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जिलाधिकारी ने की शिक्षा विभाग के निर्माणाधीन परियोजनाओं के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा । जिलाधिकारी कौशाम्बी
शिव सागर मौर्य
जिलाधिकारी ने की शिक्षा विभाग के निर्माणाधीन परियोजनाओं के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा । जिलाधिकारी कौशाम्बी
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- Post by शिव सागर मौर्य1
- पश्चिम बंगाल को लेकर चुनाव की तैयारी करते हुए बक्सर बंद गाड़ियां से जवान निकलने से पहले श्री राम अयोध्या पहुंचकर भगवान का दर्शन किए उसके बाद बक्सर बंद गाड़ियों से पश्चिम बंगाल को रवाना होगा1
- न्यायालय का वाद खारिज होने के बाद भी नहीं खाली हुआ बाग, जांच के आदेश कौशांबी, संवाददाता: तहसील चायल क्षेत्र के खानपुर खास निवासी सरफराज पुत्र पुद्दन अली ने अपने पैतृक बाग पर कब्जे को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित के अनुसार, मौजा खानपुर खास स्थित गाटा संख्या 71 रकबा 0.1590 हे0 भूमि उसके पिता के नाम दर्ज है, जिसमें बैर का बाग लगा हुआ है। बताया कि बाग को फल तोड़ने के लिए 10 हजार रुपये सालाना पर गांव के ही अली अहमद व उसकी पत्नी रोशनी को दिया गया था। समय पूरा होने के बाद बाग खाली करने को कहा गया, लेकिन विपक्षीगण ने कब्जा नहीं छोड़ा और न्यायालय में वाद दाखिल कर दिया। पीड़ित का कहना है कि सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने 2 अप्रैल 2026 को वाद निरस्त कर दिया, इसके बावजूद भी विपक्षी बाग खाली नहीं कर रहे हैं। आरोप है कि वे बाग में जाने से रोकते हैं, गाली-गलौज करते हैं और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हैं। मामले से परेशान परिवार मंगलवार दोपहर करीब एक बजे तहसील परिसर में उपजिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गया और न्याय की गुहार लगाई। पीड़ितों के अनुसार, उपजिलाधिकारी ने उन्हें कुर्सी पर बैठाकर बात सुनी और लेखपाल को मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद परिवार ने लेखपाल पर सहयोग न करने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण वे अपने ही बाग का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं और भय के माहौल में जीवन यापन करने को मजबूर हैं।1
- #कौशाम्बी 19 वर्षीय किशोरी किरन पाल का शव नहर के किनारे पेड़ से लटका हुआ मिला था जिसमें किरन की बड़ी बहन ने गांव के बब्बू यादव पर हत्या करने के बाद शव को पेड़ से बांध कर लटकाने का लगाया आरोप आरोपी मौके से फरार पुलिस जांच में जुटी । कौशांबी जनपद में करारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सभा पवैया चक शहबुउद्दीनपुर की निवासिनी किरन पाल उम्र लगभग 19 वर्ष के जानवर बब्बू यादव के खेत में चले जाने के कारण से बब्बू यादव और किरन पाल के घर वालों में वाद विवाद हुआ । और फिर बब्बू यादव अपने कुछ सहयोगियों के साथ किरन पाल के घर पहुंच कर घर के दरवाजे के बाहर ईट पथराव करते हुए किरन की बहन के साथ भी वाद विवाद हुआ और किरन के जानवर को बब्बू यादव अपने घर पर बांध लेता है । कुछ देर बाद किरन शौच के लिए नहर की ओर जाती है जिसके बाद किरन की बहन का कहना है कि नहर की ओर पहले से ही बब्बू यादव अपने कुछ सहयोगी के साथ घात लगाए बैठा था और किरन पाल को शौच करने के बाद उसको पकड़ कर मार के और फिर नहर के पास एक पेड़ से लटका दिया गया । कुछ देर बाद किरन पाल के परिजनों को यह बात पता चली की किरन का शव नहर के पास एक पेड़ से लटकता हुआ पाया गया है जिसके बाद परिजनों में कोहराम मच जाता है और फिर आनन फानन में पुलिस प्रशासन को सूचना दी जाती है जिसके बाद पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया । इस घटना में जो भी आरोपी हैं वह सभी अपना घर छोड़कर मौके से फरार हो गए हैं पुलिस जांच में जुड़ गई है ।1
- Post by राजेश कुमार पत्रकार1
- कौशाम्बी 19 वर्षीय किशोरी किरन पाल का शव नहर के किनारे पेड़ से लटका हुआ मिला था जिसमें किरन की बड़ी बहन ने गांव के बब्बू यादव पर हत्या करने के बाद शव को पेड़ से बांध कर लटकाने का लगाया आरोप आरोपी मौके से फरार पुलिस जांच में जुटी । कौशांबी जनपद में करारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सभा पवैया चक शहबुउद्दीनपुर की निवासिनी किरन पाल उम्र लगभग 19 वर्ष के जानवर बब्बू यादव के खेत में चले जाने के कारण से बब्बू यादव और किरन पाल के घर वालों में वाद विवाद हुआ । और फिर बब्बू यादव अपने कुछ सहयोगियों के साथ किरन पाल के घर पहुंच कर घर के दरवाजे के बाहर ईट पथराव करते हुए किरन की बहन के साथ भी वाद विवाद हुआ और किरन के जानवर को बब्बू यादव अपने घर पर बांध लेता है । कुछ देर बाद किरन शौच के लिए नहर की ओर जाती है जिसके बाद किरन की बहन का कहना है कि नहर की ओर पहले से ही बब्बू यादव अपने कुछ सहयोगी के साथ घात लगाए बैठा था और किरन पाल को शौच करने के बाद उसको पकड़ कर मार के और फिर नहर के पास एक पेड़ से लटका दिया गया । कुछ देर बाद किरन पाल के परिजनों को यह बात पता चली की किरन का शव नहर के पास एक पेड़ से लटकता हुआ पाया गया है जिसके बाद परिजनों में कोहराम मच जाता है और फिर आनन फानन में पुलिस प्रशासन को सूचना दी जाती है जिसके बाद पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया । इस घटना में जो भी आरोपी हैं वह सभी अपना घर छोड़कर मौके से फरार हो गए हैं पुलिस जांच में जुड़ गई है । रिंकू राज Rinku Raaz Founder : Indian National News " सच की खोज " ( भारतीय राष्ट्रीय समाचार ) #kaushambipolice #kaushambinews #viral1
- मेजा तहसील के **अधिवक्ता बार एसोसिएशन** के आगामी वार्षिक चुनाव को लेकर कचहरी परिसर में चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, प्रत्याशियों ने अपना जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में **मंत्री पद** के प्रबल दावेदार **मनोज शुक्ला** ने अपने समर्थकों के साथ चुनावी मैदान में पूरी ताकत झोंक दी है, जिससे चुनाव रोचक मोड़ पर पहुंच गया है। ### सघन जनसंपर्क और अधिवक्ताओं का समर्थन मनोज शुक्ला ने अपनी रणनीति के तहत वरिष्ठ और युवा अधिवक्ताओं के बीच गहरी पैठ बनाना शुरू कर दिया है। वे रोजाना चैंबर-टू-चैंबर जाकर अधिवक्ताओं से रूबरू हो रहे हैं और उनकी समस्याओं पर चर्चा कर रहे हैं। उनके प्रचार अभियान में युवाओं का जोश और वरिष्ठों का मार्गदर्शन साफ तौर पर देखा जा सकता है। अधिवक्ता समुदाय के बीच उनकी **साफ-सुथरी छवि** और मिलनसार स्वभाव उनके पक्ष में माहौल बना रहा है। ### चुनावी वादे और प्राथमिकताएं प्रचार के दौरान मनोज शुक्ला मुख्य रूप से अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा और बार की गरिमा को पुनर्जीवित करने के मुद्दों पर जोर दे रहे हैं। उनके प्रमुख चुनावी एजेंडे में शामिल हैं: * **अधिवक्ता सुरक्षा:** तहसील परिसर में अधिवक्ताओं के लिए भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करना। * **बुनियादी सुविधाएं:** चैंबरों में बैठने की समुचित व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल और शौचालय की समस्याओं का स्थाई समाधान। * **पुस्तकालय का आधुनिकीकरण:** युवा वकीलों के लिए नवीनतम कानून की किताबों और डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्था। * **पारदर्शिता:** बार के कोष और कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता लाना। ### बढ़ता जनसमर्थन मनोज शुक्ला के पक्ष में उठ रही लहर को देखते हुए अन्य प्रत्याशियों के खेमे में हलचल तेज हो गई है। कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं का मानना है कि मनोज शुक्ला में नेतृत्व क्षमता के साथ-साथ सबको साथ लेकर चलने का जज्बा है। उनके समर्थकों का दावा है कि इस बार मेजा बार का भविष्य एक ऊर्जावान और कर्मठ मंत्री के हाथों में सुरक्षित होगा। जैसे-जैसे चुनाव की घड़ी पास आ रही है, मेजा अधिवक्ता बार का गलियारा 'मनोज शुक्ला जिंदाबाद' के नारों से गूंज रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह बढ़ता जनसमर्थन मतदान के दिन कितना निर्णायक साबित होता है।4
- Post by शिव सागर मौर्य1