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जशपुर में अब क्या होने लगा अपने ही पिता की हत्या कर युवक ने लिया कानून का हाथ इस कलयुग में अनेक अनेक घटनाएं देखने को मिल रही है ऐसे ही जशपुर जिला में भी यह घटना हुआ है जो बेहद ही दर्दनाक और रिश्ता को तोड़ मरोड़ कर देने वाले घटना आ रही है
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जशपुर में अब क्या होने लगा अपने ही पिता की हत्या कर युवक ने लिया कानून का हाथ इस कलयुग में अनेक अनेक घटनाएं देखने को मिल रही है ऐसे ही जशपुर जिला में भी यह घटना हुआ है जो बेहद ही दर्दनाक और रिश्ता को तोड़ मरोड़ कर देने वाले घटना आ रही है
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- इस कलयुग में अनेक अनेक घटनाएं देखने को मिल रही है ऐसे ही जशपुर जिला में भी यह घटना हुआ है जो बेहद ही दर्दनाक और रिश्ता को तोड़ मरोड़ कर देने वाले घटना आ रही है1
- गुमला: जिला मुख्यालय में रविवार को आयोजित जेपीएससी परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आए। परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले के उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने स्वयं विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।इस दौरन उपायुक्त ने कार्तिक उरॉव महाविद्यालय गुमला, संत इग्गासियुस उच्च विद्यालय गुमला, उर्सुलाईनद कॉन्वेंट बालिका उच्च विद्यालय गुमला, संत पांत्रिक उच्च विद्यालय गुमला, सरस्वती विद्या मंदिर उच्च विद्यालय गुमला, एस0 एस0 बालिका उच्च विद्यालय गुमला, संत अन्ना उच्च विद्यालय दाउद नगर गुमला, सहित विभिन्न परीक्षा केन्दों का निरक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर मौजूद व्यवस्थाओं का जाएजा लिया और संबंधित अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपायुक्त ने सभी केंद्रा अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षाओं में बैठने की व्यवस्था, प्रश्न पत्र वितरण प्रक्रिया, सीसीटीवी निगरानी तथा प्रवेश द्वार पर जांच की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। सभी परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती की गई है। ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या नकल की संभावना को रोका जा सके। इसके अलावा अभ्यर्थियों की सघन तलाशी के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाए और इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी जाए।उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगे।इस दौरान मुख्य रूप से अपर समाहत्ता शशिन्द्र कुमार बडाईक, अनुमण्डल पदाधिकारी राजीव निरज, जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खॉ, व अन्य उपस्थित थे।1
- जिला मुख्यालय में रविवार को आयोजित जेपीएससी परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आए। परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले के उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने स्वयं विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।* इस दौरन उपायुक्त ने कार्तिक उरॉव महाविद्यालय गुमला, संत इग्गासियुस उच्च विद्यालय गुमला, उर्सुलाईनद कॉन्वेंट बालिका उच्च विद्यालय गुमला, संत पांत्रिक उच्च विद्यालय गुमला, सरस्वती विद्या मंदिर उच्च विद्यालय गुमला, एस0 एस0 बालिका उच्च विद्यालय गुमला, संत अन्ना उच्च विद्यालय दाउद नगर गुमला, सहित विभिन्न परीक्षा केन्दों का निरक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर मौजूद व्यवस्थाओं का जाएजा लिया और संबंधित अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपायुक्त ने सभी केंद्रा अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षाओं में बैठने की व्यवस्था, प्रश्न पत्र वितरण प्रक्रिया, सीसीटीवी निगरानी तथा प्रवेश द्वार पर जांच की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। सभी परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती की गई है। ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या नकल की संभावना को रोका जा सके। इसके अलावा अभ्यर्थियों की सघन तलाशी के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाए और इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगे। इस दौरान मुख्य रूप से अपर समाहत्ता शशिन्द्र कुमार बडाईक, अनुमण्डल पदाधिकारी राजीव निरज, जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खॉ, व अन्य उपस्थित थे।4
- जयकारों से गूंजा टांगीनाथ धाम, भगवान परशुराम जयंती पर उमड़ा आस्था का महासैलाब डुमरी प्रखंड स्थित सुप्रसिद्ध धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल बाबा टांगीनाथ धाम में भगवान शिव के छठे अवतार भगवान परशुराम की जयंती श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाई गई। जानकारी देते हुए रविवार सुबह ग्यारह बजे बताया गया कि जयंती के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुँचे और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। भगवान परशुराम की तपोस्थली माने जाने वाले टांगीनाथ धाम में विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। मान्यता है कि यहाँ भगवान परशुराम का अक्षय फरसा आज भी जमीन में स्थापित है। जयंती के पावन अवसर पर दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने दिव्य फरसे की पूजा कर सुख-समृद्धि एवं मंगल कामना की। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गई थीं। भक्तों ने पवित्र कुंड में स्नान करने के बाद भगवान शिव एवं भगवान परशुराम का जलाभिषेक किया। धूप, दीप एवं नैवेद्य अर्पित कर विधि-विधान से आरती की गई और परिवार की खुशहाली व मनोकामना पूर्ति के लिए आशीर्वाद मांगा गया। मंदिर परिसर में आयोजित भजन-कीर्तन, धार्मिक वंदना तथा “भगवान परशुराम की जय” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। श्रद्धालुओं का कहना है कि परशुराम जयंती के दिन यहाँ पूजा करने का विशेष धार्मिक महत्व है, क्योंकि यह स्थल भगवान परशुराम की तपस्या और शक्ति से जुड़ा हुआ माना जाता है। दिनभर श्रद्धालुओं के आने-जाने का सिलसिला जारी रहा, जिससे धाम एवं आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक उत्साह और चहल-पहल बनी रही। #टांगीनाथधाम #भगवानपरशुरामजयंती #धार्मिकआस्था #गुमलाखबर #झारखंडसमाचार #डुमरी #हरहरमहादेव #सनातनसंस्कृति1
- जशपुर में सनसनीखेज वारदात! कोतबा चौकी क्षेत्र में रिश्ते का खून… अपने ही ने उतारा मौत के घाट! पुलिस जांच में जुटी, इलाके में हड़कंप #Jashpur #CrimeNews #Breaking #Kotba #JashpurPolice #JashpurTimes Jashpur Times Jashpur District police Chhattisgarh Police छत्तीसगढ़ पुलिस Jashpur District Administration Ibnul Khan1
- सिमडेगा:- जिले में वर्ष 2026 के दौरान रामनवमी महोत्सव, ईद, सरहुल, चैती दुर्गा पूजा एवं चैती छठ पूजा के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के उपरांत शनिवार संध्या को परिसदन भवन परिसर में उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह की अध्यक्षता में डिब्रीफिंग (Debriefing) सह समीक्षा बैठक आयोजित की गई।* बैठक का मुख्य उद्देश्य इस वर्ष के अनुभवों का विश्लेषण करते हुए भविष्य में और बेहतर समन्वय, प्रबंधन तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्योहारों के आयोजन को सुनिश्चित करना था। बैठक में प्रशासनिक पदाधिकारी, पुलिस अधिकारी, शांति समिति के सदस्य, विभिन्न आयोजन समितियों के प्रतिनिधि एवं मीडिया कर्मी उपस्थित रहे। प्रारंभ में अपर समाहर्ता श्री ज्ञानेंद्र कुमार ने विषय प्रवेश करते हुए सभी संबंधित पक्षों—पुलिस प्रशासन, शांति समिति, आयोजन समिति एवं आम नागरिकों—को सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यह सामूहिक प्रयास का परिणाम है कि जिले में सभी पर्व शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हुए। समन्वय और सहभागिता पर रहा जोर बैठक के दौरान त्योहारों एवं जुलूस के आयोजन के दौरान आई छोटी-छोटी चुनौतियों, व्यवस्थागत पहलुओं तथा सुधार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बेहतर पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति, मजिस्ट्रेट की तैनाती, रूट मैनेजमेंट, भीड़ नियंत्रण, संचार व्यवस्था एवं मीडिया सहयोग जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही इस बात पर भी बल दिया गया कि प्रशासन और समाज के बीच निरंतर संवाद बना रहे, जिससे किसी भी स्थिति का त्वरित समाधान संभव हो सके। “समाज ही असली शक्ति”: उपायुक्त उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी जिले का प्रशासन तभी सफल होता है जब समाज उसके साथ खड़ा हो। उन्होंने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि जिला एक परिवार की तरह है, जहां सभी को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होती है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में भ्रामक सूचनाएं और अफवाहें तेजी से फैलती हैं, लेकिन सिमडेगा के लोगों ने संयम और समझदारी का परिचय देते हुए हर परिस्थिति में एकता बनाए रखी है। यह जिले की सबसे बड़ी ताकत है। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि “प्रशासन सीमित संसाधनों के साथ कार्य करता है, लेकिन समाज की भागीदारी से हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।” उन्होंने ‘हम’ और ‘वे’ की सोच को खत्म करने की अपील करते हुए कहा कि जब तक हम एक-दूसरे को अपना नहीं मानेंगे, तब तक वास्तविक शांति संभव नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल के आयोजनों में जहां कुछ स्थानों पर हल्की खटास की स्थिति बनी थी, वहीं आपसी संवाद और सहयोग से उसे पूरी तरह समाप्त कर सौहार्द में बदला गया। यह जिले की परिपक्वता को दर्शाता है। मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि संतुलित और जिम्मेदार पत्रकारिता समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। चुनौतियों के बीच बेहतर प्रबंधन उपायुक्त ने जिले की भौगोलिक चुनौतियों—जंगल, पहाड़, दूरदराज क्षेत्र—का उल्लेख करते हुए कहा कि इन परिस्थितियों में संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए प्रशासन लगातार बेहतर कार्य करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने हाल में कुछ स्कूल भवनों की छत गिरने की घटनाओं को चिंता का विषय बताते हुए कहा कि इनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, वार्ड पार्षदों एवं आम नागरिकों के सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन विकास, सुरक्षा और शांति व्यवस्था को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पर्व सामूहिक जिम्मेदारी का अवसर”: उप विकास आयुक्त उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी ने कहा कि प्रशासन एक सामूहिक व्यवस्था है, जिसे सभी के सहयोग से ही सुचारु रूप से संचालित किया जा सकता है। उन्होंने पर्व-त्योहारों को “परिवारिक आयोजन” की संज्ञा देते हुए कहा कि जैसे घर में विवाह के दौरान सभी सदस्य मिलकर अतिथियों की सेवा करते हैं, उसी प्रकार जिले में भी सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए।उन्होंने कहा कि छोटे-मोटे व्यवधान हर आयोजन का हिस्सा होते हैं, लेकिन बड़े उद्देश्य—शांति और सौहार्द—को ध्यान में रखते हुए उन्हें नजरअंदाज कर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य जिलों की नजर सिमडेगा पर रहती है, इसलिए यहां का हर आयोजन एक उदाहरण प्रस्तुत करता है। समिति और समाज का सराहनीय योगदान रामनवमी समिति के अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने कहा कि इस वर्ष प्रशासन ने योजनाओं का सूक्ष्म अध्ययन कर सभी को एक मंच पर लाने का सराहनीय कार्य किया। उन्होंने बताया कि उपायुक्त स्वयं लगातार मॉनिटरिंग करती रहीं और पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।उन्होंने अपने 14 वर्षों के अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि पहली बार प्रशासन और समाज के बीच इतना मजबूत समन्वय देखने को मिला। इसी का परिणाम है कि पूरे आयोजन में कहीं भी असुविधा या हिचक की स्थिति नहीं बनी।वहीं, समिति के संरक्षक डी.डी. सिंह ने अपने 50 वर्षों के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि सिमडेगा की पहचान शांति और भाईचारे के लिए रही है। उन्होंने प्रशासन को आश्वस्त करते हुए कहा कि समाज हमेशा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करता रहेगा। उन्होंने उपायुक्त के नेतृत्व और विकास कार्यों की भी सराहना की। मीडिया की सकारात्मक भूमिका दैनिक भास्कर के ब्यूरो चीफ नरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों का कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण होता है, जिसे आम लोग पूरी तरह समझ नहीं पाते। उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहारों के दौरान अधिकारियों को निजी जीवन में समझौता करना पड़ता है, बावजूद इसके वे पूरी निष्ठा से अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।उन्होंने सिमडेगा मीडिया की सकारात्मक भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि मीडिया ने हमेशा प्रशासन का सहयोग किया है और आगे भी करता रहेगा। राष्ट्रीय नवीन मेल के ब्यूरो चीफ विकास साहू ने कहा कि चुनावी व्यस्तताओं के बीच भी जिले में सभी त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होना प्रशासन और समाज के समन्वय का परिणाम है। उन्होंने उपायुक्त की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी सक्रियता और समर्पण प्रेरणादायक है।पुलिस और प्रशासन की संयुक्त भूमिका बैठक में एसडीपीओ बैजू उरांव, एसडीओ प्रभात रंजन ज्ञानी एवं अंचलाधिकारी मो. इम्तियाज अहमद सहित अन्य अधिकारियों ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि शांति समिति और आम नागरिकों के सहयोग से ही कानून-व्यवस्था बनाए रखना संभव हो पाता है।अधिकारियों ने बताया कि जरूरत पड़ने पर शांति समिति के सदस्य तुरंत उपलब्ध हो जाते हैं, जिससे किसी भी स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सकता है।बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, शांति समिति के सदस्य, मीडिया प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि,वार्ड सदस्य गण उपस्थित रहे।1
- पुआल ढेर तथा जंगल में आग लगने से पुआल जलकर राख,पालतू जानवर का चारा नष्ट जंगली जीव जंतुओं के बीच हुआ विकट समस्या1
- रामायण दर्शन और भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ जरडा गांव, एकल विद्यालय अभियान की रथ यात्रा पहुंचते ही उमड़ा जनसैलाब जारी प्रखंड अंतर्गत जरडा गांव में उस समय धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा, जब एकल विद्यालय अभियान की रथ यात्रा गांव पहुंची। जानकारी देते हुए रविवार सुबह दस बजे बताया गया कि रथ यात्रा के आगमन से पूरे गांव में उत्साह, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने पूरे जोश और उमंग के साथ रथ यात्रा का स्वागत किया। रथ यात्रा के दौरान रामायण दर्शन का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को आकर्षक और भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जहां श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर भगवान के नाम का गुणगान करते नजर आए। भजनों की मधुर धुनों से पूरा गांव गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम के दौरान एकल विद्यालय अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों को शिक्षा, संस्कार और समाज सेवा के महत्व के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का प्रसार करना और बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा के माध्यम से उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाना है। कार्यक्रम में गांव के बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं की बड़ी संख्या में सहभागिता देखने को मिली। उपस्थित ग्रामीणों ने ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों को समाज में सकारात्मक सोच और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने वाला बताया। ग्रामीणों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन गांव में आपसी एकता, भाईचारा और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में सकारात्मक संदेश गया। #उपायुक्त_गुमला #जिला_प्रशासन_गुमला #प्रखंड_विकास_पदाधिकारी_जारी #अंचल_अधिकारी_जारी #एकल_विद्यालय_अभियान #गुमला_समाचार #जारी_प्रखंड #झारखंड_न्यूज #Jarada #JariBlock #EkalVidyalaya #RamayanDarshan #BhajanKirtan #GumlaNews #JharkhandNews #धार्मिक_आयोजन #संस्कृति_और_संस्कार #ग्रामीण_भारत #PositiveNews #SocialWork #VillageEvent1