसे सीमित संसाधनों में भी मेहनत और देशभक्ति के बल पर बड़े लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं। गनर राजेश कुर्मी का यह भव्य स्वागत सिर्फ एक सैनिक का सम्मान नहीं था, बल्कि पूरे गांव द्वारा भारतीय सेना के प्रति आभार और सम्मान व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी बन गया।4
- ललितपुर पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक श्री कालू सिंह और क्षेत्राधिकारी तालबेहट श्री आशीष मिश्रा के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अपराध-विरोधी अभियान के तहत, थाना पूराकला पुलिस ने एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी थाना पूराकला में पंजीकृत मु0अ0सं0 97/26, धारा 65(1)/351(3) बीएनएस और ¾ पाक्सो एक्ट के तहत नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में की गई है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान शिवम अहिरवार पुत्र श्यामलाल अहिरवार (उम्र लगभग 21 वर्ष, निवासी ग्राम धमना, थाना पूराकलां, जनपद ललितपुर) के रूप में हुई है। उसकी गिरफ्तारी 03 जून 2026 को की गई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उप निरीक्षक वीरेन्द्र कुमार और कांस्टेबल विष्णु प्रताप सिंह शामिल थे। अभियुक्त को नियमानुसार गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा हेतु माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।1
- बीना विधानसभा के खिमलासा थाना क्षेत्र के ग्राम बसाहरी में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसे में दो चचेरे भाइयों की करंट लगने से मौत हो गई। दोनों युवक शौच के लिए जा रहे थे, तभी वे एक खेत के चारों ओर लगी तार फेंसिंग में दौड़ रहे करंट की चपेट में आ गए। इस घटना के बाद से पूरे गांव में मातम छा गया है। मिली जानकारी के अनुसार, खोजाखेड़ी निवासी विकास मोगिया (पारदी) और उनके चचेरे भाई, पथरिया जैगन निवासी 35 वर्षीय प्रवेश मोगिया, ग्राम बसाहरी में तंबू लगाकर रह रहे थे। गुरुवार शाम शौच के लिए निकलते समय वे एक खेत की तार फेंसिंग के संपर्क में आ गए, जिसमें करंट प्रवाहित हो रहा था। करंट लगने से दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। परिजन और ग्रामीण तत्काल दोनों को सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही खिमलासा पुलिस मौके पर पहुंची। शुक्रवार दोपहर करीब 12:15 बजे पंचनामा कार्रवाई के बाद दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है, जिसमें यह पता लगाया जा रहा है कि खेत की तार फेंसिंग में करंट कैसे आया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। इस दुखद घटना से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक प्रवेश मोगिया अपने पीछे चार बच्चों का परिवार छोड़ गए हैं, जिनमें दो बेटे और दो बेटियां शामिल हैं। वहीं, मृतक विकास मोगिया के परिवार में तीन बेटे और एक बेटी हैं, और उनकी पत्नी सात माह की गर्भवती हैं। घटना के बाद दोनों परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।4