उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के संयुक्त तत्वावधान में नैनीताल स्थित सुखाताल झील क्षेत्र में स्वच्छता अभियान एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अभियान के दौरान झील और उसके आसपास बिखरे प्लास्टिक, कांच की बोतलों, खाद्य पदार्थों के रैपर और अन्य गैर-जैव अपघटनीय कचरे को एकत्र कर सफाई की गई। प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रदीप मणि त्रिपाठी ने जानकारी दी कि सुखाताल झील की अत्यंत दयनीय स्थिति, पर्यावरणीय क्षरण और प्रशासनिक उपेक्षा को लेकर नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी तथा जिलाधिकारी नैनीताल को पूर्व में पत्र भेजा गया था। निरीक्षण में पाया गया था कि वॉकिंग ट्रैक पर कचरा बिखरा है और सार्वजनिक बेंचों का उपयोग असामाजिक तत्वों द्वारा शराब एवं मादक पदार्थों के सेवन के लिए किया जा रहा है। सदस्य सचिव ने स्पष्ट किया कि करदाताओं के धन से बनी सार्वजनिक परिसंपत्तियों को प्रशासनिक निष्क्रियता के कारण नष्ट नहीं होने दिया जा सकता और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों या एजेंसियों पर जिम्मेदारी तय कर विधिसम्मत कार्रवाई आवश्यक है। इसी क्रम में कार्यपालक अध्यक्ष के आदेशानुसार विभिन्न विद्यालयों के 350 छात्रों, नगर पालिका परिषद, झील विकास प्राधिकरण, वन विभाग, जिले के अधिकार मित्रों (PLV) और विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारियों ने श्रमदान कर वृहद सफाई की और वृक्षारोपण किया। कार्यक्रम के दौरान सभी ने "ना गंदगी करेंगे, ना किसी को करने देंगे" का संकल्प लिया। इस अवसर पर विशेष कार्य अधिकारी हर्ष यादव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव पारुल थपलियाल, नगर पालिका अध्यक्ष सरस्वती खेतवाल तथा अधिशासी अभियंता रोहिताश सहित कई लोग उपस्थित रहे।
उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के संयुक्त तत्वावधान में नैनीताल स्थित सुखाताल झील क्षेत्र में स्वच्छता अभियान एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अभियान के दौरान झील और उसके आसपास बिखरे प्लास्टिक, कांच की बोतलों, खाद्य पदार्थों के रैपर और अन्य गैर-जैव अपघटनीय कचरे को एकत्र कर सफाई की गई। प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रदीप मणि त्रिपाठी ने जानकारी दी कि सुखाताल झील की अत्यंत दयनीय स्थिति, पर्यावरणीय क्षरण और प्रशासनिक उपेक्षा को लेकर नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी तथा जिलाधिकारी नैनीताल को पूर्व में पत्र भेजा गया था। निरीक्षण में पाया गया था कि वॉकिंग ट्रैक पर कचरा बिखरा है और सार्वजनिक बेंचों का उपयोग असामाजिक तत्वों द्वारा शराब एवं मादक पदार्थों के सेवन के लिए किया जा रहा है। सदस्य सचिव ने स्पष्ट किया कि करदाताओं के धन से बनी सार्वजनिक परिसंपत्तियों को प्रशासनिक निष्क्रियता के कारण नष्ट नहीं होने दिया जा सकता और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों या एजेंसियों पर जिम्मेदारी तय कर विधिसम्मत कार्रवाई आवश्यक है। इसी क्रम में कार्यपालक अध्यक्ष के आदेशानुसार विभिन्न विद्यालयों के 350 छात्रों, नगर पालिका परिषद, झील विकास प्राधिकरण, वन विभाग, जिले के अधिकार मित्रों (PLV) और विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारियों ने श्रमदान कर वृहद सफाई की और वृक्षारोपण किया। कार्यक्रम के दौरान सभी ने "ना गंदगी करेंगे, ना किसी को करने देंगे" का संकल्प लिया। इस अवसर पर विशेष कार्य अधिकारी हर्ष यादव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव पारुल थपलियाल, नगर पालिका अध्यक्ष सरस्वती खेतवाल तथा अधिशासी अभियंता रोहिताश सहित कई लोग उपस्थित रहे।
- उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के संयुक्त तत्वावधान में नैनीताल स्थित सुखाताल झील क्षेत्र में स्वच्छता अभियान एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अभियान के दौरान झील और उसके आसपास बिखरे प्लास्टिक, कांच की बोतलों, खाद्य पदार्थों के रैपर और अन्य गैर-जैव अपघटनीय कचरे को एकत्र कर सफाई की गई। प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रदीप मणि त्रिपाठी ने जानकारी दी कि सुखाताल झील की अत्यंत दयनीय स्थिति, पर्यावरणीय क्षरण और प्रशासनिक उपेक्षा को लेकर नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी तथा जिलाधिकारी नैनीताल को पूर्व में पत्र भेजा गया था। निरीक्षण में पाया गया था कि वॉकिंग ट्रैक पर कचरा बिखरा है और सार्वजनिक बेंचों का उपयोग असामाजिक तत्वों द्वारा शराब एवं मादक पदार्थों के सेवन के लिए किया जा रहा है। सदस्य सचिव ने स्पष्ट किया कि करदाताओं के धन से बनी सार्वजनिक परिसंपत्तियों को प्रशासनिक निष्क्रियता के कारण नष्ट नहीं होने दिया जा सकता और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों या एजेंसियों पर जिम्मेदारी तय कर विधिसम्मत कार्रवाई आवश्यक है। इसी क्रम में कार्यपालक अध्यक्ष के आदेशानुसार विभिन्न विद्यालयों के 350 छात्रों, नगर पालिका परिषद, झील विकास प्राधिकरण, वन विभाग, जिले के अधिकार मित्रों (PLV) और विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारियों ने श्रमदान कर वृहद सफाई की और वृक्षारोपण किया। कार्यक्रम के दौरान सभी ने "ना गंदगी करेंगे, ना किसी को करने देंगे" का संकल्प लिया। इस अवसर पर विशेष कार्य अधिकारी हर्ष यादव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव पारुल थपलियाल, नगर पालिका अध्यक्ष सरस्वती खेतवाल तथा अधिशासी अभियंता रोहिताश सहित कई लोग उपस्थित रहे।1
- प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद उत्तराखंड में भी सियासी माहौल गरमा गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय की ओर कूच किया। हालांकि, पुलिस ने मौके पर बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास का घेराव सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने हाल ही में हुए प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों के लिए पूरी तरह से कांग्रेस नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है।1
- कालाढूंगी में खतरे को देखते हुए स्पीड ब्रेकर का निर्माण किया गया है। इस कार्य के पूरा होने पर क्षेत्र की जनता ने कालाढूंगी चेयरमैन और लोकनिर्माण विभाग का आभार जताया है।1
- सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दायर की गई रिव्यू पिटीशन (पुनर्विचार याचिका) को खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद राज्य के 25 हजार अंशकालिक अनुदेशक शिक्षकों के लिए एक ऐतिहासिक और बेहद बड़ी राहत की खबर आई है। अदालत के इस निर्णय के बाद अब इन अनुदेशकों को वर्ष 2017 से रुका हुआ बकाया एरियर दिया जाएगा।1
- उत्तराखंड के सितारगंज स्थित राधे गिफ्ट एंड टॉयज हाउस में हर उम्र के लोगों के लिए उपहारों और खिलौनों की विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध है। इस दुकान पर बर्थडे गिफ्ट्स, सॉफ्ट टॉयज, टेडी बियर, बच्चों के खिलौने, रिमोट कंट्रोल कार, घड़ियां, फोटो फ्रेम, होम डेकोरेशन और बर्थडे डेकोरेशन का सामान मिलता है। इसके अलावा यहां लड्डू गोपाल की ड्रेसेस व एक्सेसरीज तथा गिफ्ट पैकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। दुकान की ओर से ग्राहकों को बेस्ट क्वालिटी, वाजिब दाम और फ्रेंडली सर्विस देने का भरोसा दिया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के रामपुर जिला अंतर्गत बिलासपुर में कोतवाली पुलिस ने अपहरण, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के मामले में करीब दो महीने से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गांव खाता चिंतामन निवासी वीर बहादुर उर्फ शिवचरण के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। प्रभारी निरीक्षक जीत सिंह के अनुसार, बीती 9 मई को एक महिला ने कोतवाली में तहरीर देकर वीर बहादुर के खिलाफ अपहरण और मारपीट समेत अन्य संगीन धाराओं में आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। महिला की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू की गई, लेकिन आरोपी लगातार फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए ठिकाने बदल रहा था। आरोपी की धरपकड़ न होने पर पुलिस अधीक्षक ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद बृहस्पतिवार को मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने नैनीताल हाईवे स्थित नवीन मंडी जीरो प्वाइंट के पास घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। इस कार्रवाई को अंजाम देने में उपनिरीक्षक ललित कुमार, कांस्टेबल प्रशांत गिल, सन्नी कुमार और राहुल कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।1
- उत्तराखंड के गदरपुर में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) द्वारा आयोजित 'युवा संवाद' कार्यक्रम में उस समय भारी हंगामा और मारपीट हो गई, जब अपनी बात रखने पहुंचे युवाओं के साथ कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं की झड़प हो गई। युवाओं की बात सुनने और उनके सुझाव लेने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम के मंच पर गदरपुर विधायक अरविंद पांडे और रुद्रपुर के मेयर विकास शर्मा मौजूद थे। लोकतांत्रिक संवाद का यह कार्यक्रम देखते ही देखते मारपीट और नारेबाजी का अखाड़ा बन गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वंश शर्मा, नीरज गौतम और उनका एक साथी संवाद के दौरान अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें पकड़कर कार्यक्रम से बाहर निकाल दिया। मामला मंच तक पहुंचा तो विधायक अरविंद पांडे ने कार्यकर्ताओं से उन्हें वापस लाकर बैठाने और उनकी बात सुनने को कहा। इसके बाद वंश शर्मा मंच के सामने जाकर बैठ गए। आरोप है कि इसी बीच एक भाजपा कार्यकर्ता ने वंश शर्मा के हाथ से संवाद के लिए तैयार प्रश्नों की कॉपी छीनकर फाड़ दी। इसका विरोध करते हुए वंश शर्मा ने नारेबाजी शुरू की, तो कई भाजपा कार्यकर्ता उन पर टूट पड़े और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और वंश शर्मा को भीड़ से निकालकर थाने ले गई। थाने में तबीयत बिगड़ने पर उन्हें उपचार के लिए पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल सिंह समेत कई कांग्रेसी नेता थाने पहुंचे और मारपीट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मंच पर वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में सवाल पूछने पर हुई इस पिटाई के बाद अब विपक्ष भाजपा के 'युवा संवाद' पर लगातार सवाल उठा रहा है।1