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Bharatiya Jan KRANTI SENA
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- Post by न्यूज़ आइकॉन 241
- *अतिक्रमण से जूझ रहा बिलग्राम का मुख्य चौराहा, हादसे की आशंका* हरदोई/बिलग्राम। नगर के मुख्य चौराहे पर बढ़ते अतिक्रमण से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिलग्राम कोतवाली के गेट के सामने स्थित मुख्य चौराहा इन दिनों अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है। सड़क के दोनों ओर किए गए अवैध कब्जों के कारण रास्ता संकरा हो गया है, जिससे यातायात बाधित रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे दुकानों और ठेलों के लगने से अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। लोगों का आरोप है कि यह अतिक्रमण लंबे समय से हो रहा है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मुख्य चौराहे से अतिक्रमण हटाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु किया जाए, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।1
- Post by Bharatiya Jan KRANTI SENA1
- नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अपने विधानसभा क्षेत्र, शालीमार बाग में इन दिनों माहौल काफी तनावपूर्ण है। शालीमार गांव के मैक्स हॉस्पिटल रोड (Max Hospital Road) और आसपास के इलाकों में 'घर बचाओ आंदोलन' के तहत सैकड़ों स्थानीय निवासी सड़कों पर हैं। विवाद की मुख्य जड़ सड़क चौड़ीकरण (Road Widening) परियोजना के तहत करीब 200 से 300 मकानों पर प्रशासन द्वारा लगाए गए 'पीले निशान' (Yellow Markings) हैं। क्या है पूरा मामला? लोक निर्माण विभाग (PWD) और एमसीडी (MCD) द्वारा शालीमार गांव और टीचर कॉलोनी के कई घरों को नोटिस दिए गए हैं, जिनमें इन निर्माणों को अवैध बताते हुए हटाने की चेतावनी दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे यहाँ पिछले 50 से 70 वर्षों से रह रहे हैं और उनके पास बिजली, पानी के वैध कनेक्शन भी हैं। अचानक हुई इस कार्रवाई ने लोगों की रातों की नींद उड़ा दी है। आंदोलन की मुख्य बातें: लगातार विरोध: मैक्स हॉस्पिटल रोड पर लोग कड़ाके की ठंड और अनिश्चितता के बीच धरने पर बैठे हैं। हाल ही में आंदोलनकारियों द्वारा क्रमिक उपवास (Relay Fast) भी शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री से नाराजगी: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनाव के समय मुख्यमंत्री ने उनसे वोट माँगे थे, लेकिन आज जब उनके आशियाने पर खतरा है, तो सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। निवासियों का दावा है कि कई बार कोशिशों के बावजूद मुख्यमंत्री ने उनसे मुलाकात नहीं की है। विपक्ष का हमला: आम आदमी पार्टी (AAP) और अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार बिना किसी ठोस पुनर्वास नीति (Rehabilitation Policy) के गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को बेघर करने पर उतारू है। जनता का सवाल: विकास या विनाश? आंदोलन में शामिल बुजुर्ग महिलाओं और युवाओं का एक ही सवाल है—"अगर हमारे सालों पुराने घर तोड़ दिए गए, तो हम कहाँ जाएंगे?" लोगों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर उन्हें बेघर करना कतई मंजूर नहीं है। क्या सरकार लेगी खबर? फिलहाल सरकार और प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या राहत का आश्वासन नहीं आया है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार लिखित में उनके घरों को सुरक्षित रखने का आश्वासन नहीं देती, तब तक 'घर बचाओ आंदोलन' जारी रहेगा।1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- Post by Pro hindustan tv1
- yah Delhi jal board ka hai ismein logon ke yahan Pani nahin pahunch raha hai yahan Pani West ja raha hai yahan log nahate Hain gadiyan dhote Hain is tarah ke time per aap dekho Aakar to aapko sab kuchh dikhega1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1