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जनपद पंचायत गंगेव के अध्यक्ष विकास तिवारी ने भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन को समर्पित एक महत्वपूर्ण संकल्प लिया है। उन्होंने घोषणा की कि क्षेत्र में 11 अटल जल सरोवरों का निर्माण, संरक्षण और सौंदर्यीकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इसके साथ ही, जल संरक्षण से जुड़े जल गंगा संवर्धन अभियान को भी पूरी गंभीरता से आगे बढ़ाया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल का संरक्षण करना, भूजल स्तर में सुधार लाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखना है। विकास तिवारी ने जोर देकर कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का सपना केवल विकास तक सीमित नहीं था, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की सोच भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल थी। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए, जनपद पंचायत गंगेव जल संरक्षण के क्षेत्र में ठोस और स्थायी कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि चिन्हित सरोवरों के विकास, साफ-सफाई, गहरीकरण, जल संचयन और आसपास हरित वातावरण विकसित करने के लिए एक चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, प्रशासन और आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यह केवल एक सरकारी योजना न रहकर जनभागीदारी का एक व्यापक अभियान बन सके। जनपद पंचायत अध्यक्ष ने क्षेत्रवासियों से भी अपील की है कि वे जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने में अपना सहयोग दें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से गंगेव क्षेत्र जल संरक्षण के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करेगा और अटल जी के सुशासन, विकास तथा प्रकृति संरक्षण के विचारों को धरातल पर साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

10 hrs ago
user_Avi Standing with the truth
Avi Standing with the truth
Yoga instructor Mangawan, Rewa•
10 hrs ago

जनपद पंचायत गंगेव के अध्यक्ष विकास तिवारी ने भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन को समर्पित एक महत्वपूर्ण संकल्प लिया है। उन्होंने घोषणा की कि क्षेत्र में 11 अटल जल सरोवरों का निर्माण, संरक्षण और सौंदर्यीकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इसके साथ ही, जल संरक्षण से जुड़े जल गंगा संवर्धन अभियान को भी पूरी गंभीरता से आगे बढ़ाया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल का संरक्षण करना, भूजल स्तर में सुधार लाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखना है। विकास तिवारी ने जोर देकर कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का सपना केवल विकास तक सीमित नहीं था, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की सोच भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल थी। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए, जनपद पंचायत गंगेव जल संरक्षण के क्षेत्र में ठोस और स्थायी कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि चिन्हित सरोवरों के विकास, साफ-सफाई, गहरीकरण, जल संचयन और आसपास हरित वातावरण विकसित करने के लिए एक चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, प्रशासन और आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यह केवल एक सरकारी योजना न रहकर जनभागीदारी का एक व्यापक अभियान बन सके। जनपद पंचायत अध्यक्ष ने क्षेत्रवासियों से भी अपील की है कि वे जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने में अपना सहयोग दें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से गंगेव क्षेत्र जल संरक्षण के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करेगा और अटल जी के सुशासन, विकास तथा प्रकृति संरक्षण के विचारों को धरातल पर साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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  • जनपद पंचायत गंगेव के अध्यक्ष विकास तिवारी ने भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन को समर्पित एक महत्वपूर्ण संकल्प लिया है। उन्होंने घोषणा की कि क्षेत्र में 11 अटल जल सरोवरों का निर्माण, संरक्षण और सौंदर्यीकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इसके साथ ही, जल संरक्षण से जुड़े जल गंगा संवर्धन अभियान को भी पूरी गंभीरता से आगे बढ़ाया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल का संरक्षण करना, भूजल स्तर में सुधार लाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखना है। विकास तिवारी ने जोर देकर कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का सपना केवल विकास तक सीमित नहीं था, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की सोच भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल थी। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए, जनपद पंचायत गंगेव जल संरक्षण के क्षेत्र में ठोस और स्थायी कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि चिन्हित सरोवरों के विकास, साफ-सफाई, गहरीकरण, जल संचयन और आसपास हरित वातावरण विकसित करने के लिए एक चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, प्रशासन और आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यह केवल एक सरकारी योजना न रहकर जनभागीदारी का एक व्यापक अभियान बन सके। जनपद पंचायत अध्यक्ष ने क्षेत्रवासियों से भी अपील की है कि वे जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने में अपना सहयोग दें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से गंगेव क्षेत्र जल संरक्षण के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करेगा और अटल जी के सुशासन, विकास तथा प्रकृति संरक्षण के विचारों को धरातल पर साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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    जनपद पंचायत गंगेव के अध्यक्ष विकास तिवारी ने भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन को समर्पित एक महत्वपूर्ण संकल्प लिया है। उन्होंने घोषणा की कि क्षेत्र में 11 अटल जल सरोवरों का निर्माण, संरक्षण और सौंदर्यीकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इसके साथ ही, जल संरक्षण से जुड़े जल गंगा संवर्धन अभियान को भी पूरी गंभीरता से आगे बढ़ाया जाएगा।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल का संरक्षण करना, भूजल स्तर में सुधार लाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखना है। विकास तिवारी ने जोर देकर कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का सपना केवल विकास तक सीमित नहीं था, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की सोच भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल थी। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए, जनपद पंचायत गंगेव जल संरक्षण के क्षेत्र में ठोस और स्थायी कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि चिन्हित सरोवरों के विकास, साफ-सफाई, गहरीकरण, जल संचयन और आसपास हरित वातावरण विकसित करने के लिए एक चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, प्रशासन और आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यह केवल एक सरकारी योजना न रहकर जनभागीदारी का एक व्यापक अभियान बन सके।

जनपद पंचायत अध्यक्ष ने क्षेत्रवासियों से भी अपील की है कि वे जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने में अपना सहयोग दें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से गंगेव क्षेत्र जल संरक्षण के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करेगा और अटल जी के सुशासन, विकास तथा प्रकृति संरक्षण के विचारों को धरातल पर साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
    user_Avi Standing with the truth
    Avi Standing with the truth
    Yoga instructor Mangawan, Rewa•
    10 hrs ago
  • रीवा जिले के नवागत पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरु करन सिंह ने मंगलवार को पनवार थाना का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण, अपराध संबंधी रिकॉर्ड और पुलिस बल की कार्यप्रणाली का बारीकी से जायजा लिया। पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर में साफ-सफाई, रिकॉर्ड के सुव्यवस्थित रख-रखाव और लंबित मामलों के समयबद्ध निराकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि आमजन की शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने अपराध नियंत्रण की स्थिति, गंभीर मामलों की जांच की प्रगति तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने तथा थाना संचालन में आवश्यक सुधार लाने के निर्देश दिए। मीडिया से चर्चा के दौरान, एसपी गुरु करन सिंह ने स्वीकार किया कि जिले में पुलिस बल की कमी है, लेकिन उन्होंने उपलब्ध संसाधनों के साथ बेहतर पुलिसिंग का प्रयास करने की बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में आवश्यकतानुसार पुलिस बल की उपलब्धता बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। अंत में, पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों और कर्मचारियों को अनुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने की हिदायत देते हुए एक बेहतर पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया।
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    रीवा जिले के नवागत पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरु करन सिंह ने मंगलवार को पनवार थाना का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण, अपराध संबंधी रिकॉर्ड और पुलिस बल की कार्यप्रणाली का बारीकी से जायजा लिया।

पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर में साफ-सफाई, रिकॉर्ड के सुव्यवस्थित रख-रखाव और लंबित मामलों के समयबद्ध निराकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि आमजन की शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने अपराध नियंत्रण की स्थिति, गंभीर मामलों की जांच की प्रगति तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने तथा थाना संचालन में आवश्यक सुधार लाने के निर्देश दिए।

मीडिया से चर्चा के दौरान, एसपी गुरु करन सिंह ने स्वीकार किया कि जिले में पुलिस बल की कमी है, लेकिन उन्होंने उपलब्ध संसाधनों के साथ बेहतर पुलिसिंग का प्रयास करने की बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में आवश्यकतानुसार पुलिस बल की उपलब्धता बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। अंत में, पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों और कर्मचारियों को अनुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने की हिदायत देते हुए एक बेहतर पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया।
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • रीवा जिले की रायपुर कर्चुलियान तहसील के ग्राम देवरा फरेंदा में आम रास्ते पर पानी भर जाने से लगभग 200 ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह रास्ता गाँव की मुख्य पहुंच मार्ग है, जिसका उपयोग लगभग 200 लोग अपने दैनिक आवागमन के लिए करते हैं, लेकिन जलभराव के कारण उनका चलना-फिरना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या के बावजूद, संबंधित अधिकारियों द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
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    रीवा जिले की रायपुर कर्चुलियान तहसील के ग्राम देवरा फरेंदा में आम रास्ते पर पानी भर जाने से लगभग 200 ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह रास्ता गाँव की मुख्य पहुंच मार्ग है, जिसका उपयोग लगभग 200 लोग अपने दैनिक आवागमन के लिए करते हैं, लेकिन जलभराव के कारण उनका चलना-फिरना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या के बावजूद, संबंधित अधिकारियों द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
    user_Ram Singh
    Ram Singh
    रीवा, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • रीवा जिले की अमाँव ग्राम पंचायत में 'रास्ते के लिए रण' की स्थिति बनी हुई है, जहाँ ग्रामीणों को रास्ते से संबंधित समस्या का निराकरण नहीं मिल पा रहा है।
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    रीवा जिले की अमाँव ग्राम पंचायत में 'रास्ते के लिए रण' की स्थिति बनी हुई है, जहाँ ग्रामीणों को रास्ते से संबंधित समस्या का निराकरण नहीं मिल पा रहा है।
    user_चन्दन भइया
    चन्दन भइया
    Local News Reporter त्योंथर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बैकुंठपुर के पास माडव में एक बोलेरो और ऑटो के बीच ज़बरदस्त भिड़ंत हो गई। इस भीषण सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए संजय गांधी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
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    बैकुंठपुर के पास माडव में एक बोलेरो और ऑटो के बीच ज़बरदस्त भिड़ंत हो गई। इस भीषण सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए संजय गांधी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
    user_पत्रकार विनोद पांडेय
    पत्रकार विनोद पांडेय
    TV News Anchor जावा, रीवा, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • रीवा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) गौरव राजपूत ने जनता और पुलिस के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से एक नवाचार 'जन चौपाल' कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य पूरे संभाग में बेहतर पुलिसिंग सुनिश्चित करना, जनता की समस्याओं को सुनना और उनके बहुमूल्य सुझावों को प्राप्त करना है। इसी पहल के तहत, आज 'जन चौपाल 3.0' का आयोजन रीवा शहर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में स्थित सोनौरा गांव में किया गया। इस विशेष चौपाल में स्वयं पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत मौजूद रहे, जहाँ उन्होंने निजी तौर पर जनता से अपने विभाग की कमियां सुनीं। आईजी राजपूत ने जनता को आश्वासन दिया कि हर समस्या का निराकरण उनकी व्यक्तिगत निगरानी में कराया जाएगा। इस कार्यक्रम के दौरान, आमजन ने सिटी एसपी राजीव पाठक के कार्यों की प्रशंसा की, जिसके लिए आईजी ने उनकी पीठ भी थपथपाई।
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    रीवा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) गौरव राजपूत ने जनता और पुलिस के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से एक नवाचार 'जन चौपाल' कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य पूरे संभाग में बेहतर पुलिसिंग सुनिश्चित करना, जनता की समस्याओं को सुनना और उनके बहुमूल्य सुझावों को प्राप्त करना है। इसी पहल के तहत, आज 'जन चौपाल 3.0' का आयोजन रीवा शहर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में स्थित सोनौरा गांव में किया गया।

इस विशेष चौपाल में स्वयं पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत मौजूद रहे, जहाँ उन्होंने निजी तौर पर जनता से अपने विभाग की कमियां सुनीं। आईजी राजपूत ने जनता को आश्वासन दिया कि हर समस्या का निराकरण उनकी व्यक्तिगत निगरानी में कराया जाएगा। इस कार्यक्रम के दौरान, आमजन ने सिटी एसपी राजीव पाठक के कार्यों की प्रशंसा की, जिसके लिए आईजी ने उनकी पीठ भी थपथपाई।
    user_JOURNALIST RIPPU PANDEY
    JOURNALIST RIPPU PANDEY
    Court reporter हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • उपलब्ध जानकारी में केंद्रीय प्रभारी अधिकारी फैजाबाद का उल्लेख किया गया है।
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    उपलब्ध जानकारी में केंद्रीय प्रभारी अधिकारी फैजाबाद का उल्लेख किया गया है।
    user_Avi Standing with the truth
    Avi Standing with the truth
    Yoga instructor Mangawan, Rewa•
    15 hrs ago
  • रीवा जिले के तराई अंचल में हरदोली-डभोरा मुख्य मार्ग पर दोन्दर बगीचा से लेकर बौसड़ नदी तक का लगभग 200 मीटर का हिस्सा पूरी तरह कीचड़ और तालाब में बदल गया है, जिससे 10 गांवों के लोग गंभीर रूप से परेशान हैं। यह मार्ग, जो कभी हरदोली-डभोरा को जोड़ता था, अब जान जोखिम में डालने जैसा बन गया है। स्थिति इतनी बदतर है कि 'विकास के दावे' 'विनाश की हकीकत' में तब्दील हो गए हैं, और यह दुर्दशा किसी पिछड़े जंगल की नहीं, बल्कि एक मुख्य मार्ग की है जहाँ सड़क नाम की कोई चीज़ बची ही नहीं है। इस बदहाली के चलते 10 गांवों के लोग 'नरकीय जीवन' जीने को मजबूर हैं; बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे, और मेडिकल इमरजेंसी में मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस तक गांवों के अंदर नहीं आ पाती। रात-बिरात की आपातकालीन स्थिति में भगवान ही मालिक है, क्योंकि इस रास्ते से वाहन निकालना बेहद मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि 'दो बूंद बारिश' में ही यह हाल है और आने वाले बरसात के मौसम में स्थिति और भी खराब होने की आशंका है, जिससे 10 गांवों का डभौरा व अन्य बाजारों से संपर्क टूट जाएगा। सड़क पर गाड़ियां ऐसे फिसल रही हैं जैसे बर्फ पर चल रही हों, जिससे हर कदम पर हादसे का डर बना हुआ है। जनता का आरोप है कि स्थानीय विधायक, जनप्रतिनिधि, सरकार और प्रशासन के आला अधिकारी 'कुंभकर्णी नींद' में सोए हुए हैं और उन्हें जनता के सुख-दुख से कोई मतलब नहीं है। सिरमौर विधायक से इस मामले में बात करने पर उन्होंने सिर्फ 'दिखवाने' की बात कही, जिस पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या वे किसी 'हादसे का इंतजार' कर रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने कई बार शिकायत की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका यह भी कहना है कि जिन लोगों ने सड़क रोक रखी है, उनसे भी कोई जनप्रतिनिधि या विधायक अपनी जिम्मेदारी समझकर बात करने की कोशिश नहीं कर रहा है। जनता आक्रोशित है और सवाल उठा रही है कि हर साल करोड़ों का विधायक निधि बजट आखिर कहाँ जाता है और क्या पहली बारिश से निपटने की कोई तैयारी नहीं थी। वे यह भी कह रहे हैं कि अगर यही हाल रहा तो संपर्क टूटने की जिम्मेदारी भाजपा के विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाले भाजपा नेता, विधायक और सांसद की होगी। यह देखना बाकी है कि इस खबर के बाद 'कुंभकर्णी नींद' में सोया प्रशासन, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि जागते हैं या जनता यूँ ही इस 'कीचड़ में पिसती' रहेगी।
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    रीवा जिले के तराई अंचल में हरदोली-डभोरा मुख्य मार्ग पर दोन्दर बगीचा से लेकर बौसड़ नदी तक का लगभग 200 मीटर का हिस्सा पूरी तरह कीचड़ और तालाब में बदल गया है, जिससे 10 गांवों के लोग गंभीर रूप से परेशान हैं। यह मार्ग, जो कभी हरदोली-डभोरा को जोड़ता था, अब जान जोखिम में डालने जैसा बन गया है। स्थिति इतनी बदतर है कि 'विकास के दावे' 'विनाश की हकीकत' में तब्दील हो गए हैं, और यह दुर्दशा किसी पिछड़े जंगल की नहीं, बल्कि एक मुख्य मार्ग की है जहाँ सड़क नाम की कोई चीज़ बची ही नहीं है।

इस बदहाली के चलते 10 गांवों के लोग 'नरकीय जीवन' जीने को मजबूर हैं; बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे, और मेडिकल इमरजेंसी में मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस तक गांवों के अंदर नहीं आ पाती। रात-बिरात की आपातकालीन स्थिति में भगवान ही मालिक है, क्योंकि इस रास्ते से वाहन निकालना बेहद मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि 'दो बूंद बारिश' में ही यह हाल है और आने वाले बरसात के मौसम में स्थिति और भी खराब होने की आशंका है, जिससे 10 गांवों का डभौरा व अन्य बाजारों से संपर्क टूट जाएगा। सड़क पर गाड़ियां ऐसे फिसल रही हैं जैसे बर्फ पर चल रही हों, जिससे हर कदम पर हादसे का डर बना हुआ है।

जनता का आरोप है कि स्थानीय विधायक, जनप्रतिनिधि, सरकार और प्रशासन के आला अधिकारी 'कुंभकर्णी नींद' में सोए हुए हैं और उन्हें जनता के सुख-दुख से कोई मतलब नहीं है। सिरमौर विधायक से इस मामले में बात करने पर उन्होंने सिर्फ 'दिखवाने' की बात कही, जिस पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या वे किसी 'हादसे का इंतजार' कर रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने कई बार शिकायत की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका यह भी कहना है कि जिन लोगों ने सड़क रोक रखी है, उनसे भी कोई जनप्रतिनिधि या विधायक अपनी जिम्मेदारी समझकर बात करने की कोशिश नहीं कर रहा है। जनता आक्रोशित है और सवाल उठा रही है कि हर साल करोड़ों का विधायक निधि बजट आखिर कहाँ जाता है और क्या पहली बारिश से निपटने की कोई तैयारी नहीं थी। वे यह भी कह रहे हैं कि अगर यही हाल रहा तो संपर्क टूटने की जिम्मेदारी भाजपा के विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाले भाजपा नेता, विधायक और सांसद की होगी।

यह देखना बाकी है कि इस खबर के बाद 'कुंभकर्णी नींद' में सोया प्रशासन, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि जागते हैं या जनता यूँ ही इस 'कीचड़ में पिसती' रहेगी।
    user_रिपोर्टर अजय यादव
    रिपोर्टर अजय यादव
    Local News Reporter सिरमौर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
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