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मध्य प्रदेश के शहडोल में 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने कलेक्ट्रेट कार्यालय से एक जनजागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शहडोल पुलिस की नशा मुक्त समाज की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। इस अवसर पर शहडोल पुलिस ने सभी नागरिकों से नशे के खिलाफ जागरूक होने और दूसरों को भी इसके प्रति सचेत करने की अपील की है। पुलिस ने लोगों को 'नशा मुक्त मध्य प्रदेश' अभियान में सहभागी बनने का संदेश देते हुए आह्वान किया है कि वे नशे को 'ना' कहें और एक स्वस्थ व सुरक्षित भविष्य को 'हाँ' कहें।
Angad Tiwari
मध्य प्रदेश के शहडोल में 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने कलेक्ट्रेट कार्यालय से एक जनजागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शहडोल पुलिस की नशा मुक्त समाज की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। इस अवसर पर शहडोल पुलिस ने सभी नागरिकों से नशे के खिलाफ जागरूक होने और दूसरों को भी इसके प्रति सचेत करने की अपील की है। पुलिस ने लोगों को 'नशा मुक्त मध्य प्रदेश' अभियान में सहभागी बनने का संदेश देते हुए आह्वान किया है कि वे नशे को 'ना' कहें और एक स्वस्थ व सुरक्षित भविष्य को 'हाँ' कहें।
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- मध्य प्रदेश के शहडोल में 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने कलेक्ट्रेट कार्यालय से एक जनजागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शहडोल पुलिस की नशा मुक्त समाज की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। इस अवसर पर शहडोल पुलिस ने सभी नागरिकों से नशे के खिलाफ जागरूक होने और दूसरों को भी इसके प्रति सचेत करने की अपील की है। पुलिस ने लोगों को 'नशा मुक्त मध्य प्रदेश' अभियान में सहभागी बनने का संदेश देते हुए आह्वान किया है कि वे नशे को 'ना' कहें और एक स्वस्थ व सुरक्षित भविष्य को 'हाँ' कहें।1
- मध्य प्रदेश के शहडोल में 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल ने कलेक्ट्रेट कार्यालय से इस जागरूकता रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। रैली के माध्यम से लोगों को नशे को 'ना' कहने और एक स्वस्थ व सुरक्षित भविष्य को 'हाँ' कहने का संदेश दिया गया है। अभियान के तहत लोगों से अपील की गई है कि वे स्वयं जागरूक बनें, दूसरों को भी जागरूक करें और नशा मुक्त मध्य प्रदेश के निर्माण के लिए अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।2
- शहडोल जिले के सोहागपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम देवगांव में खनिज विभाग ने अवैध खनिज भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने शासकीय भूमि पर जमीन के भीतर गाड़कर छिपाए गए करीब 20 टन लावारिस कोयले को जब्त किया है और मौके पर मिले लगभग 25 घनमीटर अवैध रेत के भंडारण को भी पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। यह कार्रवाई मुखबिर से मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें बताया गया था कि देवगांव के पास सरकारी जमीन में भारी मात्रा में कोयला दबाकर रखा गया है। सूचना मिलते ही खनिज विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। जांच के दौरान टीम को वहां लगभग 10 फीट चौड़ा, 20 फीट लंबा और 2 फीट गहरा गड्ढा मिला, जिसमें कोयला दबाकर छिपाया गया था। विभाग ने बिना देरी किए जेसीबी और डंपर की मदद से इस कोयले को गड्ढे से बाहर निकलवाया और सुरक्षित स्थान पर रखवाया। इसके साथ ही मौके पर अवैध रूप से भंडारित रेत में जेसीबी से मिट्टी मिलवाकर उसे वहीं पर नष्ट कर दिया गया। इस पूरी कार्रवाई को खनि निरीक्षक अभिषेक पटेल के नेतृत्व में विभागीय दल की उपस्थिति में अंजाम दिया गया। कार्रवाई के बाद खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि शहडोल जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध आगे भी इसी तरह लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक मनमोहक नजारा सामने आया है, जहां प्रसिद्ध पनीहाई बाघिन अपने शावक के साथ पानी में मस्ती करती कैमरे में कैद हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में शावक पानी के बीच आराम से बैठा नजर आ रहा है, जबकि पनीहाई बाघिन पानी के किनारे सतर्क मुद्रा में बैठी दिखाई दे रही है। मां और शावक का यह प्राकृतिक व्यवहार वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों को खूब आकर्षित कर रहा है। गाइडों के अनुसार, करीब सात वर्ष की इस बाघिन ने पनपथा बफर के पचपेड़ी क्षेत्र में अपनी स्थायी टेरिटरी बना रखी है। शांत और सहज स्वभाव के कारण पर्यटकों की पसंदीदा मानी जाने वाली यह बाघिन शिकार के समय बेहद फुर्तीली और खतरनाक साबित होती है। वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, गर्म और उमस भरे मौसम में शरीर का तापमान नियंत्रित रखने और शिकार पर नजर रखने के लिए बाघ अक्सर पानी का सहारा लेते हैं। बांधवगढ़ का कोर जोन मानसून के कारण 1 जुलाई से 30 सितंबर तक बंद है, लेकिन बफर जोन में सफारी जारी है, जहां पर्यटकों को बाघ, तेंदुआ, हिरण और भालू जैसे वन्यजीवों के दर्शन हो रहे हैं। इस बीच वन विभाग ने पर्यटकों से निर्धारित नियमों का पालन करने और वन्यजीवों की सुरक्षा व जंगल का प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।1
- मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में कोतमा पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने रात्रिकालीन वाहन चेकिंग के दौरान एक महिला समेत दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 3.058 किलोग्राम गांजा, 3 जिंदा कारतूस, ₹37,300 नकद, 5 मोबाइल फोन और एक ग्रैंड विटारा कार बरामद की गई है। जब्त की गई इस तमाम सामग्री की कुल कीमत करीब ₹14 लाख आंकी गई है। यह घटना 13 जुलाई 2026 की रात की है, जब थाना प्रभारी निरीक्षक रत्नाम्बर शुक्ल के निर्देशन में पुलिस टीम ग्राम पथरौड़ी स्थित एंजल किराना स्टोर के सामने संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक सफेद रंग की ग्रैंड विटारा कार (क्रमांक MP18ZE5709) पुलिस को देखकर पीछे मुड़कर भागने लगी। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और गाड़ी को रोक लिया। कार की तलाशी लेने पर चालक शिवा विश्वकर्मा (उम्र 30 वर्ष, निवासी लालपुर, बुढ़ार, जिला शहडोल) और रेखा उर्फ मनीषा गुप्ता (उम्र 35 वर्ष, निवासी हनुमान नगर, कोलगवां, जिला सतना) को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने वाहन में गांजा होने की बात स्वीकार कर ली। कोतमा थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 8/20(b) एनडीपीएस एक्ट और 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराब के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी कोतमा के मार्गदर्शन में इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस पुलिस टीम में थाना प्रभारी रत्नांबर शुक्ल के साथ सउनि सुखीनंद यादव, प्रधान आरक्षक रामखेलावन, दिनेश राठौर, संजीव त्रिपाठी, ज्ञानेंद्र पासी, कपिल उइके, आरक्षक अभय त्रिपाठी, राकेश सिंह, महेश साहू, महिला आरक्षक सुप्रिया त्रिपाठी और साइबर सेल से प्रधान आरक्षक राजेंद्र अहिरवार शामिल रहे।3
- शहडोल के बुढ़ार अंतर्गत ग्राम पंचायत चंगेरा में खसरा नंबर 28/1 की शासकीय जमीन पर जबरदस्ती कब्जा किया जा रहा है। पंचायत की ओर से नोटिस दिए जाने के बावजूद भी यहां अवैध रूप से मकानों का निर्माण जारी है। इस मामले को लेकर तहसील में भी आवेदन दिया गया है, लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। सभी ग्रामवासी चाहते हैं कि इस शासकीय जमीन को अतिक्रमण मुक्त रखा जाए, क्योंकि इस पर पहले कभी किसी का कब्जा नहीं रहा है। भविष्य में यदि कोई सरकारी योजना आती है, तो हाई स्कूल, हॉस्पिटल या हॉस्टल जैसे बड़े सरकारी कार्यों के लिए यह जमीन सबसे उपयुक्त है। ग्रामीणों ने मांग की है कि अतिक्रमणकारियों को 'कारण बताओ' नोटिस जारी कर इस अवैध निर्माण को तुरंत रुकवाया जाए और जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।1
- राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने अमरकंटक स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय को देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक बताते हुए इसे एक आदर्श संस्थान के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए हैं। अनूपपुर के अमरकंटक में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को इसके लिए सतत प्रयास करने को कहा है। शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यार्थियों के नामांकन की समीक्षा करते हुए अध्यक्ष श्री आर्य ने निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय में अधिक से अधिक जनजातीय छात्रों का प्रवेश सुनिश्चित किया जाए। चूंकि यह विश्वविद्यालय जनजातीय समुदाय के शैक्षणिक उत्थान के उद्देश्य से स्थापित हुआ है, इसलिए जनजातीय वर्ग के लिए आरक्षित सभी सीटों पर पात्र जनजातीय विद्यार्थियों का ही प्रवेश सुनिश्चित होना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने अध्ययनरत जनजातीय विद्यार्थियों को केंद्र एवं राज्य शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता पर देने और उनके शैक्षणिक व सामाजिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने पर जोर दिया।1
- शहडोल जिले के जयसिंहनगर के कनाडी खुर्द का मुख्य मार्ग (SH-10) आजकल प्रशासनिक अनदेखी और जनप्रतिनिधियों की मेहरबानी से किसी बड़े तालाब जैसा नजर आ रहा है। अफसरों की गहरी नींद और नेताओं के उदासीन रवैये के कारण स्थानीय जनता और राहगीर रोजाना इस मटमैले पानी में उतरकर अपनी गाड़ियों के साथ एडवेंचर स्पोर्ट्स का मुफ्त आनंद लेने को मजबूर हैं। इस दुर्दशा पर तंज कसते हुए कनाडी खुर्द के इस "जल-महोत्सव" को अधिकारियों की दूरदर्शिता और बिना किसी अतिरिक्त बजट के सड़क को स्विमिंग पूल में तब्दील करने का 'स्मार्ट विकास' बताया गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि चुनाव के समय चमचमाते वादे करने वाले नेता शायद अब इस मार्ग पर सड़क परिवहन बंद करके राष्ट्रीय जलमार्ग योजना शुरू करना चाहते हैं।1