न्यास क्षेत्र में गंदगी और दूषित जल को लेकर आज अधिवक्ता सिद्धार्थ आर्य ने एक प्रेस वार्ता ली उन्होंने कहा कि यहां हालात नरक जैसे बन गए हैं अधिकारी आते हैं तो बाहरी साफ सफाई करके वाहवाही लूट लेते हैं. इसके बाद अंदर के हालात को कोई देखने नहीं आता उन्होंने कहा कि 26 जनवरी तक यदि सारी व्यवस्थाएं ठीक नहीं होती है तो पीआईएल दायर करेंगे. यह है मुख्य समस्याएं 1. नालियों के भीतर से गुजरती पेयजल पाइपलाइन – गंभीर स्वास्थ्य खतरा: न्यास क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की पाइपलाइनें खुले नालों एवं गंदे जल के भीतर से होकर गुजर रही हैं। यह स्थिति अत्यंत खतरनाक है। पाइपलाइन में किसी भी प्रकार की लीकेज अथवा क्षति की स्थिति में नाली का दूषित जल सीधे पेयजल आपूर्ति में मिल सकता है, जिससे हैजा, पीलिया, टाइफाइड जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने की प्रबल संभावना है। यह स्थिति एक “टिक-टिक करता हुआ टाइम बम” है, जिसकी अनदेखी भविष्य में बड़ी जन-हानि का कारण बन सकती है। 2. स्वच्छता व्यवस्था का पूर्णत: ध्वस्त होना: क्षेत्र में जगह-जगह कचरे के ढेर, सड़कों पर जमा गंदा पानी, कीचड़ और दुर्गंध स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि नगर पालिका द्वारा नियमित सफाई, कचरा उठान एवं नालियों की देखरेख नहीं की जा रही है। छोटे-छोटे बच्चे, बुजुर्ग एवं महिलाएँ इसी गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं, जो एक सभ्य समाज एवं प्रशासन के लिए अत्यंत शर्मनाक है। 3. दिखावटी कार्रवाई और जमीनी सच्चाई में विरोधाभास: अखबारों में यह दर्शाया गया कि क्षेत्र में “कैमरा निगरानी में कचरा फेंकना दंडनीय अपराध है” के बोर्ड लगाए गए हैं, किंतु वास्तविकता यह है कि न तो वहां कोई कैमरा है और न ही कचरे में कोई कमी आई है। यह केवल कागजी और दिखावटी कार्रवाई प्रतीत होती है, जिससे जनता में प्रशासन के प्रति अविश्वास उत्पन्न हो रहा है। 4. संविधान के अनुच्छेद 21 का स्पष्ट उल्लंघन: माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर यह स्पष्ट किया गया है कि स्वच्छ वातावरण, स्वच्छ जल और गरिमामय जीवन अनुच्छेद 21 के अंतर्गत संरक्षित अधिकार हैं। वर्तमान परिस्थितियाँ इस अधिकार का खुला उल्लंघन हैं, क्योंकि नागरिकों के स्वास्थ्य, जीवन और गरिमा को प्रत्यक्ष रूप से खतरे में डाला जा रहा है।
न्यास क्षेत्र में गंदगी और दूषित जल को लेकर आज अधिवक्ता सिद्धार्थ आर्य ने एक प्रेस वार्ता ली उन्होंने कहा कि यहां हालात नरक जैसे बन गए हैं अधिकारी आते हैं तो बाहरी साफ सफाई करके वाहवाही लूट लेते हैं. इसके बाद अंदर के हालात को कोई देखने नहीं आता उन्होंने कहा कि 26 जनवरी तक यदि सारी व्यवस्थाएं ठीक नहीं होती है तो पीआईएल दायर करेंगे. यह है मुख्य समस्याएं 1. नालियों के भीतर से गुजरती पेयजल पाइपलाइन – गंभीर स्वास्थ्य खतरा: न्यास क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की पाइपलाइनें खुले नालों एवं गंदे जल के भीतर से होकर गुजर रही हैं। यह स्थिति अत्यंत खतरनाक है। पाइपलाइन में किसी भी प्रकार की लीकेज अथवा क्षति की स्थिति में नाली का दूषित जल सीधे पेयजल आपूर्ति में मिल सकता है, जिससे हैजा, पीलिया, टाइफाइड जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने की प्रबल संभावना है। यह स्थिति एक “टिक-टिक करता हुआ टाइम बम” है, जिसकी अनदेखी भविष्य में बड़ी जन-हानि का कारण बन सकती है। 2. स्वच्छता व्यवस्था का पूर्णत: ध्वस्त होना: क्षेत्र में जगह-जगह कचरे के ढेर, सड़कों पर जमा गंदा पानी, कीचड़ और दुर्गंध स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि नगर पालिका द्वारा नियमित सफाई, कचरा उठान एवं नालियों की देखरेख नहीं की जा रही है। छोटे-छोटे बच्चे, बुजुर्ग एवं महिलाएँ इसी गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं, जो एक सभ्य समाज एवं प्रशासन के लिए अत्यंत शर्मनाक है। 3. दिखावटी कार्रवाई और जमीनी सच्चाई में विरोधाभास: अखबारों में यह दर्शाया गया कि क्षेत्र में “कैमरा निगरानी में कचरा फेंकना दंडनीय अपराध है” के बोर्ड लगाए गए हैं, किंतु वास्तविकता यह है कि न तो वहां कोई कैमरा है और न ही कचरे में कोई कमी आई है। यह केवल कागजी और दिखावटी कार्रवाई प्रतीत होती है, जिससे जनता में प्रशासन के प्रति अविश्वास उत्पन्न हो रहा है। 4. संविधान के अनुच्छेद 21 का स्पष्ट उल्लंघन: माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर यह स्पष्ट किया गया है कि स्वच्छ वातावरण, स्वच्छ जल और गरिमामय जीवन अनुच्छेद 21 के अंतर्गत संरक्षित अधिकार हैं। वर्तमान परिस्थितियाँ इस अधिकार का खुला उल्लंघन हैं, क्योंकि नागरिकों के स्वास्थ्य, जीवन और गरिमा को प्रत्यक्ष रूप से खतरे में डाला जा रहा है।
- न्यास क्षेत्र में गंदगी और दूषित जल को लेकर आज अधिवक्ता सिद्धार्थ आर्य ने एक प्रेस वार्ता ली उन्होंने कहा कि यहां हालात नरक जैसे बन गए हैं अधिकारी आते हैं तो बाहरी साफ सफाई करके वाहवाही लूट लेते हैं. इसके बाद अंदर के हालात को कोई देखने नहीं आता उन्होंने कहा कि 26 जनवरी तक यदि सारी व्यवस्थाएं ठीक नहीं होती है तो पीआईएल दायर करेंगे. यह है मुख्य समस्याएं 1. नालियों के भीतर से गुजरती पेयजल पाइपलाइन – गंभीर स्वास्थ्य खतरा: न्यास क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की पाइपलाइनें खुले नालों एवं गंदे जल के भीतर से होकर गुजर रही हैं। यह स्थिति अत्यंत खतरनाक है। पाइपलाइन में किसी भी प्रकार की लीकेज अथवा क्षति की स्थिति में नाली का दूषित जल सीधे पेयजल आपूर्ति में मिल सकता है, जिससे हैजा, पीलिया, टाइफाइड जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने की प्रबल संभावना है। यह स्थिति एक “टिक-टिक करता हुआ टाइम बम” है, जिसकी अनदेखी भविष्य में बड़ी जन-हानि का कारण बन सकती है। 2. स्वच्छता व्यवस्था का पूर्णत: ध्वस्त होना: क्षेत्र में जगह-जगह कचरे के ढेर, सड़कों पर जमा गंदा पानी, कीचड़ और दुर्गंध स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि नगर पालिका द्वारा नियमित सफाई, कचरा उठान एवं नालियों की देखरेख नहीं की जा रही है। छोटे-छोटे बच्चे, बुजुर्ग एवं महिलाएँ इसी गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं, जो एक सभ्य समाज एवं प्रशासन के लिए अत्यंत शर्मनाक है। 3. दिखावटी कार्रवाई और जमीनी सच्चाई में विरोधाभास: अखबारों में यह दर्शाया गया कि क्षेत्र में “कैमरा निगरानी में कचरा फेंकना दंडनीय अपराध है” के बोर्ड लगाए गए हैं, किंतु वास्तविकता यह है कि न तो वहां कोई कैमरा है और न ही कचरे में कोई कमी आई है। यह केवल कागजी और दिखावटी कार्रवाई प्रतीत होती है, जिससे जनता में प्रशासन के प्रति अविश्वास उत्पन्न हो रहा है। 4. संविधान के अनुच्छेद 21 का स्पष्ट उल्लंघन: माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर यह स्पष्ट किया गया है कि स्वच्छ वातावरण, स्वच्छ जल और गरिमामय जीवन अनुच्छेद 21 के अंतर्गत संरक्षित अधिकार हैं। वर्तमान परिस्थितियाँ इस अधिकार का खुला उल्लंघन हैं, क्योंकि नागरिकों के स्वास्थ्य, जीवन और गरिमा को प्रत्यक्ष रूप से खतरे में डाला जा रहा है।1
- पिपरिया न्यायालय परिसर में आज दिन सोमवार को शाम 4:30 बजे आदतन अपराधी ने पेशी के दौरान खाया जहरीला पदार्थ। पिपरिया के सरकारी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद किया गया जिला अस्पताल नर्मदापुरम रेफर। कुंदन (छोटू) बाथरे नामक युवक वारेंट तामीली पर न्यायालय में पेश होने आया था युवक के खिलाफ एक दर्जन अपराध है दर्ज बताई जा रहे हैं वही उसने तमिल पेशी पर पिपरिया न्यायालय पहुंचा जिसके बाद उसने जहरीला पदार्थ खा लिया वही मौके पर पिपरिया पुलिस ने आरोपी को पिपरिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा जिसके बाद प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया फिलहाल आरोपी युवक का जिला अस्पताल में उपचार जारी1
- बीती रात सोहागपुर के रामप्रसाद वार्ड के कई घरों में चोरों ने चोरी का किया प्रयास, सीसीटीवी फुटेज आए सामने सोहागपुर नगर के रामप्रसाद वार्ड में बीती रात कई घरों में चोरी करने का प्रयास किया है। यह घटना बीती देर रात दो से तीन बजे के बीच के लगभग की है। चोरी करने के उद्देश्य से घर में घुसते कर सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं जिनके फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि तीन चार लोग जिनमें से एक चोर के हाथ में टार्च और एक के हाथ में झोला रखा हुआ है यह सुनसान सड़क पर चलते हुए एक घर का गेट खोलकर उसके अंदर घुसे और चोरी का प्रयास कर रहे हैं। परंतु वह किसी भी घर में चोरी करने में सफल नहीं हो सके। घटना की जानकारी लगते ही पूरे नगर में भय का माहौल बना हुआ है। मामले को लेकर रविवार के लगभग वार्ड वासियों द्वारा पुलिस थाने मैं आवेदन देकर चोरों को पड़कर उन पर कार्रवाई करने की मांग की है।1
- aadarniy purv vidhayak Devendra Patel ji ke nivas per Bareilly mein aadarniy Ranjeet Raghuvansh Kisan Congress adhyaksh aadarniy sabal Patel ji block adhyaksh aadarniy Manoj sthapak aadarniy bhura Patel marghel Pratap Singh Thakur media prabhari block Kisan Yatra amravat mein 25 tarikh ko1
- सारनी बाबा मठारदेव मेले में इंडियन आईडल की मयुरी शाह ने मनमोहक प्रस्तुति1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल। मैं इकबाल मैदान के? रॉन्ग साइड। डायल 112 पुलिस महक में की गाड़ी। ही ट्रैफिक नियम। का उल्लंघन करती नजर आ रही है। जिसको देखकर आम जनता भी। ट्रैफिक नियम का उल्लंघन करती है। अब देखना यह होगा शासन प्रशासन। डायल 112 के ऊपर क्या कार्रवाई करता है?1
- खबर का बड़ा असर : राजश्री गुटखा के नाम पर वसूली करने वाले ड्राइवर की सेवा समाप्त रायसेन में जननी एक्सप्रेस की फ्री सेवा में वसूली का वीडियो सामने आते ही बड़ा एक्शन। मरीज के परिजन से पैसे मांगते ड्राइवर की सेवाएं तत्काल समाप्त। kesri news की खबर का असर—प्रशासन सख्त, वसूली बर्दाश्त नहीं।1
- आज जिला जनसंपर्क से शाम 6:00 बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार विधायक पिपरिया श्री ठाकुरदास नागवंशी की विधायक स्वेच्छानुदान निधि से कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना ने 55 व्यक्तियों को इलाज हेतु 3 लाख 22 हजार रुपए की सहायता राशि की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार विधायक स्वेच्छानुदान निधि से इलाज हेतु तहसील पिपरिया अंतर्गत राज गोस्वामी, अरविंद कुशवाहा, कुंदन सिंह को चार-चार हजार रुपए की चिकित्सा/शिक्षा हेतु आर्थिक सहायता की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। इसी प्रकार तहसील बनखेड़ी अंतर्गत सुखदेव उइके, मांगीलाल धुर्वे, अक्षय चौधरी, राज मेहर, लीलाबाई कपाड़िया, आरती किरार, सुषमा बाई ठाकुर, तहसील पिपरिया अंतर्गत सत्यनारायण रघुवंशी, ललित राय, विनीत विश्वकर्मा, नीरज रघुवंशी, महेंद्र सिंह, सविता रघुवंशी, रोशनी, राजू कहार, वर्षा, तुलसी साहू, सीमा बाई, मनोज, छाया, अनिकेत राय, अनीता, कविता कहार, सुखराम अहिरवार, मीना बाथरे, नगर पालिका बनखेड़ी अंतर्गत मधु लता नामदेव, रामप्यारी साहू, अरुण यादव, श्याम यादव, नगर पालिका परिषद पिपरिया अंतर्गत लक्ष्मी कहार, मुन्नी बाई, कामाक्षी नायडू, कविता सोनी, शालिनी अहिरवार, निधि सोनी, ऋतिक भार्गव, पूर्वा तोरणिया, कलाबाई रघुवंशी, सोनू सोनी, पूनम त्रिवेदी, आकाश त्रिवेदी, यशोदा बाथरे को 5-5 हजार रुपए की आर्थिक सहायता की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। तहसील पिपरिया अंतर्गत कीर्ति सोनी, रोहित, देवेंद्र विश्वकर्मा, आनंद कुमार, दिनेश कुमार, अंकित, विवेक कहार, नरेंद्र कुमार वर्मा, प्रीति, पुष्पा पटेल को 10-10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। 0001