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राजस्थान के बारां जिले के शाहाबाद उपखंड मुख्यालय क्षेत्र में ग्रीनको कंपनी द्वारा स्थापित किए जा रहे हाइड्रो पावर प्लांट का काम जल्द शुरू करवाने की मांग को लेकर हजारों की संख्या में क्षेत्र की जनता ने रैली निकाली। भीषण गर्मी के बावजूद शाहाबाद कस्बे के पुराने बस स्टैंड से शुरू हुई यह रैली मुख्य बाजार होते हुए नए बस स्टैंड और अहिंसा सर्किल से उपखंड कार्यालय पहुँची, जहाँ लोगों ने बारी-बारी से संबोधित किया और राष्ट्रपति के नाम उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि केंद्र सरकार ने बारां जिले के शाहाबाद क्षेत्र के कॉलोनी और शाहपुर में विद्युत उत्पादन एवं पंप स्टोरेज के लिए ग्रीनको इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को पावर प्लांट लगाने की स्वीकृति दी है, जिसके माध्यम से हाइड्रो तकनीक से बिजली का उत्पादन किया जाएगा। कंपनी ने प्लांट की स्थापना के लिए जमीन खरीदने का काम भी शुरू कर दिया है और वन विभाग से भी मंजूरी मिल चुकी है, जिसके लिए विभाग की डिमांड राशि भी जमा करा दी गई है। क्षेत्र के लोगों ने शिकायत की है कि कुछ असामाजिक तत्व और क्षेत्र के बाहर के लोग आमजन को भ्रमित कर रहे हैं और प्लांट को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। वे विभिन्न सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से वन भूमि के पेड़ कटने का हवाला देकर परियोजना का विरोध कर रहे हैं और इसे बंद कराकर अन्य जगह स्थापित कराने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे क्षेत्रवासियों और स्थानीय लोगों में रोष है। ज्ञापन में मांग की गई है कि शाहाबाद क्षेत्र राजस्थान का एक अति पिछड़ा क्षेत्र है, जो पीजीवीटी में भी शामिल है और जिसे विकास, रोजगार व उत्थान के लिए उद्योगों की आवश्यकता है। केंद्र सरकार के इस निर्णय से पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। लोगों का कहना है कि इस परियोजना के पूर्ण होने से आदिवासी गरीब क्षेत्र का विकास होगा, बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा, भूमि का जलस्तर बढ़ेगा जिससे कृषि और पेयजल की समस्या का समाधान होगा, जंगल हरा-भरा और विकसित होगा, तथा वन्यजीवों को भी पेयजल उपलब्ध होगा। अतः ज्ञापन के माध्यम से अनुरोध किया गया है कि क्षेत्र के बाहर के लोगों द्वारा किए जा रहे विरोधाभास पर ध्यान न दिया जाए और उक्त प्रोजेक्ट के कार्य को जल्द से जल्द प्रारम्भ कराया जाए, ताकि क्षेत्र का विकास हो सके और रोजगार उपलब्ध हो। इस रैली में राजपुर, बेहटा, मुंडियर, शाहपुरा, बैंठ, कॉलोनी, चौराखाड़ी, हरीनगर, देवरी, सांधरी, पठारी, गुंजारी, पाटन सहित दर्जनों गांवों के हजारों महिला-पुरुष मौजूद रहे।

23 hrs ago
user_भुवनेश भार्गव
भुवनेश भार्गव
पत्रकारिता एवं समाज सेवा Baran, Baran•
23 hrs ago

राजस्थान के बारां जिले के शाहाबाद उपखंड मुख्यालय क्षेत्र में ग्रीनको कंपनी द्वारा स्थापित किए जा रहे हाइड्रो पावर प्लांट का काम जल्द शुरू करवाने की मांग को लेकर हजारों की संख्या में क्षेत्र की जनता ने रैली निकाली। भीषण गर्मी के बावजूद शाहाबाद कस्बे के पुराने बस स्टैंड से शुरू हुई यह रैली मुख्य बाजार होते हुए नए बस स्टैंड और अहिंसा सर्किल से उपखंड कार्यालय पहुँची, जहाँ लोगों ने बारी-बारी से संबोधित किया और राष्ट्रपति के नाम उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि केंद्र सरकार ने बारां जिले के शाहाबाद क्षेत्र के कॉलोनी और शाहपुर में विद्युत

उत्पादन एवं पंप स्टोरेज के लिए ग्रीनको इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को पावर प्लांट लगाने की स्वीकृति दी है, जिसके माध्यम से हाइड्रो तकनीक से बिजली का उत्पादन किया जाएगा। कंपनी ने प्लांट की स्थापना के लिए जमीन खरीदने का काम भी शुरू कर दिया है और वन विभाग से भी मंजूरी मिल चुकी है, जिसके लिए विभाग की डिमांड राशि भी जमा करा दी गई है। क्षेत्र के लोगों ने शिकायत की है कि कुछ असामाजिक तत्व और क्षेत्र के बाहर के लोग आमजन को भ्रमित कर रहे हैं और प्लांट को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। वे विभिन्न सोशल मीडिया और

समाचार पत्रों के माध्यम से वन भूमि के पेड़ कटने का हवाला देकर परियोजना का विरोध कर रहे हैं और इसे बंद कराकर अन्य जगह स्थापित कराने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे क्षेत्रवासियों और स्थानीय लोगों में रोष है। ज्ञापन में मांग की गई है कि शाहाबाद क्षेत्र राजस्थान का एक अति पिछड़ा क्षेत्र है, जो पीजीवीटी में भी शामिल है और जिसे विकास, रोजगार व उत्थान के लिए उद्योगों की आवश्यकता है। केंद्र सरकार के इस निर्णय से पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। लोगों का कहना है कि इस परियोजना के पूर्ण होने से आदिवासी गरीब क्षेत्र का विकास होगा,

बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा, भूमि का जलस्तर बढ़ेगा जिससे कृषि और पेयजल की समस्या का समाधान होगा, जंगल हरा-भरा और विकसित होगा, तथा वन्यजीवों को भी पेयजल उपलब्ध होगा। अतः ज्ञापन के माध्यम से अनुरोध किया गया है कि क्षेत्र के बाहर के लोगों द्वारा किए जा रहे विरोधाभास पर ध्यान न दिया जाए और उक्त प्रोजेक्ट के कार्य को जल्द से जल्द प्रारम्भ कराया जाए, ताकि क्षेत्र का विकास हो सके और रोजगार उपलब्ध हो। इस रैली में राजपुर, बेहटा, मुंडियर, शाहपुरा, बैंठ, कॉलोनी, चौराखाड़ी, हरीनगर, देवरी, सांधरी, पठारी, गुंजारी, पाटन सहित दर्जनों गांवों के हजारों महिला-पुरुष मौजूद रहे।

More news from Baran and nearby areas
  • शुक्रवार शाम करीब 3 बजे शाहाबाद उपखंड मुख्यालय सहित पूरे उपखंड क्षेत्र के कई गांवों और कस्बों में अचानक मौसम ने करवट ली। इस दौरान तेज हवाओं और मेघ गर्जना के साथ बारिश शुरू हुई, जो लगभग 40 मिनट तक लगातार होती रही। तेज बरसात के बाद हल्की बूंदाबांदी भी जारी रही, जिससे इलाके का मौसम बेहद सुहाना हो गया।
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    शुक्रवार शाम करीब 3 बजे शाहाबाद उपखंड मुख्यालय सहित पूरे उपखंड क्षेत्र के कई गांवों और कस्बों में अचानक मौसम ने करवट ली। इस दौरान तेज हवाओं और मेघ गर्जना के साथ बारिश शुरू हुई, जो लगभग 40 मिनट तक लगातार होती रही। तेज बरसात के बाद हल्की बूंदाबांदी भी जारी रही, जिससे इलाके का मौसम बेहद सुहाना हो गया।
    user_भुवनेश भार्गव
    भुवनेश भार्गव
    पत्रकारिता एवं समाज सेवा Baran, Baran•
    22 hrs ago
  • राजस्थान शहरी सेवा शिविर 2026 के अंतर्गत, राज्य में अवैध कॉलोनियों के नियमन के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों का आयोजन राजस्थान भर में 12 जून से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य अवैध कॉलोनियों को नियमित करना है।
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    राजस्थान शहरी सेवा शिविर 2026 के अंतर्गत, राज्य में अवैध कॉलोनियों के नियमन के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों का आयोजन राजस्थान भर में 12 जून से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य अवैध कॉलोनियों को नियमित करना है।
    user_Kapil
    Kapil
    किशनगंज, बारां, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहरों से समृद्ध झालावाड़ जिले में गागरोन दुर्ग आज भी सबसे प्रमुख पर्यटन पहचान बना हुआ है। देश-विदेश से पर्यटक इस विश्व प्रसिद्ध जलदुर्ग को देखने पहुंचते हैं, जिसकी स्थापत्य कला और ऐतिहासिक महत्व नदियों से घिरे होने के कारण इसे जिले के अन्य पर्यटन स्थलों से अलग पहचान दिलाता है। पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, गागरोन दुर्ग झालावाड़ का सबसे चर्चित और सर्वाधिक आकर्षण वाला पर्यटन स्थल माना जाता है। इसकी मुख्य विशेषता यह है कि यह तीन ओर से जल से घिरा हुआ है, जिसके कारण इसे 'जलदुर्ग' की श्रेणी में शामिल किया गया है। यह स्थल ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। हालांकि झालरापाटन का सूर्य मंदिर, गढ़ पैलेस, चंद्रभागा मंदिर, भवानी नाट्यशाला और कोलवी की बौद्ध गुफाएं भी जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हैं, लेकिन लोकप्रियता और पहचान के मामले में गागरोन दुर्ग को जिले का नंबर-1 पर्यटन स्थल माना जाता है। पर्यटन से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि गागरोन दुर्ग के आसपास आधारभूत सुविधाओं और प्रचार-प्रसार को और बढ़ावा दिया जाए, तो यह स्थल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पर्यटकों को आकर्षित कर सकता है।
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    ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहरों से समृद्ध झालावाड़ जिले में गागरोन दुर्ग आज भी सबसे प्रमुख पर्यटन पहचान बना हुआ है। देश-विदेश से पर्यटक इस विश्व प्रसिद्ध जलदुर्ग को देखने पहुंचते हैं, जिसकी स्थापत्य कला और ऐतिहासिक महत्व नदियों से घिरे होने के कारण इसे जिले के अन्य पर्यटन स्थलों से अलग पहचान दिलाता है।

पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, गागरोन दुर्ग झालावाड़ का सबसे चर्चित और सर्वाधिक आकर्षण वाला पर्यटन स्थल माना जाता है। इसकी मुख्य विशेषता यह है कि यह तीन ओर से जल से घिरा हुआ है, जिसके कारण इसे 'जलदुर्ग' की श्रेणी में शामिल किया गया है। यह स्थल ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है।

हालांकि झालरापाटन का सूर्य मंदिर, गढ़ पैलेस, चंद्रभागा मंदिर, भवानी नाट्यशाला और कोलवी की बौद्ध गुफाएं भी जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हैं, लेकिन लोकप्रियता और पहचान के मामले में गागरोन दुर्ग को जिले का नंबर-1 पर्यटन स्थल माना जाता है। पर्यटन से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि गागरोन दुर्ग के आसपास आधारभूत सुविधाओं और प्रचार-प्रसार को और बढ़ावा दिया जाए, तो यह स्थल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पर्यटकों को आकर्षित कर सकता है।
    user_Hadoti Khabar
    Hadoti Khabar
    Newspaper publisher खानपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • हिमालय की पहाड़ियों में स्थित शिमला, कुल्लू और मनाली में सैलानी बेहद शानदार नज़ारों का आनंद ले रहे हैं। यहाँ का दृश्य इतना मनमोहक है कि जो एक बार इस जगह घूमने आता है, उसका वापस जाने का मन नहीं करता। अटल टनल के पास का नज़ारा वाकई देखने लायक है, जहाँ सैलानी हिमालय की वादियों में खूब लुत्फ़ उठा रहे हैं।
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    हिमालय की पहाड़ियों में स्थित शिमला, कुल्लू और मनाली में सैलानी बेहद शानदार नज़ारों का आनंद ले रहे हैं। यहाँ का दृश्य इतना मनमोहक है कि जो एक बार इस जगह घूमने आता है, उसका वापस जाने का मन नहीं करता। अटल टनल के पास का नज़ारा वाकई देखने लायक है, जहाँ सैलानी हिमालय की वादियों में खूब लुत्फ़ उठा रहे हैं।
    user_Ram raj Nagar
    Ram raj Nagar
    खानपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • यह पोस्ट माजीसा मां बालोतरा जसोल के प्रति गहरी भक्ति और असीम श्रद्धा को व्यक्त करती है। इसमें मां के प्रति हृदय से प्रणाम और स्नेह की भावना दर्शाई गई है।
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    यह पोस्ट माजीसा मां बालोतरा जसोल के प्रति गहरी भक्ति और असीम श्रद्धा को व्यक्त करती है। इसमें मां के प्रति हृदय से प्रणाम और स्नेह की भावना दर्शाई गई है।
    user_Tulsi Devi
    Tulsi Devi
    छबड़ा, बारां, राजस्थान•
    39 min ago
  • राजस्थान के बारां जिले के शाहाबाद उपखंड मुख्यालय क्षेत्र में ग्रीनको कंपनी द्वारा स्थापित किए जा रहे हाइड्रो पावर प्लांट का काम जल्द शुरू करवाने की मांग को लेकर हजारों की संख्या में क्षेत्र की जनता ने रैली निकाली। भीषण गर्मी के बावजूद शाहाबाद कस्बे के पुराने बस स्टैंड से शुरू हुई यह रैली मुख्य बाजार होते हुए नए बस स्टैंड और अहिंसा सर्किल से उपखंड कार्यालय पहुँची, जहाँ लोगों ने बारी-बारी से संबोधित किया और राष्ट्रपति के नाम उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि केंद्र सरकार ने बारां जिले के शाहाबाद क्षेत्र के कॉलोनी और शाहपुर में विद्युत उत्पादन एवं पंप स्टोरेज के लिए ग्रीनको इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को पावर प्लांट लगाने की स्वीकृति दी है, जिसके माध्यम से हाइड्रो तकनीक से बिजली का उत्पादन किया जाएगा। कंपनी ने प्लांट की स्थापना के लिए जमीन खरीदने का काम भी शुरू कर दिया है और वन विभाग से भी मंजूरी मिल चुकी है, जिसके लिए विभाग की डिमांड राशि भी जमा करा दी गई है। क्षेत्र के लोगों ने शिकायत की है कि कुछ असामाजिक तत्व और क्षेत्र के बाहर के लोग आमजन को भ्रमित कर रहे हैं और प्लांट को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। वे विभिन्न सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से वन भूमि के पेड़ कटने का हवाला देकर परियोजना का विरोध कर रहे हैं और इसे बंद कराकर अन्य जगह स्थापित कराने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे क्षेत्रवासियों और स्थानीय लोगों में रोष है। ज्ञापन में मांग की गई है कि शाहाबाद क्षेत्र राजस्थान का एक अति पिछड़ा क्षेत्र है, जो पीजीवीटी में भी शामिल है और जिसे विकास, रोजगार व उत्थान के लिए उद्योगों की आवश्यकता है। केंद्र सरकार के इस निर्णय से पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। लोगों का कहना है कि इस परियोजना के पूर्ण होने से आदिवासी गरीब क्षेत्र का विकास होगा, बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा, भूमि का जलस्तर बढ़ेगा जिससे कृषि और पेयजल की समस्या का समाधान होगा, जंगल हरा-भरा और विकसित होगा, तथा वन्यजीवों को भी पेयजल उपलब्ध होगा। अतः ज्ञापन के माध्यम से अनुरोध किया गया है कि क्षेत्र के बाहर के लोगों द्वारा किए जा रहे विरोधाभास पर ध्यान न दिया जाए और उक्त प्रोजेक्ट के कार्य को जल्द से जल्द प्रारम्भ कराया जाए, ताकि क्षेत्र का विकास हो सके और रोजगार उपलब्ध हो। इस रैली में राजपुर, बेहटा, मुंडियर, शाहपुरा, बैंठ, कॉलोनी, चौराखाड़ी, हरीनगर, देवरी, सांधरी, पठारी, गुंजारी, पाटन सहित दर्जनों गांवों के हजारों महिला-पुरुष मौजूद रहे।
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    राजस्थान के बारां जिले के शाहाबाद उपखंड मुख्यालय क्षेत्र में ग्रीनको कंपनी द्वारा स्थापित किए जा रहे हाइड्रो पावर प्लांट का काम जल्द शुरू करवाने की मांग को लेकर हजारों की संख्या में क्षेत्र की जनता ने रैली निकाली। भीषण गर्मी के बावजूद शाहाबाद कस्बे के पुराने बस स्टैंड से शुरू हुई यह रैली मुख्य बाजार होते हुए नए बस स्टैंड और अहिंसा सर्किल से उपखंड कार्यालय पहुँची, जहाँ लोगों ने बारी-बारी से संबोधित किया और राष्ट्रपति के नाम उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में बताया गया कि केंद्र सरकार ने बारां जिले के शाहाबाद क्षेत्र के कॉलोनी और शाहपुर में विद्युत उत्पादन एवं पंप स्टोरेज के लिए ग्रीनको इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को पावर प्लांट लगाने की स्वीकृति दी है, जिसके माध्यम से हाइड्रो तकनीक से बिजली का उत्पादन किया जाएगा। कंपनी ने प्लांट की स्थापना के लिए जमीन खरीदने का काम भी शुरू कर दिया है और वन विभाग से भी मंजूरी मिल चुकी है, जिसके लिए विभाग की डिमांड राशि भी जमा करा दी गई है।

क्षेत्र के लोगों ने शिकायत की है कि कुछ असामाजिक तत्व और क्षेत्र के बाहर के लोग आमजन को भ्रमित कर रहे हैं और प्लांट को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। वे विभिन्न सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से वन भूमि के पेड़ कटने का हवाला देकर परियोजना का विरोध कर रहे हैं और इसे बंद कराकर अन्य जगह स्थापित कराने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे क्षेत्रवासियों और स्थानीय लोगों में रोष है। ज्ञापन में मांग की गई है कि शाहाबाद क्षेत्र राजस्थान का एक अति पिछड़ा क्षेत्र है, जो पीजीवीटी में भी शामिल है और जिसे विकास, रोजगार व उत्थान के लिए उद्योगों की आवश्यकता है। केंद्र सरकार के इस निर्णय से पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।

लोगों का कहना है कि इस परियोजना के पूर्ण होने से आदिवासी गरीब क्षेत्र का विकास होगा, बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा, भूमि का जलस्तर बढ़ेगा जिससे कृषि और पेयजल की समस्या का समाधान होगा, जंगल हरा-भरा और विकसित होगा, तथा वन्यजीवों को भी पेयजल उपलब्ध होगा। अतः ज्ञापन के माध्यम से अनुरोध किया गया है कि क्षेत्र के बाहर के लोगों द्वारा किए जा रहे विरोधाभास पर ध्यान न दिया जाए और उक्त प्रोजेक्ट के कार्य को जल्द से जल्द प्रारम्भ कराया जाए, ताकि क्षेत्र का विकास हो सके और रोजगार उपलब्ध हो। इस रैली में राजपुर, बेहटा, मुंडियर, शाहपुरा, बैंठ, कॉलोनी, चौराखाड़ी, हरीनगर, देवरी, सांधरी, पठारी, गुंजारी, पाटन सहित दर्जनों गांवों के हजारों महिला-पुरुष मौजूद रहे।
    user_भुवनेश भार्गव
    भुवनेश भार्गव
    पत्रकारिता एवं समाज सेवा Baran, Baran•
    23 hrs ago
  • झालावाड़ के पनवाड़ क्षेत्र के बिशनखेड़ी गांव में स्थित लक्ष्मीनाथ मंदिर से जुड़ा एक पुराना विवाद आज एक बड़े टकराव में बदल गया। इस मंदिर की 30 बीघा कीमती जमीन और उसके मालिकाना हक को लेकर ग्रामीण और पुजारी पक्ष के बीच लंबे समय से गतिरोध बना हुआ था। ग्रामीण इस जर्जर हो चुके प्राचीन मंदिर का नवनिर्माण कराना चाहते हैं, लेकिन पुजारी पक्ष इसका विरोध कर रहा है। इस मामले को लेकर प्रशासन के साथ हुई सुलह की बातचीत भी पहले विफल रही थी। आज उस वक्त माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया, जब प्रशासन और पुलिस की टीम पुजारी के पक्ष में जमीन पर कब्ज़ा दिलाने के लिए मौके पर पहुंची। इस कार्रवाई से नाराज़ ग्रामीणों ने प्रशासन का खुलकर विरोध किया और उनके आमने-सामने आ गए। हालात पर काबू पाने के प्रयासों के तहत मौके पर एडिशनल एसपी और भारी पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है।
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    झालावाड़ के पनवाड़ क्षेत्र के बिशनखेड़ी गांव में स्थित लक्ष्मीनाथ मंदिर से जुड़ा एक पुराना विवाद आज एक बड़े टकराव में बदल गया। इस मंदिर की 30 बीघा कीमती जमीन और उसके मालिकाना हक को लेकर ग्रामीण और पुजारी पक्ष के बीच लंबे समय से गतिरोध बना हुआ था।

ग्रामीण इस जर्जर हो चुके प्राचीन मंदिर का नवनिर्माण कराना चाहते हैं, लेकिन पुजारी पक्ष इसका विरोध कर रहा है। इस मामले को लेकर प्रशासन के साथ हुई सुलह की बातचीत भी पहले विफल रही थी।

आज उस वक्त माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया, जब प्रशासन और पुलिस की टीम पुजारी के पक्ष में जमीन पर कब्ज़ा दिलाने के लिए मौके पर पहुंची। इस कार्रवाई से नाराज़ ग्रामीणों ने प्रशासन का खुलकर विरोध किया और उनके आमने-सामने आ गए। हालात पर काबू पाने के प्रयासों के तहत मौके पर एडिशनल एसपी और भारी पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है।
    user_Pradeep Nagar
    Pradeep Nagar
    Local News Reporter खानपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    3 hrs ago
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