जागृति फाउंडेशन के ‘ग्रीन मिशन 2026–27 – बूटियां दा लंगर’ को मिला उत्साहपूर्ण समर्थन; 100 परिवारों को फलदार पौधे वितरित नींबू, माल्टा और आंवला के पौधे वितरित; फाउंडेशन ने अटल सेतु के आसपास हरित गलियारे एवं पौधारोपण विकसित करने का किया आग्रह पठानकोट क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए जागृति फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट ने शनिवार को अपने ग्रीन मिशन 2026–27 – “बूटियां दा लंगर” का सफल आयोजन किया। पौधारोपण एवं सामुदायिक सहभागिता से जुड़े इस अभियान को स्थानीय निवासियों और विभिन्न हितधारकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। यह पहल क्षेत्र को अधिक हरा-भरा और स्वस्थ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। कार्यक्रम का आयोजन गांव पंजाला और गांव सरती में किया गया, जहां स्थानीय परिवारों के बीच नींबू, माल्टा और आंवला सहित विभिन्न फलदार पौधे वितरित किए गए। इस पहल का विशेष उद्देश्य ऐसे आर्थिक रूप से उपयोगी और फलदार पौधों के रोपण को बढ़ावा देना है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सहभागी परिवारों को दीर्घकालिक प्रत्यक्ष लाभ भी मिल सके। इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक परिवार को तीन पौधे प्रदान किए गए और लगभग 100 परिवारों को इसमें शामिल किया गया। इस प्रकार करीब 300 फलदार पौधों का वितरण किया गया। फाउंडेशन ने परिवारों से इन पौधों की जिम्मेदारी लेकर उनका संरक्षण एवं पालन-पोषण करने और इन्हें अपने घरों तथा समुदायों के लिए उपयोगी हरित संपत्ति में बदलने का आह्वान किया। कार्यक्रम में एस. महावीर सिंह, आईएफएस, मुख्य वन संरक्षक, पंजाब, मोहाली तथा श्री अतुल कुमार, आईएफएस, डीएफओ, पठानकोट की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके सहयोग और उपस्थिति से फाउंडेशन तथा अभियान में भाग लेने वाले स्थानीय समुदाय के सदस्यों का उत्साह बढ़ा। कार्यक्रम के दौरान जागृति फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि “बूटियां दा लंगर” को केवल एक दिवसीय पौधारोपण कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि जन-केंद्रित पर्यावरणीय आंदोलन के रूप में देखा जा रहा है। फलदार पौधों पर विशेष ध्यान देने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पौधा पर्यावरणीय के साथ-साथ आर्थिक महत्व भी रखे तथा परिवार आने वाले वर्षों तक उसकी रक्षा और देखभाल के लिए प्रेरित हों। फाउंडेशन ने कहा कि पठानकोट और धार कलां क्षेत्र के लिए ऐसे अभियान विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। यह क्षेत्र पहाड़ियों, जंगलों, रावी नदी और रणजीत सागर बांध जैसे प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। क्षेत्र में हरित आवरण को मजबूत करने से जैव विविधता संरक्षण, मिट्टी की सुरक्षा, पर्यावरण की गुणवत्ता में सुधार तथा अधिक आकर्षक प्राकृतिक परिदृश्य विकसित करने में मदद मिल सकती है। अटल सेतु के आसपास हरित विकास के लिए जागृति फाउंडेशन का प्रशासन से आग्रह ग्रीन मिशन 2026–27 के व्यापक उद्देश्य के तहत जागृति फाउंडेशन ने पौधारोपण एवं हरित परिदृश्य विकसित करने से संबंधित कई प्रस्ताव रखे हैं। फाउंडेशन ने संबंधित अधिकारियों से अटल सेतु के आसपास इन प्रस्तावों पर विचार करने और इनके क्रियान्वयन में सहयोग करने का आग्रह किया है, ताकि क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ उसके पर्यावरणीय स्वरूप को भी मजबूत किया जा सके। डुनेरा–बिशोली मार्ग पर सड़क किनारे पौधारोपण फाउंडेशन ने अटल सेतु से डुनेरा तक डुनेरा–बिशोली सड़क के दोनों किनारों पर विभिन्न प्रजातियों के फूलदार वृक्ष लगाने का अनुरोध किया है। प्रस्तावित पौधारोपण से एक सुंदर हरित मार्ग विकसित होगा, पर्यावरणीय परिदृश्य में सुधार होगा तथा सड़क की समग्र सुंदरता बढ़ेगी। फाउंडेशन ने पौधों की सुरक्षा और उनके स्वस्थ विकास को सुनिश्चित करने के लिए ट्री गार्ड उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया है। अटल सेतु के निकट द्वीप पर पौधारोपण फाउंडेशन ने अटल सेतु के निकट स्थित उस द्वीप पर भी उपयुक्त फूलदार वृक्ष लगाने का अनुरोध किया है, जहां एक ऐतिहासिक मंदिर स्थित है। प्रस्तावित पौधारोपण से इस स्थान की प्राकृतिक सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ इसके सांस्कृतिक, धार्मिक एवं विरासत संबंधी महत्व को संरक्षित और सम्मानित किया जा सकेगा। दरबान गांव की ओर पहाड़ियों पर पौधारोपण फाउंडेशन द्वारा प्रस्तुत एक अन्य प्रस्ताव में अटल सेतु से दरबान गांव की ओर रावी नदी/रणजीत सागर बांध के किनारे फैली पहाड़ियों पर विभिन्न प्रजातियों के फूलदार वृक्ष लगाने का सुझाव दिया गया है। इस पौधारोपण का उद्देश्य एक मनमोहक हरित परिदृश्य विकसित करना तथा अटल सेतु की ओर आने वाले पर्यटकों के लिए एक यादगार प्राकृतिक स्वागत क्षेत्र तैयार करना है, जो पठानकोट के प्रमुख पहचान चिन्हों में से एक है। फाउंडेशन ने बताया कि इन पहाड़ियों का एक बड़ा हिस्सा पंजाब वन विभाग के अधीन है। इसलिए संबंधित अधिकारियों के समन्वय से ऐसी भूमि पर पौधारोपण की व्यवहार्यता का अध्ययन करने का अनुरोध किया गया है। जहां निजी भूमि शामिल है, वहां भी उपयुक्त विकल्पों और आवश्यक अनुमतियों पर विचार कर पौधारोपण अभियान का विस्तार किया जा सकता है। क्षेत्र के लिए हरित विरासत का निर्माण जागृति फाउंडेशन ने जोर देते हुए कहा कि ग्रीन मिशन इस सिद्धांत पर आधारित है कि जब सरकारी एजेंसियां, स्थानीय समुदाय, परिवार और सामाजिक संगठन मिलकर कार्य करते हैं, तो पर्यावरण संरक्षण का प्रभाव और अधिक व्यापक एवं स्थायी बनता है। “बूटियां दा लंगर” पहल का उद्देश्य ऐसी संस्कृति विकसित करना है, जिसमें पौधारोपण केवल औपचारिक वृक्षारोपण कार्यक्रम तक सीमित न रहे, बल्कि एक निरंतर सामुदायिक जिम्मेदारी बन जाए। फलदार पौधों का वितरण करके फाउंडेशन हरित संपदा, खाद्य सुरक्षा, पर्यावरणीय लाभ और स्थानीय परिवारों के लिए संभावित आर्थिक मूल्य का समन्वय स्थापित करना चाहता है। पठानकोट क्षेत्र में ऐसे अभियान विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि यहां प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ पर्यावरण और पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। हरित गलियारों का विकास, फलदार पौधों के रोपण में वृद्धि तथा अटल सेतु जैसे महत्वपूर्ण स्थलों के आसपास हरित आवरण को बढ़ावा देने से न केवल पर्यावरण अधिक स्वस्थ बनेगा, बल्कि क्षेत्र की सुंदरता और पर्यटन क्षमता में भी वृद्धि होगी। फाउंडेशन ने इस पौधारोपण अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने के लिए वन विभाग, सहभागी अधिकारियों, स्थानीय निवासियों तथा सभी हितधारकों का आभार व्यक्त किया और ग्रीन मिशन 2026–27 को क्षेत्र के और अधिक गांवों तथा सार्वजनिक स्थानों तक ले जाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रोजेक्ट डायरेक्टर: दीपक वालिया ट्रस्टी इंचार्ज: सन्नी महाजन मैनेजिंग ट्रस्टी: आरपीएस वालिया जागृति फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट अगर आप चाहें, तो मैं इसका अखबार में प्रकाशित करने योग्य छोटा हिंदी समाचार भी बना सकता हूँ।
जागृति फाउंडेशन के ‘ग्रीन मिशन 2026–27 – बूटियां दा लंगर’ को मिला उत्साहपूर्ण समर्थन; 100 परिवारों को फलदार पौधे वितरित नींबू, माल्टा और आंवला के पौधे वितरित; फाउंडेशन ने अटल सेतु के आसपास हरित गलियारे एवं पौधारोपण विकसित करने का किया आग्रह पठानकोट क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए जागृति फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट ने शनिवार को अपने ग्रीन मिशन 2026–27 – “बूटियां दा लंगर” का सफल आयोजन किया। पौधारोपण एवं सामुदायिक सहभागिता से जुड़े इस अभियान को स्थानीय निवासियों और विभिन्न हितधारकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। यह पहल क्षेत्र को अधिक हरा-भरा और स्वस्थ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। कार्यक्रम का आयोजन गांव पंजाला और गांव सरती में किया गया, जहां स्थानीय परिवारों के बीच नींबू, माल्टा और आंवला सहित विभिन्न फलदार पौधे वितरित किए गए। इस पहल का विशेष उद्देश्य ऐसे आर्थिक रूप से उपयोगी और फलदार पौधों के रोपण को बढ़ावा देना है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सहभागी परिवारों को दीर्घकालिक प्रत्यक्ष लाभ भी मिल सके। इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक परिवार को तीन पौधे प्रदान किए गए और लगभग 100 परिवारों को इसमें शामिल किया गया। इस प्रकार करीब 300 फलदार पौधों का वितरण किया गया। फाउंडेशन ने परिवारों से इन पौधों की जिम्मेदारी लेकर उनका संरक्षण एवं पालन-पोषण करने और इन्हें अपने घरों तथा समुदायों के लिए उपयोगी हरित संपत्ति में बदलने का आह्वान किया। कार्यक्रम में एस. महावीर सिंह, आईएफएस, मुख्य वन संरक्षक, पंजाब, मोहाली तथा श्री अतुल कुमार, आईएफएस, डीएफओ, पठानकोट की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके सहयोग और उपस्थिति से फाउंडेशन तथा अभियान में भाग लेने वाले स्थानीय समुदाय के सदस्यों का उत्साह बढ़ा। कार्यक्रम के दौरान जागृति फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि “बूटियां दा लंगर” को केवल एक दिवसीय पौधारोपण कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि जन-केंद्रित पर्यावरणीय आंदोलन के रूप में देखा जा रहा है। फलदार पौधों पर विशेष ध्यान देने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पौधा पर्यावरणीय के साथ-साथ आर्थिक महत्व भी रखे तथा
परिवार आने वाले वर्षों तक उसकी रक्षा और देखभाल के लिए प्रेरित हों। फाउंडेशन ने कहा कि पठानकोट और धार कलां क्षेत्र के लिए ऐसे अभियान विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। यह क्षेत्र पहाड़ियों, जंगलों, रावी नदी और रणजीत सागर बांध जैसे प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। क्षेत्र में हरित आवरण को मजबूत करने से जैव विविधता संरक्षण, मिट्टी की सुरक्षा, पर्यावरण की गुणवत्ता में सुधार तथा अधिक आकर्षक प्राकृतिक परिदृश्य विकसित करने में मदद मिल सकती है। अटल सेतु के आसपास हरित विकास के लिए जागृति फाउंडेशन का प्रशासन से आग्रह ग्रीन मिशन 2026–27 के व्यापक उद्देश्य के तहत जागृति फाउंडेशन ने पौधारोपण एवं हरित परिदृश्य विकसित करने से संबंधित कई प्रस्ताव रखे हैं। फाउंडेशन ने संबंधित अधिकारियों से अटल सेतु के आसपास इन प्रस्तावों पर विचार करने और इनके क्रियान्वयन में सहयोग करने का आग्रह किया है, ताकि क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ उसके पर्यावरणीय स्वरूप को भी मजबूत किया जा सके। डुनेरा–बिशोली मार्ग पर सड़क किनारे पौधारोपण फाउंडेशन ने अटल सेतु से डुनेरा तक डुनेरा–बिशोली सड़क के दोनों किनारों पर विभिन्न प्रजातियों के फूलदार वृक्ष लगाने का अनुरोध किया है। प्रस्तावित पौधारोपण से एक सुंदर हरित मार्ग विकसित होगा, पर्यावरणीय परिदृश्य में सुधार होगा तथा सड़क की समग्र सुंदरता बढ़ेगी। फाउंडेशन ने पौधों की सुरक्षा और उनके स्वस्थ विकास को सुनिश्चित करने के लिए ट्री गार्ड उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया है। अटल सेतु के निकट द्वीप पर पौधारोपण फाउंडेशन ने अटल सेतु के निकट स्थित उस द्वीप पर भी उपयुक्त फूलदार वृक्ष लगाने का अनुरोध किया है, जहां एक ऐतिहासिक मंदिर स्थित है। प्रस्तावित पौधारोपण से इस स्थान की प्राकृतिक सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ इसके सांस्कृतिक, धार्मिक एवं विरासत संबंधी महत्व को संरक्षित और सम्मानित किया जा सकेगा। दरबान गांव की ओर पहाड़ियों पर पौधारोपण फाउंडेशन द्वारा प्रस्तुत एक अन्य प्रस्ताव में अटल सेतु से दरबान गांव की ओर रावी नदी/रणजीत सागर बांध के किनारे फैली पहाड़ियों पर विभिन्न प्रजातियों के फूलदार वृक्ष लगाने का सुझाव दिया गया है। इस पौधारोपण का उद्देश्य एक मनमोहक हरित परिदृश्य विकसित करना
तथा अटल सेतु की ओर आने वाले पर्यटकों के लिए एक यादगार प्राकृतिक स्वागत क्षेत्र तैयार करना है, जो पठानकोट के प्रमुख पहचान चिन्हों में से एक है। फाउंडेशन ने बताया कि इन पहाड़ियों का एक बड़ा हिस्सा पंजाब वन विभाग के अधीन है। इसलिए संबंधित अधिकारियों के समन्वय से ऐसी भूमि पर पौधारोपण की व्यवहार्यता का अध्ययन करने का अनुरोध किया गया है। जहां निजी भूमि शामिल है, वहां भी उपयुक्त विकल्पों और आवश्यक अनुमतियों पर विचार कर पौधारोपण अभियान का विस्तार किया जा सकता है। क्षेत्र के लिए हरित विरासत का निर्माण जागृति फाउंडेशन ने जोर देते हुए कहा कि ग्रीन मिशन इस सिद्धांत पर आधारित है कि जब सरकारी एजेंसियां, स्थानीय समुदाय, परिवार और सामाजिक संगठन मिलकर कार्य करते हैं, तो पर्यावरण संरक्षण का प्रभाव और अधिक व्यापक एवं स्थायी बनता है। “बूटियां दा लंगर” पहल का उद्देश्य ऐसी संस्कृति विकसित करना है, जिसमें पौधारोपण केवल औपचारिक वृक्षारोपण कार्यक्रम तक सीमित न रहे, बल्कि एक निरंतर सामुदायिक जिम्मेदारी बन जाए। फलदार पौधों का वितरण करके फाउंडेशन हरित संपदा, खाद्य सुरक्षा, पर्यावरणीय लाभ और स्थानीय परिवारों के लिए संभावित आर्थिक मूल्य का समन्वय स्थापित करना चाहता है। पठानकोट क्षेत्र में ऐसे अभियान विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि यहां प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ पर्यावरण और पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। हरित गलियारों का विकास, फलदार पौधों के रोपण में वृद्धि तथा अटल सेतु जैसे महत्वपूर्ण स्थलों के आसपास हरित आवरण को बढ़ावा देने से न केवल पर्यावरण अधिक स्वस्थ बनेगा, बल्कि क्षेत्र की सुंदरता और पर्यटन क्षमता में भी वृद्धि होगी। फाउंडेशन ने इस पौधारोपण अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने के लिए वन विभाग, सहभागी अधिकारियों, स्थानीय निवासियों तथा सभी हितधारकों का आभार व्यक्त किया और ग्रीन मिशन 2026–27 को क्षेत्र के और अधिक गांवों तथा सार्वजनिक स्थानों तक ले जाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रोजेक्ट डायरेक्टर: दीपक वालिया ट्रस्टी इंचार्ज: सन्नी महाजन मैनेजिंग ट्रस्टी: आरपीएस वालिया जागृति फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट अगर आप चाहें, तो मैं इसका अखबार में प्रकाशित करने योग्य छोटा हिंदी समाचार भी बना सकता हूँ।
- जागृति फाउंडेशन के ‘ग्रीन मिशन 2026–27 – बूटियां दा लंगर’ को मिला उत्साहपूर्ण समर्थन; 100 परिवारों को फलदार पौधे वितरित नींबू, माल्टा और आंवला के पौधे वितरित; फाउंडेशन ने अटल सेतु के आसपास हरित गलियारे एवं पौधारोपण विकसित करने का किया आग्रह पठानकोट क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए जागृति फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट ने शनिवार को अपने ग्रीन मिशन 2026–27 – “बूटियां दा लंगर” का सफल आयोजन किया। पौधारोपण एवं सामुदायिक सहभागिता से जुड़े इस अभियान को स्थानीय निवासियों और विभिन्न हितधारकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। यह पहल क्षेत्र को अधिक हरा-भरा और स्वस्थ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। कार्यक्रम का आयोजन गांव पंजाला और गांव सरती में किया गया, जहां स्थानीय परिवारों के बीच नींबू, माल्टा और आंवला सहित विभिन्न फलदार पौधे वितरित किए गए। इस पहल का विशेष उद्देश्य ऐसे आर्थिक रूप से उपयोगी और फलदार पौधों के रोपण को बढ़ावा देना है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सहभागी परिवारों को दीर्घकालिक प्रत्यक्ष लाभ भी मिल सके। इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक परिवार को तीन पौधे प्रदान किए गए और लगभग 100 परिवारों को इसमें शामिल किया गया। इस प्रकार करीब 300 फलदार पौधों का वितरण किया गया। फाउंडेशन ने परिवारों से इन पौधों की जिम्मेदारी लेकर उनका संरक्षण एवं पालन-पोषण करने और इन्हें अपने घरों तथा समुदायों के लिए उपयोगी हरित संपत्ति में बदलने का आह्वान किया। कार्यक्रम में एस. महावीर सिंह, आईएफएस, मुख्य वन संरक्षक, पंजाब, मोहाली तथा श्री अतुल कुमार, आईएफएस, डीएफओ, पठानकोट की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके सहयोग और उपस्थिति से फाउंडेशन तथा अभियान में भाग लेने वाले स्थानीय समुदाय के सदस्यों का उत्साह बढ़ा। कार्यक्रम के दौरान जागृति फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि “बूटियां दा लंगर” को केवल एक दिवसीय पौधारोपण कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि जन-केंद्रित पर्यावरणीय आंदोलन के रूप में देखा जा रहा है। फलदार पौधों पर विशेष ध्यान देने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पौधा पर्यावरणीय के साथ-साथ आर्थिक महत्व भी रखे तथा परिवार आने वाले वर्षों तक उसकी रक्षा और देखभाल के लिए प्रेरित हों। फाउंडेशन ने कहा कि पठानकोट और धार कलां क्षेत्र के लिए ऐसे अभियान विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। यह क्षेत्र पहाड़ियों, जंगलों, रावी नदी और रणजीत सागर बांध जैसे प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। क्षेत्र में हरित आवरण को मजबूत करने से जैव विविधता संरक्षण, मिट्टी की सुरक्षा, पर्यावरण की गुणवत्ता में सुधार तथा अधिक आकर्षक प्राकृतिक परिदृश्य विकसित करने में मदद मिल सकती है। अटल सेतु के आसपास हरित विकास के लिए जागृति फाउंडेशन का प्रशासन से आग्रह ग्रीन मिशन 2026–27 के व्यापक उद्देश्य के तहत जागृति फाउंडेशन ने पौधारोपण एवं हरित परिदृश्य विकसित करने से संबंधित कई प्रस्ताव रखे हैं। फाउंडेशन ने संबंधित अधिकारियों से अटल सेतु के आसपास इन प्रस्तावों पर विचार करने और इनके क्रियान्वयन में सहयोग करने का आग्रह किया है, ताकि क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ उसके पर्यावरणीय स्वरूप को भी मजबूत किया जा सके। डुनेरा–बिशोली मार्ग पर सड़क किनारे पौधारोपण फाउंडेशन ने अटल सेतु से डुनेरा तक डुनेरा–बिशोली सड़क के दोनों किनारों पर विभिन्न प्रजातियों के फूलदार वृक्ष लगाने का अनुरोध किया है। प्रस्तावित पौधारोपण से एक सुंदर हरित मार्ग विकसित होगा, पर्यावरणीय परिदृश्य में सुधार होगा तथा सड़क की समग्र सुंदरता बढ़ेगी। फाउंडेशन ने पौधों की सुरक्षा और उनके स्वस्थ विकास को सुनिश्चित करने के लिए ट्री गार्ड उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया है। अटल सेतु के निकट द्वीप पर पौधारोपण फाउंडेशन ने अटल सेतु के निकट स्थित उस द्वीप पर भी उपयुक्त फूलदार वृक्ष लगाने का अनुरोध किया है, जहां एक ऐतिहासिक मंदिर स्थित है। प्रस्तावित पौधारोपण से इस स्थान की प्राकृतिक सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ इसके सांस्कृतिक, धार्मिक एवं विरासत संबंधी महत्व को संरक्षित और सम्मानित किया जा सकेगा। दरबान गांव की ओर पहाड़ियों पर पौधारोपण फाउंडेशन द्वारा प्रस्तुत एक अन्य प्रस्ताव में अटल सेतु से दरबान गांव की ओर रावी नदी/रणजीत सागर बांध के किनारे फैली पहाड़ियों पर विभिन्न प्रजातियों के फूलदार वृक्ष लगाने का सुझाव दिया गया है। इस पौधारोपण का उद्देश्य एक मनमोहक हरित परिदृश्य विकसित करना तथा अटल सेतु की ओर आने वाले पर्यटकों के लिए एक यादगार प्राकृतिक स्वागत क्षेत्र तैयार करना है, जो पठानकोट के प्रमुख पहचान चिन्हों में से एक है। फाउंडेशन ने बताया कि इन पहाड़ियों का एक बड़ा हिस्सा पंजाब वन विभाग के अधीन है। इसलिए संबंधित अधिकारियों के समन्वय से ऐसी भूमि पर पौधारोपण की व्यवहार्यता का अध्ययन करने का अनुरोध किया गया है। जहां निजी भूमि शामिल है, वहां भी उपयुक्त विकल्पों और आवश्यक अनुमतियों पर विचार कर पौधारोपण अभियान का विस्तार किया जा सकता है। क्षेत्र के लिए हरित विरासत का निर्माण जागृति फाउंडेशन ने जोर देते हुए कहा कि ग्रीन मिशन इस सिद्धांत पर आधारित है कि जब सरकारी एजेंसियां, स्थानीय समुदाय, परिवार और सामाजिक संगठन मिलकर कार्य करते हैं, तो पर्यावरण संरक्षण का प्रभाव और अधिक व्यापक एवं स्थायी बनता है। “बूटियां दा लंगर” पहल का उद्देश्य ऐसी संस्कृति विकसित करना है, जिसमें पौधारोपण केवल औपचारिक वृक्षारोपण कार्यक्रम तक सीमित न रहे, बल्कि एक निरंतर सामुदायिक जिम्मेदारी बन जाए। फलदार पौधों का वितरण करके फाउंडेशन हरित संपदा, खाद्य सुरक्षा, पर्यावरणीय लाभ और स्थानीय परिवारों के लिए संभावित आर्थिक मूल्य का समन्वय स्थापित करना चाहता है। पठानकोट क्षेत्र में ऐसे अभियान विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि यहां प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ पर्यावरण और पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। हरित गलियारों का विकास, फलदार पौधों के रोपण में वृद्धि तथा अटल सेतु जैसे महत्वपूर्ण स्थलों के आसपास हरित आवरण को बढ़ावा देने से न केवल पर्यावरण अधिक स्वस्थ बनेगा, बल्कि क्षेत्र की सुंदरता और पर्यटन क्षमता में भी वृद्धि होगी। फाउंडेशन ने इस पौधारोपण अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने के लिए वन विभाग, सहभागी अधिकारियों, स्थानीय निवासियों तथा सभी हितधारकों का आभार व्यक्त किया और ग्रीन मिशन 2026–27 को क्षेत्र के और अधिक गांवों तथा सार्वजनिक स्थानों तक ले जाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रोजेक्ट डायरेक्टर: दीपक वालिया ट्रस्टी इंचार्ज: सन्नी महाजन मैनेजिंग ट्रस्टी: आरपीएस वालिया जागृति फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट अगर आप चाहें, तो मैं इसका अखबार में प्रकाशित करने योग्य छोटा हिंदी समाचार भी बना सकता हूँ।3
- DGT मास्टर इकोसिस्टम: डिजिटल युग में ब्रांड ऑनबोर्डिंग और इन्फ्लुएंसर ग्रोथ में ला रहा है क्रांतिकारी बदलाव नई दिल्ली/दीनानगर: एक ऐसे दौर में जहां डिजिटल मौजूदगी ही बाजार में सफलता तय करती है, Dreams Growing Talent (DGT)—जिसे Drishti360 इकोसिस्टम का समर्थन प्राप्त है—ब्रांड स्केलिंग और इन्फ्लुएंसर मैनेजमेंट के लिए एक नया पैमाना स्थापित कर रहा है। क्रिएटर्स और उद्यमों के बीच की दूरी को मिटाते हुए, DGT ने एक ऐसा व्यापक डिजिटल आर्किटेक्चर तैयार किया है जो विजिबिलिटी और प्रोफेशनल ग्रोथ को नई ऊंचाइयों पर ले जाता है। ब्रांड्स और टॉप टैलेंट के बीच मजबूत पुल आज के डिजिटल मार्केट में उन ब्रांड्स के लिए जो हाई-इम्पैक्ट एक्सपोजर चाहते हैं और उन क्रिएटर्स के लिए जो वेरीफाइड कमाई के अवसर तलाश रहे हैं, एक मजबूत मंच की जरूरत होती है। DGT का मास्टर इकोसिस्टम इस जरूरत को दो मुख्य तरीकों से पूरा करता है: कम्प्लीट ब्रांड ऑनबोर्डिंग: कंपनियां अंतरराष्ट्रीय स्तर के बिजनेस ऑनबोर्डिंग फ्रेमवर्क और विस्तृत विवरण के साथ अपने ब्रांड की लिस्टिंग तैयार कर सकती हैं। इन्फ्लुएंसर CRM और AI प्रोफाइल स्कोरिंग: कंटेंट क्रिएटर्स अपने प्लेटफॉर्म मैट्रिक्स दर्ज करके तुरंत AI प्रोफाइल स्कोरिंग (10 में से) और अनुमानित चार्ज प्राप्त कर सकते हैं, जिससे ब्रांड्स सीधे और पारदर्शी तरीके से हायरिंग कर सकें। एक लाइव और पारदर्शी डिजिटल प्लेटफॉर्म DGT इकोसिस्टम की सबसे खासियतों में से एक इसके लाइव प्रोफाइल कार्ड्स हैं, जो आधिकारिक प्लेटफॉर्म (dgtglobal) पर उपलब्ध हैं। इससे पूरी पारदर्शिता बनी रहती है जहां कोई भी यूजर वेरीफाइड व्यवसायों और क्रिएटर्स को आसानी से खोज और देख सकता है। विशेष डिजिटल शो, इन्फ्लुएंसर मीट्स से लेकर मजबूत सोशल मीडिया विज्ञापन के अवसरों तक, DGT एक संपूर्ण मीडिया नेटवर्क के रूप में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। जो ब्रांड्स और क्रिएटर्स एडवांस्ड डिजिटल गवर्नेंस और मार्केट लीडरशिप के साथ अपने काम को आगे बढ़ाना चाहते हैं, वे अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल dgtGlobal पर विजिट कर सकते हैं।1
- ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਦੇ ਪੁਲਿਸ ਲਾਈਨ ਰੋਡ ’ਤੇ ਪਾਰਕਿੰਗ ਬਣੀ ਕੂੜੇ ਦਾ ਡੰਪਿੰਗ ਗਰਾਊਂਡ ਸੜਕ ਬਣੀ ਨੂੰ ਹਫ਼ਤਾ ਬੀਤਿਆ,ਕੂੜੇ ਦਾ ਢੇਰ ਲਗਾਤਾਰ ਵਧਿਆ ਰੈਸਟੋਰੈਂਟ ਮਾਲਕ ਨੇ ਲਾਏ ਗੰਭੀਰ ਦੋਸ਼। ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਦੇ ਪੁਲਿਸ ਲਾਈਨ ਰੋਡ ’ਤੇ ਪਾਰਕਿੰਗ ਬਣੀ ਕੂੜੇ ਦਾ ਡੰਪਿੰਗ ਗਰਾਊਂਡ ਸੜਕ ਬਣੀ ਨੂੰ ਹਫ਼ਤਾ ਬੀਤਿਆ,ਕੂੜੇ ਦਾ ਢੇਰ ਲਗਾਤਾਰ ਵਧਿਆ ਰੈਸਟੋਰੈਂਟ ਮਾਲਕ ਨੇ ਲਾਏ ਗੰਭੀਰ ਦੋਸ਼।1
- 12 ਸਾਲ ਬਾਅਦ ਘਰ ਆ ਰਿਹਾ ਸੀ ਪੁੱਤ, ਦੁਬਈ ਤੋਂ ਭੇਤਭਰੇ ਹਾਲਾਤਾਂ 'ਚ ਗਾਇਬ | Gurdaspur News ਰੋਜ਼ੀ-ਰੋਟੀ ਦੀ ਭਾਲ ਵਿੱਚ 12 ਸਾਲ ਪਹਿਲਾਂ ਲੇਬਨਾਨ ਗਏ ਪੁਰਾਣਾ ਸ਼ਾਲਾ (ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ) ਦੇ 35 ਸਾਲਾ ਭੁਪਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ 'ਤੇ ਦੁੱਖਾਂ ਦਾ ਪਹਾੜ ਟੁੱਟ ਪਿਆ ਹੈ। ਕੰਮ ਦੌਰਾਨ ਹਾਦਸੇ ਦਾ ਸ਼ਿਕਾਰ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਭੁਪਿੰਦਰ ਤੁਰਨ-ਫਿਰਨ ਤੋਂ ਅਸਮਰੱਥ ਅਤੇ ਮਾਨਸਿਕ ਤੌਰ 'ਤੇ ਪ੍ਰੇਸ਼ਾਨ ਸੀ। 6 ਅਗਸਤ ਨੂੰ ਦੁਬਈ ਰਾਹੀਂ ਭਾਰਤ ਰਵਾਨਾ ਹੋਇਆ ਭੁਪਿੰਦਰ ਦੁਬਈ ਏਅਰਪੋਰਟ ਤੋਂ ਹੀ ਭੇਤਭਰੇ ਹਾਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ਲਾਪਤਾ ਹੋ ਗਿਆ। ਦਿੱਲੀ ਏਅਰਪੋਰਟ ਤੋਂ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਸਾਮਾਨ ਮਿਲਣ ਦਾ ਫੋਨ ਆਇਆ, ਪਰ ਪੁੱਤਰ ਦਾ ਅਜੇ ਤੱਕ ਕੋਈ ਥਾਂ-ਪਤਾ ਨਹੀਂ। ਪੀੜਤ ਪਰਿਵਾਰ ਨੇ ਭਾਰਤ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਵਿਦੇਸ਼ ਮੰਤਰਾਲੇ ਤੋਂ ਮਦਦ ਦੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਹੈ।1
- ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਜੀ ਕਾ ਖਾਲਸਾ 🙏 ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਜੀ ਕੀ ਫਤਿਹ 🙏 ਅਕਾਲ ਪੁਰਖ ਪਰਮੇਸ਼ਰ ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਆਪ ਸਭ ਨੂੰ ਚੜ੍ਹਦੀ ਕਲਾ ਵਿੱਚ ਅਤੇ ਤੰਦਰੁਸਤ ਰੱਖੇ 🖋️1
- ਟਿੱਪਰਾਂ ਦੀ ਆਮਦ ਤੇ ਰੋਕ ਲਗਾਉਣ ਲਈ ਬੇਗੋਵਾਲ ਚ ਲੱਗੇ ਹਾਈਡ ਬੈਰੀਅਰ1
- please aisi gali ka sab karvaya karo please Ludhiana Punjab ka mantri hai please is per Dhyan dijiye1