गुमला /पालकोट : नदी मे डूबने से हुई मौत, परिजनों का रो रो कर बुरा हाल, गांव मे शोक की लहर पालकोट प्रखंड के बघिमा पंचायत के बघिमा रामा टोली मे एक 60वर्षीय झरिया लोहरा पिता स्वर्गीय दुःखा लोहरा नमक ब्यक्ति का नदी मे डूबने से हुई मौत | जैसे ही परिजनों को इसकी जानकारी मिली आनन फानन मे परिजन पहुचे तबतक इसकी मृत्यु हो चुकी थी | प्राप्त जानकारी के अनुसार झरिया लोहरा घर मे रहकर खेती बड़ी का काम करता था | इनके दो बेटा और दो बेटी है सभी सादी सुदा है | ये अपने परम्परिक लोहराई काम करता था | सोमवार को ये घर के बगल नदी मे नहाने के लिए निकला किन्तु काफ़ी देर होने तक नहीं आया तब कुछ बच्चों के द्वारा बताया गया की कोई ब्यक्ति नदी मे डूबा हुआ है| तब परिजन देखने पहुंचे तो पता चला की झरिया लोहरा नदी मे डूबा हुआ है | और इसकी मृत्यु हो गयी थी तब इसकी जानकारी सभी परिजनों की दी गयी फिर शव को पानी से निकाल कर नदी के समीप रखा गया फिर इसकी जानकारी स्थानीय मुखिया और सरपंच व पुलिस प्रशाशन को दी गई और फिर पालकोट पुलिस की मौजूदगी मे शव को कब्जे मे लेते हुए पोस्टमॉर्टम हेतु सदर अस्पताल गुमला भेजा गया |इन सारी बातो की जानकारी मीडिया को पुत्र सुखराम लोहरा ने दी |
गुमला /पालकोट : नदी मे डूबने से हुई मौत, परिजनों का रो रो कर बुरा हाल, गांव मे शोक की लहर पालकोट प्रखंड के बघिमा पंचायत के बघिमा रामा टोली मे एक 60वर्षीय झरिया लोहरा पिता स्वर्गीय दुःखा लोहरा नमक ब्यक्ति का नदी मे डूबने से हुई मौत | जैसे ही परिजनों को इसकी जानकारी मिली आनन फानन मे परिजन पहुचे तबतक इसकी मृत्यु हो चुकी थी | प्राप्त जानकारी के अनुसार झरिया लोहरा घर मे रहकर खेती बड़ी का काम करता था | इनके दो बेटा और दो बेटी है सभी सादी सुदा है | ये अपने परम्परिक लोहराई काम करता था | सोमवार को ये घर के बगल नदी मे नहाने के लिए
निकला किन्तु काफ़ी देर होने तक नहीं आया तब कुछ बच्चों के द्वारा बताया गया की कोई ब्यक्ति नदी मे डूबा हुआ है| तब परिजन देखने पहुंचे तो पता चला की झरिया लोहरा नदी मे डूबा हुआ है | और इसकी मृत्यु हो गयी थी तब इसकी जानकारी सभी परिजनों की दी गयी फिर शव को पानी से निकाल कर नदी के समीप रखा गया फिर इसकी जानकारी स्थानीय मुखिया और सरपंच व पुलिस प्रशाशन को दी गई और फिर पालकोट पुलिस की मौजूदगी मे शव को कब्जे मे लेते हुए पोस्टमॉर्टम हेतु सदर अस्पताल गुमला भेजा गया |इन सारी बातो की जानकारी मीडिया को पुत्र सुखराम लोहरा ने दी |
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- गुमला जिला के खोरा गांव की एक 13 वर्षीय बच्ची के 2018 से लापता मामले(वर्तमान आयु 21 वर्ष) पर कल हाईकोर्ट के द्वारा डीजीपी व गुमला एसपी से जांच रिपोर्ट की मांग की। वही पुलिस अनुसंधान में अभी तक बच्ची का पता नही चलने पर कोर्ट ने जांच की वर्तमान स्थिति पर सवाल उठाते हुए तेजी से परिणाम लाने का निर्देश दिया था। साथ ही दो सप्ताह के भीतर जांच में कोई ठोस प्रगति नही होने पर केस की जांच सीबीआई को सौंपने की बात कही। हाईकोर्ट के द्वारा नाराजगी जाहिर करने के बाद आज राज्य की डीजीपी गुमला पहुंची और सर्किट हाउस में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अभी तक किये गये अनुसंधानों की समीक्षा की। साथ ही लापता बच्ची के परिजनों को भी बुलाकर करीब 2 घंटे तक उनसे बंद कमरे में पूरी जानकारी ली गयी। डीजीपी ने कहा कि पुलिस के द्वारा लापता बच्ची के केश में काफी मेहनत की गई है। लंबे समय से लोग लगे है लेकिन अभी तक कोई खास जानकारी नही मिल पाई है। पुलिस के द्वारा फिर से पूरे केस का रिव्यू कराया जा रहा है। इससे पूर्व सर्किट हाउस पहुंचने पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। बाइट, तदाशा मिश्रा, डीजीपी, झारखंड।2
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- सिसई प्रखंड के छारदा रोड़ में भव्य बने श्री श्री 108 अंबिकेश्वर शिव मंदिर स्थापना सह नर्मदेश्वर शिवलिंग प्राण प्रतिष्ठा को लेकर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन संध्या भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया। गंगा आरती को देखने के उमड़ी श्रद्धालुओं की भींड। सिसई में पहली बार ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित होने से भक्तों में भक्ति जाग उठा हैं, लोग दिन रात एक कर कार्यक्रम में शामिल हुए।1
- चैनपुर : चैनपुर थाना क्षेत्र के साफी नदी (रामपुर) के पास आज एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। अनियंत्रित होकर एक ऑटो नदी के पुल के डिवाइडर में जा फंसा। इस भीषण टक्कर में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।1
- नव निर्मित हनुमान मंदिर का चितरी में तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का आयोजन बुधवार से आयोजित1
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- गुमला:जिला समाहरणालय परिसर में आज उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं दूर-दराज क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों को उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किया। उपायुक्त ने सभी आवेदनों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक मामले का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित, पारदर्शी एवं न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध निष्पादन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान प्रखंड बिशुनपुर अंतर्गत ग्राम चिंगारी से आए टाना भगत समुदाय के प्रतिनिधियों द्वारा स्वतंत्रता सेनानी जतरा टाना भगत के स्मारक स्थल के सुंदरीकरण एवं श्रद्धालुओं के ठहराव हेतु अतिथि गेस्ट हाउस निर्माण की मांग प्रस्तुत की गई। इस पर उपायुक्त ने संबंधित विभाग को प्रस्ताव का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसी क्रम में टाना भगत समुदाय द्वारा कृषि कार्य को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ट्रैक्टर, ट्रॉली, सिंचाई पंपसेट तथा अन्य कृषि यंत्रों के वितरण से संबंधित मांग भी रखी गई। उपायुक्त ने कृषि विभाग को इस संबंध में योजनानुसार परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। राजस्व, निबंध एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित एक आवेदन में आवेदक द्वारा पूर्व में निर्गत पत्र के आलोक में लंबित जांच/कार्यवाही की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। इस पर उपायुक्त ने संबंधित विभाग को शीघ्र अद्यतन स्थिति उपलब्ध कराने एवं कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया। प्रखंड बिशुनपुर के ग्राम नरमा की उर्शिला कुमारी द्वारा राशन कार्ड में पुत्री का नाम जोड़ने में हो रही देरी के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया गया। उपायुक्त ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को मामले का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि लाभार्थी को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। प्रखंड सिसई अंतर्गत ग्राम बानपुर पानीलता के सुरेश उराँव द्वारा आवास निर्माण हेतु भूमि पर अनुमति प्रदान करने के संबंध में आवेदन दिया गया। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अंचलाधिकारी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। प्रखंड कामडारा के ग्राम कोटवो के आनंद मसीह तोपनो, अंजुल तोपनो एवं बिनोद तोपनो द्वारा भूमि सुधार उपसमाहर्ता, बसिया न्यायालय में लंबित S.A.R. वादों के निष्पादन में विलंब की समस्या रखी गई। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारी को वादों की समीक्षा कर शीघ्र निष्पादन एवं आदेश उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त अन्य आवेदकों द्वारा भी पेंशन, जन वितरण प्रणाली, राजस्व मामलों एवं आधारभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याएं प्रस्तुत की गईं, जिन पर उपायुक्त द्वारा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जन शिकायत निवारण दिवस के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों को उनकी समस्याओं के समाधान हेतु एक प्रभावी एवं सुलभ मंच उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।2