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खंडवा की विधायक श्रीमती कंचन मुकेश जी को उनके जन्मदिवस के अवसर पर हार्दिक-हार्दिक बधाई दी गई है।
Atmaram Yadav
खंडवा की विधायक श्रीमती कंचन मुकेश जी को उनके जन्मदिवस के अवसर पर हार्दिक-हार्दिक बधाई दी गई है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- खंडवा की विधायक श्रीमती कंचन मुकेश जी को उनके जन्मदिवस के अवसर पर हार्दिक-हार्दिक बधाई दी गई है।1
- मध्य प्रदेश के आगामी मानसून सत्र के संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। हालांकि, सत्र के शुरू होने की तारीख और बैठकों की संख्या जैसे विवरण इस अधिसूचना में स्पष्ट नहीं किए गए हैं।1
- बुरहानपुर के ग्राम देड़तलाई में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और आदिवासी समाज के जननायक वीर रेंगा कोरकू की प्रतिमा को संरक्षित किए जाने की मांग को लेकर आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा है। समाज ने इस प्रतिमा को अपनी आस्था, अस्मिता और गौरव का प्रतीक बताते हुए इसके संरक्षण की अपील की है। ज्ञापन में बताया गया है कि देड़तलाई, तहसील खकनार स्थित शासकीय भूमि पर स्थापित वीर रेंगा कोरकू की यह प्रतिमा आदिवासी समाज की ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति और सम्मान का प्रतीक है। वीर रेंगा कोरकू ने जल, जंगल, जमीन, माटी, बेटी और आदिवासी संस्कृति की रक्षा हेतु अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष करते हुए अपने साथियों के साथ बलिदान दिया था। उनके संघर्ष और शहादत की स्मृति को जीवित रखने के लिए क्षेत्र के विभिन्न गांवों में उनकी प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। समाज के प्रतिनिधियों ने उन्हें डॉ. भीमराव अंबेडकर के समान ही आदिवासी समाज के स्वाभिमान, अस्मिता और प्राकृतिक अधिकारों की रक्षा का प्रतीक बताया, जिनके जीवन और बलिदान से समाज की भावनाएं गहराई से जुड़ी हैं। ज्ञापन के माध्यम से, राकेश सोलंकी जनपद अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि ग्राम देड़तलाई निवासी आरिफ बेग द्वारा विभिन्न न्यायालयों में याचिकाएं दायर कर प्रतिमा से जुड़े विवाद को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे आदिवासी समाज की भावनाएं आहत हो रही हैं। इस विवाद के चलते, आदिवासी समाज ने इस मामले में हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है और भविष्य में सुप्रीम कोर्ट जाने की भी बात कही है। समाज ने प्रशासन से प्रतिमा और उससे जुड़े स्थल को संरक्षित करने तथा समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। इस दौरान नन्द किशोर धांडे ने भी समाज की भावनाओं का समर्थन करते हुए प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की। कलेक्टर हर्ष सिंह ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए मामले का परीक्षण कर नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि वीर रेंगा कोरकू आदिवासी समाज के गौरव और बलिदान के प्रतीक हैं, और उनकी प्रतिमा व स्मृति स्थल का संरक्षण होना चाहिए। कलेक्टर ने समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रशासन द्वारा सकारात्मक निर्णय लेने की बात कही है।1
- हंडिया क्षेत्र में डीजल की उपलब्धता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब स्थिति स्पष्ट होती नजर आ रही है। कोलीपुरा टप्पर पर स्थित गीता फ्यूल पेट्रोल पंप के संचालक द्वारा ट्रैक्टर चालकों को लाइन में लगाकर डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है। पंप संचालक ने बताया कि यह लाइन सिस्टम पंप पर व्यवस्था बनाए रखने और सभी को समान रूप से डीजल मिल सके, यह सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है। ट्रैक्टर चालकों को उनकी जरूरत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में डीजल दिया जा रहा है। शासन के आदेशों के अनुसार, केवल वाहनों में ही डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है और प्लास्टिक की बोतलों या केन में डीजल-पेट्रोल नहीं दिया जा रहा है। हालांकि, शुरुआत में कुछ लोगों को इस नई व्यवस्था के कारण असुविधा का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब यह व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है।1
- सीएम डॉ. मोहन यादव ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा है कि केवल वही व्यक्ति मैदान में बना रहेगा जो अच्छा काम करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी की असली पहचान उसके काम से ही होती है।1
- हर्डा जिले के ग्राम बेदी में किसानों के आवागमन के लिए बनाई गई सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिसमें कई गहरे गड्ढे पड़ गए हैं। आशंका जताई गई है कि बारिश के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से किसानों को आने-जाने में भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। इस स्थिति के मद्देनजर, संबंधित अधिकारियों से निवेदन किया गया है कि लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में फैली इस महत्वपूर्ण सड़क की तुरंत मरम्मत करवाई जाए। इसके साथ ही, ग्राम बैड़ी में सड़क के किनारे मिट्टी न डालने का भी आग्रह किया गया है, ताकि किसानों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो और सड़क सुगम बनी रहे।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के सिहोनिया गांव में स्थित लगभग 1000 वर्ष पुराना ककनमठ मंदिर आज भी अपने रहस्यों और अद्भुत वास्तुकला के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर 11वीं शताब्दी में कच्छपघात वंश के राजा कीर्तिराज द्वारा बनवाया गया था। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके निर्माण में पत्थरों को जोड़ने के लिए न तो सीमेंट का उपयोग किया गया और न ही चूने का। इसके बजाय, विशाल पत्थरों को एक-दूसरे के ऊपर इस तरह संतुलित किया गया है कि सदियों बाद भी यह संरचना मजबूती से खड़ी हुई है। मंदिर के निर्माण को लेकर स्थानीय मान्यताओं में कहा जाता है कि इसे एक ही रात में भूत-प्रेतों द्वारा बनाया गया था, जबकि इतिहासकार इसे प्राचीन भारतीय इंजीनियरिंग और वास्तुकला का एक अद्भुत नमूना मानते हैं। समय के साथ मंदिर का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, लेकिन इसकी मुख्य संरचना आज भी लोगों को आकर्षित करती है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित यह रहस्यमयी धरोहर पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों को दूर-दूर से अपनी ओर खींचती है, और मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।1
- रवि वर्मा की जीवन कहानी को बेहद सुहानी और आकर्षक बताया गया है। इस प्रस्तुति के माध्यम से दर्शकों को उनकी इस प्रेरक कहानी को जानने के लिए आमंत्रित किया गया है।1