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जय जोहर बड़ा देव परस्ते परिवार बूढ़ा देव ग्राम गुड़ा पंचायत गुड़ा कलसा हाई नाल हमारे परस्ते परिवार का और उमंग उत्सव बहुत कुशल पूर्वक से मन रहे यह एक गोंड जाति का एक परम्परा और मुख्य परस्ते परिवार को बहुत-बहुत धन्यवाद कर्ता हूं पुरानी प्रथा को जिंदा रखते हैं सेवा जोहार साथियों सभी गोंड परिवार को एक गोंड जाति का पुरानी परंपरा है

2 hrs ago
user_Krishan Singh
Krishan Singh
Taxi Driver गोहपारू, शहडोल, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

जय जोहर बड़ा देव परस्ते परिवार बूढ़ा देव ग्राम गुड़ा पंचायत गुड़ा कलसा हाई नाल हमारे परस्ते परिवार का और उमंग उत्सव बहुत कुशल पूर्वक से मन रहे यह एक गोंड जाति का एक परम्परा और मुख्य परस्ते परिवार को बहुत-बहुत धन्यवाद कर्ता हूं पुरानी प्रथा को जिंदा रखते हैं सेवा जोहार साथियों सभी गोंड परिवार को एक गोंड जाति का पुरानी परंपरा है

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  • ग्राम गुड़ा पंचायत गुड़ा कलसा हाई नाल हमारे परस्ते परिवार का और उमंग उत्सव बहुत कुशल पूर्वक से मन रहे यह एक गोंड जाति का एक परम्परा और मुख्य परस्ते परिवार को बहुत-बहुत धन्यवाद कर्ता हूं पुरानी प्रथा को जिंदा रखते हैं सेवा जोहार साथियों सभी गोंड परिवार को एक गोंड जाति का पुरानी परंपरा है
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    ग्राम गुड़ा पंचायत गुड़ा कलसा हाई नाल हमारे परस्ते परिवार का और उमंग उत्सव बहुत कुशल पूर्वक से मन रहे यह एक गोंड जाति का एक परम्परा और मुख्य परस्ते परिवार को बहुत-बहुत धन्यवाद कर्ता हूं पुरानी प्रथा को जिंदा रखते हैं सेवा जोहार साथियों सभी गोंड परिवार को एक गोंड जाति का पुरानी परंपरा है
    user_Krishan Singh
    Krishan Singh
    Taxi Driver गोहपारू, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by Sumit Singh Chandel
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    Post by Sumit Singh Chandel
    user_Sumit Singh Chandel
    Sumit Singh Chandel
    समाज सेवा व पत्रकारिता गोहपारू, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र के विधायक शरद जुगलाल कोल ने दी जानकारी...
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    ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र के विधायक शरद जुगलाल कोल ने दी जानकारी...
    user_राहुल सिंह राणा
    राहुल सिंह राणा
    Newspaper advertising department सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • 108 एम्बुलेंस कर्मियों ने लौटाया घायल का मोबाइल,दिया ईमानदारी का परिचय* 108 एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का सराहनीय उदाहरण पेश किया है।शुक्रवार की शाम बड़ा गांव में सड़क दुर्घटना में घायल अनिल कोल निवासी बिझला (पाली) को 108 एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया था।उपचार के दौरान उनका मोबाइल फोन एम्बुलेंस में ही छूट गया।ड्यूटी पर तैनात पायलट हिफाज़त खान और ईएमटी देवेंद्र त्रिपाठी को जब मोबाइल मिला तो उन्होंने बिना देर किए जिम्मेदारी निभाते हुए अनिल कोल के पिता श्री कृपाल कोल को बुलाकर मोबाइल सुरक्षित लौटा दिया।इस सराहनीय कार्य पर 108 के जिला प्रबंधक सत्येंद्र कुमार वर्मा एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वी.एस. चंदेल ने स्टाफ की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे ईमानदार कर्मचारी विभाग की साख को मजबूत करते हैं।जिला प्रशासन ने भी उनके सेवाभाव को सराहा है।
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    108 एम्बुलेंस कर्मियों ने लौटाया घायल का मोबाइल,दिया ईमानदारी का परिचय*
108 एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का सराहनीय उदाहरण पेश किया है।शुक्रवार की शाम बड़ा गांव में सड़क दुर्घटना में घायल अनिल कोल निवासी बिझला (पाली) को 108 एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया था।उपचार के दौरान उनका मोबाइल फोन एम्बुलेंस में ही छूट गया।ड्यूटी पर तैनात पायलट हिफाज़त खान और ईएमटी देवेंद्र त्रिपाठी को जब मोबाइल मिला तो उन्होंने बिना देर किए जिम्मेदारी निभाते हुए अनिल कोल के पिता श्री कृपाल कोल को बुलाकर मोबाइल सुरक्षित लौटा दिया।इस सराहनीय कार्य पर 108 के जिला प्रबंधक सत्येंद्र कुमार वर्मा एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वी.एस. चंदेल ने स्टाफ की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे ईमानदार कर्मचारी विभाग की साख को मजबूत करते हैं।जिला प्रशासन ने भी उनके सेवाभाव को सराहा है।
    user_पत्रकारिता
    पत्रकारिता
    पत्रकार बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • कन्या शिक्षा परिसर की सैकड़ो छात्राएं विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ सड़क पर उतरी विभाग ने टीम गठित कर दिए जांच के आदेश-मानपुर मुख्यालय स्थित कन्या शिक्षा परिसर में अध्यनरत आदिवासी बालिकाओं ने स्कूल प्रबंधन के रवैए से खफा होकर सड़कों पर उतरकर अपना विरोध जताया है जिसे देखकर स्थानीय जन इन छात्राओं के साथ परीक्षा के ऐन मौके पर की जा रही ऐसी तथाकथित विसंगतियों के जिम्मेदार दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है वहीं इस मामले में विभागीय अधिकारी ने एक टीम गठित कर मामले की संपूर्ण जांच कर जिम्मेदारों पर कार्यवाही की बात की है। सूत्रों की माने तो कन्या शिक्षा परिसर के पूर्व प्रबंधक एवं प्राचार्य द्वारा यहां पर अध्यनरत इन आदिवासी बच्चियों को शासन द्वारा मिलने वाली पठन-पाठन सामग्री एवं दैनिक उपयोग की वस्तुएं सहित उनके भोजन में भी पतीला लगाकर जमकर मलाई छानी गई जिसकी शिकायत के बाद यहां का प्रभार संस्था में ही पदस्थ एक शिक्षिका को दे दिया गया और साथ में एक अन्य अधीक्षक की उक्त छात्रावास प्रबंधन की निगरानी हेतु तैनाती की गई जिसे लेकर संस्था के पूर्व प्रमुख द्वारा वापस प्रभार पाने राजनैतिक हथकंडे अपनाए जा रहे हैं और इन बच्चियों को बरगलाकर ऐसे प्रदर्शन करवाए जा रहे हैं जब मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश की गई तो इन्हीं बच्चियों ने स्पष्ट तौर पर यह स्वीकार किया कि वर्तमान अधीक्षक साक्षी शुक्ला के द्वारा हमें पहले से बेहतर सुविधांए उपलब्ध कराई जा रही हैं जो की पूर्व में कभी नहीं मिली। बहरहाल मामला चाहे जो भी हो इसकी सच्चाई तो विभागीय जांच के बाद ही सामने आ सकेगी परंतु परीक्षाओं के ऐसे संवेदनशील समय पर आदिवासी बच्चियों की सर्व सुविधा युक्त ऐसे सरकारी शिक्षण संस्थान में ऐसा वाक्या प्रकाश में आना प्रत्येक दृष्टिकोण से अनुचित है जिसकी सूक्ष्मता पूर्वक जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए।
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    कन्या शिक्षा परिसर की सैकड़ो छात्राएं विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ सड़क पर उतरी विभाग ने टीम गठित कर दिए जांच के आदेश-मानपुर मुख्यालय स्थित कन्या शिक्षा परिसर में अध्यनरत आदिवासी बालिकाओं ने स्कूल प्रबंधन के रवैए से खफा होकर सड़कों पर उतरकर अपना विरोध जताया है जिसे देखकर स्थानीय जन इन छात्राओं के साथ परीक्षा के ऐन मौके पर की जा रही ऐसी तथाकथित विसंगतियों के जिम्मेदार दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है वहीं इस मामले में विभागीय अधिकारी ने एक टीम गठित कर मामले की संपूर्ण जांच कर जिम्मेदारों पर कार्यवाही की बात की है। सूत्रों की माने तो कन्या शिक्षा परिसर के पूर्व प्रबंधक एवं प्राचार्य द्वारा यहां पर अध्यनरत इन आदिवासी बच्चियों को शासन द्वारा मिलने वाली पठन-पाठन सामग्री एवं दैनिक उपयोग की वस्तुएं सहित उनके भोजन में भी पतीला लगाकर जमकर मलाई छानी गई जिसकी शिकायत के बाद यहां का प्रभार संस्था में ही पदस्थ एक शिक्षिका को दे दिया गया और साथ में एक अन्य अधीक्षक की उक्त छात्रावास प्रबंधन की निगरानी हेतु तैनाती की गई जिसे लेकर संस्था के पूर्व प्रमुख द्वारा वापस प्रभार पाने राजनैतिक हथकंडे अपनाए जा रहे हैं और इन बच्चियों को बरगलाकर ऐसे प्रदर्शन करवाए जा रहे हैं जब मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश की गई तो इन्हीं बच्चियों ने स्पष्ट तौर पर यह स्वीकार किया कि वर्तमान अधीक्षक साक्षी शुक्ला के द्वारा हमें पहले से बेहतर सुविधांए उपलब्ध कराई जा रही हैं जो की पूर्व में कभी नहीं मिली। बहरहाल मामला चाहे जो भी हो इसकी सच्चाई तो विभागीय जांच के बाद ही सामने आ सकेगी परंतु परीक्षाओं के ऐसे संवेदनशील समय पर आदिवासी बच्चियों की सर्व सुविधा युक्त ऐसे सरकारी शिक्षण संस्थान में ऐसा वाक्या प्रकाश में आना प्रत्येक दृष्टिकोण से अनुचित है जिसकी सूक्ष्मता पूर्वक जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • छोटे बच्चों की पढ़ाई करने की हुनर
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    छोटे बच्चों की पढ़ाई करने की हुनर
    user_Durgesh Kumar Gupta
    Durgesh Kumar Gupta
    Electrician Beohari, Shahdol•
    1 hr ago
  • क्योंटार मध्य प्रदेश भारत
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    क्योंटार मध्य प्रदेश भारत
    user_Ram vishal Agariya
    Ram vishal Agariya
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • Shahdol उमरिया। जिले की पाली तहसील अंतर्गत चौरी समीप स्थित सीतामढ़ी के प्राचीन मंदिरों और नक्काशीदार मूर्तियों के संरक्षण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। क्षेत्र में मौजूद ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा और संरचना को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं पुरातत्व विभाग के मार्गदर्शन में पूर्व में जीर्णोद्धार कार्य प्रारंभ किया गया था, लेकिन वर्तमान स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सीतामढ़ी क्षेत्र में कभी सात प्राचीन मंदिर स्थापित थे, जिनमें से वर्तमान में तीन मंदिरों के अवशेष ही दिखाई देते हैं। इन मंदिरों में प्राचीन काल की उत्कृष्ट नक्काशीदार मूर्तियां और पत्थर संरचनाएं विद्यमान थीं। आरोप है कि समय के साथ कई प्राचीन मंदिरों को तोड़ दिया गया तथा उनके नक्काशीदार पत्थरों को अज्ञात लोगों द्वारा चोरी कर ले जाया गया। इस घटनाक्रम के बाद पुरातत्व विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस सुरक्षा व्यवस्था की जाती, तो अमूल्य धरोहरों को नुकसान से बचाया जा सकता था। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्राचीन धरोहरों के संरक्षण और रखरखाव के लिए न्यास श्रेणी के माध्यम से राशि आवंटित किए जाने की बात कही गई है। साथ ही, जिला कलेक्टर एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को संरक्षित स्मारकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन और पुरातत्व विभाग सीतामढ़ी की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित रखने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की जाए और शेष संरचनाओं का वैज्ञानिक ढंग से संरक्षण किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी इस सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित देख सकें।
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    Shahdol उमरिया। जिले की पाली तहसील अंतर्गत चौरी समीप स्थित सीतामढ़ी के प्राचीन मंदिरों और नक्काशीदार मूर्तियों के संरक्षण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। क्षेत्र में मौजूद ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा और संरचना को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं पुरातत्व विभाग के मार्गदर्शन में पूर्व में जीर्णोद्धार कार्य प्रारंभ किया गया था, लेकिन वर्तमान स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सीतामढ़ी क्षेत्र में कभी सात प्राचीन मंदिर स्थापित थे, जिनमें से वर्तमान में तीन मंदिरों के अवशेष ही दिखाई देते हैं। इन मंदिरों में प्राचीन काल की उत्कृष्ट नक्काशीदार मूर्तियां और पत्थर संरचनाएं विद्यमान थीं। आरोप है कि समय के साथ कई प्राचीन मंदिरों को तोड़ दिया गया तथा उनके नक्काशीदार पत्थरों को अज्ञात लोगों द्वारा चोरी कर ले जाया गया।
इस घटनाक्रम के बाद पुरातत्व विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस सुरक्षा व्यवस्था की जाती, तो अमूल्य धरोहरों को नुकसान से बचाया जा सकता था।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्राचीन धरोहरों के संरक्षण और रखरखाव के लिए न्यास श्रेणी के माध्यम से राशि आवंटित किए जाने की बात कही गई है। साथ ही, जिला कलेक्टर एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को संरक्षित स्मारकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अब देखना यह है कि प्रशासन और पुरातत्व विभाग सीतामढ़ी की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित रखने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की जाए और शेष संरचनाओं का वैज्ञानिक ढंग से संरक्षण किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी इस सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित देख सकें।
    user_Sumit Singh Chandel
    Sumit Singh Chandel
    समाज सेवा व पत्रकारिता गोहपारू, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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