logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

When the voices of India’s most accomplished women converge, it is not merely a statement, it is a moment in history. Coming soon… a landmark moment in India’s democratic journey.

4 hrs ago
user_Kailash Fulwari
Kailash Fulwari
अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
4 hrs ago

When the voices of India’s most accomplished women converge, it is not merely a statement, it is a moment in history. Coming soon… a landmark moment in India’s democratic journey.

More news from Rajasthan and nearby areas
  • राजस्थान के राजसमंद जिले के चारभुजा थाना क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक चलती कार में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ ही मिनटों में वाहन जलकर राख हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार से पहले धुआं उठता दिखा और फिर अचानक आग की लपटें तेज हो गईं। चालक और उसमें सवार लोगों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। हालांकि, घटना के काफी देर बाद दमकल मौके पर पहुंची, तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। यह घटना 16 अप्रैल 2026 की बताई जा रही है। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
    1
    राजस्थान के राजसमंद जिले के चारभुजा थाना क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक चलती कार में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ ही मिनटों में वाहन जलकर राख हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार से पहले धुआं उठता दिखा और फिर अचानक आग की लपटें तेज हो गईं। चालक और उसमें सवार लोगों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। हालांकि, घटना के काफी देर बाद दमकल मौके पर पहुंची, तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी।
यह घटना 16 अप्रैल 2026 की बताई जा रही है। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
    user_Vishal chouhan
    Vishal chouhan
    Protestor Ajmer, Rajasthan•
    2 hrs ago
  • अजमेर, 17 अप्रैल 2026 – राजस्थान की ऐतिहासिक नगरी अजमेर में पुलिस की कथित ज्यादती का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 23 वर्षीय युवती फ़िज़ा अंसारी ने माननीय महानिरीक्षक (IG) अजमेर को एक विस्तृत शिकायत पत्र सौंपा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि 3 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 2:30 से 3:00 बजे के बीच दर्जन भर पुलिसकर्मियों ने बिना किसी वारंट या सूचना के उनके घर में जबरन घुसपैठ की, तोड़फोड़ मचाई और पूरे परिवार पर बेरहमी से हमला किया। घटना दरगाह पुलिस स्टेशन के एचएम लक्ष्मण, एक सिख पुलिस कर्मी,दिल्ली गेट पोस्ट के जवानों और जयपुर से आए 4-5 पुलिसकर्मियों (जिनमें एक महिला भी शामिल थी) की संयुक्त टीम से जुड़ी बताई जा रही है। शिकायतकर्ता फ़िज़ा अंसारी, मोहम्मदीन की पुत्री, अजमेर के 839-ए अंदर कोट गर्ल्स स्कूल इलाके की रहने वाली हैं। उन्होंने पत्र में लिखा है कि सभी पुलिसकर्मी बिना वर्दी के थे और अचानक घर में घुस आए। “वे अंदर घुसते ही तोड़फोड़ पर उतर आए। मेरे बड़े भाई पर बेरहमी से हमला शुरू कर दिया। मेरी मां फ़िरोज़ा (50 वर्षीय विधवा), जो पूरी तरह अपने दोनों बेटों पर आश्रित हैं, को धक्का दिया गया और मारपीट की गई। इससे उनकी रीढ़ और पैर में गंभीर चोटें आईं,” फ़िज़ा ने लिखा। शिकायत के अनुसार, छोटे भाई को पूछताछ के बहाने एक कमरे में बंद कर दिया गया और वहां भी मारपीट की गई। सबसे चौंकाने वाली घटना युवती फ़िज़ा के साथ हुई। महिला पुलिस अधिकारी ने बिना किसी वजह के बाथरूम में घुसपैठ कर दी। “मुझे कपड़े पहनने का भी मौका नहीं दिया गया। महिला अधिकारी ने मेरे बाल पकड़कर मुझे नीचे घसीटा। फिर वहां मौजूद एक पुरुष अधिकारी ने मुझे मारना और धक्का देना शुरू कर दिया,” फ़िज़ा ने विस्तार से बताया। लगभग आधे घंटे तक चली मारपीट के बाद पुलिस ने उनके भाई इमरान को अपने साथ ले जाकर हिरासत में लिया। घटना के बाद इमरान के मोबाइल से उनकी भाभी फलक के फोन पर कॉल आई, जिसमें पुलिस दबाव डाल रही थी। शिकायत पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पूरे परिवार को बिना किसी अपराध या कानूनी प्रक्रिया के निशाना बनाया गया। परिवार का दावा है कि न तो कोई FIR थी, न वारंट और न ही कोई पूर्व सूचना। फ़िज़ा ने अपने पत्र में आगे लिखा है कि उन्होंने इस ज्यादती की जानकारी 4 अप्रैल 2026 को ही पुलिस अधीक्षक (SP) को दे दी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। “मेरी मां विधवा हैं, घर की एकमात्र कमाने वाली सदस्य नहीं हैं। हम गरीब परिवार हैं। पुलिस की इस बर्बरता ने पूरे परिवार को मानसिक और शारीरिक रूप से तोड़ दिया है। मेरी मां अभी भी दर्द में हैं और चलने-फिरने में असमर्थ हैं,” शिकायत में भावुक अपील की गई है। यह मामला अजमेर के सिविल लाइन पुलिस स्टेशन क्षेत्र से भी जुड़ा माना जा रहा है, जहां कथित तौर पर परिवार के सदस्यों को बाद में हिरासत में रखा गया। शिकायतकर्ता ने IG से मांग की है कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए, उन्हें निलंबित किया जाए और परिवार को न्याय दिलाया जाए। “हम न्याय चाहते हैं। पुलिस का काम सुरक्षा देना है, आतंक फैलाना नहीं,” पत्र में लिखा गया है। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर सनसनी फैला दी है। अजमेर जैसे संवेदनशील शहर में, जहां दरगाह शरीफ और पर्यटन स्थल हैं, पुलिस की कथित मनमानी को लेकर नागरिक समाज में गुस्सा बढ़ रहा है। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे ‘पुलिस अत्याचार’ करार दिया है और कहा है कि यदि सच्चाई यही है तो यह लोकतंत्र और कानून की हत्या है। फ़िज़ा परिवार की स्थिति बेहद दयनीय बताई जा रही है। मां फ़िरोज़ा की चोटें इतनी गंभीर हैं कि उन्हें चिकित्सकीय सहायता की जरूरत है। छोटे भाई अभी भी सदमे में हैं। बड़े भाई और इमरान की हिरासत से पूरा घर बिखर गया है। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि पुलिस ने घर की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ गया है। पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। IG कार्यालय ने शिकायत प्राप्त करने की पुष्टि की है, लेकिन जांच की प्रक्रिया या समयसीमा के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। अजमेर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से जब संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। यह मामला राजस्थान पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। हाल के वर्षों में राज्य में पुलिस कस्टडी और घरेलू छापेमारी को लेकर कई शिकायतें आई हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह न केवल दोषी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का मामला होगा, बल्कि मानवाधिकार उल्लंघन का भी होगा। फ़िज़ा अंसारी की शिकायत अब IG स्तर पर पहुंच चुकी है। परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ राष्ट्रीय अध्यक्ष सना खान,राष्ट्रीय महासचिव उदित नारायण ने मांग की है कि स्वतंत्र जांच समिति गठित की जाए और CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन तथा गवाहों के बयानों के आधार पर सच्चाई सामने लाई जाए। राष्ट्रीय अध्यक्ष सना खान,राष्ट्रीय महासचिव उदित नारायण ने बताया की देशभर मे और अजमेर के नागरिकों में इस घटना को लेकर चर्चा तेज है। कई लोग सोशल मीडिया पर #JusticeForFizaAnsari जैसे हैशटैग के साथ पोस्ट कर रहे हैं। “पुलिस अगर खुद कानून तोड़ेगी तो आम आदमी कहां जाए? यह शिकायत सिर्फ एक परिवार की नहीं, पूरे समाज की आवाज है।” IG अजमेर के कार्यालय से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। यदि जांच में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता साबित हुई तो निलंबन, FIR और सजा की मांग जोर पकड़ सकती है।
    1
    अजमेर, 17 अप्रैल 2026 – राजस्थान की ऐतिहासिक नगरी अजमेर में पुलिस की कथित ज्यादती का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 23 वर्षीय युवती फ़िज़ा अंसारी ने माननीय महानिरीक्षक (IG) अजमेर को एक विस्तृत शिकायत पत्र सौंपा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि 3 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 2:30 से 3:00 बजे के बीच दर्जन भर पुलिसकर्मियों ने बिना किसी वारंट या सूचना के उनके घर में जबरन घुसपैठ की, तोड़फोड़ मचाई और पूरे परिवार पर बेरहमी से हमला किया। घटना दरगाह पुलिस स्टेशन के एचएम लक्ष्मण, एक सिख पुलिस कर्मी,दिल्ली गेट पोस्ट के जवानों और जयपुर से आए 4-5 पुलिसकर्मियों (जिनमें एक महिला भी शामिल थी) की संयुक्त टीम से जुड़ी बताई जा रही है।
शिकायतकर्ता फ़िज़ा अंसारी, मोहम्मदीन की पुत्री, अजमेर के 839-ए अंदर कोट गर्ल्स स्कूल इलाके की रहने वाली हैं। 
उन्होंने पत्र में लिखा है कि सभी पुलिसकर्मी बिना वर्दी के थे और अचानक घर में घुस आए। “वे अंदर घुसते ही तोड़फोड़ पर उतर आए। मेरे बड़े भाई पर बेरहमी से हमला शुरू कर दिया। मेरी मां फ़िरोज़ा (50 वर्षीय विधवा), जो पूरी तरह अपने दोनों बेटों पर आश्रित हैं, को धक्का दिया गया और मारपीट की गई। इससे उनकी रीढ़ और पैर में गंभीर चोटें आईं,” फ़िज़ा ने लिखा। शिकायत के अनुसार, छोटे भाई को पूछताछ के बहाने एक कमरे में बंद कर दिया गया और वहां भी मारपीट की गई। सबसे चौंकाने वाली घटना युवती फ़िज़ा के साथ हुई। महिला पुलिस अधिकारी ने बिना किसी वजह के बाथरूम में घुसपैठ कर दी। “मुझे कपड़े पहनने का भी मौका नहीं दिया गया। महिला अधिकारी ने मेरे बाल पकड़कर मुझे नीचे घसीटा। फिर वहां मौजूद एक पुरुष अधिकारी ने मुझे मारना और धक्का देना शुरू कर दिया,” फ़िज़ा ने विस्तार से बताया। लगभग आधे घंटे तक चली मारपीट के बाद पुलिस ने उनके भाई इमरान को अपने साथ ले जाकर हिरासत में लिया। घटना के बाद इमरान के मोबाइल से उनकी भाभी फलक के फोन पर कॉल आई, जिसमें पुलिस दबाव डाल रही थी। शिकायत पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पूरे परिवार को बिना किसी अपराध या कानूनी प्रक्रिया के निशाना बनाया गया। परिवार का दावा है कि न तो कोई FIR थी, न वारंट और न ही कोई पूर्व सूचना। फ़िज़ा ने अपने पत्र में आगे लिखा है कि उन्होंने इस ज्यादती की जानकारी 4 अप्रैल 2026 को ही पुलिस अधीक्षक (SP) को दे दी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। “मेरी मां विधवा हैं, घर की एकमात्र कमाने वाली सदस्य नहीं हैं। हम गरीब परिवार हैं। पुलिस की इस बर्बरता ने पूरे परिवार को मानसिक और शारीरिक रूप से तोड़ दिया है। मेरी मां अभी भी दर्द में हैं और चलने-फिरने में असमर्थ हैं,” शिकायत में भावुक अपील की गई है। यह मामला अजमेर के सिविल लाइन पुलिस स्टेशन क्षेत्र से भी जुड़ा माना जा रहा है, जहां कथित तौर पर परिवार के सदस्यों को बाद में हिरासत में रखा गया। शिकायतकर्ता ने IG से मांग की है कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए, उन्हें निलंबित किया जाए और परिवार को न्याय दिलाया जाए। “हम न्याय चाहते हैं। पुलिस का काम सुरक्षा देना है, आतंक फैलाना नहीं,” पत्र में लिखा गया है। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर सनसनी फैला दी है। अजमेर जैसे संवेदनशील शहर में, जहां दरगाह शरीफ और पर्यटन स्थल हैं, पुलिस की कथित मनमानी को लेकर नागरिक समाज में गुस्सा बढ़ रहा है। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे ‘पुलिस अत्याचार’ करार दिया है और कहा है कि यदि सच्चाई यही है तो यह लोकतंत्र और कानून की हत्या है।
फ़िज़ा परिवार की स्थिति बेहद दयनीय बताई जा रही है। मां फ़िरोज़ा की चोटें इतनी गंभीर हैं कि उन्हें चिकित्सकीय सहायता की जरूरत है। छोटे भाई अभी भी सदमे में हैं। बड़े भाई और इमरान की हिरासत से पूरा घर बिखर गया है। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि पुलिस ने घर की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। IG कार्यालय ने शिकायत प्राप्त करने की पुष्टि की है, लेकिन जांच की प्रक्रिया या समयसीमा के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। अजमेर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से जब संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। यह मामला राजस्थान पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। हाल के वर्षों में राज्य में पुलिस कस्टडी और घरेलू छापेमारी को लेकर कई शिकायतें आई हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह न केवल दोषी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का मामला होगा, बल्कि मानवाधिकार उल्लंघन का भी होगा। फ़िज़ा अंसारी की शिकायत अब IG स्तर पर पहुंच चुकी है। परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। 
राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ राष्ट्रीय अध्यक्ष सना खान,राष्ट्रीय महासचिव उदित नारायण
ने मांग की है कि स्वतंत्र जांच समिति गठित की जाए और CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन तथा गवाहों के बयानों के आधार पर सच्चाई सामने लाई जाए।
राष्ट्रीय अध्यक्ष सना खान,राष्ट्रीय महासचिव उदित नारायण ने बताया की देशभर मे और अजमेर के नागरिकों में इस घटना को लेकर चर्चा तेज है। कई लोग सोशल मीडिया पर #JusticeForFizaAnsari जैसे हैशटैग के साथ पोस्ट कर रहे हैं। “पुलिस अगर खुद कानून तोड़ेगी तो आम आदमी कहां जाए? यह शिकायत सिर्फ एक परिवार की नहीं, पूरे समाज की आवाज है।” IG अजमेर के कार्यालय से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। यदि जांच में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता साबित हुई तो निलंबन, FIR और सजा की मांग जोर पकड़ सकती है।
    user_Shahid hussain
    Shahid hussain
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • Post by Kailash Fulwari
    1
    Post by Kailash Fulwari
    user_Kailash Fulwari
    Kailash Fulwari
    अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • अजमेर में जिला स्पेशल टीम और कोतवाली थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नकली नोट के जरिए ठगी करने वाले शातिर आरोपियों का भंडाफोड़ किया गया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कागज के टुकड़ों को असली नोट बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। जानकारी के अनुसार, आरोपी 500 रुपये के नोट का झांसा देकर केमिकल और काले कागज का इस्तेमाल करते थे और लोगों को नकली नोट तैयार करने का दिखावा कर ठगी करते थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और एक वाहन भी जब्त किया है। मामले का खुलासा वृत अधिकारी शिवम जोशी ने किया। फिलहाल पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों और इस तरह की अन्य वारदातों की जांच में जुटी हुई है। अजमेर पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और लोगों को ऐसे ठगी के मामलों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
    1
    अजमेर में जिला स्पेशल टीम और कोतवाली थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नकली नोट के जरिए ठगी करने वाले शातिर आरोपियों का भंडाफोड़ किया गया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कागज के टुकड़ों को असली नोट बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।
जानकारी के अनुसार, आरोपी 500 रुपये के नोट का झांसा देकर केमिकल और काले कागज का इस्तेमाल करते थे और लोगों को नकली नोट तैयार करने का दिखावा कर ठगी करते थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और एक वाहन भी जब्त किया है।
मामले का खुलासा वृत अधिकारी शिवम जोशी ने किया। फिलहाल पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों और इस तरह की अन्य वारदातों की जांच में जुटी हुई है।
अजमेर पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और लोगों को ऐसे ठगी के मामलों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
    user_92 R News
    92 R News
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • अजमेर में बढ़ती गर्मी को देखते हुए श्री राम सेवा हिंदुस्तान संगठन द्वारा एक सराहनीय पहल की गई। संगठन के युवा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष देवी लाल सोनी के नेतृत्व में अकादमी गर्ल्स स्कूल (राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय) में छात्राओं को पानी की बोतल और टिफिन बॉक्स वितरित किए गए। गर्मी के इस मौसम में बच्चों को प्यास, थकान और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इस पहल के माध्यम से छात्राओं को राहत देने का प्रयास किया गया, ताकि वे स्कूल आते-जाते समय आसानी से पानी पी सकें और स्वस्थ रह सकें। इस सेवा कार्यक्रम में श्री राम सेवा संगठन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। संगठन का उद्देश्य आगे भी इसी तरह के जनहितकारी कार्य करते हुए विद्यार्थियों और समाज की सेवा करना है।
    1
    अजमेर में बढ़ती गर्मी को देखते हुए श्री राम सेवा हिंदुस्तान संगठन द्वारा एक सराहनीय पहल की गई। संगठन के युवा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष देवी लाल सोनी के नेतृत्व में अकादमी गर्ल्स स्कूल (राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय) में छात्राओं को पानी की बोतल और टिफिन बॉक्स वितरित किए गए।
गर्मी के इस मौसम में बच्चों को प्यास, थकान और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इस पहल के माध्यम से छात्राओं को राहत देने का प्रयास किया गया, ताकि वे स्कूल आते-जाते समय आसानी से पानी पी सकें और स्वस्थ रह सकें।
इस सेवा कार्यक्रम में श्री राम सेवा संगठन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। संगठन का उद्देश्य आगे भी इसी तरह के जनहितकारी कार्य करते हुए विद्यार्थियों और समाज की सेवा करना है।
    user_News Daily Hindi
    News Daily Hindi
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • Post by Seema
    2
    Post by Seema
    user_Seema
    Seema
    नसीराबाद, अजमेर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • नसीराबाद की बेटी सृष्टि शर्मा का जलवा, 10वीं में 92% अंक लाकर किया नाम रोशन
    1
    नसीराबाद की बेटी सृष्टि शर्मा का जलवा, 10वीं में 92% अंक लाकर किया नाम रोशन
    user_Dilip sen
    Dilip sen
    नसीराबाद, अजमेर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • RAS स्टेट टॉपर घूस कांड में हुई गिरफ्तार, पहली ही पोस्टिंग में रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ी गई SDM काजल मीणा, मॉक इंटरव्यू में कहा था - 'बदलूंगी लोगों की जिंदगी' राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) 2024 की टॉपर काजल मीणा का नाम इन दिनों चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह उनकी सफलता नहीं, बल्कि उन पर लगे गंभीर आरोप हैं. पहली ही पोस्टिंग के दौरान रिश्वत लेने के आरोप में उनकी गिरफ्तारी ने सभी को हैरान कर दिया है और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. जानकारी के मुताबिक, काजल मीणा पर जमीन से जुड़े एक मामले में डिक्री जारी करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है. एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कार्रवाई करते हुए उन्हें उनके सहयोगी प्रवीण और रीडर दिनेश के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया. बताया जा रहा है कि कुल 60 हजार रुपये की डील तय हुई थी, जिसमें 50 हजार रुपये SDM के लिए और 10 हजार रुपये रीडर के लिए थे. पहले मांगे थे 1 लाख रुपये ACB अधिकारियों के अनुसार, शुरुआत में आरोपियों ने 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी. बाद में यह रकम घटाकर 50 हजार रुपये कर दी गई. शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने जांच की और फिर जाल बिछाकर कार्रवाई की. छापे के दौरान आरोपियों के पास से 4 लाख रुपये भी बरामद हुए, जिनकी जांच की जा रही है.
    1
    RAS स्टेट टॉपर घूस कांड में हुई गिरफ्तार, पहली ही पोस्टिंग में रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ी गई SDM काजल मीणा, मॉक इंटरव्यू में कहा था - 'बदलूंगी लोगों की जिंदगी'
राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) 2024 की टॉपर काजल मीणा का नाम इन दिनों चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह उनकी सफलता नहीं, बल्कि उन पर लगे गंभीर आरोप हैं. पहली ही पोस्टिंग के दौरान रिश्वत लेने के आरोप में उनकी गिरफ्तारी ने सभी को हैरान कर दिया है और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
जानकारी के मुताबिक, काजल मीणा पर जमीन से जुड़े एक मामले में डिक्री जारी करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है. एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कार्रवाई करते हुए उन्हें उनके सहयोगी प्रवीण और रीडर दिनेश के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया. बताया जा रहा है कि कुल 60 हजार रुपये की डील तय हुई थी, जिसमें 50 हजार रुपये SDM के लिए और 10 हजार रुपये रीडर के लिए थे.
पहले मांगे थे 1 लाख रुपये
ACB अधिकारियों के अनुसार, शुरुआत में आरोपियों ने 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी. बाद में यह रकम घटाकर 50 हजार रुपये कर दी गई. शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने जांच की और फिर जाल बिछाकर कार्रवाई की. छापे के दौरान आरोपियों के पास से 4 लाख रुपये भी बरामद हुए, जिनकी जांच की जा रही है.
    user_Vishal chouhan
    Vishal chouhan
    Protestor Ajmer, Rajasthan•
    2 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.