अनियंत्रित ट्रेलर ने ली युवक की जान, रुण्डेड़ा में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, शादी के दो साल बाद बुझ गया घर का चिराग उदयपुर जिले के वल्लभनगर उपखण्ड क्षेत्र के रूण्डेडा निवासी एक युवक की सड़क हादसे दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान कमलेश जणवा पुत्र रामचंद्र जणवा, निवासी रूण्डेडा के रूप में हुई है। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर छाई रही। वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया गया कि कमलेश जणवा जिंक स्मेल्टर के एलएनटी विभाग में कार्यरत था। काम समाप्त होने के बाद घर जाने के लिए जिंक स्मेल्टर चौराहे की तरफ जा रहा था। इसी दौरान सामने से आरहे एक ट्रेलर के अचानक ब्रेक फेल होने से चौराहे पर पहुंच गया और वहां से गुजर रहे कमलेश को अपनी चपेट में ले लिया। ट्रेलर युवक के ऊपर से गुजर गया, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने परिजनों की उपस्थिति में शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद गांव में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। युवक की असमय मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां बेटे की मौत से बेसुध हो गई। परिजनों ने बताया कि कमलेश की शादी करीब ढाई वर्ष पूर्व खेरोदा में हुई थी। इधर हादसे के बाद साथ काम करने वाले श्रमिकों ने जिंक के मुख्य गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। श्रमिको ने बताया कि काम खत्म होने के बाद घर लौटते समय हादसे में कमलेश की मौत हो गई। श्रमिकों ने परिजनों के साथ विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद आपकी सहमति बनने से श्रमिकों ने धरना प्रदर्शन समाप्त किया।
अनियंत्रित ट्रेलर ने ली युवक की जान, रुण्डेड़ा में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, शादी के दो साल बाद बुझ गया घर का चिराग उदयपुर जिले के वल्लभनगर उपखण्ड क्षेत्र के रूण्डेडा निवासी एक युवक की सड़क हादसे दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान कमलेश जणवा पुत्र रामचंद्र जणवा, निवासी रूण्डेडा के रूप में हुई है। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर छाई रही। वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया गया कि कमलेश जणवा जिंक स्मेल्टर के एलएनटी विभाग में कार्यरत था। काम समाप्त होने के बाद घर जाने के लिए जिंक स्मेल्टर चौराहे की तरफ जा रहा था। इसी दौरान सामने से आरहे एक ट्रेलर के अचानक ब्रेक फेल होने से चौराहे पर पहुंच गया और वहां से गुजर रहे कमलेश को अपनी चपेट में ले लिया। ट्रेलर युवक के ऊपर से गुजर गया, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने परिजनों की उपस्थिति में शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद गांव में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। युवक की असमय मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां बेटे की मौत से बेसुध हो गई। परिजनों ने बताया कि कमलेश की शादी करीब ढाई वर्ष पूर्व खेरोदा में हुई थी। इधर हादसे के बाद साथ काम करने वाले श्रमिकों ने जिंक के मुख्य गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। श्रमिको ने बताया कि काम खत्म होने के बाद घर लौटते समय हादसे में कमलेश की मौत हो गई। श्रमिकों ने परिजनों के साथ विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद आपकी सहमति बनने से श्रमिकों ने धरना प्रदर्शन समाप्त किया।
- छोटी सादड़ी छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के उपलक्ष में मराठा समाज द्वारा जुलूस निकाला गया जिसमें भारत विकास परिषद मानव अधिकार आयोग एवं कांग्रेस के सदस्यों द्वारा विभिन्न स्थानों पर फूलों से जुलूस का स्वागत किया गया4
- चोरासी विधान सभा क़ी जनता क़ी मेहरबानी से मुझे एक विधायक बनने का मोका मिला, ओर मेरी इच्छा थी कि शिक्षा के क्षेत्र में विशेष काम करूँ, इसी अनुरूप 40 प्रतिभावान विद्यार्थी एवं 10 अध्यापकगण क़ो हवाईयात्रा करवायीं, दिल्ली के शेक्षणिक, एतिहासिक एवं दार्शनिक स्थलो क़ा भ्रमण करवाया ! । मेरे द्वारा यह यात्रा करवाने के पीछे मुख्य उद्देश्य —- राज कुमार रोत हमारे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के राजकीय विद्यालयों में पढ़ाई करने वाले अधिकतर बच्चे गरीब घर से आते है और इन बच्चों को 10वी और 12वी पास करने के बाद आगे किस की तैयारी करनी हैं ? क्या बनना हैं ? यह मार्गदर्शन बहुत कम मिल पाता है, साथ ही हमारे यहां बहुत सी प्रतिभा है जो IAS व RAS, इंजीनियरिंग, डॉक्टर व अन्य कई क्षेत्र में जा सकते हैं लेकिन उनको अवसर नही मिल पाता। इस भ्रमण से हमारे यहां के बच्चे देश की उच्चतम शिक्षण संस्था JNU एवं दिल्ली जैसी यूनिवर्सिटी में भ्रमण करके यहां जो पढ़ाई का माहौल है उसको समझेंगे और प्रेरणा लेंगे कि हमें भी जीवन में कुछ करना है, साथ ही पढ़ाई और आगे बढ़ने को लेकर इनका उत्साह भी बढ़ेगा। यह मुहिम पिछली क्लास में पढ़ने वाले बच्चों में भी एक प्रेरणा का कार्य करेगी। सभी बच्चों में आगे बढ़ने की (कॉम्पिटिशन) भावना बढ़ेगी और आने वाले समय में हमारे यहां से कई प्रतिभा निखर कर सामने आयेगी जो पूरे डूंगरपुर जिले एवं आदिवासी समाज का नाम रोशन करेंगी1
- ग्रामीणों ने जताया आक्रोश, तहसीलदार ने दिए जांच के आदेश संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। जिले के दोवड़ा तहसील क्षेत्र के फलोज फला भागेला गांव में सरकारी चरागाह भूमि पर अतिक्रमण का मामला गरमाता जा रहा है। भू-माफियाओं द्वारा सुरक्षित चरागाह भूमि (पुराना खसरा नंबर 84, नया 88) पर अवैध कब्जे की नीयत से रातों-रात बोरवेल खोदने और निर्माण की कोशिशों ने ग्रामीणों में भारी रोष पैदा कर दिया है। गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। - अतिक्रमणकारी ने ग्राम पंचायत द्वारा लगाए पौधों को पहुंचाया नुकसान पूर्व वार्ड पंच और समाजसेवी देवीलाल ननोमा ने बताया कि जिस भूमि पर अतिक्रमण की कोशिश हो रही है, वहां ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सहयोग से कड़ी मेहनत और लगभग 8 लाख रुपये की लागत से सघन वृक्षारोपण करवाया था। वर्तमान में वहां 300 से अधिक पौधे लहलहा रहे हैं। लेकिन अब अतिक्रमणकारी इन पौधों को नुकसान पहुंचाकर जमीन पर कब्जा करने की फिराक में हैं। - प्रशासनिक सख्ती के बावजूद अतिक्रमण का दुस्साहस ज्ञापन के अनुसार, बीती रात को अतिक्रमणकारियों ने एक बार फिर चोरी-छिपे बोरवेल खोदा, जबकि इससे दो दिन पहले भी इसी तरह की कोशिश की गई थी। करीब एक सप्ताह पहले भी ग्रामीणों की सजगता से राजस्व विभाग और दोवड़ा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवाया था। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2018 में भी अतिक्रमणकारियों ने तीन दिन तक जेसीबी लगाकर जमीन का समतलीकरण कर दिया था, जिसे तत्कालीन जिला कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद रुकवाया गया और आरोपियों को पाबंद किया गया था। बावजूद इसके, भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और वे ग्रामीणों को जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। - तहसीलदार का आश्वासन : टीम गठित कर होगी जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार ईश्वरलाल पडवाला ने ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने बताया कि यदि यह मामला ग्रामदानी क्षेत्र का होता है, तो ग्रामदानी अध्यक्ष से चर्चा कर रिकॉर्ड मंगवाया जाएगा। इसके लिए नायब तहसीलदार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की जा रही है, जो मौके की पूरी जांच करेगी। किसी भी कीमत पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाएगा। - ग्रामीणों की मांग : बिजली कनेक्शन काट हटाए जाएं खंभे ज्ञापन सौंपने पहुंचे ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि अतिक्रमणकारियों ने अवैध रूप से चरागाह भूमि पर बिजली के पोल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि बिजली विभाग को निर्देशित कर इन पोल को तुरंत हटवाया जाए और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कर मामला दर्ज किया जाए।1
- चौरासी में टेंपो पलट ने से दो बच्चे की जान गई1
- विधायक कोठारी ने रखे कई अहम सुझाव भीलवाड़ा 19 फरवरी ।राजस्थान विधानसभा में युवा मामले एवं खेल और उद्योग पर चर्चा के दौरान भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने प्रदेश और विशेष रूप से भीलवाड़ा के औद्योगिक व खेल विकास से जुड़े सभी प्रमुख मुद्दों को विस्तार से रखा। उन्होंने अध्यक्ष महोदय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वैश्विक युग में उद्योगों का महत्व अत्यंत बढ़ गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब ट्रंप सरकार द्वारा भारतीय उद्योगों पर टैरिफ का दबाव बनाया गया, तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रभावी रणनीति से भारत ने अपने हित सुरक्षित किए। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था और समृद्धि का आधार उद्योग व व्यापार हैं। इसी सोच के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा “राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट” आयोजित कर 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए गए, जिनमें से 8 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर लागू हो रहे हैं। दिसंबर 2025 में आयोजित प्रवासी राजस्थानी दिवस को भी उन्होंने प्रदेश के विकास में सहभागिता बढ़ाने की सराहनीय पहल बताया। विधायक कोठारी ने रिप्स-2024, एमएसएमई पॉलिसी, ओडीओपी नीति, स्टार्टअप पॉलिसी, टेक्सटाइल एवं अपैरल नीति और रीको एक्ट में संशोधन सहित अनेक नीतिगत सुधारों का उल्लेख किया। “एक आवेदन, एक डिजिटल ट्रैक” और सिंगल विंडो सिस्टम को उद्योगों के लिए राहतकारी बताया। रिप्स-2024 में सेवा क्षेत्र को जोड़ने, टेक्सटाइल उद्योग को पेरोल सब्सिडी, कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग को थ्रस्ट सेक्टर में शामिल करने तथा संभाग मुख्यालयों पर प्लग एंड प्ले सुविधा विकसित करने के निर्णयों का स्वागत किया। भीलवाड़ा को टेक्सटाइल सिटी और राजस्थान का मैनचेस्टर बताते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रदेश की जीडीपी में तीसरे स्थान पर है। यहां 1 लाख लोग प्रत्यक्ष और 1.5 लाख लोग अप्रत्यक्ष रूप से कपड़ा उद्योग से जुड़े हैं तथा डेनिम उत्पादन में देश में दूसरा स्थान है। उन्होंने बिजली दरों में कमी, सोलर सीमा बढ़ाने, ट्रांसमिशन चार्ज समाप्त करने, पुरानी इकाइयों में सोलर सब्सिडी की 25% विस्तार शर्त हटाने, भीलवाड़ा टेक्सटाइल पार्क को पीएम-मित्र मेगा पार्क में शामिल करने, सिरेमिक जोन की स्थापना, रामसेतु लिंक परियोजना से जोड़ने, स्टेट ग्राउंड वाटर बोर्ड गठन, विशेष औद्योगिक पुलिस स्टेशन स्थापना, रिप्स सब्सिडी का त्रैमासिक भुगतान, भूमि कन्वर्जन सीमा 6 लाख वर्ग मीटर करने और टेक्सटाइल व माइनिंग के पृथक हब बनाने की मांग रखी। विधायक अशोक कुमार कोठारी ने खेलों पर बोलते हुए उन्होंने खेल मंत्री राज्य वर्धन सिंह राठौड़ के एथेंस ओलंपिक रजत पदक का उल्लेख करते हुए मिशन ओलंपिक की सराहना की। उन्होंने भीलवाड़ा के खिलाड़ियों सुरेन्द्र कटारिया (अर्जुन पुरस्कार 1973), अभिजीत गुप्ता (अर्जुन पुरस्कार 2013) और अश्विनी विश्नोई की उपलब्धियों का जिक्र भी किया। उन्होंने कोचों की कमी दूर करने, जिला स्तर पर स्टेडियम निर्माण, राज्य में ‘साई’ जैसी संस्था बनाने, स्थानीय निकायों के माध्यम से संचालन व्यवस्था और सी एस आर मद से उद्योगों को खेलों में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया। अंत में उन्होंने कहा कि उद्योग बढ़ेंगे तो रोजगार बढ़ेगा और रोजगार बढ़ेगा तो प्रदेश निरंतर उन्नति करेगा।1
- भीलवाड़ा शहर में अरिहंत हॉस्पिटल के समीप हुए सड़क हादसे में एक अज्ञात युवक की मौत हो गई। युवक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस द्वारा मृतक की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। मृतक के हाथ पर ‘दिनेश’ नाम गुदा हुआ है, जिससे पहचान में मदद मिलने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस आसपास के थानों में सूचना भेजकर, अस्पताल व क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच कर रही है।1
- Post by VAGAD news241
- संवाददाता - संतोष व्यास जयपुर/डूंगरपुर। जिले के चौरासी विधानसभा क्षेत्र के विधायक अनिल कटारा ने राजस्थान विधानसभा में बजट सत्र के दौरान अपने क्षेत्र के युवाओं और खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पुरजोर तरीके से मांगें रखीं। सदन को संबोधित करते हुए विधायक कटारा ने आदिवासी अंचल में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए बुनियादी सुविधाओं और आधुनिक संसाधनों के विस्तार पर विशेष जोर दिया। विधायक अनिल कटारा ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि चिखली में गोविंद गुरु आधुनिक मिनी खेल स्टेडियम का निर्माण किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए एक उचित मंच मिल सके। इसके साथ ही, उन्होंने अन्नपुरा में वीर कालीबाई भील बालिका खेल छात्रावास स्वीकृत करने की मांग उठाई, जिससे दूर-दराज की प्रतिभावान छात्राओं को रहने और प्रशिक्षण की सुविधा मिल सके। विधायक ने अनुसूचित क्षेत्र की प्राकृतिक दक्षता को देखते हुए तैराकी, तीरंदाजी और एथलेटिक्स के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि आदिवासी युवाओं में जन्मजात कौशल होता है, यदि उन्हें सही प्रशिक्षण और आवासीय कोचिंग की सुविधा मिले, तो वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का मान बढ़ा सकते हैं। 1
- पाली,केन्द्रीय भूजल बोर्ड पश्चिमी क्षेत्र, जयपुर द्वारा “जल संसाधन प्रबंधन एवं योजना के लिये जिले में भूजल डाटा एवं हेलिबोर्न भू-भौतिकीय सर्वेक्षण निष्कर्षों का प्रसार” विषय पर जिला कलक्टर कार्यालय में जिला कलेक्टर एलएन मंत्री की अध्यक्षता मे कार्यशाला आयोजित की गयी। कार्यशाला के दौरान पाली जिले के 10 ब्लॉकों के लिए तैयार हेलिबोर्न भू-भौतिकीय सर्वेक्षण रिपोर्टों का औपचारिक विमोचन जिला कलक्टर मंत्री व अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. बजरंग सिंह की उपस्थिति में किया गया। जिला कलेक्टर मंत्री ने पाली जिले में सीजीडब्ल्यूबी द्वारा किए गए हेलिबोर्न भू-भौतिकीय अध्ययन के परिणामों की सराहना करते हुए कहा कि जिले के सभी लाइन विभागों को इस अध्ययन के निष्कर्षों का प्रभावी उपयोग कर कर्मभूमि से मातृभूमि तथा जल संचय जनभागीदारी जैसे अभियानों के अंतर्गत रिचार्ज कार्यों को धरातल पर लागू करना चाहिए। साथ ही उन्होंने हार्ड रॉक क्षेत्रों में आगामी जल प्रबंधन योजनाओं के लिए डाटा आधारित योजना निर्माण पर जोर दिया। कार्यशाला की अध्यक्षता जिला परिषद सीईओ मुकेश चौधरी ने की । इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेंद्र मेहता व भू जल वैज्ञानिक जगदीश डांगी व सम्बन्धित विभाग के अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। उन्होने बताया कि कार्यशाला में वैज्ञानिक सीजीडब्ल्यूबी के. पी. सिंह, वैज्ञानिक सीजीडब्ल्यूबी ज्ञान प्रकाश तिवारी द्वारा पाली जिले के सभी 10 ब्लॉकों के हेलिबोर्न सर्वेक्षण निष्कर्षों पर ग्राम पंचायत स्तर तक विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर प्रतिभागियों द्वारा सर्वेक्षण से प्राप्त जानकारियों के आधार पर भूजल संभावित ड्रिलिंग साइट, भूजल गुणवत्ता, मैनेज्ड एक्विफर रिचार्ज साइट, भूमिगत संरचना/फॉर्मेशन के प्रकार आदि की पहचान पर चर्चा की गई।कार्यशाला में अनेक विभागों ने भाग लिया जिनमें विभिन्न लाइन विभागों जैसे भूजल विभाग (जीडब्ल्यूडी), जल संसाधन विभाग , राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल , सिंचाई, जिला परिषद, उद्यानिकी, कृषि, वन, आदि मौजूद रहे।1