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लातेहार जिला टॉपर रूपाली राज बनना चाहती है आईएएस ऑफिसर लिए जाने क्या कहा रूपाली राज ने
Nihit Kumar
लातेहार जिला टॉपर रूपाली राज बनना चाहती है आईएएस ऑफिसर लिए जाने क्या कहा रूपाली राज ने
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- लिए जाने क्या कहा रूपाली राज ने1
- गारु प्रखंड मुख्यालय में लंबे समय से बंद पड़ा मुख्यमंत्री दाल भात योजना की दुकान विगत दो दिनों से लगातार खोली जा रही है उक्त जानकारी प्रखंड विकास पदाधिकारी अभय कुमार ने दिया। लातेहार जिला अंतर्गत सुदूरवर्ती एवं अनुसूचित जनजाति बहुल गारु प्रखंड मुख्यालय में विगत कई महीनो से झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री दाल भात योजना की दुकान बंद पड़ी हुई थी । जिसकी जानकारी स्थानीय लोगों ने बंद पड़ी दुकान का फोटो साझा करते हुए उप विकास आयुक्त लातेहार सैयद रियाज अहमद को सोशल अकाउंट के माध्यम से शिकायत किया था। मामले पर संज्ञान लेते हुए श्री अहमद ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को अभिलंब यह निर्देश दिया था कि मामले की जांच करते हुए अभिलंब दुकान खुलवाने का प्रयास किया जाए , साथ ही जितने दिन दुकान बंद रही और पूर्व में खोली गई सारा का अद्यतन रिपोर्ट बनाकर विभाग को समर्पित करने का निर्देश दिया था । वही मामले पर प्रखंड विकास पदाधिकारी अभय कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री दाल भात योजना सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है इस बात में कोई दो राय नहीं है , इस योजना के तहत अमीर गरीब कोई भी व्यक्ति मात्र ₹5 अदा कर दाल भात योजना का लाभ पा सकता है वही बताया कि कुछ दिन दुकान बंद रही इसके लिए मुझे खेद है । वही बताया कि दुकान संचालक के द्वारा मांग की गई थी सुरक्षित स्थान दुकान खोलने के लिए दिया जाए , इस बात को ध्यान में रखते हुए धांगर टोला पंचायत भवन स्थित संचालक को स्थान आवंटित कर दिया गया है । वही गारू प्रखंड वासियों से अपील किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति गारु प्रखंड मुख्यालय किसी भी कार्य से आते हैं और उन्हें भूख लगने पर यदि यह महसूस होता है कि उनके पास रुपए का अभाव है तो वे मात्र ₹5 अदाकर धांगर टोला पंचायत भवन स्थित मुख्यमंत्री दाल भारत योजना का लाभ पा सकते हैं। साथी लोगों से यह भी अपील किया है कि यदि योजना का लाभ पाने में कोई परेशानी या दिक्कत होती है तो प्रखंड कार्यालय में शिकायत स्वयं मुझे करें।1
- हरियाणा की यह घटना दिल को झकझोर देने वाली है। एक नवजात बच्ची को सुनसान जगह में ठंड के मौसम में खुली बदन में छोड़ देना इतना जघन्य अपराध है। पास में एक कुत्तिया अपने बच्चों के साथ उस बच्ची को भी संरक्षण दे रही है, इसीलिए यह कहा जा रहा है कि मानवता अभी जिंदा है लेकिन इंसानों में नहीं बल्कि जानवरों में।1
- Post by AAM JANATA1
- पलामू और आसपास के इलाकों से जुड़ी आज की सभी अहम खबरें एक साथ… प्रशासनिक सख्ती से लेकर पुलिस की बड़ी कार्रवाई तक, राजनीति, हादसे, धर्म और खेल—हर अपडेट एक ही जगह… 👉 पूरी खबर देखें और जुड़े रहें जन संवाद न्यूज के साथ1
- *अगस्त माह से झारखंड आंदोलनकारी समन्वय समिति के बैनर तले शुरू किया जाएगा आर-पार की लड़ाई:क्रष्णा कुमार ठाकुर लोहरदगा: झारखंड आंदोलनकारी महासभा लोहरदगा जिला समिति की बैठक बुधवार को जिलाध्यक्ष अनिल कुमार भगत की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मुख्य रूप से केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष राजू महतो, प्रधान महासचिव मो. कय्यूम खान, संयोजिका विनीता खलखो, सीता उरांव, जिला संयोजक प्रो. विनोद भगत, आदि मौजूद थे। मौके पर केन्द्रीय अध्यक्ष राजू महतो ने अपने संबोधन में कहा कि वर्षों से अपने मांगों को लेकर झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन उनकी मांगों पर सरकार अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठायी है। उन्होंने कहा कि अगस्त माह क्रांति का माह है। आने वाले अगस्त में हमलोग झारखंड आंदोलनकारी समन्वय समिति के बैनर तले विभिन्न संगठनों के साथ मिल कर अंतिम लड़ाई लड़ेंगे और अपने उद्देश्यों में सफल होंगे। केन्द्रीय प्रधान महासचिव मो. कय्यूम खान ने कहा कि सरकार सभी आंदोलनकारियों समान रूप से सम्मान, नियोजन पेंशन समेत व्यवस्थाओं का लाभ देने की दिशा में ठोस कार्य करें। उन्होंने कहा कि कम से कम कि आदरणीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन मोडल लागू करें। जिला संयोजक प्रो. विनोद भगत ने कहा कि कुछ स्वार्थी तत्वों द्वारा आंदोलनकारियों को बरगला कर आर्थिक दोहन करने का प्रयास कर रहे हैं। उनसे सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि झारखंड के अमर पुरोधाओं के सपने को साकार करने, और अलग राज्य के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए संघर्ष तेज करने की आवश्यकता है। जिला अध्यक्ष अनिल कुमार भगत ने संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों के मामले को सरकार को जल्द से जल्द वार्ता कर निष्पादित करना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि आंदोलनकारियों से वार्ता करें और आंदोलनकारियों के लिए बनी नियमावली में संशोधन कर जेल जाने की बाध्यता समाप्त करें। जिला कार्यकारी अध्यक्ष अमर किन्डो ने संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार झारखंड आंदोलन की ही उपज है। सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द आंदोलनकारियों के हित में ठोस निर्णय लेकर वार्ता कर समस्याओं का समाधान करें। कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आंदोलनकारी के पुत्र होने का हक अदा करें। केन्द्रीय संयोजित विनिता खलखो ने कहा कि बिना किसी दबाव के जेल जाने की बाध्यता समाप्त करते हुए सभी झारखंड आंदोलनकारियों को समान रूप से मान-सम्मान, पहचान, नियोजन, पेंशन आदि के मामले को अविलंब निष्पादित करें। संबोधित करने वालों में सीता उरांव, जिला सचिव विशेषण भगत, बालोमुनी बखला, सुखदेव उरांव, उषा रानी लकड़ा, विजय कुमार विद्यार्थी, संचालन कृष्णा कुमार ठाकुर, शाहिद अहमद आदि शामिल थे। बैठक में चैतू मुंडा, गंगा उरांव, तारामनी मिंज, सुशीला लकड़ा, नगर रवि उरांव, ललिता भगत, विफई पाहन, सूरज मोहन लकड़ा, जगदीश उरांव आदि सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद थे। सर्व सहमति से अगली बैठक 20 मई बुधवार को रखी गई है।3
- बाज की शिकार करने की क्षमता दुनिया भर में मशहूर है, लेकिन उसकी सबसे बड़ी प्रेरणादायी विशेषता उसकी 'दृढ़ता और सटीकता' है। बाज जब पानी की गहराइयों में अपनी नजर गड़ाता है, तो उसे ऊपर से भी मछली की एक छोटी सी हरकत स्पष्ट दिखाई देती है। वह न तो लहरों के शोर से घबराता है और न ही पानी की गहराई से डरता है। जैसे ही उसे अवसर मिलता है, वह पूरी एकाग्रता के साथ गोता लगाता है और पानी के भीतर से भी अपने शिकार को सही सलामत बाहर निकाल लाता है।1
- 20 वर्षों से अधूरा आंगनबाड़ी केंद्र: स्कूल बरामदे में पढ़ने को मजबूर बच्चे, धूप में बनता है खाना लातेहार सदर प्रखंड की तरवाड़ीह पंचायत के ग्राम लुंडी में आंगनबाड़ी केंद्र की बदहाली बच्चों और ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। वर्ष 2007 में शुरू हुआ यह आंगनबाड़ी भवन आज तक अधूरा पड़ा है। भवन निर्माण अधूरा रहने के कारण आंगनबाड़ी की कक्षाएं पास के स्कूल के बरामदे में संचालित की जा रही हैं, जहां छोटे-छोटे बच्चों को बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। गर्मी के दिनों में यह स्थिति और भी कष्टदायक हो जाती है। ग्राम के निवासी सोन सहाय सिंह ने बताया कि लगभग 20 वर्षों से यह भवन अधूरा है। कई बार जिला स्तर से अधिकारी निरीक्षण करने आए, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि बच्चों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। आंगनबाड़ी में गैस सिलेंडर की व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण बच्चों का भोजन लकड़ी के चूल्हे पर बनाया जाता है। इससे न केवल समय अधिक लगता है, बल्कि धूप और धुएं के बीच खाना बनाने में सेविका और सहायिका को भी कठिनाई होती है। उन्होंने यह भी कहा कि भोजन स्कूल के बाहर खुले स्थान पर पकाया जाता है, जहां तेज धूप में खड़े रहना पड़ता है। इससे बच्चों और सेविकाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में यह समस्या और बढ़ जाती है, क्योंकि खुले में खाना बनाना और बच्चों को बैठाना मुश्किल हो जाता है। लातेहार उप प्रमुख राजकुमार प्रसाद ने बताया कि पंचायत समिति सदस्य और उप प्रमुख बनने के बाद उन्होंने कई बार पंचायत समिति की बैठकों में इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने सीडीपीओ को पत्र लिखकर भी स्थिति से अवगत कराया। सीडीपीओ की ओर से आश्वासन दिया गया कि मामले को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण में पढ़ाई और पोषण की सुविधा मिल सके।3