रियाँ बड़ी क्षेत्र के पुरोहितासनी स्थित जसोल माजीसा धाम में एक विशाल भजन संध्या और मेले का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में आसपास के गांवों सहित दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। देर रात तक चले कार्यक्रम में पूरा परिसर जयकारों और भजनों की गूंज से भक्तिमय बना रहा। रियाँ बड़ी क्षेत्र के पुरोहितासनी स्थित जसोल माजीसा धाम में एक विशाल भजन संध्या और मेले का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में आसपास के गांवों सहित दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। देर रात तक चले कार्यक्रम में पूरा परिसर जयकारों और भजनों की गूंज से भक्तिमय बना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद मंच पर भजन गायकों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। इनमें महावीर सांखला, श्री राजपुरोहित, बाल कलाकार रामराज, गुड़िया पंवार, गोविंद कुड़की, चंदन सिंह राजपुरोहित, पं. गजेंद्र शास्त्री लोहावट और पं. मोहित शास्त्री शामिल थे। उनके मधुर भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। इस अवसर पर मुख्य पुजारी सवाई सिंह राजपुरोहित, शंभू सिंह राजपुरोहित और गुरु मां पवन बाई सा उपस्थित रहीं। सैकड़ों भक्तों ने नृत्य-गान के साथ भक्ति का आनंद लिया। आयोजन समिति के अनुसार, यह मेला धाम की प्राचीन परंपरा का हिस्सा है, जिसका आयोजन हर वर्ष श्रद्धापूर्वक किया जाता है। कार्यक्रम में थान सिंह डोली (राजस्थान लोकतांत्रिक पार्टी), पुखराज ग्वाला, जितेंद्र सिंह डोली, सुमेर सिंह राजपुरोहित बिछु, पुख सा साकड़िया, लक्ष्मण सिंह बड़ली, राम सा घेवड़ा, जितेंद्र सिंह डोली और राजेंद्र बेरवाल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का प्रतीक बताया। गोरधन सिंह राजपुरोहित, कैलाश सिंह, रतन सिंह, नेमीचंद, सुरेश, नंद लाल, अशोक इंदौरा, सुनील प्रजापत, मूला राम माली और रामवतार माली सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थाएं संभालकर आयोजन को सफल बनाया। श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी और भोजन की उचित व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा और अन्य सभी व्यवस्थाएं सुचारु रहीं, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई। अंत में, उपस्थित श्रद्धालुओं ने धाम की खुशहाली और क्षेत्र की समृद्धि की कामना की। यह आयोजन धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने का एक सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ।
रियाँ बड़ी क्षेत्र के पुरोहितासनी स्थित जसोल माजीसा धाम में एक विशाल भजन संध्या और मेले का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में आसपास के गांवों सहित दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। देर रात तक चले कार्यक्रम में पूरा परिसर जयकारों और भजनों की गूंज से भक्तिमय बना रहा। रियाँ बड़ी क्षेत्र के पुरोहितासनी स्थित जसोल माजीसा धाम में एक विशाल भजन संध्या और मेले का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में आसपास के गांवों सहित दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। देर रात तक चले कार्यक्रम में पूरा परिसर जयकारों और भजनों की गूंज से भक्तिमय बना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद मंच पर भजन गायकों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। इनमें महावीर सांखला, श्री राजपुरोहित, बाल कलाकार रामराज, गुड़िया पंवार, गोविंद कुड़की, चंदन सिंह राजपुरोहित, पं. गजेंद्र शास्त्री लोहावट और पं. मोहित शास्त्री शामिल थे। उनके मधुर भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। इस अवसर पर मुख्य पुजारी सवाई सिंह राजपुरोहित, शंभू सिंह राजपुरोहित और गुरु मां पवन बाई सा उपस्थित रहीं। सैकड़ों भक्तों ने नृत्य-गान के साथ भक्ति का आनंद लिया। आयोजन समिति के अनुसार, यह मेला धाम की प्राचीन परंपरा का हिस्सा है, जिसका आयोजन हर वर्ष श्रद्धापूर्वक किया जाता है। कार्यक्रम में थान सिंह डोली (राजस्थान लोकतांत्रिक पार्टी), पुखराज ग्वाला, जितेंद्र सिंह डोली, सुमेर सिंह राजपुरोहित बिछु, पुख सा साकड़िया, लक्ष्मण सिंह बड़ली, राम सा घेवड़ा, जितेंद्र सिंह डोली और राजेंद्र बेरवाल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का प्रतीक बताया। गोरधन सिंह राजपुरोहित, कैलाश सिंह, रतन सिंह, नेमीचंद, सुरेश, नंद लाल, अशोक इंदौरा, सुनील प्रजापत, मूला राम माली और रामवतार माली सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थाएं संभालकर आयोजन को सफल बनाया। श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी और भोजन की उचित व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा और अन्य सभी व्यवस्थाएं सुचारु रहीं, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई। अंत में, उपस्थित श्रद्धालुओं ने धाम की खुशहाली और क्षेत्र की समृद्धि की कामना की। यह आयोजन धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने का एक सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ।
- * आगामी जनगणना 2027 को लेकर नागौर जिला कलक्टर का संदेश * नागौर जिला कलक्टर देवेन्द्र कुमार ने आगामी जनगणना 2027 के तहत जिले के सभी नागरिकों से स्व-गणना (Self Enumeration) में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की है। उन्होंन कहा कि जनगणना देश की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसस े विकास योजनाओं और सरकारी नीतियों का सही निर्धारण होता है। सभी नागरिक निर्धारित समय पर सही और पूर्ण जानकारी देकर प्रशासन का सहयोग करें। स्व-गणना के माध्यम से नागरिक स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं, जिसस प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल बनेगी। आइए, जिम्मेदार नागरिक बनकर जनगणना 2027 को सफल बनाएं। #Nagaur #Census2027 #JanGananna #DistrictCollector #Rajasthan1
- *कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने ली उपखंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक, प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश* नागौर : 01 मई 2026 : जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को उपखंड अधिकारी एवं तहसीलदार अधिकारी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा करी एवं आवश्यक निर्देश दिए, उन्होंने राजस्व,एडीएम कोर्ट, जिला राजस्व लेखा, निर्वाचन, सामान्य तथा विधि अनुभागों से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करी । कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने राजस्व अनुभाग के अंतर्गत भूमि आवंटन, बजट घोषणा 2026-27 के तहत आवंटन प्रकरण, भूमि परिवर्तन, अतिक्रमण, लीज हस्तांतरण/नवीनीकरण तथा रास्ता खोलो अभियान जैसे विषयों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही विधानसभा प्रश्नों से जुड़े मामलों के निस्तारण के लिए भी निर्देश दिए । बैठक में कलेक्टर कुमार ने कोर्ट अनुभाग में कोर्ट केसों की प्रगति, राजस्व अपीलों के लंबित प्रकरण, विभाजन प्रस्ताव, प्राथमिक एवं अंतिम डिक्री से जुड़े मामलों तथा विभिन्न धाराओं के अंतर्गत प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा करते हुए विभिन्न प्रकरणों का तीव्रता से निस्तारण कर आवश्यक प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने एडीएम कोर्ट अनुभाग में रिकॉर्ड तलब से संबंधित प्रकरणों की सिटी का जैसा लिया और जिला राजस्व लेखा अनुभाग में आंतरिक लेखा जांच, बकाया आपत्तियों की पालना, एस.सी.टी. एवं एल.आर. एक्ट से जुड़े प्रकरणों के निस्तारण तथा भू-राजस्व वसूली की समीक्षा करी । कलेक्टर ने निर्वाचन अनुभाग के अंतर्गत ईआरओ नेट पर फॉर्म प्रोसेसिंग एवं निपटान की प्रगति की समीक्षा की तथा सामान्य अनुभाग में ग्राम स्तर पर निर्माण अनुमति और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित जर्जर भवनों की रिपोर्ट की समीक्षा करी । कुमार ने विधि अनुभाग के अंतर्गत लंबित न्यायिक प्रकरणों की समीक्षा करते हुए समय पर जवाब प्रस्तुत करने, तथा न्यायालयीन निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें तथा कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखें। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर चंपालाल जीनगर, सभी उपखंडों एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे । --------------1
- Post by रमेश सिंह1
- Post by Kalyan Singh4
- Post by रंगीलो राजस्थान पधारो म्हारे देश1
- बेसहारा सांड का हमला: 90 वर्षीय बुजुर्ग गंभीर घायल, शहर में आवारा पशुओं का बढ़ता आतंक सेंदड़ा (ब्यावर) शीतल कुमारी प्रजापति ब्यावर शहर में आवारा पशुओं का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। पाली बाजार से चमन चौराहा मार्ग पर आज एक दर्दनाक घटना सामने आई । जहां एक बेसहारा सांड ने 90 वर्षीय सेवानिवृत्त अध्यापक पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सांड ने बुजुर्ग को अपने सींगों में फंसा कर जोर से उछाल दिया । जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में उनकी कई हड्डियां टूट गईं ।वहीं कमर में गंभीर चोट (स्पाइन व स्लिप डिस्क) भी आई है। स्थानीय लोगों की मदद से घायल बुजुर्ग को तुरंत अमृतकौर अस्पताल में भर्ती कराया गया । जहां उनका उपचार जारी है। बढ़ती समस्या,बेबस नागरिक शहर में लंबे समय से आवारा पशुओं का आतंक बना हुआ है। आए दिन बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर इनका शिकार बन रहे हैं । लेकिन समस्या के समाधान की दिशा में ठोस कदम नजर नहीं आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस मुद्दे को लेकर गंभीर नहीं हैं। केवल बयानबाजी और औपचारिकताओं तक ही कार्रवाई सीमित रह जाती है। जनता में आक्रोश घटना के बाद क्षेत्रवासियों में रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि हर बार ऐसी घटनाओं के बाद कुछ समय के लिए चर्चा होती है । लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकलता। यह घटना एक बार फिर प्रशासन के सामने बड़ा सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक शहरवासी इस तरह के खतरों के बीच जीवन जीने को मजबूर रहेंगे। आवारा पशुओं की समस्या पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।3
- स्पीड ब्रेकर ऐसा बनाओ कि स्कूटी जहाज़ बन जाए।1
- रियाँ बड़ी क्षेत्र के पुरोहितासनी स्थित जसोल माजीसा धाम में एक विशाल भजन संध्या और मेले का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में आसपास के गांवों सहित दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। देर रात तक चले कार्यक्रम में पूरा परिसर जयकारों और भजनों की गूंज से भक्तिमय बना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद मंच पर भजन गायकों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। इनमें महावीर सांखला, श्री राजपुरोहित, बाल कलाकार रामराज, गुड़िया पंवार, गोविंद कुड़की, चंदन सिंह राजपुरोहित, पं. गजेंद्र शास्त्री लोहावट और पं. मोहित शास्त्री शामिल थे। उनके मधुर भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। इस अवसर पर मुख्य पुजारी सवाई सिंह राजपुरोहित, शंभू सिंह राजपुरोहित और गुरु मां पवन बाई सा उपस्थित रहीं। सैकड़ों भक्तों ने नृत्य-गान के साथ भक्ति का आनंद लिया। आयोजन समिति के अनुसार, यह मेला धाम की प्राचीन परंपरा का हिस्सा है, जिसका आयोजन हर वर्ष श्रद्धापूर्वक किया जाता है। कार्यक्रम में थान सिंह डोली (राजस्थान लोकतांत्रिक पार्टी), पुखराज ग्वाला, जितेंद्र सिंह डोली, सुमेर सिंह राजपुरोहित बिछु, पुख सा साकड़िया, लक्ष्मण सिंह बड़ली, राम सा घेवड़ा, जितेंद्र सिंह डोली और राजेंद्र बेरवाल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का प्रतीक बताया। गोरधन सिंह राजपुरोहित, कैलाश सिंह, रतन सिंह, नेमीचंद, सुरेश, नंद लाल, अशोक इंदौरा, सुनील प्रजापत, मूला राम माली और रामवतार माली सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थाएं संभालकर आयोजन को सफल बनाया। श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी और भोजन की उचित व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा और अन्य सभी व्यवस्थाएं सुचारु रहीं, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई। अंत में, उपस्थित श्रद्धालुओं ने धाम की खुशहाली और क्षेत्र की समृद्धि की कामना की। यह आयोजन धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने का एक सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ।1