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Shiv Academy Near Mehta Electrical Store, Baroh Road Chowk एक बार Demo Class लगा कर तो देखो यह बिलकुल फ्री है
शिव अकादमी
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- रोजगार की मांग को लेकर मनरेगा महिलाओं ने खोला मोर्चा, 125 दिनों का दावा , लेकिन काम मिला 22 दिन का सुजानपुर रोजगार की मांग को लेकर मनरेगा महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया हैं। महिलाओं का आरोप है कि 125 दिनों की रोजगार गारंटी का दावा किया गया, लेकिन उन्हें केवल 20–25 दिन काम देने के बाद ही आगे काम से मना कर दिया गया। अब महिलाओं ने सवाल उठाया है—जब 125 दिनों की गारंटी है, तो बाकी रोजगार कहाँ गया? उन्होंने प्रशासन से जवाब और योजना का पूरा लाभ दिलाने की मांग की।1
- chakki plant k liye contact number 8219579518 Himachal Pradesh district Hamirpur1
- हमीरपुर के कोहली क्षेत्र से घर के बाहर खड़ा ट्रक चोरी, ऊना से लौटे चालक को नहीं मिला वाहन, पुलिस जांच में जुटी हमीरपुर सदर थाना हमीरपुर के तहत कोहली क्षेत्र से घर के बाहर खड़ा ट्रक चोरी होने का मामला सामने आया है। चालक की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ट्रक की तलाश के साथ-साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।पुलिस को दी शिकायत में गांव पंजाहली, डाकघर डुग्घा, तहसील व जिला हमीरपुर निवासी 37 वर्षीय विजय कुमार ने बताया कि वह ट्रक नंबर एचपी-67ए-4900 को बरमाणा में चलाता है। इस ट्रक के मालिक गांव व डाकघर कड़ोहता, तहसील भोरंज निवासी बचित्र सिंह हैं। विजय कुमार के अनुसार उन्होंने 30 जुलाई की शाम ट्रक को अपने घर के सामने कोहली क्षेत्र में खड़ा किया था। इसके बाद वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ ऊना चले गए। जब रात के दौरान वह घर पर नहीं थे, तभी किसी अज्ञात व्यक्ति ने ट्रक चोरी कर लिया।शुक्रवार को घर लौटने पर चालक को ट्रक अपनी जगह पर नहीं मिला। आसपास काफी तलाश करने के बाद भी वाहन का कोई सुराग नहीं लग सका। इसके बाद उन्होंने सदर थाना हमीरपुर पहुंचकर पुलिस को शिकायत दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि ट्रक की तलाश की जा रही है तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। मामले के हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है।1
- माता नीलासुरी मन्दिर हरिपुर मनाली गुणगान करते हुए मां दशमी वारदा भजन मंण्डली सेऊबाग4
- जिला की सबसे बड़ी भुंतर सब्जी मंडी में अव्यवस्थाओं का अंबार, व्यापारी और बागवान परेशान भुंतर, 31 जुलाई। प्रिंसिपल मार्केट यार्ड का दर्जा प्राप्त जिला की सबसे बड़ी भुंतर सब्जी मंडी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। मंडी परिसर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर, गंदगी से उठने वाली दुर्गंध, ट्रैफिक जाम, पार्किंग की कमी, आवारा पशुओं का आतंक तथा जर्जर शौचालय जैसी समस्याओं से व्यापारी, बागवान और स्थानीय लोग लंबे समय से जूझ रहे हैं। मंडी परिसर में ढाबा संचालित करने वाली कृष्णा ठाकुर ने बताया कि चारों ओर फैली गंदगी और कूड़े के ढेरों से दुर्गंध फैल रही है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में कारोबार करना भी कठिन हो गया है। उन्होंने मंडी प्रशासन से शीघ्र सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की। वहीं, वर्षों से पतलीकूहल क्षेत्र से अपने कृषि उत्पाद भुंतर सब्जी मंडी लाने वाले पदम सिंह ने कहा कि मंडी में ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि एपीएमसी के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, जिसका समुचित उपयोग कर पार्किंग की व्यवस्था विकसित की जा सकती है। साथ ही मंडी के पीछे से वैकल्पिक मार्ग का निर्माण कर यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मंडी परिसर में आवारा पशु भी लगातार घूमते रहते हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसके अतिरिक्त मंडी का शौचालय भी अत्यंत जर्जर अवस्था में है, जिसकी नियमित देखरेख नहीं होने से लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भुंतर सब्जी मंडी को प्रिंसिपल मार्केट यार्ड का दर्जा मिल चुका है और यहां से एपीएमसी को प्रतिवर्ष अच्छी-खासी आय भी प्राप्त होती है। इसके बावजूद आधारभूत सुविधाओं की कमी चिंता का विषय है। लोगों ने एपीएमसी प्रशासन से मंडी की सफाई व्यवस्था, पार्किंग, यातायात प्रबंधन, शौचालयों के रखरखाव तथा आवारा पशुओं की समस्या के स्थायी समाधान के लिए शीघ्र प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। वहीं एपीएमसी सचिव दीक्षित जरियाल ने कहना कि ट्रैफिक व्यवस्था के लिए मंडी में होमगार्ड की तैनात है। मंडी की सफाई कर कूड़े की गाड़ी प्रतिदिन शाम को कॉन्टैक्टर द्वारा उठाई जाती है। सब्जी मंडी के सार्वजनिक शौचालय की मरम्मत नियमानुसार की जाएगी । फिर भी सब्जी मंडी में किसी प्रकार की कोई कमी नजर आएगी तो उसे पूरा करने के प्रयास किए जाएंगे।2
- मणिमहेश कैलाश संगम संस्था हमीरपुर की बेड़ा तारने की रस्म श्रद्धापूर्वक सम्पन्न सुजानपुर प्रसिद्ध शक्तिपीठ कालीनाथ कालेश्वर महादेव मंदिर में मणिमहेश कैलाश संगम संस्था, हमीरपुर द्वारा पवित्र बेड़ा तारने की रस्म श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ सम्पन्न की गई। इस धार्मिक आयोजन में संस्था के पदाधिकारियों, विभिन्न शाखाओं के शाखा अध्यक्षों तथा बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने भाग लेकर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया।कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक विधि-विधान के साथ बेड़ा पूजन किया गया। इसके उपरांत श्रद्धालुओं ने सुसज्जित बेड़े को कंधों पर उठाकर धार्मिक शोभायात्रा निकाली। पूरे परिसर में "हर-हर महादेव" एवं "जय मणिमहेश" के जयघोष गूंजते रहे, जिससे वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो उठा।1
- पधर:- बच्चे के लिए एनएचएआई के इंजीनियर अंकित गिल बने फरिस्ता नवजात को बचाने के लिए लिया जोखिम, मार्ग बंद होते हुए भी पहुंचाया मंडी मंडी-पठानकोट मार्ग पर कोटरोपी में बन्द पड़े मार्ग के कारण यातायात प्रभावित था और अधिकारियों को मार्ग खोलने में देर होने की संभावना थी। मार्ग का वह हिस्सा हाल ही की बारिश से क्षतिग्रस्त होकर पूरी तरह जमींदोज हो गया था और बचा हुआ हिस्सा भी वाहनों के लिए बेहद जोखिम भरा था। इसी बीच जोगिंद्रनगर की ओर से एक नवजात शिशु के साथ एक परिवार रास्ता पार कर मंडी के लिए निकला, जहाँ बच्चे को चिकित्सकीय सलाह के साथ एक आपात ऑपरेशन की आवश्यकता थी। परिस्थिति को संवेदनशील समझते हुए एनएचएआई के साइड इंजीनियर अंकित गिल मौके पर पहुंचे। जब उन्होंने परिवार की आपात स्थिति सुनी तो आनन‑फानन अपनी टीम को आदेश दिए और अपनी गाड़ी उपलब्ध कराते हुए जोखिम उठाकर परिवार को सुरक्षित रूप से मंडी पहुँचया। अंकित गिल ने न केवल बच्चे का समय पर उपचार सुनिश्चित किया बल्कि तब तक कोटरोपी पर डटे रहे जब तक रात में मार्ग की बहाली का काम पूरा न हो सका। उन्होंने पूरी रात अपनी गाड़ी में रहकर जनरेटर के जरिए फ्लैस लाइट जलाकर इलाके पर निगरानी बनाए रखी ताकि किसी भी प्रकार का बड़ा नुकसान न हो। स्थानीय लोग और राहगीर अंकित गिल के इस साहस और मानवता भरे कदम की खुले दिल से प्रशंसा कर रहे हैं। उनके समय पर निर्णय और मानवीय संवेदना ने एक नवजात की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। एनएचएआई के इस साइड इंजीनियर ने सिर्फ अपना कर्तव्य ही नहीं निभाया, बल्कि समाज के लिए एक मिसाल भी कायम की है। बच्चे के माता पिता ने एनएचएआई साइड इंजीनियर अंकित गिल का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे इंसान ईश्वर सबको दे। वहीं एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेकर उमाकांत ने भी अंकित गिल की प्रशंसा की। पधर:- बच्चे के लिए एनएचएआई के इंजीनियर अंकित गिल बने फरिस्ता नवजात को बचाने के लिए लिया जोखिम, मार्ग बंद होते हुए भी पहुंचाया मंडी मंडी-पठानकोट मार्ग पर कोटरोपी में बन्द पड़े मार्ग के कारण यातायात प्रभावित था और अधिकारियों को मार्ग खोलने में देर होने की संभावना थी। मार्ग का वह हिस्सा हाल ही की बारिश से क्षतिग्रस्त होकर पूरी तरह जमींदोज हो गया था और बचा हुआ हिस्सा भी वाहनों के लिए बेहद जोखिम भरा था। इसी बीच जोगिंद्रनगर की ओर से एक नवजात शिशु के साथ एक परिवार रास्ता पार कर मंडी के लिए निकला, जहाँ बच्चे को चिकित्सकीय सलाह के साथ एक आपात ऑपरेशन की आवश्यकता थी। परिस्थिति को संवेदनशील समझते हुए एनएचएआई के साइड इंजीनियर अंकित गिल मौके पर पहुंचे। जब उन्होंने परिवार की आपात स्थिति सुनी तो आनन‑फानन अपनी टीम को आदेश दिए और अपनी गाड़ी उपलब्ध कराते हुए जोखिम उठाकर परिवार को सुरक्षित रूप से मंडी पहुँचया। अंकित गिल ने न केवल बच्चे का समय पर उपचार सुनिश्चित किया बल्कि तब तक कोटरोपी पर डटे रहे जब तक रात में मार्ग की बहाली का काम पूरा न हो सका। उन्होंने पूरी रात अपनी गाड़ी में रहकर जनरेटर के जरिए फ्लैस लाइट जलाकर इलाके पर निगरानी बनाए रखी ताकि किसी भी प्रकार का बड़ा नुकसान न हो। स्थानीय लोग और राहगीर अंकित गिल के इस साहस और मानवता भरे कदम की खुले दिल से प्रशंसा कर रहे हैं। उनके समय पर निर्णय और मानवीय संवेदना ने एक नवजात की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। एनएचएआई के इस साइड इंजीनियर ने सिर्फ अपना कर्तव्य ही नहीं निभाया, बल्कि समाज के लिए एक मिसाल भी कायम की है। बच्चे के माता पिता ने एनएचएआई साइड इंजीनियर अंकित गिल का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे इंसान ईश्वर सबको दे। वहीं एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेकर उमाकांत ने भी अंकित गिल की प्रशंसा की।1