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भरथना। स्थानीय ऐतिहासिक कस्वा रमायन के प्राचीन शिव मंदिर में भंडारे के साथ धार्मिक अनुष्ठान का समापन #भंडारा

2 hrs ago
user_Kanhaiya lal
Kanhaiya lal
Doctor भरथना, इटावा, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago
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भरथना। स्थानीय ऐतिहासिक कस्वा रमायन के प्राचीन शिव मंदिर में भंडारे के साथ धार्मिक अनुष्ठान का समापन #भंडारा

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • Post by Kanhaiya lal
    1
    Post by Kanhaiya lal
    user_Kanhaiya lal
    Kanhaiya lal
    Doctor भरथना, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • *इटावा ब्रेकिंग* इटावा के सहसों क्षेत्र में ओवरलोड डंपरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। रात के अंधेरे में बेखौफ दौड़ रहे डंपर आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। *रजत यादव पत्रकार* 7417197064 इटावा के सहसों थाना क्षेत्र से रोज़ाना करीब एक दर्जन ओवरलोड डंपरों का आवागमन हो रहा है, लेकिन प्रशासन की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। सूत्रों के मुताबिक सहसों थाने में तैनात सिपाही सुनील तथा बिंदवा कला चौकी पर तैनात सिपाही अमृत की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। चर्चाएं हैं कि कुछ सिपाही इंस्पेक्टर की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहे हैं। थाने के भीतर ही ‘विभीषण’ की भूमिका निभा रहे सिपाही के नाम की चर्चा जोरों पर है। बिंदवा कला चौकी क्षेत्र के अंतर्गत सिंगल रोड से धड़ल्ले से ओवरलोड डंपर गुजर रहे हैं, लेकिन परिवहन और खनन विभाग के अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे। तेज रफ्तार और भारी भरकम वाहनों से राहगीर खासे परेशान हैं, जबकि किसी बड़े हादसे की आशंका भी लगातार बनी हुई है।
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    *इटावा ब्रेकिंग*
इटावा के सहसों क्षेत्र में ओवरलोड डंपरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। रात के अंधेरे में बेखौफ दौड़ रहे डंपर आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है।
*रजत यादव पत्रकार*
7417197064
इटावा के सहसों थाना क्षेत्र से रोज़ाना करीब एक दर्जन ओवरलोड डंपरों का आवागमन हो रहा है, लेकिन प्रशासन की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। सूत्रों के मुताबिक सहसों थाने में तैनात सिपाही सुनील तथा बिंदवा कला चौकी पर तैनात सिपाही अमृत की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
चर्चाएं हैं कि कुछ सिपाही इंस्पेक्टर की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहे हैं। थाने के भीतर ही ‘विभीषण’ की भूमिका निभा रहे सिपाही के नाम की चर्चा जोरों पर है।
बिंदवा कला चौकी क्षेत्र के अंतर्गत सिंगल रोड से धड़ल्ले से ओवरलोड डंपर गुजर रहे हैं, लेकिन परिवहन और खनन विभाग के अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे। तेज रफ्तार और भारी भरकम वाहनों से राहगीर खासे परेशान हैं, जबकि किसी बड़े हादसे की आशंका भी लगातार बनी हुई है।
    user_नव भारत संवाद
    नव भारत संवाद
    पत्रकार इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • Post by Devendra singh Bhadauriya
    1
    Post by Devendra singh Bhadauriya
    user_Devendra singh Bhadauriya
    Devendra singh Bhadauriya
    Farmer Etawah, Uttar Pradesh•
    10 hrs ago
  • दलीप नगर मढैयन तहसील चकर नगर इटावा उ प्र
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    दलीप नगर मढैयन तहसील चकर नगर इटावा उ प्र
    user_Shuru User, satendra kevat
    Shuru User, satendra kevat
    Farmer चाकरनागर, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • Post by Monu Rajput
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    Post by Monu Rajput
    user_Monu Rajput
    Monu Rajput
    बिधूना, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • औरैया ब्लाक के गांव बड़ी गूंज में किसानों द्वारा यमुना नदी किनारे बालू में बंद किए गए गोवंशों के संरक्षण का कार्य पांचवें दिन शुरू हुआ। सरसों की फसल नष्ट होने से नाराज किसानों ने करीब 49 छुट्टा गोवंशों को घेराबंदी कर कैद कर दिया था, जो चार दिन तक केवल नदी का पानी पीकर जीवित रहे। समाचार प्रकाशित होने पर प्रशासन सक्रिय हुआ और चारा की व्यवस्था कर आठ गोवंशों को गोशाला भेजा गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बंधक गोवंशों की जगह अन्य पशु पकड़े गए हैं। अधिकारियों ने शीघ्र सभी के संरक्षण का आश्वासन दिया।
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    औरैया ब्लाक के गांव बड़ी गूंज में किसानों द्वारा यमुना नदी किनारे बालू में बंद किए गए गोवंशों के संरक्षण का कार्य पांचवें दिन शुरू हुआ। सरसों की फसल नष्ट होने से नाराज किसानों ने करीब 49 छुट्टा गोवंशों को घेराबंदी कर कैद कर दिया था, जो चार दिन तक केवल नदी का पानी पीकर जीवित रहे। समाचार प्रकाशित होने पर प्रशासन सक्रिय हुआ और चारा की व्यवस्था कर आठ गोवंशों को गोशाला भेजा गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बंधक गोवंशों की जगह अन्य पशु पकड़े गए हैं। अधिकारियों ने शीघ्र सभी के संरक्षण का आश्वासन दिया।
    user_कुमार सुनील
    कुमार सुनील
    पत्रकारिता अजीतमाल, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • अमेठी।राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को सीएचसी फुरसतगंज में टीबी रोगियों को गोद लेने हेतु एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके तहत अडानी फाउंडेशन द्वारा 20 टीबी रोगियों को गोद लिया गया। पोषण पोटली में चना, मूंगफली, गुड़ आदि खाद्य सामग्री थी | सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिषेक शुक्ला ने उपस्थित लोगों को टीबी के लक्षणों एवं बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अपने आसपास के लोगों को टीबी के लक्षणों एवं उपचार के बारे में जागरूक करें। नियमित रूप से दवाओं का सेवन तथा पौष्टिक आहार लेने से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है। साथ ही टीबी की जांच एवं उपचार सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध है। इस अवसर पर सीएचसी अधीक्षक ने उपस्थित लोगों ने टीबी के साथ साथ मच्छरजनित रोगों जसिएय डेंगू, मलेरिया और फ़ाइलेरिया से बचाव के बारे में भी बताया | उन्होंने कहा कि इन सभी बिमारियों से बचाव के लिए जरूरी है कि घर में यह घर के अस –पास साफ सफाई रखें, मच्छर न पनपने दें | फ़ाइलेरिया तो लाइलाज बीमारी है | इसलिए मच्छरों के काटने से बचें | सभी डेंगू मलेरिया और फ़ाइलेरिया की जाँच और इलाज स्वास्थ्य केन्द्रों पर निशुल्क है | इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा फ़ाइलेरिया पीड़ितों को बीमारी के प्रबन्धन और फ़ाइलेरिया प्रभावित अंगों की देखभाल के लिए रुग्णता प्रबन्धन और दिव्यान्गता उपचार (एमएमडीपी)का प्रशिक्षण और किट निःशुल्क दी जाती है | इस अवसर पर वरिष्ठ क्षय रोग पर्यवेक्षक अजय प्रताप सिंह, टीबी मरीज सहित सीएचसी के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे | इनसेट में – मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि टीबी रोगियों को गोद लेने की यह पहल प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान का हिस्सा है। वर्तमान में जनपद में 327 निक्षय मित्रों द्वारा 2906 टीबी रोगियों को गोद लिया गया है। निक्षय मित्रों द्वारा टीबी रोगियों को उपचार के दौरान पोषणात्मक, मनोवैज्ञानिक अथवा अन्य आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति, संस्था, शैक्षणिक या औद्योगिक संस्थान टीबी रोगियों को गोद लेकर टीबी उन्मूलन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सकते हैं। अडानी फाउंडेशन द्वारा जनवरी माह से अब तक 810 टीबी रोगियों को गोद लिया जा चुका है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक व्यक्ति एवं संस्थाएं आगे आकर टीबी रोगियों को गोद लें तथा उन्हें भावनात्मक एवं पोषणात्मक सहयोग प्रदान कर टीबी मुक्त जनपद बनाने में अपना योगदान दें।
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    अमेठी।राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को सीएचसी फुरसतगंज में टीबी रोगियों को गोद लेने हेतु एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके तहत अडानी फाउंडेशन द्वारा 20 टीबी रोगियों को गोद लिया गया।  पोषण पोटली में चना, मूंगफली, गुड़ आदि खाद्य सामग्री थी |
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिषेक शुक्ला ने उपस्थित लोगों को टीबी के लक्षणों एवं बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अपने आसपास के लोगों को टीबी के लक्षणों एवं उपचार के बारे में जागरूक करें। नियमित रूप से दवाओं का सेवन तथा पौष्टिक आहार लेने से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है। साथ ही टीबी की जांच एवं उपचार सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध है।
इस अवसर पर सीएचसी अधीक्षक ने उपस्थित लोगों ने टीबी के साथ साथ मच्छरजनित रोगों जसिएय डेंगू, मलेरिया और फ़ाइलेरिया से बचाव के बारे में भी बताया | उन्होंने कहा कि इन सभी बिमारियों से बचाव के लिए जरूरी है कि घर में यह घर के अस –पास साफ सफाई रखें, मच्छर न पनपने दें | फ़ाइलेरिया तो लाइलाज बीमारी है | इसलिए मच्छरों के काटने से बचें | सभी डेंगू मलेरिया और फ़ाइलेरिया की जाँच और इलाज स्वास्थ्य केन्द्रों पर निशुल्क है | इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा फ़ाइलेरिया पीड़ितों को बीमारी के प्रबन्धन और फ़ाइलेरिया प्रभावित अंगों की देखभाल  के लिए रुग्णता प्रबन्धन और दिव्यान्गता उपचार (एमएमडीपी)का प्रशिक्षण और किट निःशुल्क दी जाती है |
इस अवसर पर वरिष्ठ क्षय रोग पर्यवेक्षक अजय प्रताप सिंह, टीबी मरीज  सहित सीएचसी के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे |  
इनसेट में –
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि टीबी रोगियों को गोद लेने की यह पहल प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान का हिस्सा है। वर्तमान में जनपद में 327 निक्षय मित्रों द्वारा 2906 टीबी रोगियों को गोद लिया गया है। निक्षय मित्रों द्वारा टीबी रोगियों को उपचार के दौरान पोषणात्मक, मनोवैज्ञानिक अथवा अन्य आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति, संस्था, शैक्षणिक या औद्योगिक संस्थान टीबी रोगियों को गोद लेकर टीबी उन्मूलन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सकते हैं।
अडानी फाउंडेशन द्वारा जनवरी माह से अब तक 810 टीबी रोगियों को गोद लिया जा चुका है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक व्यक्ति एवं संस्थाएं आगे आकर टीबी रोगियों को गोद लें तथा उन्हें भावनात्मक एवं पोषणात्मक सहयोग प्रदान कर टीबी मुक्त जनपद बनाने में अपना योगदान दें।
    user_Dr.SBS Chauhan
    Dr.SBS Chauhan
    पत्रकारिता चाकरनागर, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • vapi Gujarat to bharatpur JN
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    vapi Gujarat to bharatpur JN
    user_Devendra singh Bhadauriya
    Devendra singh Bhadauriya
    Farmer Etawah, Uttar Pradesh•
    10 hrs ago
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