अंग्रेज तो चल गए लेकिन अंग्रेजो वाला आदत हजारीबाग प्रशासन मे ही रह गया इसलिए तो निजि स्कूल वही कर रहे है जो अंग्रेज भारतीय के साथ करते थे ,? आखिरकार 38 बच्चो को निजि स्कूल जेवियर कैसे निकाल दिया और अभिभावक आवेदन देकर उपायुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी क्यो है मौन ? उपायुक्त महोदय हम जनता को स्पष्ट कर दिजिए, बाल नि: शुल्क शिक्षा का अनिवार्य अधिकार अधिनियम 2009/11 लागू है तो जिला हजारीबाग मे कहा दिख रहा है ? यदि लागू का अनुपालन उपायुक्त या जिला शिक्षा अधिकारी क्या कर रहे है ? सभी विदित है कि एक बार एडमिशन किसी भी स्कुल मे हो जाए तो उसका नाम नही कटेगा,या फीस दे या नही इसके आलाव बच्चो को मानसिक प्रताड़ित भी नही करना है रिजेल्ट या आचरण गलत बतलाकर तो अभिभावको किसी शिकायत पर करवाई क्यो नही हुआ ? हजारीबाग मे निजि स्कूल मे आम जनता को लुटा जाता है ,इसको लेकर, अभि अभिषेक के द्वारा एक दिवसीय भूख हड़ताल दिनांक 17/4/26 को किया गया इसमे चितरंजन प्रसाद गुप्ता प्रदेश अध्यक्ष भारतीय नागरिक अधिकार रक्षामंच सह.आर टी आई सक्रिय कार्यकर्ता भी भाग लिए, और गौतम कुमार भी भाग लिए और अन्य अभिभावक लोग ने भी बढ चढाकर भाग लिया इस भूख हड़ताल के माध्यम से हजारीबाग उपायुक्त और जिला शिक्षा पदाधिकारी से मांग किया गया ,जेवियर स्कूल पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज किया जाए क्योकि अभिभावक के बच्चो का आचरण को खराब किया है इसका सहारा लेकर 38 छात्रो/बच्चो निकाल दिया है इससे बाल नि : शुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम का खुला उल्लंघन हुआ है, इसलिए स्कूल पर करवाई करते हुए सभी बच्चो को जेवियर वापस ले ,बच्चो को जो आचरण खराब स्कूल ने किया है इसका क्षतिपुर्ति भी बच्चो को दिया जाए, और निजी स्कूल जो री एडमिशन का नाम बदलकर जो ऐनूवल चार्ज लिया उसे अभिभावक को वापस दिलवाया जाए, किताब प्रति वर्ष बदलने और चिन्हित दुकान से किया या ड्रेस का खरीद बिक्री पर रोक लगाया जाए, निजि स्कूल जो रवैय है वह पूर्व क्रुरता अंग्रेजी शासक का जैसा है वह खत्म हो और बाल नि: शुल्क शिक्षा का अधिकार को सख्ती से लागू हो सभी निजि स्कूल 25% कमजोर बच्चो का एडमिशन लिया है अथवा नही इसकी गहण जांच किया जाए
अंग्रेज तो चल गए लेकिन अंग्रेजो वाला आदत हजारीबाग प्रशासन मे ही रह गया इसलिए तो निजि स्कूल वही कर रहे है जो अंग्रेज भारतीय के साथ करते थे ,? आखिरकार 38 बच्चो को निजि स्कूल जेवियर कैसे निकाल दिया और अभिभावक आवेदन देकर उपायुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी क्यो है मौन ? उपायुक्त महोदय हम जनता को स्पष्ट कर दिजिए, बाल नि: शुल्क शिक्षा का अनिवार्य अधिकार अधिनियम 2009/11 लागू है तो जिला हजारीबाग मे कहा दिख रहा है ? यदि लागू का अनुपालन उपायुक्त या जिला शिक्षा अधिकारी क्या कर रहे है ? सभी विदित है कि एक बार एडमिशन किसी भी स्कुल मे हो जाए तो उसका नाम नही कटेगा,या फीस दे या नही इसके आलाव बच्चो को मानसिक प्रताड़ित भी नही करना है रिजेल्ट या आचरण गलत बतलाकर तो अभिभावको किसी शिकायत पर करवाई क्यो नही हुआ ? हजारीबाग मे निजि स्कूल मे आम जनता को लुटा जाता है ,इसको लेकर, अभि अभिषेक के द्वारा एक दिवसीय भूख हड़ताल दिनांक 17/4/26 को किया गया इसमे चितरंजन प्रसाद गुप्ता प्रदेश अध्यक्ष भारतीय नागरिक अधिकार रक्षामंच सह.आर टी आई सक्रिय कार्यकर्ता भी भाग लिए, और गौतम कुमार भी भाग लिए और अन्य अभिभावक लोग ने भी बढ चढाकर भाग लिया इस भूख हड़ताल के माध्यम से हजारीबाग उपायुक्त और जिला शिक्षा पदाधिकारी से मांग किया गया ,जेवियर स्कूल पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज किया जाए क्योकि अभिभावक के बच्चो का आचरण को खराब किया है इसका सहारा लेकर 38 छात्रो/बच्चो निकाल दिया है इससे बाल नि : शुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम का खुला उल्लंघन हुआ है, इसलिए स्कूल पर करवाई करते हुए सभी बच्चो को जेवियर वापस ले ,बच्चो को जो आचरण खराब स्कूल ने किया है इसका क्षतिपुर्ति भी बच्चो को दिया जाए, और निजी स्कूल जो री एडमिशन का नाम बदलकर जो ऐनूवल चार्ज लिया उसे अभिभावक को वापस दिलवाया जाए, किताब प्रति वर्ष बदलने और चिन्हित दुकान से किया या ड्रेस का खरीद बिक्री पर रोक लगाया जाए, निजि स्कूल जो रवैय है वह पूर्व क्रुरता अंग्रेजी शासक का जैसा है वह खत्म हो और बाल नि: शुल्क शिक्षा का अधिकार को सख्ती से लागू हो सभी निजि स्कूल 25% कमजोर बच्चो का एडमिशन लिया है अथवा नही इसकी गहण जांच किया जाए
- अंग्रेज तो चल गए लेकिन अंग्रेजो वाला आदत हजारीबाग प्रशासन मे ही रह गया इसलिए तो निजि स्कूल वही कर रहे है जो अंग्रेज भारतीय के साथ करते थे ,? आखिरकार 38 बच्चो को निजि स्कूल जेवियर कैसे निकाल दिया और अभिभावक आवेदन देकर उपायुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी क्यो है मौन ? उपायुक्त महोदय हम जनता को स्पष्ट कर दिजिए, बाल नि: शुल्क शिक्षा का अनिवार्य अधिकार अधिनियम 2009/11 लागू है तो जिला हजारीबाग मे कहा दिख रहा है ? यदि लागू का अनुपालन उपायुक्त या जिला शिक्षा अधिकारी क्या कर रहे है ? सभी विदित है कि एक बार एडमिशन किसी भी स्कुल मे हो जाए तो उसका नाम नही कटेगा,या फीस दे या नही इसके आलाव बच्चो को मानसिक प्रताड़ित भी नही करना है रिजेल्ट या आचरण गलत बतलाकर तो अभिभावको किसी शिकायत पर करवाई क्यो नही हुआ ? हजारीबाग मे निजि स्कूल मे आम जनता को लुटा जाता है ,इसको लेकर, अभि अभिषेक के द्वारा एक दिवसीय भूख हड़ताल दिनांक 17/4/26 को किया गया इसमे चितरंजन प्रसाद गुप्ता प्रदेश अध्यक्ष भारतीय नागरिक अधिकार रक्षामंच सह.आर टी आई सक्रिय कार्यकर्ता भी भाग लिए, और गौतम कुमार भी भाग लिए और अन्य अभिभावक लोग ने भी बढ चढाकर भाग लिया इस भूख हड़ताल के माध्यम से हजारीबाग उपायुक्त और जिला शिक्षा पदाधिकारी से मांग किया गया ,जेवियर स्कूल पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज किया जाए क्योकि अभिभावक के बच्चो का आचरण को खराब किया है इसका सहारा लेकर 38 छात्रो/बच्चो निकाल दिया है इससे बाल नि : शुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम का खुला उल्लंघन हुआ है, इसलिए स्कूल पर करवाई करते हुए सभी बच्चो को जेवियर वापस ले ,बच्चो को जो आचरण खराब स्कूल ने किया है इसका क्षतिपुर्ति भी बच्चो को दिया जाए, और निजी स्कूल जो री एडमिशन का नाम बदलकर जो ऐनूवल चार्ज लिया उसे अभिभावक को वापस दिलवाया जाए, किताब प्रति वर्ष बदलने और चिन्हित दुकान से किया या ड्रेस का खरीद बिक्री पर रोक लगाया जाए, निजि स्कूल जो रवैय है वह पूर्व क्रुरता अंग्रेजी शासक का जैसा है वह खत्म हो और बाल नि: शुल्क शिक्षा का अधिकार को सख्ती से लागू हो सभी निजि स्कूल 25% कमजोर बच्चो का एडमिशन लिया है अथवा नही इसकी गहण जांच किया जाए1
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- *धनबाद के केंदुआडीह में बढ़ता खतरा, प्रशासन ने कहा : बेलगड़िया ही एकमात्र सुरक्षित विकल्प* *धनबाद :* केन्दुआडीह गैस रिसाव और भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने गुरुवार को प्रभावित इलाके का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सबसे पहले धनबाद-बोकारो मुख्य सड़क का अवलोकन किया, जो अग्नि और भू-धंसान से बुरी तरह प्रभावित है. इसके बाद गैस रिसाव स्थल का निरीक्षण कर स्थिति की गंभीरता को समझा गया. केन्दुआडीह थाना में बीसीसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की गई. उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि प्रभावित क्षेत्र में रह रहे परिवारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि 535 परिवारों की पहचान की गई है और सभी को बेलगड़िया में बसाने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है. यहां लोगों को दो-दो फ्लैट, बिजली, पानी, सड़क, स्कूल, हेल्थ सेंटर, परिवहन और कौशल विकास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भूमिगत आग के कारण गैस रिसाव रुकने वाला नहीं है, बल्कि आने वाले समय में इसका दायरा और बढ़ सकता है. आईआईटी (आईएसएम), डीजीएमएस और सिंफर जैसे संस्थानों ने भी इस पूरे इलाके को डेंजर जोन घोषित किया है. ऐसे में यहां रहना जानलेवा साबित हो सकता है. उपायुक्त ने लोगों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और तुरंत बेलगड़िया में शिफ्ट हो जाएं. वहीं धनबाद-बोकारो सड़क के क्षतिग्रस्त होने के कारण आम लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने को कहा गया है. नई सड़क के निर्माण को लेकर एनएचएआई और आरसीडी आकलन कर रहे हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केन्दुआडीह थाना को भी स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है. सोमवार तक थाना को केंदुआ स्थित पुराने बीएसएनएल भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा. प्रशासन ने साफ किया है कि लोगों की जान की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है और प्रभावित क्षेत्र को खाली कराना ही फिलहाल एकमात्र सुरक्षित विकल्प है.1
- हजारीबाग में डीसी कार्यालय के बाहर सुबह से ही समाजसेवी अभिषेक कुमार हुंकार भरते हुए भूख हड़ताल पर बैठे हैं। निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा कि जिस तरह नेपाल में प्राइवेट स्कूलों पर सख्ती हुई और कई जगह बंद हुए, उसी तरह हजारीबाग में भी प्राइवेट स्कूलों की मनमानी बंद होनी चाहिए। अभिषेक कुमार ने कहा कि आज प्राइवेट स्कूल शिक्षा का मंदिर नहीं बल्कि व्यापार बन गया है। बच्चों को पढ़ाने के बजाय उन्हें ATM मशीन की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि री-एडमिशन के नाम पर वसूली हर साल किताब-कॉपी बदलना ड्रेस और जूते जबरन खरीदवाना कम नंबर या करेक्टर के नाम पर बच्चों को निकालना यह सब अब चारों तरफ लूट बन चुका है। समाजसेवी अभिषेक कुमार ने चेतावनी दी कि अगर 38 बच्चों को वापस नहीं लिया गया और निजी स्कूलों की मनमानी बंद नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा तथा यह लड़ाई हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक ले जाई जाएगी। धरना स्थल पर अभिभावकों की भीड़ बढ़ती जा रही है और आंदोलन अब जनआंदोलन का रूप लेता दिख रहा है। ✊🔥1
- Post by Om Singh1
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