उत्तर प्रदेश के बदायूँ जिले में, सरकार के 'मिशन शक्ति' और 'महिला सशक्तिकरण' के दावों के बीच, आसफपुर और इस्लामनगर ब्लॉक से व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। सरकारी तंत्र की कथित लापरवाही, वित्तीय अनियमितताओं और ग्राम प्रधानों की तानाशाही के कारण स्वयं सहायता समूह की गरीब केयरटेकर महिलाएं पिछले कई महीनों से अपने मानदेय के लिए भटक रही हैं। इस मानसिक उत्पीड़न और आर्थिक शोषण के खिलाफ अब अंबेडकर जस्टिस पार्टी ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल कुमार ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बदायूँ को एक अंतिम पत्र (पत्रांक संख्या: AJP/2026/CDO/04) सौंपकर प्रशासन को 3 दिन (72 घंटे) का सख्त अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तय समय-सीमा के भीतर पीड़ित महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया, तो पार्टी बिसौली एसडीएम कार्यालय (तहसील मुख्यालय) पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। राहुल कुमार ने आरोप लगाया कि पूर्व में सीडीओ द्वारा जांच और निस्तारण के लिए 14 दिन का समय दिया गया था, लेकिन समय-सीमा बीतने के बाद भी ब्लॉक स्तर पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने दुख और आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, "कार्रवाई करना तो दूर, संबंधित अधिकारियों द्वारा द्वेषभावना के तहत पीड़ित महिलाओं को डराया, धमकाया और गुमराह किया जा रहा है। अधिकारियों के इस अड़ियल रवैये के कारण गांवों में आपसी विवाद और तनाव की स्थिति पैदा हो रही है।" पार्टी ने पुरजोर मांग की है कि सामुदायिक शौचालय की केयरटेकर महिलाओं का मानदेय बिना किसी बिचौलिए या अड़चन के सीधे उनके पर्सनल बैंक खातों में भेजा जाए। संगठन ने प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मामले भी रखे हैं: पिंकी (ग्राम बीधा नगला, ब्लॉक आसफपुर) को समूह के खाते में भेजी गई ₹72,000 की मानदेय राशि तुरंत दिलाई जाए और अवैध रूप से छीनी गई शौचालय की चाबी ससम्मान वापस कराई जाए। प्रीति (ग्राम सिरसावा, ब्लॉक आसफपुर) का पिछले 11 महीने का बकाया मानदेय ₹81,000 जो पिछले 1 साल से समूह के खाते में पड़ा है, उसे तुरंत विमुक्त किया जाए, क्योंकि अधिकारियों की शह पर अन्य महिलाओं द्वारा उसे निकलने नहीं दिया जा रहा है। सोनी (ग्राम मित्ररोली, ब्लॉक इस्लामनगर) को पिछले 51 महीने (साढ़े चार साल से अधिक) से स्थानीय ग्राम प्रधान द्वारा दुर्भावना के चलते मानदेय नहीं दिया जा रहा है; आरोप है कि प्रधान द्वारा "जब तक प्रधानी पर रहूँगा, मानदेय नहीं निकलने दूँगा" जैसी तानाशाही धमकी दी गई है, जिस पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई कर सोनी का मानदेय दिलाया जाए। इसके अतिरिक्त, ब्लॉक आसफपुर में तैनात दोनों अधिकारियों की कथित आपसी साठगांठ और भ्रष्टाचार को तोड़ने के लिए उनका तत्काल प्रभाव से अन्य ब्लॉक में स्थानांतरण करने और महिलाओं को डरा-धमकाकर सादे कागजों पर कराए गए हस्ताक्षरों को तत्काल अमान्य घोषित करने की भी मांग की गई है। अंबेडकर जस्टिस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल कुमार ने कड़े लहजे में कहा है कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है। यदि 3 दिन के भीतर इन शोषित महिलाओं को इंसाफ नहीं मिला, तो बिसौली तहसील मुख्यालय पर ऐतिहासिक अनिश्चितकालीन धरना शुरू होगा, जो महिलाओं को उनका पूरा हक और सम्मान मिलने के बाद ही समाप्त होगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन, मण्डलायुक्त बरेली मण्डल, जिला अधिकारी (DM) बदायूँ और उप-जिलाधिकारी (SDM) बिसौली को भी आवश्यक और त्वरित कार्रवाई हेतु भेजी गई है। अब देखना यह है कि कुंभकर्णी नींद में सोया प्रशासनिक अमला इन बेबस महिलाओं को 72 घंटे में न्याय देता है या फिर बिसौली तहसील आंदोलन की आग में तपेगी।
उत्तर प्रदेश के बदायूँ जिले में, सरकार के 'मिशन शक्ति' और 'महिला सशक्तिकरण' के दावों के बीच, आसफपुर और इस्लामनगर ब्लॉक से व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। सरकारी तंत्र की कथित लापरवाही, वित्तीय अनियमितताओं और ग्राम प्रधानों की तानाशाही के कारण स्वयं सहायता समूह की गरीब केयरटेकर महिलाएं पिछले कई महीनों से अपने मानदेय के लिए भटक रही हैं। इस मानसिक उत्पीड़न और आर्थिक शोषण के खिलाफ अब अंबेडकर जस्टिस पार्टी ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल कुमार ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बदायूँ को एक अंतिम पत्र (पत्रांक संख्या: AJP/2026/CDO/04) सौंपकर प्रशासन को 3 दिन (72 घंटे) का सख्त अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तय समय-सीमा के भीतर पीड़ित महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया, तो पार्टी बिसौली एसडीएम कार्यालय (तहसील मुख्यालय) पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। राहुल कुमार ने आरोप लगाया कि पूर्व में सीडीओ द्वारा जांच और निस्तारण के लिए 14 दिन का समय दिया गया था, लेकिन समय-सीमा बीतने के बाद भी ब्लॉक स्तर पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने दुख और आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, "कार्रवाई करना तो दूर, संबंधित अधिकारियों द्वारा द्वेषभावना के तहत पीड़ित महिलाओं को डराया, धमकाया और गुमराह किया जा रहा है। अधिकारियों के इस अड़ियल रवैये के कारण गांवों में आपसी विवाद और तनाव की स्थिति पैदा हो रही है।" पार्टी ने पुरजोर मांग की है कि सामुदायिक शौचालय की केयरटेकर महिलाओं का मानदेय बिना किसी बिचौलिए या अड़चन के सीधे उनके पर्सनल बैंक खातों में भेजा जाए। संगठन ने प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मामले भी रखे हैं: पिंकी (ग्राम बीधा नगला, ब्लॉक आसफपुर) को समूह के खाते में भेजी गई ₹72,000 की मानदेय राशि तुरंत दिलाई जाए और अवैध रूप से छीनी गई शौचालय की चाबी ससम्मान वापस कराई जाए। प्रीति (ग्राम सिरसावा, ब्लॉक आसफपुर) का पिछले 11 महीने का बकाया मानदेय ₹81,000 जो पिछले 1 साल से समूह के खाते में पड़ा है, उसे तुरंत विमुक्त किया जाए, क्योंकि अधिकारियों की शह पर अन्य महिलाओं द्वारा उसे निकलने नहीं दिया जा रहा है। सोनी (ग्राम मित्ररोली, ब्लॉक इस्लामनगर) को पिछले 51 महीने (साढ़े चार साल से अधिक) से स्थानीय ग्राम प्रधान द्वारा दुर्भावना के चलते मानदेय नहीं दिया जा रहा है; आरोप है कि प्रधान द्वारा "जब तक प्रधानी पर रहूँगा, मानदेय नहीं निकलने दूँगा" जैसी तानाशाही धमकी दी गई है, जिस पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई कर सोनी का मानदेय दिलाया जाए। इसके अतिरिक्त, ब्लॉक आसफपुर में तैनात दोनों अधिकारियों की कथित आपसी साठगांठ और भ्रष्टाचार को तोड़ने के लिए उनका तत्काल प्रभाव से अन्य ब्लॉक में स्थानांतरण करने और महिलाओं को डरा-धमकाकर सादे कागजों पर कराए गए हस्ताक्षरों को तत्काल अमान्य घोषित करने की भी मांग की गई है। अंबेडकर जस्टिस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल कुमार ने कड़े लहजे में कहा है कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है। यदि 3 दिन के भीतर इन शोषित महिलाओं को इंसाफ नहीं मिला, तो बिसौली तहसील मुख्यालय पर ऐतिहासिक अनिश्चितकालीन धरना शुरू होगा, जो महिलाओं को उनका पूरा हक और सम्मान मिलने के बाद ही समाप्त होगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन, मण्डलायुक्त बरेली मण्डल, जिला अधिकारी (DM) बदायूँ और उप-जिलाधिकारी (SDM) बिसौली को भी आवश्यक और त्वरित कार्रवाई हेतु भेजी गई है। अब देखना यह है कि कुंभकर्णी नींद में सोया प्रशासनिक अमला इन बेबस महिलाओं को 72 घंटे में न्याय देता है या फिर बिसौली तहसील आंदोलन की आग में तपेगी।
- उत्तर प्रदेश के बदायूँ जिले में, सरकार के 'मिशन शक्ति' और 'महिला सशक्तिकरण' के दावों के बीच, आसफपुर और इस्लामनगर ब्लॉक से व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। सरकारी तंत्र की कथित लापरवाही, वित्तीय अनियमितताओं और ग्राम प्रधानों की तानाशाही के कारण स्वयं सहायता समूह की गरीब केयरटेकर महिलाएं पिछले कई महीनों से अपने मानदेय के लिए भटक रही हैं। इस मानसिक उत्पीड़न और आर्थिक शोषण के खिलाफ अब अंबेडकर जस्टिस पार्टी ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल कुमार ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बदायूँ को एक अंतिम पत्र (पत्रांक संख्या: AJP/2026/CDO/04) सौंपकर प्रशासन को 3 दिन (72 घंटे) का सख्त अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तय समय-सीमा के भीतर पीड़ित महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया, तो पार्टी बिसौली एसडीएम कार्यालय (तहसील मुख्यालय) पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। राहुल कुमार ने आरोप लगाया कि पूर्व में सीडीओ द्वारा जांच और निस्तारण के लिए 14 दिन का समय दिया गया था, लेकिन समय-सीमा बीतने के बाद भी ब्लॉक स्तर पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने दुख और आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, "कार्रवाई करना तो दूर, संबंधित अधिकारियों द्वारा द्वेषभावना के तहत पीड़ित महिलाओं को डराया, धमकाया और गुमराह किया जा रहा है। अधिकारियों के इस अड़ियल रवैये के कारण गांवों में आपसी विवाद और तनाव की स्थिति पैदा हो रही है।" पार्टी ने पुरजोर मांग की है कि सामुदायिक शौचालय की केयरटेकर महिलाओं का मानदेय बिना किसी बिचौलिए या अड़चन के सीधे उनके पर्सनल बैंक खातों में भेजा जाए। संगठन ने प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मामले भी रखे हैं: पिंकी (ग्राम बीधा नगला, ब्लॉक आसफपुर) को समूह के खाते में भेजी गई ₹72,000 की मानदेय राशि तुरंत दिलाई जाए और अवैध रूप से छीनी गई शौचालय की चाबी ससम्मान वापस कराई जाए। प्रीति (ग्राम सिरसावा, ब्लॉक आसफपुर) का पिछले 11 महीने का बकाया मानदेय ₹81,000 जो पिछले 1 साल से समूह के खाते में पड़ा है, उसे तुरंत विमुक्त किया जाए, क्योंकि अधिकारियों की शह पर अन्य महिलाओं द्वारा उसे निकलने नहीं दिया जा रहा है। सोनी (ग्राम मित्ररोली, ब्लॉक इस्लामनगर) को पिछले 51 महीने (साढ़े चार साल से अधिक) से स्थानीय ग्राम प्रधान द्वारा दुर्भावना के चलते मानदेय नहीं दिया जा रहा है; आरोप है कि प्रधान द्वारा "जब तक प्रधानी पर रहूँगा, मानदेय नहीं निकलने दूँगा" जैसी तानाशाही धमकी दी गई है, जिस पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई कर सोनी का मानदेय दिलाया जाए। इसके अतिरिक्त, ब्लॉक आसफपुर में तैनात दोनों अधिकारियों की कथित आपसी साठगांठ और भ्रष्टाचार को तोड़ने के लिए उनका तत्काल प्रभाव से अन्य ब्लॉक में स्थानांतरण करने और महिलाओं को डरा-धमकाकर सादे कागजों पर कराए गए हस्ताक्षरों को तत्काल अमान्य घोषित करने की भी मांग की गई है। अंबेडकर जस्टिस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल कुमार ने कड़े लहजे में कहा है कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है। यदि 3 दिन के भीतर इन शोषित महिलाओं को इंसाफ नहीं मिला, तो बिसौली तहसील मुख्यालय पर ऐतिहासिक अनिश्चितकालीन धरना शुरू होगा, जो महिलाओं को उनका पूरा हक और सम्मान मिलने के बाद ही समाप्त होगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन, मण्डलायुक्त बरेली मण्डल, जिला अधिकारी (DM) बदायूँ और उप-जिलाधिकारी (SDM) बिसौली को भी आवश्यक और त्वरित कार्रवाई हेतु भेजी गई है। अब देखना यह है कि कुंभकर्णी नींद में सोया प्रशासनिक अमला इन बेबस महिलाओं को 72 घंटे में न्याय देता है या फिर बिसौली तहसील आंदोलन की आग में तपेगी।1
- इस बार G7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को आमंत्रित किया गया, जिसे भारत के लिए एक बड़े गौरव की बात बताया जा रहा है। कहा गया कि जहां कई बड़े नेताओं को बुलावा नहीं मिलता, वहीं नरेंद्र मोदी जी को यह अवसर प्राप्त हुआ। इस घटना से भारत को वैश्विक मंच पर 'बीस प्रतिशत' प्रतिनिधित्व मिला है, जिसके परिणामस्वरूप भारत एक 'सुपर भारत' के रूप में उभरा है।1
- मोहर्रम के महीने के संदर्भ में, लोगों को मातम न मनाने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है। यह बताया गया है कि यह 'कमी का त्योहार' है, और सभी से 'आज पड़े' का पालन करने का आह्वान किया गया है।1
- उत्तराखंड के देहरादून स्थित बैरागीवाला क्षेत्र में हिंदू रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने मुस्लिम समुदाय को खुलेआम धमकी दी है। शर्मा ने कहा कि वे चाहते हैं कि इस क्षेत्र में राम की वाणी सुनाई दे। उन्होंने आगे कहा कि अगर उन्हें अल्लाह की वाणी सुनाई दी, तो वे बुलडोजर खरीदकर पूरे क्षेत्र में चला देंगे। इस बयान को मुस्लिम समुदाय को पलायन करने की सीधी धमकी के तौर पर देखा जा रहा है।1
- समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने घोषणा की है कि अगर उनकी पार्टी की सरकार बनती है, तो सभी लोगों को सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार में किसी भी समुदाय के साथ अन्याय नहीं होगा और सबके अधिकारों की रक्षा की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के सहसवान क्षेत्र के मुजरिया थाना अंतर्गत ग्राम परमू निवासी 32 वर्षीय हृदेश की दिल्ली के संगम विहार इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात 17 जून की सुबह करीब 5 बजे हुई, जिसके बाद बुधवार रात 11 बजे जब पोस्टमार्टम के उपरांत उनका शव पैतृक गांव पहुंचा तो वहां कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम छा गया। मृतक हृदेश पुत्र सत्यपाल दिल्ली में मलवा ढुलाई का काम करते थे। जानकारी के अनुसार, सुबह पार्किंग से अपनी गाड़ी निकालते समय पहले से घात लगाए चार बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। इस हमले में हृदेश की मौके पर ही मौत हो गई और हमलावर फरार हो गए। दिल्ली पुलिस ने सूचना मिलते ही जांच शुरू कर दी है। परिजनों की तहरीर पर इंद्रजीत, नितिन, हिमांशु और धर्मेंद्र के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है और उसकी तलाश जारी है। घटना के पीछे पुरानी रंजिश बताई जा रही है। AIIMS दिल्ली में पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाए जाने पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मुजरिया पुलिस पूरी रात गांव में तैनात रही। फिलहाल दिल्ली पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है।1
- ग्रेटर नोएडा के ईस्टर्न पेरीफेरल हाईवे पर एक ओवरलोड ट्रक रॉन्ग साइड पर तेज रफ्तार से दौड़ता हुआ कैमरे में कैद हो गया, जिससे वाहन चालक ने अपनी और दूसरों की जान को जोखिम में डाल दिया। बताया गया कि यह ट्रक आरटीओ से बचने के लिए रॉन्ग साइड चल रहा था। इस दौरान, ट्रक चालक ने हाईवे पर जैक उठाकर बीच सड़क पर पत्थर भी फेंके। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद दादरी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सड़क से इन पत्थरों को हटवाया।1