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सामने आए एक बयान के अनुसार, लोगों का कहना है कि वे स्वयं झाड़ू लगाकर कचरा वहीं खत्म करवा देंगे। इस बात से यह संदेश दिया गया है कि लोग अपनी सुविधा के अनुसार कचरा निस्तारण का काम वहीं निपटा देंगे।
Dinesh dinesh
सामने आए एक बयान के अनुसार, लोगों का कहना है कि वे स्वयं झाड़ू लगाकर कचरा वहीं खत्म करवा देंगे। इस बात से यह संदेश दिया गया है कि लोग अपनी सुविधा के अनुसार कचरा निस्तारण का काम वहीं निपटा देंगे।
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- सामने आए एक बयान के अनुसार, लोगों का कहना है कि वे स्वयं झाड़ू लगाकर कचरा वहीं खत्म करवा देंगे। इस बात से यह संदेश दिया गया है कि लोग अपनी सुविधा के अनुसार कचरा निस्तारण का काम वहीं निपटा देंगे।1
- आलमपुर में कामांक्षा देवी मंदिर में चोरी की घटना सामने आई थी, जिसके बाद पूर्व विधायक डॉ. गोविंद सिंह ने इस मामले पर अल्टीमेटम दिया था। इसी बीच, आलमपुर स्थित मां गेथरी माता मंदिर के पास से बिजली के तार भी चोरी हो गए हैं, जिनकी कीमत लगभग 1.80 लाख रुपए बताई जा रही है।1
- महाराष्ट्र के अंतर्गत एक गोल्ड माइनिंग कंपनी के मालिक श्री रोहित पिसल जी ने शहर में अपना प्रथम आगमन किया। इस अवसर पर उन्होंने लोगों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस बहुजन भाईचारा महापंचायत का आयोजन राष्ट्र माता सावित्री भाई फुले शिक्षा प्रसार समिति के अध्यक्ष श्री कुंवर सिंह चौधरी ने किया था।1
- जालौन क्षेत्र में चोरी की लगातार बढ़ती घटनाओं ने आमजन की चिंता बढ़ा दी है, जहाँ कोतवाली क्षेत्र के ग्राम औरेखी में बीती रात अज्ञात चोरों ने एक घर को निशाना बनाया। चोर प्रताप कुशवाहा के घर से सोने-चांदी के जेवरात, ₹50 हजार नकद समेत करीब ₹3 लाख मूल्य का सामान चोरी कर फरार हो गए। सुबह परिवार को चोरी का पता चलने पर उनके होश उड़ गए और सूचना फैलते ही ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई, जिससे गांव में दहशत फैल गई और लोगों में पुलिस व्यवस्था को लेकर नाराजगी भी देखने को मिली। यह कोई अकेली घटना नहीं है; जालौन क्षेत्र में लगातार चोरी की कई वारदातें सामने आ रही हैं, जिनमें अब तक कोई खुलासा नहीं हो पाया है। इनमें उरई रोड पर एक फौजी के घर से हुई ₹35 लाख की चोरी, लोना रोड पर आँशु गुप्ता और नहर कोठी के पास मुस्तकीम के यहाँ लाखों की चोरियां शामिल हैं, जहाँ चोर कैमरे में कैद होने के बावजूद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर पाई है। इसके अतिरिक्त, एक वकील के घर लाखों की चोरी, इरिक्शा और उसकी बैटरी, जनरेटर, किराना दुकान से हजारों की चोरी, और शादी वाले घर से तीन मोबाइल तथा एक बाइक चोरी जैसी वारदातें हुई हैं, जिनमें से कई मामलों की तो FIR तक दर्ज नहीं की गई है। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि चोर बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं और पुलिस इन लगातार हो रही घटनाओं का खुलासा करने में नाकाम साबित हुई है, जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है और उनका भरोसा सुरक्षा व्यवस्था पर से उठ रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने, चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए तथा आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। हालांकि, लगातार बढ़ती इन वारदातों ने जालौन की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे साफ है कि जालौन कोतवाली पुलिस चौकी का चोरों को कोई डर नहीं है।3
- गली के ठीक बीच में एक डिवाइडर बनाया गया है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को वहां से आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।1
- मध्य प्रदेश के भिंड जिले में स्वास्थ्य विभाग के मुखिया का एक अजीबोगरीब आदेश इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. जे.एस. यादव का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लोग स्वास्थ्य विभाग का 'तुगलकी फरमान' बता रहे हैं। इस वीडियो में सीएमएचओ आवक-जावक शाखा को लेकर एक ऐसा अनोखा नियम बताते नजर आ रहे हैं, जो सरकारी नियमों के बिल्कुल उलट है। आमतौर पर किसी भी सरकारी कार्यालय की आवक-जावक शाखा में कोई भी नागरिक या कर्मचारी अपनी शिकायत, आवेदन या सामान्य पत्र बिना किसी रोक-टोक के जमा कर सकता है और उसकी पावती ले सकता है, जिसके लिए किसी अधिकारी की पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होती। हालांकि, वायरल वीडियो में सीएमएचओ डॉ. जे.एस. यादव साफ तौर पर कह रहे हैं कि आवक-जावक शाखा में उनकी अनुमति के बिना कोई भी पत्र या आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनके इस नए नियम के मुताबिक, अब कार्यालय में कोई भी आवेदन देने से पहले उसे खुद सीएमएचओ से 'मार्क' (Approve) कराना अनिवार्य होगा। वायरल हो रहे इस वीडियो में डॉ. जे.एस. यादव अपने इस अजीबोगरीब फरमान के पक्ष में नाना प्रकार के तर्क देते और अपनी मर्जी चलाते दिखाई दे रहे हैं। जानकारों का कहना है कि शासकीय कार्यप्रणाली के तहत आवक-जावक शाखा जनता और प्रशासन के बीच की एक पारदर्शी कड़ी होती है, और यदि वहां भी आवेदन जमा करने के लिए मुखिया की अनुमति अनिवार्य कर दी जाएगी, तो पीड़ित व्यक्ति अपनी शिकायत आसानी से दर्ज नहीं करा पाएगा। इसे सीधे तौर पर जनता की आवाज दबाने और तानाशाही रवैया अपनाने का प्रयास माना जा रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। अब देखना यह होगा कि इस वायरल वीडियो और अधिकारी के इस कथित 'फरमान' पर वरिष्ठ अधिकारी क्या संज्ञान लेते हैं।1
- सीधी जिले के बहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गजरही में रविवार शाम करीब 4 बजे रेलवे विभाग ने अतिक्रमण हटाने के लिए एक बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान रेलवे अधिकारियों और ठेकेदार की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर रेलवे भूमि पर बने कई मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों ने इसका विरोध भी जताया, लेकिन प्रशासन और रेलवे अधिकारियों की उपस्थिति में अभियान जारी रहा, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। मकान टूटने से कई परिवार बेघर हो गए हैं। प्रभावित परिवारों ने बताया कि बरसात का मौसम शुरू होने से ठीक पहले उनके सिर से छत छिन गई है, जिससे उनके सामने रहने और अपने परिवार के पालन-पोषण की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। महिलाओं और बच्चों सहित कई लोगों को अपने सामान को बचाने की कोशिश करते देखा गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इन बेघर हुए परिवारों के लिए पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है। उनका कहना है कि वर्षों से यहां निवास कर रहे परिवारों को उचित व्यवस्था दिए बिना हटाए जाने से बड़ी परेशानी उत्पन्न हो गई है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई रेलवे भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए की गई है और इसे संबंधित प्रक्रिया के तहत अंजाम दिया गया है। बरसात से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई के बाद कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। अब लोगों की नजर प्रशासन और रेलवे विभाग की आगामी व्यवस्था पर टिकी हुई है।1