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प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद उत्तराखंड में भी सियासी माहौल गरमा गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय की ओर कूच किया। हालांकि, पुलिस ने मौके पर बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास का घेराव सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने हाल ही में हुए प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों के लिए पूरी तरह से कांग्रेस नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है।
UTTARAKHAND SHAKTI NEWS
प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद उत्तराखंड में भी सियासी माहौल गरमा गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय की ओर कूच किया। हालांकि, पुलिस ने मौके पर बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास का घेराव सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने हाल ही में हुए प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों के लिए पूरी तरह से कांग्रेस नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है।
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- प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद उत्तराखंड में भी सियासी माहौल गरमा गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय की ओर कूच किया। हालांकि, पुलिस ने मौके पर बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास का घेराव सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने हाल ही में हुए प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों के लिए पूरी तरह से कांग्रेस नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है।1
- कालाढूंगी में खतरे को देखते हुए स्पीड ब्रेकर का निर्माण किया गया है। इस कार्य के पूरा होने पर क्षेत्र की जनता ने कालाढूंगी चेयरमैन और लोकनिर्माण विभाग का आभार जताया है।1
- नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी ने नवनिर्मित थाना बनभूलपुरा का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना भवन की निर्माण गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था, विभिन्न कार्यालय कक्षों, अभिलेख कक्ष, आगंतुक कक्ष, बैरक, मालखाना, शस्त्रागार और सुलभ प्रसाधन व्यवस्था समेत अन्य सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का बारीकी से अवलोकन किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संबंधित कार्यदायी संस्था और अधिकारियों को निर्देशित किया कि थाना परिसर में उपलब्ध कराई जाने वाली सभी सुविधाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जाए, जिससे आम जनता को बेहतर एवं प्रभावी पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से लैस यह नया थाना भवन पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस निरीक्षण के अवसर पर नैनीताल के पुलिस अधीक्षक संचार रेवाधर मठपाल, पुलिस लाइन नैनीताल के प्रतिसार निरीक्षक हरकेश सिंह, सहायक अभियंता जयांक पांडे, कोतवाली बनभूलपुरा के वरिष्ठ उपनिरीक्षक गगनदीप सिंह और भवन लिपिक दीपा मिराल सहित अन्य पुलिस अधिकारी, कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- केंद्र सरकार की नीतियों और लगातार हो रहे पेपर लीक के खिलाफ कांग्रेस ने आक्रामक रुख अपनाते हुए मोर्चा खोल दिया है। नैनीताल क्लब में मीडिया से मुखातिब होते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय सह-प्रभारी मनोज यादव ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते 12 साल से लगातार हो रहे पेपर लीक ने देश के करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेल दिया है। इसी अविश्वास के कारण लाखों छात्रों ने री-नीट (RE-NEET) परीक्षा से भी दूरी बना ली है। मनोज यादव ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि पहले वे कहते थे कि धर्म खतरे में है, लेकिन आज पेपर लीक घोटालों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की कुर्सी को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ हुए दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। कांग्रेस नेता ने इस गंभीर मुद्दे पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद में जवाब देने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और गृह मंत्री अमित शाह से तत्काल इस्तीफे की मांग की है।1
- भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) के बैनर तले किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बिलासपुर तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। जिला महासचिव हरिशंकर यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान पार्क में एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में उप जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उप जिलाधिकारी आनंद कुमार कनौजिया की अनुपस्थिति में किसानों ने तहसीलदार शिवकुमार शर्मा को दस सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। ज्ञापन में सभी कृषि उपज की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद सुनिश्चित करने और एमएसपी की कानूनी गारंटी का कानून तत्काल लागू करने की मांग की गई। इसके साथ ही पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने, निजी डीलरों व समितियों द्वारा मनमाने दामों पर खाद बेचने के मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई गई। किसानों ने जनपद में हो रही अघोषित बिजली कटौती बंद कर निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, सभी नहरों व रजवाहों में पानी छोड़ने और बंद पड़े सिंचाई पंपों को चालू कराने की मांग रखी। फसलों की सुरक्षा के लिए निराश्रित गोवंशीय पशुओं को गौशालाओं में भेजने का मुद्दा भी उठाया गया। इसके अलावा भाकियू नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर हुए कथित लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई तथा सरकार से सार्वजनिक माफी की मांग की। साथ ही मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई वापस लेने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। इस मौके पर बृजपाल सिंह, श्रीपाल यादव, मुन्ना, शाजिम खान, गुलवेज, सुरेश सैनी, रईस अहमद, यूसुफ, मनसा देवी, मायावती और मोहम्मद जासिम सहित संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।2
- उत्तराखंड के अल्मोड़ा में शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं, दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज, परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। हेड पोस्ट ऑफिस के पास एकत्र होकर जुलूस निकालते हुए कार्यकर्ता चौघानपाटा पहुंचे, जहां उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली और सड़क पर बैठकर सांकेतिक चक्काजाम कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीर नहीं है। कार्यकर्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और नैतिक जिम्मेदारी के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग की। जिला कांग्रेस अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि देश का युवा रोजगार, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और बेहतर शिक्षा की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय उसे दबाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा। इस प्रदर्शन में एनएसयूआई से जुड़े छात्रों ने भी चौघानपाटा पहुंचकर अपना समर्थन दर्ज कराया। बाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा चक्काजाम समाप्त करने के बाद ही यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी। प्रदर्शन में तारा चंद्र जोशी, अमर बिष्ट, अमरजीत सिंह भाकुनी, देव सिंह कनवाल, गोपाल चौहान, मनोज वर्मा, मनोज कुमार जोशी, परितोष जोशी, राधा बिष्ट, शोभा जोशी, किरण आर्य, प्रीति बिष्ट, फेमिना खान, जया जोशी, तारा तिवारी, दीप सिंह डांगी, पूरन रौतेला, भैरव गोस्वामी, संजय रावत, निर्मल रावत, गजेंद्र सिंह फर्त्याल, गोविंद सिंह मेहरा, अम्बीराम, सुशील साह, ललित सतवाल, अख्तर हुसैन, अमरीश पवार, जगदीश तिवारी, शहजाद कश्मीरी, कार्तिक साह, दिनेश पिलख्वाल, विपुल कार्की, गुंजन चम्याल, विकास कुमार, मुकेश कुमार, हर्ष कनवाल और विनोद वैष्णव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- उत्तराखंड के गदरपुर में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) द्वारा आयोजित 'युवा संवाद' कार्यक्रम में उस समय भारी हंगामा और मारपीट हो गई, जब अपनी बात रखने पहुंचे युवाओं के साथ कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं की झड़प हो गई। युवाओं की बात सुनने और उनके सुझाव लेने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम के मंच पर गदरपुर विधायक अरविंद पांडे और रुद्रपुर के मेयर विकास शर्मा मौजूद थे। लोकतांत्रिक संवाद का यह कार्यक्रम देखते ही देखते मारपीट और नारेबाजी का अखाड़ा बन गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वंश शर्मा, नीरज गौतम और उनका एक साथी संवाद के दौरान अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें पकड़कर कार्यक्रम से बाहर निकाल दिया। मामला मंच तक पहुंचा तो विधायक अरविंद पांडे ने कार्यकर्ताओं से उन्हें वापस लाकर बैठाने और उनकी बात सुनने को कहा। इसके बाद वंश शर्मा मंच के सामने जाकर बैठ गए। आरोप है कि इसी बीच एक भाजपा कार्यकर्ता ने वंश शर्मा के हाथ से संवाद के लिए तैयार प्रश्नों की कॉपी छीनकर फाड़ दी। इसका विरोध करते हुए वंश शर्मा ने नारेबाजी शुरू की, तो कई भाजपा कार्यकर्ता उन पर टूट पड़े और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और वंश शर्मा को भीड़ से निकालकर थाने ले गई। थाने में तबीयत बिगड़ने पर उन्हें उपचार के लिए पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल सिंह समेत कई कांग्रेसी नेता थाने पहुंचे और मारपीट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मंच पर वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में सवाल पूछने पर हुई इस पिटाई के बाद अब विपक्ष भाजपा के 'युवा संवाद' पर लगातार सवाल उठा रहा है।1