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ग्राम पंचायत कारातला बहुत बारिश ओले बरसती खेती का बहुत नुक्सान

3 hrs ago
user_Netram B S P Netram Jatav B S P
Netram B S P Netram Jatav B S P
मुंगावली, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago

ग्राम पंचायत कारातला बहुत बारिश ओले बरसती खेती का बहुत नुक्सान

More news from Lalitpur and nearby areas
  • बेमौसम खराब मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। क्षेत्र में तेज गर्जना के साथ चली आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने रबी की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पाली ।पाली तहसील में बेमौसम खराब मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। क्षेत्र में तेज गर्जना के साथ चली आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने रबी की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें खेतों में बिछी फसलें और गिरते ओले साफ देखे जा सकते हैं। अचानक बदला मौसम, मची अफरा-तफरी शुक्रवार को दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। पहले तेज हवाएं चलीं, इसके बाद काले बादल छा गए और देखते ही देखते गरज-चमक के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में ओलावृष्टि होने लगी, जिससे खेतों में खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुईं। रबी फसल पर सबसे ज्यादा असर इस समय क्षेत्र में गेहूं, राई सहित अन्य रबी फसलें पकने की अवस्था में हैं। तेज हवा और ओलों के कारण फसलें खेतों में गिर गईं, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है। कई किसानों ने बताया कि फसल कटाई के करीब थी, ऐसे में यह नुकसान उनके लिए बड़ा झटका है। फलदार पेड़ों को भी नुकसान केवल अनाज ही नहीं, बल्कि आम और जामुन जैसे फलदार पेड़ों को भी इस बेमौसम मार का सामना करना पड़ा है। तेज हवा और ओलों की वजह से पेड़ों पर लगे कच्चे फल टूटकर गिर गए, जिससे आने वाले सीजन की पैदावार प्रभावित हो सकती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो घटना के कई वीडियो स्थानीय लोगों द्वारा मोबाइल में रिकॉर्ड किए गए, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में ओलों की तेज बौछार, हवा की रफ्तार और खेतों में बिछी फसलें साफ देखी जा सकती हैं। किसानों ने जताई चिंता स्थानीय किसानों का कहना है कि इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। उन्होंने प्रशासन से सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। प्रशासन से मदद की उम्मीद किसान अब जिला प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। यदि जल्द सर्वे कर नुकसान का आकलन किया जाता है, तो प्रभावित किसानों को राहत मिल सकती है। इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने एक बार फिर मौसम की अनिश्चितता को उजागर कर दिया है, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
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    बेमौसम खराब मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। क्षेत्र में तेज गर्जना के साथ चली आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने रबी की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पाली ।पाली तहसील में बेमौसम खराब मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। क्षेत्र में तेज गर्जना के साथ चली आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने रबी की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें खेतों में बिछी फसलें और गिरते ओले साफ देखे जा सकते हैं।
अचानक बदला मौसम, मची अफरा-तफरी
शुक्रवार को दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। पहले तेज हवाएं चलीं, इसके बाद काले बादल छा गए और देखते ही देखते गरज-चमक के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में ओलावृष्टि होने लगी, जिससे खेतों में खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुईं।
रबी फसल पर सबसे ज्यादा असर
इस समय क्षेत्र में गेहूं, राई सहित अन्य रबी फसलें पकने की अवस्था में हैं। तेज हवा और ओलों के कारण फसलें खेतों में गिर गईं, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है। कई किसानों ने बताया कि फसल कटाई के करीब थी, ऐसे में यह नुकसान उनके लिए बड़ा झटका है।
फलदार पेड़ों को भी नुकसान
केवल अनाज ही नहीं, बल्कि आम और जामुन जैसे फलदार पेड़ों को भी इस बेमौसम मार का सामना करना पड़ा है। तेज हवा और ओलों की वजह से पेड़ों पर लगे कच्चे फल टूटकर गिर गए, जिससे आने वाले सीजन की पैदावार प्रभावित हो सकती है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
घटना के कई वीडियो स्थानीय लोगों द्वारा मोबाइल में रिकॉर्ड किए गए, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में ओलों की तेज बौछार, हवा की रफ्तार और खेतों में बिछी फसलें साफ देखी जा सकती हैं।
किसानों ने जताई चिंता
स्थानीय किसानों का कहना है कि इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। उन्होंने प्रशासन से सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
प्रशासन से मदद की उम्मीद
किसान अब जिला प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। यदि जल्द सर्वे कर नुकसान का आकलन किया जाता है, तो प्रभावित किसानों को राहत मिल सकती है।
इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने एक बार फिर मौसम की अनिश्चितता को उजागर कर दिया है, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
    user_बुंदेलखंड LIVE TV
    बुंदेलखंड LIVE TV
    DS Automobiles dealer Pali, Lalitpur•
    3 hrs ago
  • *रमजान में बन रहा खास संयोग 26 साल बाद अदा होंगे दो जुमा अलविदा की नमाज* *ईदगाह पर रोजा इफ्तार का इंतजाम किया गया जिसमें हजारों की तादाद में रोजदार शामिल हुए* चंदेरी/अशोकनगर चांद की स्थिति के अनुसार इस साल रमजान के महीने में खास संयोग बन गया है इसमें पांच जुमे पड़े हैं इस वजह से रमजान के आखिरी दिनों में दो जुम्मे को अलविदा जुमे के रूप में नमाज अदा की जा रही है। आज़ दिनांक 19 मार्च को रमजान के 29वे रोज़े पर उम्मीद लगाई जा रही थी कि आज चांद के दीदार होंगे पर चांद का ऐसा संयोग इस वर्ष माहे रमजान में खास संयोग बनता दिखाई दिया ऐसा मौका आया जब रमजान में दो अलविदा जुम्मा की नमाज अदा की जाएंगी।हर पांच साल बाद ऐसा ही संयोग बनता है जब रमजान मुबारक में पांच जुम्मे पड़ते पर ऐसा संयोग 26 साल बाद हो रहा है जब अलविदा जुम्मा की नमाज़ अदा की जाएंगी। *रोजा इफ्तार का इंतजाम किया गया* आज़ शहर चंदेरी में सभी लोगों ने चांद देखने की कौशिश की पर चांद नजर नहीं आया इस मौके पर ईदगाह पर रोजा इफ्तार का इंतजाम किया गया था जिसमें हजारों रोजदार शामिल हुए और रोज़ा इफ्तार किया चांद भी देखा गया पर कहीं नजर नहीं आया।कल अलविदा के जुमे की नमाज अदा की जाएगी। यह अलविदा का जुमा उन बदनसीब लोगों के लिए खुशी लेकर आया जिनका पिछला अलविदा का जुमा छूट गया था वो लोग बहुत खुश नजर आ रहे हैं। बाद नमाज़ मगरिब के जामा मस्जिद के शाही पेश इमाम हाफिज काजी अब्दुल रशीद साहब ने ऐलान किया कि चांद कहीं नजर नहीं आया *क्या कहा शाही पेश इमाम ने* *आज़ चांद कहीं नजर नहीं आया इसलिए इंशाअल्लाह कल आखिरी रोजा और इंशाअल्लाह पूरे तीस रोज़े मुकम्मल होंगे और कल अलविदा के जुमे की नमाज अदा की जाएंगी* *हाफिज अब्दुल रशीद साहब* *शाही पेश इमाम जामा मस्जिद शहर काजी चंदेरी*
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    *रमजान में बन रहा खास संयोग 26 साल बाद अदा होंगे दो जुमा अलविदा की नमाज*
*ईदगाह पर रोजा इफ्तार का इंतजाम किया गया जिसमें हजारों की तादाद में रोजदार शामिल हुए*
चंदेरी/अशोकनगर चांद की स्थिति के अनुसार इस साल रमजान के महीने में खास संयोग बन गया है इसमें पांच जुमे पड़े हैं इस वजह से रमजान के आखिरी दिनों में दो जुम्मे को अलविदा जुमे के रूप में नमाज अदा की जा रही है।
आज़ दिनांक 19 मार्च को रमजान के 29वे रोज़े पर उम्मीद लगाई जा रही थी कि आज चांद के दीदार होंगे पर चांद का ऐसा संयोग इस वर्ष माहे रमजान में खास संयोग बनता दिखाई दिया  ऐसा मौका आया जब रमजान में दो अलविदा जुम्मा की नमाज अदा की जाएंगी।हर पांच साल बाद ऐसा ही संयोग बनता है जब रमजान मुबारक में पांच जुम्मे पड़ते पर ऐसा संयोग 26 साल बाद हो रहा है जब अलविदा जुम्मा की नमाज़ अदा की जाएंगी।
*रोजा इफ्तार का इंतजाम किया गया*
आज़ शहर चंदेरी में सभी लोगों ने चांद देखने की कौशिश की पर चांद नजर नहीं आया इस मौके पर ईदगाह पर रोजा इफ्तार का इंतजाम किया गया था जिसमें हजारों रोजदार शामिल हुए और रोज़ा इफ्तार किया चांद भी देखा गया पर कहीं नजर नहीं आया।कल अलविदा के जुमे की नमाज अदा की जाएगी। यह अलविदा का जुमा उन बदनसीब लोगों के लिए खुशी लेकर आया जिनका पिछला अलविदा का जुमा छूट गया था वो लोग बहुत खुश नजर आ रहे हैं।
बाद नमाज़ मगरिब के जामा मस्जिद के शाही पेश इमाम हाफिज काजी अब्दुल रशीद साहब ने ऐलान किया कि चांद कहीं नजर नहीं आया 
*क्या कहा शाही पेश इमाम ने*
*आज़ चांद कहीं नजर नहीं आया इसलिए इंशाअल्लाह कल आखिरी रोजा और इंशाअल्लाह पूरे तीस रोज़े मुकम्मल होंगे और कल अलविदा के जुमे की नमाज अदा की जाएंगी*
*हाफिज अब्दुल रशीद साहब*
*शाही पेश इमाम जामा मस्जिद शहर काजी चंदेरी*
    user_Anis ulla khan chanderi
    Anis ulla khan chanderi
    चंदेरी, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • बुंदेलखण्ड #झाँसी के बबीना फील्ड फायरिंग रेंज में 12 दिवसीय सैन्य अभ्यास 'अमोध ज्वाला' का बुधवार को समापन हो गया। इसमें आधुनिक युद्ध तकनीकों के परीक्षण के साथ थल और वायु सेना के संयुक्त ऑपरेशन का प्रदर्शन हुआ। सेना ने लड़ाकू हेलीकॉप्टरों, टैंक, ड्रोन, मानव रहित हवाई प्रणाली की मदद से अपना पराक्रम दिखाया। जवाबी ड्रोन सिस्टम के साथ मजबूत एयर डिफेंस को भी परखा गया। सैन्य अभ्यास 6 मार्च से 18 मार्च तक चला। बबीना फील्ड फायरिंग रेंज में 6 मार्च को अमोध ज्वाला सैन्य अभ्यास शुरू हुआ। 18 मार्च तक चले सैन्य अभ्यास में भारतीय सेना की दक्षिणी कमान ने हिस्सा लिया। जिसमें नई परिचालन अवधारणा, बल संरचना समेत उसके प्रोटोकॉल की विभिन्न श्रेणियों का परीक्षण किया गया। सैन्य अभ्यास में यूएएस ड्रोन एवं जवाबी यूएएस अभियान के लिए हवाई क्षेत्र प्रबंधन को शामिल किया गया। इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर, एयर डिफेंस और रात्रि युद्ध क्षमता के साथ खुफिया, निगरानी और टोही संसाधनों के प्रभावी समन्वय को परखा गया। आखिरी दिन सभी के बीच तालमेल का परीक्षण हुआ। सेना के सीनियर अफसरों ने जायजा लिया दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ समेत अन्य वरिष्ठ सैन्य अफसर भी अभ्यास सत्र के दौरान मौजूद रहे। उन्होंने सैनिकों को उनकी दक्षता एवं युद्ध तत्परता के लिए बधाई दी। सैन्य अफसरों ने युद्ध मैदान के बदलते परिदृश्य को देखते हुए तकनीकी के इस्तेमाल पर जोर देते हुए कहा कि तकनीकी के साथ थल, वायु, साइबर, अंतरिक्ष, खुफिया निगरानी एवं टोही (आईएसआर) तथा इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (ईडब्ल्यू) क्षमताओं का समन्वित उपयोग करने की जरूरत है। #हिन्दी_खबर #हिन्दी_न्यूज #viralpost #latestnews #upnews #झाँसी @Jaybajnibabakhadowara subscribe/share करें
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    बुंदेलखण्ड #झाँसी के बबीना फील्ड फायरिंग रेंज में 12 दिवसीय सैन्य अभ्यास 'अमोध ज्वाला' का बुधवार को समापन हो गया। इसमें आधुनिक युद्ध तकनीकों के परीक्षण के साथ थल और वायु सेना के संयुक्त ऑपरेशन का प्रदर्शन हुआ।
सेना ने लड़ाकू हेलीकॉप्टरों, टैंक, ड्रोन, मानव रहित हवाई प्रणाली की मदद से अपना पराक्रम दिखाया। जवाबी ड्रोन सिस्टम के साथ मजबूत एयर डिफेंस को भी परखा गया।
सैन्य अभ्यास 6 मार्च से 18 मार्च तक चला।
बबीना फील्ड फायरिंग रेंज में 6 मार्च को अमोध ज्वाला सैन्य अभ्यास शुरू हुआ। 18 मार्च तक चले सैन्य अभ्यास में भारतीय सेना की दक्षिणी कमान ने हिस्सा लिया। जिसमें नई परिचालन अवधारणा, बल संरचना समेत उसके प्रोटोकॉल की विभिन्न श्रेणियों का परीक्षण किया गया।
सैन्य अभ्यास में यूएएस ड्रोन एवं जवाबी यूएएस अभियान के लिए हवाई क्षेत्र प्रबंधन को शामिल किया गया। इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर, एयर डिफेंस और रात्रि युद्ध क्षमता के साथ खुफिया, निगरानी और टोही संसाधनों के प्रभावी समन्वय को परखा गया। आखिरी दिन सभी के बीच तालमेल का परीक्षण हुआ।
सेना के सीनियर अफसरों ने जायजा लिया
दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ समेत अन्य वरिष्ठ सैन्य अफसर भी अभ्यास सत्र के दौरान मौजूद रहे। उन्होंने सैनिकों को उनकी दक्षता एवं युद्ध तत्परता के लिए बधाई दी। सैन्य अफसरों ने युद्ध मैदान के बदलते परिदृश्य को देखते हुए तकनीकी के इस्तेमाल पर जोर देते हुए कहा कि तकनीकी के साथ थल, वायु, साइबर, अंतरिक्ष, खुफिया निगरानी एवं टोही (आईएसआर) तथा इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (ईडब्ल्यू) क्षमताओं का समन्वित उपयोग करने की जरूरत है।
#हिन्दी_खबर #हिन्दी_न्यूज #viralpost #latestnews 
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    user_जय बजनी बाबा खडोवरा
    जय बजनी बाबा खडोवरा
    Local News Reporter ललितपुर, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • today news | साइबर क्राइम के तहत 1.25 की ठगी का मामला #ब्रेकिंग न्यूज
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    today news | साइबर क्राइम के तहत 1.25 की ठगी का मामला #ब्रेकिंग न्यूज
    user_Ravindra
    Ravindra
    Singer अशोकनगर, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • सुबह मॉर्निंग में निकली वह के लिए महिला के साथ लूटपाट दो युवक स्वरों ने लूट
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    सुबह मॉर्निंग में निकली वह के लिए महिला के साथ लूटपाट दो युवक स्वरों ने लूट
    user_Seetaram nayak
    Seetaram nayak
    आरौन, गुना, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • Post by Rajendra kushwaha jee
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    Post by Rajendra kushwaha jee
    user_Rajendra kushwaha jee
    Rajendra kushwaha jee
    महरौनी, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • लोकेशन :- बीना रिपोर्टर राकेश सेन बीना :- बीना में आस्था और विश्वास का केंद्र कटरा सरकार पर भक्तों का तांता लगा रहता है। जहां पर अखंड रामायण पाठ चल रहा है। श्री अखण्ड रामचरित मानस पाठ के सदस्य आनंद योगी ने बताया कि कटरा मंदिर प्रांगण में चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व (हिन्दू नववर्ष) पर श्री अखण्ड रामचरित मानस पाठ का आयोजन श्री कटरा स्वामी जी की प्रेरणा से दिनांक 19 मार्च गुरुवार से शुभारंभ होकर दिनाँक 29 मार्च 2026, रविवार की विश्राम, हवन एवं पूर्णाहुति है। जिसमें सभी भक्त आमंत्रित हैं अपना अमूल समय देकर धर्म लाभ उठाएं ।एवं ।। मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवेंउ सो दसरथ अजिर बिहारी ।। महाबीर बिनवउँ हनुमाना। राम जासु जस आप बखाना ।। "विशेष" दिनाँक 02 अप्रैल 2026, गुरुवार श्री हनुमान प्राकट्‌योत्सव (जन्मोत्सव) महाआरती : प्रातः 6 बजे एवं शाम 7 बजे श्री सुन्दर काण्ड पाठ : सुबह 8 बजे से प्रारंभ
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    लोकेशन :- बीना 
रिपोर्टर राकेश सेन
बीना :- बीना में आस्था और विश्वास का केंद्र कटरा सरकार पर भक्तों का तांता लगा रहता है। जहां पर अखंड रामायण पाठ चल रहा है। 
श्री अखण्ड रामचरित मानस पाठ के सदस्य आनंद योगी ने बताया कि कटरा मंदिर प्रांगण में चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व (हिन्दू नववर्ष) पर श्री अखण्ड रामचरित मानस पाठ का आयोजन श्री कटरा स्वामी जी की प्रेरणा से दिनांक 19 मार्च गुरुवार से शुभारंभ होकर दिनाँक 29 मार्च 2026, रविवार की विश्राम, हवन एवं पूर्णाहुति है। जिसमें सभी भक्त आमंत्रित हैं अपना अमूल समय देकर धर्म लाभ उठाएं ।एवं 
।। मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवेंउ सो दसरथ अजिर बिहारी ।। महाबीर बिनवउँ हनुमाना। राम जासु जस आप बखाना ।।
"विशेष" दिनाँक 02 अप्रैल 2026, गुरुवार श्री हनुमान प्राकट्‌योत्सव (जन्मोत्सव) महाआरती : प्रातः 6 बजे एवं शाम 7 बजे श्री सुन्दर काण्ड पाठ : सुबह 8 बजे से प्रारंभ
    user_Rakesh sen
    Rakesh sen
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • बेमौसम बारिश ने खेतों में खड़ी और कटी फसलों को भारी नुकसान पाली। पाली में शुक्रवार दोपहर अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दीं। तेज आंधी के साथ करीब आधे घंटे तक हुई बेमौसम बारिश ने खेतों में खड़ी और कटी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। जानकारी के अनुसार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और देखते ही देखते आसमान में काले बादल छा गए। इसके बाद तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इस अप्रत्याशित बारिश से सबसे ज्यादा असर उन किसानों पर पड़ा, जिनकी फसल कटाई के अंतिम चरण में थी या कटकर खेतों में पड़ी थी। किसानों ने बताया कि गेहूं, चना और सरसों जैसी रबी फसलें इस समय पूरी तरह पक चुकी हैं। कई जगहों पर कटाई भी हो चुकी थी और फसल को सुखाने के लिए खेतों में ही रखा गया था। अचानक हुई बारिश से यह फसल भीग गई, जिससे दानों के खराब होने और फसल के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। वहीं, खड़ी फसलें तेज हवा और पानी के कारण खेतों में गिर गईं, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ने की आशंका है। ग्रामीण क्षेत्रों से मिली सूचनाओं के अनुसार कई किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। फसल की गुणवत्ता खराब होने पर बाजार में उचित दाम मिलने की संभावना भी कम हो जाती है, जिससे किसानों की आय प्रभावित होगी। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बेमौसम बारिश रबी फसलों के लिए बेहद नुकसानदायक होती है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि मौसम साफ होते ही फसल को जल्द से जल्द सुखाने की व्यवस्था करें, ताकि नुकसान को कुछ हद तक कम किया जा सके। मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि बदलती जलवायु परिस्थितियां किसानों के लिए नई चुनौतियां लेकर आ रही हैं, जिनसे निपटने के लिए दीर्घकालिक रणनीति की आवश्यकता है।
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    बेमौसम बारिश ने खेतों में खड़ी और कटी फसलों को भारी नुकसान
पाली। पाली में शुक्रवार दोपहर अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दीं। तेज आंधी के साथ करीब आधे घंटे तक हुई बेमौसम बारिश ने खेतों में खड़ी और कटी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
जानकारी के अनुसार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और देखते ही देखते आसमान में काले बादल छा गए। इसके बाद तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इस अप्रत्याशित बारिश से सबसे ज्यादा असर उन किसानों पर पड़ा, जिनकी फसल कटाई के अंतिम चरण में थी या कटकर खेतों में पड़ी थी।
किसानों ने बताया कि गेहूं, चना और सरसों जैसी रबी फसलें इस समय पूरी तरह पक चुकी हैं। कई जगहों पर कटाई भी हो चुकी थी और फसल को सुखाने के लिए खेतों में ही रखा गया था। अचानक हुई बारिश से यह फसल भीग गई, जिससे दानों के खराब होने और फसल के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। वहीं, खड़ी फसलें तेज हवा और पानी के कारण खेतों में गिर गईं, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।
ग्रामीण क्षेत्रों से मिली सूचनाओं के अनुसार कई किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। फसल की गुणवत्ता खराब होने पर बाजार में उचित दाम मिलने की संभावना भी कम हो जाती है, जिससे किसानों की आय प्रभावित होगी।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बेमौसम बारिश रबी फसलों के लिए बेहद नुकसानदायक होती है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि मौसम साफ होते ही फसल को जल्द से जल्द सुखाने की व्यवस्था करें, ताकि नुकसान को कुछ हद तक कम किया जा सके।
मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि बदलती जलवायु परिस्थितियां किसानों के लिए नई चुनौतियां लेकर आ रही हैं, जिनसे निपटने के लिए दीर्घकालिक रणनीति की आवश्यकता है।
    user_बुंदेलखंड LIVE TV
    बुंदेलखंड LIVE TV
    DS Automobiles dealer Pali, Lalitpur•
    3 hrs ago
  • Chita ki lakdiyon ke kevla se banai ja rahi hai agarbatti is sandrbh mein aap logon ka kya kahana hai
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    Chita ki lakdiyon ke kevla se banai ja rahi hai agarbatti is sandrbh mein aap logon ka kya kahana hai
    user_Tejsingh lodhi
    Tejsingh lodhi
    राहतगढ़, सागर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
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