आकांक्षी प्रखंड डुमरी के मॉडल ग्राम हुटाप में पीवीटीजी परिवारों को बकरी पालन से मिलेगी नई पहचान आकांक्षी प्रखंड डुमरी के मॉडल ग्राम हुटाप में पीवीटीजी परिवारों को बकरी पालन से मिलेगी नई पहचान डुमरी (गुमला): आकांक्षी प्रखंड डुमरी के मॉडल ग्राम हुटाप के औरापाठ क्षेत्र में नीति आयोग द्वारा पोषित एवं गुमला जिला प्रशासन के नेतृत्व में संचालित “पहल (पाथ टू एडवांसमेंट एंड हॉलिस्टिक एक्शन फॉर लाइवलीहुड इन औरापाठ)” परियोजना के तहत सोमवार को पीवीटीजी परिवारों के बीच जीविकोपार्जन वृद्धि के उद्देश्य से बकरियों का वितरण किया गया। यह वितरण आईएसडीजी रिसर्च फाउंडेशन के माध्यम से किया गया। प्रथम बैच में नौ पीवीटीजी परिवारों को ब्लैक बंगाल नस्ल की एक-एक यूनिट बकरी (चार बकरी और एक बकरा) प्रदान की गई। परियोजना के अंतर्गत कुल चौंतीस पीवीटीजी परिवारों को बकरी पालन के व्यवसाय से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। बकरी पालन के माध्यम से परिवारों की नियमित आय सुनिश्चित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मौके पर आईएसडीजी रिसर्च फाउंडेशन के कार्यकर्ता नीरज गोप, आलोक मिश्रा, पीवीटीजी समुदाय के कार्यकर्ता रमेश कोरवा, संदीप यादव सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।
आकांक्षी प्रखंड डुमरी के मॉडल ग्राम हुटाप में पीवीटीजी परिवारों को बकरी पालन से मिलेगी नई पहचान आकांक्षी प्रखंड डुमरी के मॉडल ग्राम हुटाप में पीवीटीजी परिवारों को बकरी पालन से मिलेगी नई पहचान डुमरी (गुमला): आकांक्षी प्रखंड डुमरी के मॉडल ग्राम हुटाप के औरापाठ क्षेत्र में नीति आयोग द्वारा पोषित एवं गुमला जिला प्रशासन के नेतृत्व में संचालित “पहल (पाथ टू एडवांसमेंट एंड हॉलिस्टिक एक्शन फॉर लाइवलीहुड इन औरापाठ)” परियोजना के तहत सोमवार को पीवीटीजी परिवारों के बीच जीविकोपार्जन वृद्धि के उद्देश्य से बकरियों का वितरण किया गया। यह वितरण आईएसडीजी रिसर्च फाउंडेशन के माध्यम से किया गया। प्रथम बैच में नौ पीवीटीजी परिवारों को ब्लैक बंगाल नस्ल की एक-एक यूनिट बकरी (चार बकरी और एक बकरा) प्रदान की गई। परियोजना के अंतर्गत कुल चौंतीस पीवीटीजी परिवारों को बकरी पालन के व्यवसाय से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। बकरी पालन के माध्यम से परिवारों की नियमित आय सुनिश्चित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मौके पर आईएसडीजी रिसर्च फाउंडेशन के कार्यकर्ता नीरज गोप, आलोक मिश्रा, पीवीटीजी समुदाय के कार्यकर्ता रमेश कोरवा, संदीप यादव सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।
- आकांक्षी प्रखंड डुमरी के मॉडल ग्राम हुटाप में पीवीटीजी परिवारों को बकरी पालन से मिलेगी नई पहचान डुमरी (गुमला): आकांक्षी प्रखंड डुमरी के मॉडल ग्राम हुटाप के औरापाठ क्षेत्र में नीति आयोग द्वारा पोषित एवं गुमला जिला प्रशासन के नेतृत्व में संचालित “पहल (पाथ टू एडवांसमेंट एंड हॉलिस्टिक एक्शन फॉर लाइवलीहुड इन औरापाठ)” परियोजना के तहत सोमवार को पीवीटीजी परिवारों के बीच जीविकोपार्जन वृद्धि के उद्देश्य से बकरियों का वितरण किया गया। यह वितरण आईएसडीजी रिसर्च फाउंडेशन के माध्यम से किया गया। प्रथम बैच में नौ पीवीटीजी परिवारों को ब्लैक बंगाल नस्ल की एक-एक यूनिट बकरी (चार बकरी और एक बकरा) प्रदान की गई। परियोजना के अंतर्गत कुल चौंतीस पीवीटीजी परिवारों को बकरी पालन के व्यवसाय से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। बकरी पालन के माध्यम से परिवारों की नियमित आय सुनिश्चित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मौके पर आईएसडीजी रिसर्च फाउंडेशन के कार्यकर्ता नीरज गोप, आलोक मिश्रा, पीवीटीजी समुदाय के कार्यकर्ता रमेश कोरवा, संदीप यादव सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।1
- चैनपुर: आदिवासी संस्कृति की प्राचीन परंपरा सेंदरा पर्व या फागु शिकार आज भी चैनपुर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में जीवित है। होली पर्व से पूर्व अलग-अलग गांवों के ग्रामीण पारंपरिक हथियारों के साथ झुंड बनाकर जंगलों की ओर निकल रहे हैं और सामूहिक रूप से इस परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं।1
- घाघरा। रंगों के त्योहार होली के अवसर पर घाघरा के चांदनी चौक में शानदार रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन घाघरा थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के दौरान थाना प्रभारी ने उपस्थित लोगों को होली की शुभकामनाएं दीं और शांतिपूर्ण तरीके से पर्व मनाने की अपील की। कार्यक्रम में कलाकारों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।इस आयोजन में कलाकारों ने एक से बढ़कर एक लोक गीत और नृत्य प्रस्तुत किए, जिस पर दर्शक झूमने को मजबूर हो गए। चांदनी चौक पर भारी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ जुटी रही और पूरा क्षेत्र होली के गीतों और उल्लास से सराबोर नजर आया। स्थानीय लोगों ने इस सफल आयोजन की काफी सराहना की और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।3
- Post by हमर जशपुर1
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- Post by SAMBHU RAVI1
- डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर जिलेभर में सघन कार्रवाई 23 से अधिक प्रकरण दर्ज, तथा 100 लीटर से अधिक देसी, अंग्रेजी एवं कच्ची महुआ शराब जब्त।1
- पढ़ेगा इंडिया’ के नारे पर सवाल: चैनपुर के दो विद्यालयों में बच्चों से मिड-डे मील बनवाने का आरोप चैनपुर (गुमला): शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और ‘पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया’ जैसे नारों के बीच Jharkhand के Gumla जिले के चैनपुर प्रखंड से चिंताजनक मामला सामने आया है। यहाँ के राजकीय उत्क्रमिक उच्च विद्यालय भठौली तथा राजकीयकृत मध्य विद्यालय सिलफरी में रसोइया संयोजिका के हड़ताल पर जाने के बाद विद्यार्थियों से मिड-डे मील तैयार कराने का आरोप लगा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रसोइया संयोजिका के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने के बाद विद्यालय प्रबंधन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। आरोप है कि इसके बजाय छात्रों को ही भोजन बनाने के कार्य में लगाया गया। जिस समय बच्चों को कक्षा में अध्ययनरत होना चाहिए था, उस समय वे रसोई कार्य करते देखे गए। मामले की जानकारी मिलने पर मीडिया टीम के विद्यालय पहुंचने से हड़कंप की स्थिति उत्पन्न हो गई। बताया जाता है कि बच्चों को तत्काल रसोईघर से बाहर कर दिया गया। कुछ अभिभावकों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि बच्चों को इस संबंध में किसी से कुछ भी नहीं कहने की हिदायत दी गई थी। हालांकि विद्यालय प्रबंधन ने आरोपों से इनकार किया है। मध्य विद्यालय सिलफरी की शिक्षिका नीलप्रभा ने कहा कि बच्चों से खाना नहीं बनवाया जा रहा था, बल्कि केवल सहायता ली जा रही थी। वहीं भठौली विद्यालय की शिक्षिका का कहना है कि अवकाश के दौरान बच्चों को सीमित कार्य के लिए बुलाया गया था। जानकारी देते हुए सोमवार की दोपहर दो बजे प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की ओर से बताया गया कि मामले की जांच के लिए टीम गठित की जा रही है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि बच्चों से किसी प्रकार का श्रम कार्य लेना नियम विरुद्ध है। मामले के प्रकाश में आने के बाद क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अभिभावकों ने जिम्मेदार अधिकारियों से निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।4