फिलहाल मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। *कौशांबी में पुलिस पर गंभीर आरोप, कार्रवाई न होने पर महापंचायत और आंदोलन का ऐलान* *कौशांबी संदेश संवाददाता* कौशांबी। जनपद में थाना संदीपनघाट के एक इंस्पेक्टर पर भारतीय किसान संगठन के जिला महामंत्री के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस घटना को लेकर संगठन में भारी नाराजगी देखी जा रही है।बताया जा रहा है कि 23 मार्च को बाजार में चाय पीने के दौरान यह विवाद हुआ। आरोप है कि परिचय देने के बावजूद इंस्पेक्टर का रवैया नहीं बदला और उन्होंने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। पीड़ित पक्ष ने 25 मार्च को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले की शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है।इसी को लेकर 7 अप्रैल को मंझनपुर में महापंचायत बुलाने और बड़े आंदोलन का ऐलान किया गया है। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो लखनऊ में भी व्यापक आंदोलन किया जाएगा।आरोप यह भी है कि पुलिस द्वारा झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जा रही है। संगठन ने मांग की है कि संबंधित इंस्पेक्टर को तत्काल बर्खास्त किया जाए और निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए। फिलहाल मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
फिलहाल मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। *कौशांबी में पुलिस पर गंभीर आरोप, कार्रवाई न होने पर महापंचायत और आंदोलन का ऐलान* *कौशांबी संदेश संवाददाता* कौशांबी। जनपद में थाना संदीपनघाट के एक इंस्पेक्टर पर भारतीय किसान संगठन के जिला महामंत्री के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस घटना को लेकर संगठन में भारी नाराजगी देखी जा रही है।बताया जा रहा है कि 23 मार्च को बाजार में चाय पीने के दौरान यह विवाद हुआ। आरोप है कि परिचय देने के बावजूद इंस्पेक्टर का रवैया नहीं बदला और उन्होंने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। पीड़ित पक्ष ने 25 मार्च को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले की शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है।इसी को लेकर 7 अप्रैल को मंझनपुर में महापंचायत बुलाने और बड़े आंदोलन का ऐलान किया गया है। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो लखनऊ में भी व्यापक आंदोलन किया जाएगा।आरोप यह भी है कि पुलिस द्वारा झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जा रही है। संगठन ने मांग की है कि संबंधित इंस्पेक्टर को तत्काल बर्खास्त किया जाए और निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए। फिलहाल मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
- *कौशांबी में पुलिस पर गंभीर आरोप, कार्रवाई न होने पर महापंचायत और आंदोलन का ऐलान* *कौशांबी संदेश संवाददाता* कौशांबी। जनपद में थाना संदीपनघाट के एक इंस्पेक्टर पर भारतीय किसान संगठन के जिला महामंत्री के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस घटना को लेकर संगठन में भारी नाराजगी देखी जा रही है।बताया जा रहा है कि 23 मार्च को बाजार में चाय पीने के दौरान यह विवाद हुआ। आरोप है कि परिचय देने के बावजूद इंस्पेक्टर का रवैया नहीं बदला और उन्होंने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। पीड़ित पक्ष ने 25 मार्च को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले की शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है।इसी को लेकर 7 अप्रैल को मंझनपुर में महापंचायत बुलाने और बड़े आंदोलन का ऐलान किया गया है। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो लखनऊ में भी व्यापक आंदोलन किया जाएगा।आरोप यह भी है कि पुलिस द्वारा झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जा रही है। संगठन ने मांग की है कि संबंधित इंस्पेक्टर को तत्काल बर्खास्त किया जाए और निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए। फिलहाल मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।1
- कौशांबी....अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा मंगलवार परेड की सलामी लेकर किया निरीक्षण ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक मंगलवार को अपर पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी राजेश कुमार सिंह द्वारा पुलिस लाइन कौशाम्बी में आयोजित साप्ताहिक मंगलवार परेड की सलामी ली गई। इस दौरान उन्होंने टोलीवार परेड का निरीक्षण कर उपस्थित समस्त पुलिसकर्मियों एवं प्रशिक्षु आरक्षियों के टर्नआउट का गहन अवलोकन किया। परेड के दौरान पुलिसकर्मियों एवं प्रशिक्षु आरक्षियों को दौड़, पीटी अभ्यास एवं टोलीवार ड्रिल कराई गई, जिससे उनकी शारीरिक क्षमता एवं अनुशासन को और सुदृढ़ किया जा सके। अपर पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा परेड में उपस्थित समस्त पुलिस बल को अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा एवं सजगता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। परेड उपरांत अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस लाइन स्थित विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया गया तथा साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।1
- वो देखे लोग किस किस तरीके से UGC का विरोध कर रहे है !! निश्चित रूप से कानूनन नंबर प्लेट पर ये लिखना ठीक नहीं है और अगर पुलिस ने कार्रवाई की है तो उचित है लेकिन UGC का नया नियम भी ठीक नहीं है भेदभाव करने वाला है सरकार कब इसे वापस लेगी ख़ुद के स्तर पर !! या माफ़ी माँगेगी !! अगर ये गलत है तो वो भी ग़लत है !!1
- Post by Govind Patrakar Kaushambi1
- पश्चिम बंगाल को लेकर चुनाव की तैयारी करते हुए बक्सर बंद गाड़ियां से जवान निकलने से पहले श्री राम अयोध्या पहुंचकर भगवान का दर्शन किए उसके बाद बक्सर बंद गाड़ियों से पश्चिम बंगाल को रवाना होगा1
- Post by शिव सागर मौर्य1
- न्यायालय का वाद खारिज होने के बाद भी नहीं खाली हुआ बाग, जांच के आदेश कौशांबी, संवाददाता: तहसील चायल क्षेत्र के खानपुर खास निवासी सरफराज पुत्र पुद्दन अली ने अपने पैतृक बाग पर कब्जे को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित के अनुसार, मौजा खानपुर खास स्थित गाटा संख्या 71 रकबा 0.1590 हे0 भूमि उसके पिता के नाम दर्ज है, जिसमें बैर का बाग लगा हुआ है। बताया कि बाग को फल तोड़ने के लिए 10 हजार रुपये सालाना पर गांव के ही अली अहमद व उसकी पत्नी रोशनी को दिया गया था। समय पूरा होने के बाद बाग खाली करने को कहा गया, लेकिन विपक्षीगण ने कब्जा नहीं छोड़ा और न्यायालय में वाद दाखिल कर दिया। पीड़ित का कहना है कि सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने 2 अप्रैल 2026 को वाद निरस्त कर दिया, इसके बावजूद भी विपक्षी बाग खाली नहीं कर रहे हैं। आरोप है कि वे बाग में जाने से रोकते हैं, गाली-गलौज करते हैं और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हैं। मामले से परेशान परिवार मंगलवार दोपहर करीब एक बजे तहसील परिसर में उपजिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गया और न्याय की गुहार लगाई। पीड़ितों के अनुसार, उपजिलाधिकारी ने उन्हें कुर्सी पर बैठाकर बात सुनी और लेखपाल को मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद परिवार ने लेखपाल पर सहयोग न करने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण वे अपने ही बाग का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं और भय के माहौल में जीवन यापन करने को मजबूर हैं।1
- हमारी सरकार बनने के बाद असम की पहली कैबिनेट में हम UCC लाएंगे : अमित शाह, गृह मंत्री1