अनूपपुर जिले के नगर परिषद बरगवां-अमलाई के वार्ड क्रमांक 07 के पार्षद एवं समाजसेवी पवन कुमार चीनी इन दिनों भीषण गर्मी के बीच आम जनता की सेवा में लगातार सक्रिय बने हुए हैं। उनके द्वारा बरगवां, अमलाई और देवहरा क्षेत्रों में पेयजल सहित विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके कारण क्षेत्रवासियों के बीच उनके प्रति विश्वास और सम्मान में वृद्धि हुई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पवन चीनी लंबे समय से सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं, और इसी कारण जनता ने उन पर भरोसा जताकर उन्हें पार्षद के रूप में चुना। पार्षद बनने के बाद भी उन्होंने जनसेवा को अपनी प्राथमिकता बनाए रखा है और वार्डवासियों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। नगर परिषद में उपाध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार माने जाने के बावजूद उन्हें यह जिम्मेदारी नहीं मिल सकी, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने जनसेवा का मार्ग नहीं छोड़ा। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वे आज भी आम लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को सुनते हैं और उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करते हैं। पेयजल संकट के दौरान उन्होंने नगर परिषद के सहयोग से कई वार्डों में बोरिंग और कमर्शियल पंप की व्यवस्था कराई, जिससे अनेक परिवारों को राहत मिली। वर्तमान समय में भी वे जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। क्षेत्र के लोग मानते हैं कि पवन चीनी एक जनप्रतिनिधि के साथ-साथ एक समर्पित समाजसेवी की भूमिका भी निभा रहे हैं, जिसके कारण वे जनता के बीच लोकप्रिय हैं। वार्डवासी उनके कार्यों की सराहना करते हुए उम्मीद जता रहे हैं कि भविष्य में भी वे इसी तरह जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देते रहेंगे, और बरगवां-अमलाई तथा देवहरा क्षेत्र में पेयजल संकट से राहत दिलाने के लिए लगातार सक्रिय रहेंगे।
अनूपपुर जिले के नगर परिषद बरगवां-अमलाई के वार्ड क्रमांक 07 के पार्षद एवं समाजसेवी पवन कुमार चीनी इन दिनों भीषण गर्मी के बीच आम जनता की सेवा में लगातार सक्रिय बने हुए हैं। उनके द्वारा बरगवां, अमलाई और देवहरा क्षेत्रों में पेयजल सहित विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके कारण क्षेत्रवासियों के बीच उनके प्रति विश्वास और सम्मान में वृद्धि हुई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पवन चीनी लंबे समय से सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं, और इसी कारण जनता ने उन पर भरोसा जताकर उन्हें पार्षद के रूप में चुना। पार्षद बनने के बाद भी उन्होंने जनसेवा को अपनी प्राथमिकता बनाए रखा है और वार्डवासियों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। नगर परिषद में उपाध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार माने जाने के बावजूद उन्हें यह जिम्मेदारी नहीं मिल सकी, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने जनसेवा का मार्ग नहीं छोड़ा। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वे आज भी आम लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को सुनते हैं और उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करते हैं। पेयजल संकट के दौरान उन्होंने नगर परिषद के सहयोग से कई वार्डों में बोरिंग और कमर्शियल पंप की व्यवस्था कराई, जिससे अनेक परिवारों को राहत मिली। वर्तमान समय में भी वे जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। क्षेत्र के लोग मानते हैं कि पवन चीनी एक जनप्रतिनिधि के साथ-साथ एक समर्पित समाजसेवी की भूमिका भी निभा रहे हैं, जिसके कारण वे जनता के बीच लोकप्रिय हैं। वार्डवासी उनके कार्यों की सराहना करते हुए उम्मीद जता रहे हैं कि भविष्य में भी वे इसी तरह जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देते रहेंगे, और बरगवां-अमलाई तथा देवहरा क्षेत्र में पेयजल संकट से राहत दिलाने के लिए लगातार सक्रिय रहेंगे।
- अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना पुलिस ने 19.06.2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर तिपान नदी के इमली घाट क्षेत्र में एक विशेष कार्रवाई की। इस रेड के दौरान, पुलिस को मौके पर अवैध रूप से रेत से भरी हुई तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी मिलीं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया गया। जांच में पता चला कि जब्त किए गए ट्रैक्टरों में एक जॉन डियर मॉडल 5036D, एक स्वराज मॉडल XM834 (2019), और एक जॉन डियर मॉडल 5050D (2023) शामिल थे, और तीनों पर कोई नंबर नहीं था। प्रत्येक ट्रॉली में लगभग 03 घन मीटर रेत भरी हुई थी। चालकों की पहचान जानकी राठौर (27), घनश्याम राठौर (35), और फूलचंद नापित (48) के रूप में हुई, जो सभी ग्राम चोरभठी, थाना जैतहरी के निवासी हैं। चालकों से रेत परिवहन के लिए वैध परिवहन पर्ची (टी.पी.) या संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, परंतु वे कोई भी वैध प्रमाण उपलब्ध नहीं करा सके। प्रथम दृष्टया अवैध रेत उत्खनन और परिवहन में संलिप्त पाए जाने पर, इन तीनों ट्रैक्टरों और उनमें भरी रेत खनिज को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। जब्त की गई सामग्री का कुल मूल्य ₹14,12,000/- आंका गया है। पुलिस ने प्रचलित खनिज अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक, अनूपपुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अनूपपुर और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), अनूपपुर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक अमर वर्मा के नेतृत्व में संपन्न हुई, जिसमें उपनिरीक्षक जे.पी.एच. तिर्की, सहायक उपनिरीक्षक विनोद विश्वकर्मा, मणिराज सिंह, सुरेश कुमार कोरी, और प्रधान आरक्षक दिनेश पाटील की सराहनीय भूमिका रही।1
- कुछ लोगों द्वारा भरत तिवारी के एनकाउंटर पर हो रहे विरोध-प्रदर्शन पर सवाल उठाने के बीच, उनकी कहानी रोंगटे खड़े कर देने वाली है, जो किसी फिल्म की पटकथा सी लगती है। एक गांव, जो गंगा की बाढ़ में समा गया था, वहां के अधिकतर पिछड़े और दलित आबादी वाले लोगों ने दोबारा बसना शुरू किया। भरत तिवारी ने इन लोगों की बुनियादी जरूरतों के लिए आवाज उठाना शुरू किया, जिसमें नई बस्ती तक सड़क, बिजली, चापाकल और राशन जैसी सुविधाएं शामिल थीं। जिस जगह पर लोग बसे थे, वह काफी नीचे थी और पानी भरने की समस्या थी, जिसके लिए भरत तिवारी लगातार अधिकारियों से मिट्टी भराव की गुहार लगा रहे थे ताकि लोगों को बाढ़ से बचाया जा सके। पिछले एक साल से वह स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों से ज्ञापन, बातचीत, दबाव और विरोध प्रदर्शन सहित सभी माध्यमों से लगातार प्रयास कर रहे थे। धीरे-धीरे, प्रशासन ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान करना शुरू किया, जिससे वह व्यवस्था से निराश होने लगे और बाद में उन्हें 'मानसिक विक्षिप्त' करार दिया गया। भरत तिवारी को एक सच्चा हिन्दुस्तानी, देशभक्त और राष्ट्रवादी बताया गया, जो जनता के लिए काम करता था और देश से प्रेम करता था। लेकिन जब वह व्यवस्था से हार गया, और "काले अंग्रेजों वाले सिस्टम" ने उसे मजबूर कर दिया, तो इस नौजवान को लगा कि "बहरों को सुनाने के लिए धमाके की जरूरत है।" उसने अपने गले का महावीरी बेचकर हथियार खरीदा और पुलिस वालों को इस बात का आश्वासन देने के लिए मजबूर करने की कोशिश की कि वे झूठे वादे नहीं करेंगे और लोगों का काम पूरा करेंगे। पुलिस ने पहले आश्वासन दिया कि हथियार डालने पर उसके वादे पूरे किए जाएंगे। हालांकि, जैसे ही भरत तिवारी ने हथियार डाला, उन्हें गोली मार दी गई। भरत तिवारी को एक क्रांतिकारी बताया गया है, जिसके अंतिम संस्कार में उमड़ी भारी भीड़ का वीडियो और उन लोगों की बातें, जिनके लिए उन्होंने काम किया, उन्हें 'भगवान' मानती हैं। यह दावा किया जा रहा है कि एनकाउंटर वैसे भी कानूनी रास्ता नहीं है, और एक ऐसे समाजसेवी नौजवान का एनकाउंटर, जिसका कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं था, जो व्यवस्था से निराश होकर भटक गया और जिसने सरेंडर भी कर दिया था, "एक सरकारी हत्या" है।1
- आज 21 जून 2026 को विश्व योग दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के निर्देशानुसार अनूपपुर जिले के कोतमा स्थित महाराजा मार्तंड विश्वविद्यालय में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नवांकुर संस्था मां अंबे सेवा समिति और जीएस हितकारिणी सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में योग शिक्षक दिलीप शुक्ला ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 कार्यक्रम संपन्न कराया। इस अवसर पर “करें योग रहे निरोग” का संदेश देते हुए योग को संतुलित एवं स्वस्थ जीवन के लिए दिनचर्या का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया, साथ ही यह भी बताया गया कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने वाली भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है। इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के विकासखंड समन्वयक सरीमन साकेत जी, कॉलेज के प्राचार्य, समस्त स्टाफ, नवांकुर संस्था के प्रतिनिधि दिलीप शुक्ला और ओंकार सिंह, ग्राम पंचायत सचिव अंबिका शुक्ला, प्रस्फुटन समिति के राम सोनी, समाजसेवी सुरेश सोनी, नगर विकास प्रेस पोर्टल समिति से कीर्ति राज जैन सहित कई अन्य गणमान्य सामाजिक नागरिक उपस्थित रहे। सभी से आग्रह किया गया कि वे योग को अपनाकर स्वस्थ एवं निरोग भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।1
- छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में सामने आए एक हाई प्रोफाइल हत्याकांड के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्यवाही की है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर डिंडोरी जिले के बरगांव स्थित नर्मदांचल विद्यापीठ में एक भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। पतंजलि योग समिति डिंडोरी के तत्वावधान में, जिला अध्यक्ष बृजबिहारी साहू के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, समिति सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योग को अपनी दैनिक जीवनशैली में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर, मुख्य योग प्रशिक्षक एवं पतंजलि योग समिति के जिला अध्यक्ष बृजबिहारी साहू ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। योग सत्र के दौरान सामूहिक रूप से कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। इसके अतिरिक्त, ताड़ासन, वृक्षासन, वज्रासन और सूर्य नमस्कार जैसे अनेक महत्वपूर्ण योगासनों का अभ्यास करवाते हुए उनके स्वास्थ्य लाभों जैसे शारीरिक स्फूर्ति, मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी गई। अपने संबोधन में, जिला अध्यक्ष बृजबिहारी साहू ने जोर देकर कहा कि योग केवल एक दिवसीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक श्रेष्ठ कला है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित योग करने के लिए प्रेरित करते हुए बताया कि योग से स्मरण शक्ति, एकाग्रता और आत्मविश्वास का विकास होता है, जो शैक्षणिक और व्यक्तिगत जीवन में सफलता के लिए महत्वपूर्ण है। साहू ने स्वस्थ जीवन के लिए आयुर्वेद, संतुलित आहार और योग के समन्वय को आधार बताया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री श्याम बनमाले जी भी उपस्थित थे, वहीं विद्यालय समिति अध्यक्ष डॉ. कृष्ण कुमार बिलैया जी ने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए इसे जन-जन तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया। विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती सुरभि पांडे ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी प्रतिभागियों और पतंजलि योग समिति का आभार जताया। शिविर के समापन पर, सभी प्रतिभागियों को नियमित योग करने की शपथ दिलाई गई और विश्व शांति एवं मानव कल्याण की कामना के साथ शांति पाठ किया गया। यह आयोजन योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रसारित करने का एक माध्यम भी बना।2
- डिंडोरी जिले के शाहपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एकल अभियान महाकौशल संभाग, रेवांचल भाग अंतर्गत अंचल डिंडोरी के सच केंद्र शाहपुर में एक भव्य सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से बड़ी संख्या में आचार्य, दीदी, भैया और बहनों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल योगाभ्यास तक ही सीमित नहीं था, बल्कि स्वस्थ, जागरूक और अनुशासित समाज के निर्माण का महत्वपूर्ण संदेश देना भी था। आयोजन स्थल पर सुबह से ही उत्साह का वातावरण था, जहां सभी प्रतिभागियों ने मिलकर विभिन्न योगासन और व्यायाम किए तथा योग के महत्व को गहराई से समझा। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित डॉ. राजेश परस्ते ने बताया कि आज की तेज़ भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग सिर्फ एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों से नियमित रूप से योग करने का आह्वान किया। वहीं, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बिहारी लाल बर्मन ने योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताया और ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया ताकि इसे जन-जन तक पहुँचाया जा सके। उन्होंने समाज के हर वर्ग को योग अपनाकर एक स्वस्थ जीवन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस सफल आयोजन में समिति सदस्य बुद्धू पंद्रम और अंचल टोली से गतिविधि प्रमुख उदय कुशराम सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से योग और व्यायाम कर स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश फैलाया। अंत में, उपस्थित सभी लोगों को नियमित योग करने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का संकल्प दिलाया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्र निर्माण, स्वास्थ्य संवर्धन और सामाजिक जागरूकता के संदेश के साथ संपन्न हुआ।2
- अनूपपुर जिले की पवित्र नगरी अमरकंटक के मैकल पार्क और नर्मदा तट पर 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री दिलीप जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रामलाल रौतेल, कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली, पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराब, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगन्नाथ मरकाम, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़ श्री वसीम अहमद भट्ट, जन अभियान परिषद के समन्वयक श्री उमेश पांडेय, जिला आयुष अधिकारी डॉ. राजेंद्र सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों, स्थानीय पत्रकारों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री श्री दिलीप जायसवाल ने योग को भारत की प्राचीन सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक धरोहर बताया, जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आत्मिक रूप से स्वस्थ बनाता है। उन्होंने वर्तमान बदलती जीवनशैली और बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने को समय की आवश्यकता बताया। मंत्री श्री जायसवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आज योग को वैश्विक पहचान मिली है और पूरी दुनिया भारतीय योग परंपरा को अपना रही है। उन्होंने नागरिकों से नियमित योगाभ्यास, संतुलित जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का आह्वान करते हुए स्वस्थ शरीर को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी और योग को उसके संरक्षण का सबसे सरल एवं प्रभावी माध्यम बताया। योग दिवस के अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया और प्रधानमंत्री के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जुड़ने की अपील करते हुए हर व्यक्ति को पौधरोपण कर उसके संरक्षण का संकल्प लेने तथा अमरकंटक की प्राकृतिक एवं पर्यावरणीय विरासत को संरक्षित रखने पर बल दिया। कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने जिले वासियों को योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए बताया कि शासन के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी प्रमुख और ऐतिहासिक स्थलों पर योग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। उन्होंने नर्मदा तट पर योगाभ्यास स्थल पर बच्चों और युवाओं की भारी उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त की। श्री पंचोली ने अमरकंटक जैसे धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों में असीम क्षमता और ऊर्जा होने का उल्लेख करते हुए कहा कि योग अमरकंटक के पर्यटन को नई ऊंचाइयां दे सकता है। उन्होंने सभी जिला वासियों से अमरकंटक को भविष्य में मध्य प्रदेश के एक बड़े और प्रतिष्ठित योग केंद्र के रूप में स्थापित करने का प्रण लेने का आह्वान किया, जिसके लिए आगामी समय में भी ऐसे भव्य आयोजन निरंतर किए जाते रहेंगे। योगाभ्यास कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में उपस्थित छात्र-छात्राओं ने योग के विभिन्न आसनों, प्राणायाम और ध्यान की क्रियाओं में भाग लिया। इस दौरान सामूहिक रूप से ग्रीवा चालन, स्कंध संचालन, ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, कटिचक्रासन, दण्डासन, वज्रासन, तितली आसन, उष्ट्रासन, शशांकासन, उत्तानमंडूकासन, वक्रासन, मकरासन, सेतुबंध आसन, उत्तानपादासन, पवनमुक्तासन और शवासन जैसे आसन किए गए। आसनों के बाद कपालभाति, नाड़ीशोधन, अनुलोम-विलोम और भ्रामरी जैसे प्राणायाम का अभ्यास भी किया गया। योग प्रशिक्षक श्री नयन मिश्रा और सुश्री उर्मिला दयादत द्वारा योगाभ्यास कराया गया और योग विधा के संबंध में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का कोलकाता से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया गया, जिसे उपस्थित जन समुदाय ने देखा और सुना।1
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- आज 21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के निर्देशानुसार कोतमा के महाराजा मार्तंड विश्वविद्यालय में एक विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नवांकुर संस्था मां अंबे सेवा समिति और जीएस हितकारिणी सेवा समिति के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन योग शिक्षक दिलीप शुक्ला ने किया। इस दौरान 'करें योग, रहें निरोग' का संदेश देते हुए योग को संतुलित और स्वस्थ जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में यह बताया गया कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है जो शरीर, मन और आत्मा को जोड़ती है। इस अवसर पर मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के विकासखंड समन्वयक सरीमन साकेत जी, कॉलेज के प्राचार्य और समस्त स्टाफ, नवांकुर संस्था के प्रतिनिधि दिलीप शुक्ला और ओंकार सिंह, ग्राम पंचायत सचिव अंबिका शुक्ला, प्रस्फुटन समिति के राम सोनी, समाजसेवी सुरेश सोनी, नगर विकास प्रेस पोर्टल समिति से कीर्ति राज जैन सहित कई अन्य सामाजिक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम में सभी से योग को अपनाकर स्वस्थ एवं निरोग भारत के निर्माण में अपना योगदान देने का आह्वान किया गया।4