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#kullu :मनाली के मशहूर पर्यटन स्थल सोलंगनाला में भारी बर्फबारी हो रही है। ऐसे हालात में ट्रैफिक जाम लगना स्वाभाविक है। पुलिस पर्यटकों को मनाली की ओर वापस भेज रही है।

1 hr ago
user_Himachal Update 24 News
Himachal Update 24 News
Business Analyst कुल्लू, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
1 hr ago

#kullu :मनाली के मशहूर पर्यटन स्थल सोलंगनाला में भारी बर्फबारी हो रही है। ऐसे हालात में ट्रैफिक जाम लगना स्वाभाविक है। पुलिस पर्यटकों को मनाली की ओर वापस भेज रही है।

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  • रिपोर्ट –3 फरवरी, बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज।जुलाई 2023 की बाढ़ से प्रभावित सैंज तहसील के बक्शाहल गांव की सुध लेने आखिरकार पार्वती परियोजना के अधिकारी मौके पर पहुंचे। मुख्य महाप्रबंधक सुधीर नेगी के निर्देश पर इंजीनियरों की टीम ने गांव में हुए भारी नुकसान का जायजा लिया। मुख्य बिंदु: टूटी सड़क: सैंज-बक्शाहल सड़क का 1 किलोमीटर हिस्सा नदी में बहने से गांव का संपर्क कटा हुआ है। पलायन का दर्द: घरों के दोनों ओर नदी का बहाव होने से कई ग्रामीण घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। प्रबंधन का आश्वासन: अधिकारियों ने सड़क पुनर्निर्माण और सुरक्षा कार्यों के लिए जल्द एस्टीमेट तैयार कर NHPC कॉर्पोरेट कार्यालय फरीदाबाद से बजट पास करवाने का भरोसा दिया। सैंज वैली विकास समिति के प्रधान बुध राम ने मांग की है कि नदी किनारे क्रेटवायर लगाए जाएं और खतरे में आए मकानों व कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जाए।
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    रिपोर्ट –3 फरवरी, बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज।जुलाई 2023 की बाढ़ से प्रभावित  सैंज तहसील के बक्शाहल गांव की सुध लेने आखिरकार पार्वती परियोजना के अधिकारी मौके पर पहुंचे। मुख्य महाप्रबंधक सुधीर नेगी के निर्देश पर इंजीनियरों की टीम ने गांव में हुए भारी नुकसान का जायजा लिया।
मुख्य बिंदु:
टूटी सड़क: सैंज-बक्शाहल सड़क का 1 किलोमीटर हिस्सा नदी में बहने से गांव का संपर्क कटा हुआ है।
पलायन का दर्द: घरों के दोनों ओर नदी का बहाव होने से कई ग्रामीण घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।
प्रबंधन का आश्वासन: अधिकारियों ने सड़क पुनर्निर्माण और सुरक्षा कार्यों के लिए जल्द एस्टीमेट तैयार कर NHPC कॉर्पोरेट कार्यालय फरीदाबाद से बजट पास करवाने का भरोसा दिया।
सैंज वैली विकास समिति के प्रधान बुध राम ने मांग की है कि नदी किनारे क्रेटवायर लगाए जाएं और खतरे में आए मकानों व कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जाए।
    user_Budhi Singh Thakur
    Budhi Singh Thakur
    पत्रकार Sainj, Kullu•
    9 hrs ago
  • सुजानपुर: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भलेठ के विद्यार्थियों ने शैक्षणिक भ्रमण के अंतर्गत सुजानपुर पुलिस स्टेशन का दौरा किया। इस विज़िट का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली, कानून-व्यवस्था तथा नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना था। पुलिस स्टेशन में विद्यार्थियों का स्वागत पुलिस अधिकारियों द्वारा किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को थाने के विभिन्न अनुभागों, जैसे कि शिकायत पंजीकरण प्रक्रिया, महिला हेल्प डेस्क, साइबर अपराध, यातायात नियमों तथा आपातकालीन सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को कानून के पालन, अनुशासन और समाज में पुलिस की भूमिका के महत्व से अवगत कराया। विद्यार्थियों ने पुलिस अधिकारियों से कई जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका सरल और रोचक तरीके से उत्तर दिया गया। इस संवादात्मक सत्र से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ा और कानून व्यवस्था के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हुआ। विद्यालय की प्रधानाचार्या मंजरी वी महाजन ने इस अवसर पर कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं और उन्हें वास्तविक जीवन से जोड़ते हैं। उन्होंने पुलिस विभाग का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करती हैं। इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यालय की इतिहास की प्रवक्ता सुमन रानी भी उपस्थित रहीं ।यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और यादगार अनुभव साबित हुआ।
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    सुजानपुर:
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भलेठ के विद्यार्थियों ने शैक्षणिक भ्रमण के अंतर्गत सुजानपुर पुलिस स्टेशन का दौरा किया। इस विज़िट का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली, कानून-व्यवस्था तथा नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना था। पुलिस स्टेशन में विद्यार्थियों का स्वागत पुलिस अधिकारियों द्वारा किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को थाने के विभिन्न अनुभागों, जैसे कि शिकायत पंजीकरण प्रक्रिया, महिला हेल्प डेस्क, साइबर अपराध, यातायात नियमों तथा आपातकालीन सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को कानून के पालन, अनुशासन और समाज में पुलिस की भूमिका के महत्व से अवगत कराया। विद्यार्थियों ने पुलिस अधिकारियों से कई जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका सरल और रोचक तरीके से उत्तर दिया गया। इस संवादात्मक सत्र से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ा और कानून व्यवस्था के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हुआ। विद्यालय की प्रधानाचार्या मंजरी वी महाजन ने इस अवसर पर कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं और उन्हें वास्तविक जीवन से जोड़ते हैं। उन्होंने पुलिस विभाग का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करती हैं। इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यालय की इतिहास की प्रवक्ता सुमन रानी भी उपस्थित रहीं ।यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और यादगार अनुभव साबित हुआ।
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • केंद्र सरकार के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं हमीरपुर सदर के विधायक जिस तरह बजट की तारीफों के पुल बाँध रहे हैं, वह हिमाचल प्रदेश की जनता की समझ का अपमान है। हम सिर्फ एक सीधा और जायज़ सवाल पूछना चाहते हैं कि जब इस बजट में हिमाचल प्रदेश को मिलने वाली आरडीजी ग्रांट पूरी तरह रोक दी गई, जो अगले पाँच वर्षों में 40,000 से 50,000 करोड़ रुपये के बीच बनती है, तो फिर यह बजट हिमाचल के लिए “अच्छा” कैसे हो सकता है? भाजपा नेता यह कहकर बचने की कोशिश कर रहे हैं कि प्रदेश सरकार आंकड़े प्रस्तुत नहीं कर पाई। हम उनसे पूछना चाहते हैं कि 2023 की भीषण आपदा के बाद, जब केंद्र सरकार ने स्वयं अपने सर्वेयर हिमाचल भेजे, नुकसान का आकलन किया और घाटे का अनुमान लगाया, तब भी हिमाचल को फूटी कौड़ी तक क्यों नहीं दी गई? क्या तब भी आंकड़े गलत थे या सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार ने जानबूझकर हिमाचल की अनदेखी की? भाजपा के प्रवक्ता यह भी दावा कर रहे हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने बजट बहुत अच्छे से प्रस्तुत किया था , इसलिए 15वें वित्त आयोग में हिमाचल को 35,000 करोड़ रुपये एक्स्ट्रा मिलेथे। यह पूरी तरह भ्रामक बयान है। सच्चाई यह है कि यह कोई “एक्स्ट्रा राशि” नहीं थी, बल्कि आरडीजी ग्रांट थी, जिसे अब इस बजट में पूरी तरह बंद कर दिया गया है। यह हिमाचल प्रदेश की जनता और उसके विकास के साथ सीधा धोखा है। जय राम जी के गुणगान और खोखले दावों से हिमाचल का भला नहीं होने वाला। हिमाचल की जनता पढ़ी-लिखी और जागरूक है, उसे बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता। वह अच्छी तरह जानती है कि 35,000 करोड़ रुपये क्या होते हैं और उसका प्रदेश के विकास में क्या महत्व है। सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार की हर योजना में हिमाचल प्रदेश के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, जिससे प्रदेश की जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसलिए भाजपा अपने आंकड़े और दावे अपने पास ही रखे। हम साफ शब्दों में कहना चाहते हैं कि यह बजट हिमाचल प्रदेश के लिए बेकार है और बेकार ही रहेगा, क्योंकि इसमें हिमाचल के हितों की पूरी तरह अनदेखी की गई है।
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    केंद्र सरकार के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं हमीरपुर सदर के विधायक जिस तरह बजट की तारीफों के पुल बाँध रहे हैं, वह हिमाचल प्रदेश की जनता की समझ का अपमान है। हम सिर्फ एक सीधा और जायज़ सवाल पूछना चाहते हैं कि जब इस बजट में हिमाचल प्रदेश को मिलने वाली आरडीजी ग्रांट पूरी तरह रोक दी गई, जो अगले पाँच वर्षों में 40,000 से 50,000 करोड़ रुपये के बीच बनती है, तो फिर यह बजट हिमाचल के लिए “अच्छा” कैसे हो सकता है?
भाजपा नेता यह कहकर बचने की कोशिश कर रहे हैं कि प्रदेश सरकार आंकड़े प्रस्तुत नहीं कर पाई। हम उनसे पूछना चाहते हैं कि 2023 की भीषण आपदा के बाद, जब केंद्र सरकार ने स्वयं अपने सर्वेयर हिमाचल भेजे, नुकसान का आकलन किया और घाटे का अनुमान लगाया, तब भी हिमाचल को फूटी कौड़ी तक क्यों नहीं दी गई?
क्या तब भी आंकड़े गलत थे या सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार ने जानबूझकर हिमाचल की अनदेखी की?
भाजपा के प्रवक्ता यह भी दावा कर रहे हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने बजट बहुत अच्छे से प्रस्तुत किया था , इसलिए 15वें वित्त आयोग में हिमाचल को 35,000 करोड़ रुपये एक्स्ट्रा मिलेथे।  यह पूरी तरह भ्रामक बयान है।
सच्चाई यह है कि यह कोई “एक्स्ट्रा राशि” नहीं थी, बल्कि आरडीजी ग्रांट थी, जिसे अब इस बजट में पूरी तरह बंद कर दिया गया है। यह हिमाचल प्रदेश की जनता और उसके विकास के साथ सीधा धोखा है।
जय राम जी के गुणगान और खोखले दावों से हिमाचल का भला नहीं होने वाला। हिमाचल की जनता पढ़ी-लिखी और जागरूक है, उसे बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता। वह अच्छी तरह जानती है कि 35,000 करोड़ रुपये क्या होते हैं और उसका प्रदेश के विकास में क्या महत्व है।
सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार की हर योजना में हिमाचल प्रदेश के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, जिससे प्रदेश की जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसलिए भाजपा अपने आंकड़े और दावे अपने पास ही रखे।
हम साफ शब्दों में कहना चाहते हैं कि यह बजट हिमाचल प्रदेश के लिए बेकार है और बेकार ही रहेगा, क्योंकि इसमें हिमाचल के हितों की पूरी तरह अनदेखी की गई है।
    user_हमीरपुरी पत्रकार
    हमीरपुरी पत्रकार
    लम्बलू, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    23 hrs ago
  • हमीरपुर भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री उषा बिरला ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि इन दिनों आरडीजी (Revenue Deficit Grant – राजस्व घाटा अनुदान) को लेकर अनावश्यक भ्रम फैलाया जा रहा है। आरडीजी वह राशि होती है, जो केंद्र सरकार राज्यों की आय और खर्चों के बीच अंतर की भरपाई के लिए जारी करती है। उन्होंने कहा कि जब देश में नए राज्यों का गठन हुआ था, तब उनके पास आय के पर्याप्त संसाधन नहीं थे। ऐसे में केंद्र सरकार ने वित्त आयोग के माध्यम से इन राज्यों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आरडीजी की व्यवस्था की। यह एक अल्पकालिक व्यवस्था थी, जिसे लंबे समय तक जारी नहीं रखा जा सकता। उषा बिरला ने कहा कि 16वें वित्त आयोग ने हिमाचल प्रदेश सहित देश के 15 राज्यों की आरडीजी समाप्त कर दी है। इनमें से अधिकांश राज्य भाजपा शासित हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी हमेशा राष्ट्रहित में निर्णय लेते हैं, न कि किसी विशेष पार्टी के पक्ष या विपक्ष में। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को छोड़कर इन सभी 15 राज्यों ने अपने-अपने प्रदेशों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास शुरू कर दिए हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार आज भी केवल रोना रोने और कानूनी पहलुओं पर विचार करने तक सीमित है। उषा बिरला ने कहा कि कांग्रेस सरकार एक ओर यह दावा कर रही है कि उसने अपनी 10 गारंटियां पूरी कर दी हैं— हर महिला को ₹1500 प्रतिमाह, ₹2 किलो गोबर की खरीद, ₹100 लीटर दूध की खरीद, और हर वर्ष युवाओं को एक लाख रोजगार। अगर ये सभी दावे सही हैं, तो इससे यही सिद्ध होता है कि हिमाचल प्रदेश पहले से ही आत्मनिर्भर बन चुका है। लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस सरकार अपनी तथाकथित गारंटियों को केंद्र सरकार के खर्च पर पूरा करना चाहती है। आज हिमाचल प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार के कुप्रबंधन से बेहद परेशान है। उषा बिरला ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार को सलाह दी कि वह अपने फालतू खर्चों में कटौती करे और प्रदेश को वास्तव में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास करे। अंत में उन्होंने कहा, “मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का धन्यवाद करती हूं, जो सदैव राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हैं।”
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    हमीरपुर 
भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री उषा बिरला ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि इन दिनों आरडीजी (Revenue Deficit Grant – राजस्व घाटा अनुदान) को लेकर अनावश्यक भ्रम फैलाया जा रहा है। आरडीजी वह राशि होती है, जो केंद्र सरकार राज्यों की आय और खर्चों के बीच अंतर की भरपाई के लिए जारी करती है।
उन्होंने कहा कि जब देश में नए राज्यों का गठन हुआ था, तब उनके पास आय के पर्याप्त संसाधन नहीं थे। ऐसे में केंद्र सरकार ने वित्त आयोग के माध्यम से इन राज्यों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आरडीजी की व्यवस्था की। यह एक अल्पकालिक व्यवस्था थी, जिसे लंबे समय तक जारी नहीं रखा जा सकता।
उषा बिरला ने कहा कि 16वें वित्त आयोग ने हिमाचल प्रदेश सहित देश के 15 राज्यों की आरडीजी समाप्त कर दी है। इनमें से अधिकांश राज्य भाजपा शासित हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी हमेशा राष्ट्रहित में निर्णय लेते हैं, न कि किसी विशेष पार्टी के पक्ष या विपक्ष में।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को छोड़कर इन सभी 15 राज्यों ने अपने-अपने प्रदेशों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास शुरू कर दिए हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार आज भी केवल रोना रोने और कानूनी पहलुओं पर विचार करने तक सीमित है।
उषा बिरला ने कहा कि कांग्रेस सरकार एक ओर यह दावा कर रही है कि उसने अपनी 10 गारंटियां पूरी कर दी हैं—
हर महिला को ₹1500 प्रतिमाह,
₹2 किलो गोबर की खरीद,
₹100 लीटर दूध की खरीद,
और हर वर्ष युवाओं को एक लाख रोजगार।
अगर ये सभी दावे सही हैं, तो इससे यही सिद्ध होता है कि हिमाचल प्रदेश पहले से ही आत्मनिर्भर बन चुका है। लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है।
उन्होंने आरोप लगाया कि 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस सरकार अपनी तथाकथित गारंटियों को केंद्र सरकार के खर्च पर पूरा करना चाहती है। आज हिमाचल प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार के कुप्रबंधन से बेहद परेशान है।
उषा बिरला ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार को सलाह दी कि वह अपने फालतू खर्चों में कटौती करे और प्रदेश को वास्तव में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास करे।
अंत में उन्होंने कहा, “मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का धन्यवाद करती हूं, जो सदैव राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हैं।”
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Post by Dinesh Kumar
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    Post by Dinesh Kumar
    user_Dinesh Kumar
    Dinesh Kumar
    Farmer Bhota, Hamirpur•
    13 hrs ago
  • Post by Jodhan singh Kushwah ग्राम पंच
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    Post by Jodhan singh Kushwah ग्राम पंच
    user_Jodhan singh Kushwah ग्राम पंच
    Jodhan singh Kushwah ग्राम पंच
    चाचियां, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    14 hrs ago
  • अटल टनल के नार्थ पोर्टल के समीप लाहुल घाटी में हिमस्खलन की चपेट में आया वाहन। हालांकि कोई नुकसान नहीं हुआ लेकिन ताजा बर्फबारी के बाद हिमस्खलन की आशंका बढ़ गई है। जिसे देखते हुए सभी को सावधानी पूर्वक सफर करने की जरूरत है। प्रशासन ने भी आपात स्थिति में ही सफर की सलाह दी है तथा मौसम साफ होने तक घरों से बाहर न निकलने को कहा है,,
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    अटल टनल के नार्थ पोर्टल के समीप लाहुल घाटी में हिमस्खलन की चपेट में आया वाहन। हालांकि कोई नुकसान नहीं हुआ लेकिन ताजा बर्फबारी के बाद हिमस्खलन की आशंका बढ़ गई है। जिसे देखते हुए सभी को सावधानी पूर्वक सफर करने की जरूरत है। प्रशासन ने भी आपात स्थिति में ही सफर की सलाह दी है तथा मौसम साफ होने तक घरों से बाहर न निकलने को कहा है,,
    user_Himachal Update 24 News
    Himachal Update 24 News
    Business Analyst कुल्लू, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सुजानपुर यूजीसी गाइडलाइन का अंतिम दम तक विरोध किया जाएगा स्वर्ण समाज को नीचा दिखाने का जो कार्य किया गया है वह सहन नहीं होगा यह बात और राजपूत कल्याण सभा के जिला महासचिव जोगेंद्र ठाकुर ने मंगलवार को राजपूत कल्याण महासभा के आयोजित एक कार्यक्रम में सभा के तमाम सदस्य को संबोधित करते हुए कही बताते चले की राजपूत कल्याण महासभा का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें विशेष रूप से सेवानिवृत मेजर जनरल धर्मवीर सिंह राणा उपस्थित हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता अनिल वर्मा द्वारा की गई इस मौके जिला के पदाधिकारियों और कार्यकारिणी के सदस्यों को पहचहान पत्र वितरित किये. सामान्य वर्ग के सभी मुद्दों के प्रति संघर्ष और यूजीसी गाइडलाइन्स के अतिम दम तक विरोध का प्रण लिया. बैठक को मुख्यातिथि के आलावा अनिल वर्मा, सामान्य वर्ग संयुक्त मंच के जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर,महासभा के महासचिव जोगिंदर ठाकुर, ने भी बैठक मे विचार ससंझा किये.
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    सुजानपुर
यूजीसी गाइडलाइन का अंतिम दम तक विरोध किया जाएगा स्वर्ण समाज को नीचा दिखाने का जो कार्य किया गया है वह सहन नहीं होगा यह बात और राजपूत कल्याण सभा के जिला महासचिव जोगेंद्र ठाकुर ने मंगलवार को राजपूत कल्याण महासभा के आयोजित एक कार्यक्रम में सभा के तमाम सदस्य को संबोधित करते हुए कही बताते चले की राजपूत कल्याण महासभा का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें विशेष रूप से सेवानिवृत मेजर जनरल धर्मवीर सिंह राणा उपस्थित हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता अनिल वर्मा द्वारा की गई इस मौके जिला के पदाधिकारियों और कार्यकारिणी के सदस्यों को पहचहान पत्र वितरित किये. सामान्य वर्ग के सभी मुद्दों के प्रति संघर्ष और यूजीसी गाइडलाइन्स के अतिम दम तक विरोध का प्रण लिया. बैठक को मुख्यातिथि के आलावा अनिल वर्मा, सामान्य वर्ग संयुक्त मंच के जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर,महासभा के महासचिव जोगिंदर ठाकुर, ने भी बैठक मे विचार ससंझा किये.
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    4 hrs ago
  • कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर कैंचीमोड़ टनल-1 में समानांतर टनल बनकर पूरी तरह से तैयार हो गई है। जल्द ही इस समानांतर टनल में भी वाहनों की आवाजाही होगी। नेशनल हाईवे ऑथरिटी ऑफ इंडिया की ओर से 15 दिनों के भीतर इस टनल पर वाहनों की आवाजाही शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसका कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन से गुजरने वाले प्रदेश के अलावा अन्य बाहरी राज्यों के वाहन चालकों को भी मिलेगा। इस टनल की समानांतर टनल शुरू होने के चलते वाहन चालकों को बड़ी राहत मिली है। नेशनल हाईवे ऑथरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने मंगलवार को फोरलेन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उच्च अधिकारियों द्वारा संबधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए। वहीं, बताया जा रहा है कि कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर कैंचीमोड़ टनल नंबर-1 की समानांतर टनल करीब 1800 मीटर लंबी है। इस टनल पर करीब 280 करोड़ की राशि खर्च की गई है। अधिकतर यहां पर सिंगल टनल होने के चलते जहां कई दफा हादसे घटित होते थे, वहीं हादसे के चलते जाम की स्थिति भी बन जाती थी। लेकिन इस तरह के झंझट से वाहन चालकों को यहां पर राहत मिलेगी। नेशनल हाईवे ऑथरिटी ऑफ इंडिया द्वारा इस समानांतर टनल के निर्माण को लेकर लगातार प्रयास किए गए। जिसके चलते यह प्रयास सराहनीय रहे हैं। अब यहां पर दूसरी समानांतर टनल के शुरू होने से एक टनल से वाहन एक दिशा में जाएंगे, जबकि दूसरी टनल से विपरीत दिशा में आवाजाही होगी। इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और सफर भी फोरलेन पर ज्यादा सुरक्षित होगा। नेशनल हाईवे ऑथरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों की मानें तो इस टनल को आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसमें वेंटिलेशन सिस्टम, फायर सेफ्टी, लाइटिंग और इमरजेंसी एग्जिट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। हालांकि वर्तमान में कैंचीमोड़ की इस टनल से गुजरना वाहन चालकों के लिए किसी समस्या से कम नहीं है। इस टनल में वेंटिलेनशन नहीं होने के चलते यहां पर धूल मिट्टी से वाहन चालकों को परेशानी भी झेलनी पड़ती है। लेकिन अब समानांतर टनल शुरू होने के बाद इससे भी वाहन चालकों को राहत मिलेगी। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश को जोडऩे वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। टनल नंबर-1 की दूसरी लेन शुरू होने से पर्यटन, व्यापार और मालवाहक वाहनों की आवाजाही को बड़ा लाभ मिलेगा। खासकर मंडी, कुल्लू, मनाली और लाहौल-स्पीति जाने वाले वाहन चालकों को अब अधिक सुगम और सुरक्षित सफर मिल सकेगा। एनएचएआई द्वारा तकनीकी और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद इस टनल को खोल दिया जाएगा।
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    कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर कैंचीमोड़ टनल-1 में समानांतर टनल बनकर पूरी तरह से तैयार हो गई है। जल्द ही इस समानांतर टनल में भी वाहनों की आवाजाही होगी। नेशनल हाईवे ऑथरिटी ऑफ इंडिया की ओर से 15 दिनों के भीतर इस टनल पर वाहनों की आवाजाही शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसका कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन से गुजरने वाले प्रदेश के अलावा अन्य बाहरी राज्यों के वाहन चालकों को भी मिलेगा। इस टनल की समानांतर टनल शुरू होने के चलते वाहन चालकों को बड़ी राहत मिली है। 
नेशनल हाईवे ऑथरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने मंगलवार को फोरलेन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उच्च अधिकारियों द्वारा संबधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए। वहीं, बताया जा रहा है कि कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर कैंचीमोड़ टनल नंबर-1 की समानांतर टनल करीब 1800 मीटर लंबी है। इस टनल पर करीब 280 करोड़ की राशि खर्च की गई है। अधिकतर यहां पर सिंगल टनल होने के चलते जहां कई दफा हादसे घटित होते थे, वहीं हादसे के चलते जाम की स्थिति भी बन जाती थी। लेकिन इस तरह के झंझट से वाहन चालकों को यहां पर राहत मिलेगी। नेशनल हाईवे ऑथरिटी ऑफ इंडिया द्वारा इस समानांतर टनल के निर्माण को लेकर लगातार प्रयास किए गए। जिसके चलते यह प्रयास सराहनीय रहे हैं। अब यहां पर दूसरी समानांतर टनल के शुरू होने से एक टनल से वाहन एक दिशा में जाएंगे, जबकि दूसरी टनल से विपरीत दिशा में आवाजाही होगी। इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और सफर भी फोरलेन पर ज्यादा सुरक्षित होगा। 
नेशनल हाईवे ऑथरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों की मानें तो इस टनल को आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसमें वेंटिलेशन सिस्टम, फायर सेफ्टी, लाइटिंग और इमरजेंसी एग्जिट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। हालांकि वर्तमान में कैंचीमोड़ की इस टनल से गुजरना वाहन चालकों के लिए किसी समस्या से कम नहीं है। इस टनल में वेंटिलेनशन नहीं होने के चलते यहां पर धूल मिट्टी से वाहन चालकों को परेशानी भी झेलनी पड़ती है। लेकिन अब समानांतर टनल शुरू होने के बाद इससे भी वाहन चालकों को राहत मिलेगी। 
कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश को जोडऩे वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। टनल नंबर-1 की दूसरी लेन शुरू होने से पर्यटन, व्यापार और मालवाहक वाहनों की आवाजाही को बड़ा लाभ मिलेगा। खासकर मंडी, कुल्लू, मनाली और लाहौल-स्पीति जाने वाले वाहन चालकों को अब अधिक सुगम और सुरक्षित सफर मिल सकेगा। एनएचएआई द्वारा तकनीकी और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद इस टनल को खोल दिया जाएगा।
    user_Anil kumar
    Anil kumar
    बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    9 min ago
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