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राजधानी लखनऊ के दुबग्गा क्षेत्र में मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसे में एक निजी अस्पताल की 26 वर्षीय नर्स साधना की जान चली गई। अपनी ड्यूटी पूरी कर पैदल घर लौट रही साधना दुबग्गा स्थित जॉगर्स चौराहे के पास सड़क पार कर रही थी, तभी एक तेज रफ्तार मौरंग लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर उन पर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में साधना मौरंग के ढेर और ट्रैक्टर की चपेट में बुरी तरह दब गईं, जिससे उन्हें सिर और पैरों में गंभीर चोटें आईं और उनकी हालत बेहद नाजुक हो गई। हादसे का शोर सुनकर मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने तुरंत साधना को मौरंग के नीचे से बाहर निकाला और गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर दुबग्गा पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है और फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश में जुटी है। इस दुखद घटना से मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं स्थानीय लोगों में इस तरह के तेज रफ्तार वाहनों के बेखौफ आवागमन को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है।

17 hrs ago
user_अजीत मिश्रा (खोजी)
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
17 hrs ago

राजधानी लखनऊ के दुबग्गा क्षेत्र में मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसे में एक निजी अस्पताल की 26 वर्षीय नर्स साधना की जान चली गई। अपनी ड्यूटी पूरी कर पैदल घर लौट रही साधना दुबग्गा स्थित जॉगर्स चौराहे के पास सड़क पार कर रही थी, तभी एक तेज रफ्तार मौरंग लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर उन पर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में साधना मौरंग के ढेर और ट्रैक्टर की चपेट में बुरी तरह दब गईं, जिससे उन्हें सिर और पैरों में गंभीर चोटें आईं और उनकी हालत बेहद नाजुक हो गई। हादसे का शोर सुनकर मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने तुरंत साधना को मौरंग के नीचे से बाहर निकाला और गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर दुबग्गा पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है और फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश में जुटी है। इस दुखद घटना से मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं स्थानीय लोगों में इस तरह के तेज रफ्तार वाहनों के बेखौफ आवागमन को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • पश्चिम बंगाल के हावड़ा में टीएमसी नेता ब्रह्मानंद चक्रवर्ती ने पुलिस से बचने के लिए खुद को साड़ियों के ढेर में छिपा लिया, जब पुलिस 'कट मनी' के हिसाब-किताब के लिए उनके आवास पर पहुंची। नेता जी ने इस तरह राजनीति में 'पर्दा डालने' की कला को एक नया और अनूठा आयाम दे दिया, खुद को सूती और सिल्क की साड़ियों के बीच 'समाहित' करके, यह साबित करते हुए कि वे वाकई 'जनता के आदमी' हैं। पुलिस दल को नेता जी के आवास पर किसी फाइल या कानूनी दस्तावेज़ों के बजाय साड़ियों का एक पहाड़ मिला, जिसे नेता जी ने 'पारदर्शिता' की नई परिभाषा गढ़ते हुए, अपने बचाव के लिए इस्तेमाल किया। सूत्रों के अनुसार, पुलिस नेता जी पर सरकारी योजनाओं में 'कट मनी' लेने का आरोप लगा रही थी, और नेता जी ने इसे 'छिप मनी' का खेल कहकर साड़ियों के नीचे छिपने का हुनर दिखाया। यह एक गजब का 'अदृश्य करने वाला लबादा' था, जिसे स्थानीय बाजार में 'साड़ी का ढेर' कहा जा रहा है। हालांकि, नेता जी का यह 'सिल्क का सुरक्षा कवच' भी उन्हें बचा नहीं पाया। पुलिस ने उन्हें साड़ियों के ढेर से बाहर निकालकर हकीकत का सामना कराया। ब्रह्मानंद चक्रवर्ती का यह कृत्य राजनीति के पन्नों में एक मिसाल बन गया है, और यह सवाल उठ रहे हैं कि अगली बार वे बचने के लिए क्या करेंगे। इस घटना के बाद हावड़ा के बाजार में साड़ियों की मांग बढ़ने की बात भी कही जा रही है, इस उम्मीद में कि वे सिर्फ पहनने के नहीं, बल्कि 'इतिहास के पन्नों में छिपने' के भी काम आ सकती हैं।
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    पश्चिम बंगाल के हावड़ा में टीएमसी नेता ब्रह्मानंद चक्रवर्ती ने पुलिस से बचने के लिए खुद को साड़ियों के ढेर में छिपा लिया, जब पुलिस 'कट मनी' के हिसाब-किताब के लिए उनके आवास पर पहुंची। नेता जी ने इस तरह राजनीति में 'पर्दा डालने' की कला को एक नया और अनूठा आयाम दे दिया, खुद को सूती और सिल्क की साड़ियों के बीच 'समाहित' करके, यह साबित करते हुए कि वे वाकई 'जनता के आदमी' हैं।

पुलिस दल को नेता जी के आवास पर किसी फाइल या कानूनी दस्तावेज़ों के बजाय साड़ियों का एक पहाड़ मिला, जिसे नेता जी ने 'पारदर्शिता' की नई परिभाषा गढ़ते हुए, अपने बचाव के लिए इस्तेमाल किया। सूत्रों के अनुसार, पुलिस नेता जी पर सरकारी योजनाओं में 'कट मनी' लेने का आरोप लगा रही थी, और नेता जी ने इसे 'छिप मनी' का खेल कहकर साड़ियों के नीचे छिपने का हुनर दिखाया। यह एक गजब का 'अदृश्य करने वाला लबादा' था, जिसे स्थानीय बाजार में 'साड़ी का ढेर' कहा जा रहा है।

हालांकि, नेता जी का यह 'सिल्क का सुरक्षा कवच' भी उन्हें बचा नहीं पाया। पुलिस ने उन्हें साड़ियों के ढेर से बाहर निकालकर हकीकत का सामना कराया। ब्रह्मानंद चक्रवर्ती का यह कृत्य राजनीति के पन्नों में एक मिसाल बन गया है, और यह सवाल उठ रहे हैं कि अगली बार वे बचने के लिए क्या करेंगे। इस घटना के बाद हावड़ा के बाजार में साड़ियों की मांग बढ़ने की बात भी कही जा रही है, इस उम्मीद में कि वे सिर्फ पहनने के नहीं, बल्कि 'इतिहास के पन्नों में छिपने' के भी काम आ सकती हैं।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • बस्ती के महुआ डाबर में, भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 के अमर शहीदों की स्मृति को समर्पित तीन दिवसीय "महुआ डाबर महोत्सव-2026" के दूसरे दिन ऐतिहासिक क्रांति स्थल पर भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। महुआ डाबर संग्रहालय द्वारा आयोजित इस महोत्सव में स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कई प्रेरणादायी आयोजन हुए। कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार द्वारा निर्मित आधे घंटे की ऐतिहासिक ऑडियो डॉक्यूमेंट्री 'महुआ डाबर: निशां अभी बाक़ी हैं' का श्रवण कराया गया, जिसे सुनकर उपस्थित लोग भावुक हो उठे। इस डॉक्यूमेंट्री में 'गैर-चिरागी' महुआ डाबर के आम लोगों के अनुभवों के साथ ही, महुआ डाबर का उत्खनन करने वाले लखनऊ विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार, महुआ डाबर संग्रहालय के निदेशक डॉ. शाह आलम राना, और उत्तर प्रदेश पर्यटन की पूर्व विशेष सचिव ईशा प्रिया के विचार शामिल हैं। इसकी स्क्रिप्ट एवं प्रस्तुति नवोदिता मिश्रा ने की है, वाचन स्वर रितु राजपूत और नाट्यांश स्वर मनोज मयंकर का है, जबकि गीत के रचयिता कर्नल तिलकराज और गायक डॉ. ग़ज़ल श्रीनिवास हैं। आकाशवाणी संवाददाता दीपांकर मिश्र, प्रस्तुति सहयोगी शिवाली एवं संयोजन राम अवतार बैरवा का रहा। कार्यक्रम के समापन पर महुआ डाबर के क्रांतिवीरों को मशालों के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सैकड़ों युवाओं ने हाथों में जलती मशाल लेकर क्रांति स्थल की परिक्रमा की और शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस अवसर पर क्रांतिकारी वंशज डॉ. शाह आलम राना ने बताया कि वर्ष 1857 में अंग्रेजों ने महुआ डाबर को 'गैर-चिरागी' घोषित कर दीपक जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। उन्होंने कहा कि आज मशाल जलाकर यह संदेश दिया गया है कि शहीदों की स्मृति का चिराग 169 वर्ष बाद भी बुझा नहीं है, और यह क्रांति की वह ज्वाला है जो कभी बुझनी नहीं चाहिए। युवाओं को मशाल सौंपकर यह संकल्प दिलाया गया कि वे महुआ डाबर के गौरवशाली इतिहास को देश-दुनिया तक पहुंचाएंगे। आयोजकों ने जानकारी दी कि 10 जून को 'शौर्य दिवस' के अवसर पर सुबह शहीद स्थल पर सशस्त्र पुलिस गारद द्वारा सलामी दी जाएगी, जिसके बाद 'विरासत संरक्षण संकल्प सभा' का आयोजन होगा। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, इतिहास प्रेमियों, युवाओं और समाजसेवियों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में अतुल सिंह, नासिर खान, केपी राठौर, मोहम्मद कैफ, ऋतिक कुमार, सुनील पंडित, श्रवण कुमार, फ़कीर मोहम्मद, विनोद कुमार यादव, मुमताज़ खान, अनूप कुमार एडवोकेट, रमजान खान, धर्मेन्द्र, प्रणब मुखर्जी, आदिल खान, रामकेश गौतम, प्रभाकर चौधरी, नागेंद्र प्रताप सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
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    बस्ती के महुआ डाबर में, भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 के अमर शहीदों की स्मृति को समर्पित तीन दिवसीय "महुआ डाबर महोत्सव-2026" के दूसरे दिन ऐतिहासिक क्रांति स्थल पर भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। महुआ डाबर संग्रहालय द्वारा आयोजित इस महोत्सव में स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कई प्रेरणादायी आयोजन हुए।

कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार द्वारा निर्मित आधे घंटे की ऐतिहासिक ऑडियो डॉक्यूमेंट्री 'महुआ डाबर: निशां अभी बाक़ी हैं' का श्रवण कराया गया, जिसे सुनकर उपस्थित लोग भावुक हो उठे। इस डॉक्यूमेंट्री में 'गैर-चिरागी' महुआ डाबर के आम लोगों के अनुभवों के साथ ही, महुआ डाबर का उत्खनन करने वाले लखनऊ विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार, महुआ डाबर संग्रहालय के निदेशक डॉ. शाह आलम राना, और उत्तर प्रदेश पर्यटन की पूर्व विशेष सचिव ईशा प्रिया के विचार शामिल हैं। इसकी स्क्रिप्ट एवं प्रस्तुति नवोदिता मिश्रा ने की है, वाचन स्वर रितु राजपूत और नाट्यांश स्वर मनोज मयंकर का है, जबकि गीत के रचयिता कर्नल तिलकराज और गायक डॉ. ग़ज़ल श्रीनिवास हैं। आकाशवाणी संवाददाता दीपांकर मिश्र, प्रस्तुति सहयोगी शिवाली एवं संयोजन राम अवतार बैरवा का रहा।

कार्यक्रम के समापन पर महुआ डाबर के क्रांतिवीरों को मशालों के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सैकड़ों युवाओं ने हाथों में जलती मशाल लेकर क्रांति स्थल की परिक्रमा की और शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस अवसर पर क्रांतिकारी वंशज डॉ. शाह आलम राना ने बताया कि वर्ष 1857 में अंग्रेजों ने महुआ डाबर को 'गैर-चिरागी' घोषित कर दीपक जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। उन्होंने कहा कि आज मशाल जलाकर यह संदेश दिया गया है कि शहीदों की स्मृति का चिराग 169 वर्ष बाद भी बुझा नहीं है, और यह क्रांति की वह ज्वाला है जो कभी बुझनी नहीं चाहिए। युवाओं को मशाल सौंपकर यह संकल्प दिलाया गया कि वे महुआ डाबर के गौरवशाली इतिहास को देश-दुनिया तक पहुंचाएंगे।

आयोजकों ने जानकारी दी कि 10 जून को 'शौर्य दिवस' के अवसर पर सुबह शहीद स्थल पर सशस्त्र पुलिस गारद द्वारा सलामी दी जाएगी, जिसके बाद 'विरासत संरक्षण संकल्प सभा' का आयोजन होगा। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, इतिहास प्रेमियों, युवाओं और समाजसेवियों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में अतुल सिंह, नासिर खान, केपी राठौर, मोहम्मद कैफ, ऋतिक कुमार, सुनील पंडित, श्रवण कुमार, फ़कीर मोहम्मद, विनोद कुमार यादव, मुमताज़ खान, अनूप कुमार एडवोकेट, रमजान खान, धर्मेन्द्र, प्रणब मुखर्जी, आदिल खान, रामकेश गौतम, प्रभाकर चौधरी, नागेंद्र प्रताप सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
    user_आनंद धर द्विवेदी
    आनंद धर द्विवेदी
    Local News Reporter हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • राजधानी लखनऊ के थाना बन्थरा पुलिस ने एक नाबालिग बालिका के साथ गलत काम करने के आरोपी अभियुक्त, जो उसका सगा मामा है, को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस संबंध में डीसीपी साउथ द्वारा बाइट भी दी गई है।
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    राजधानी लखनऊ के थाना बन्थरा पुलिस ने एक नाबालिग बालिका के साथ गलत काम करने के आरोपी अभियुक्त, जो उसका सगा मामा है, को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस संबंध में डीसीपी साउथ द्वारा बाइट भी दी गई है।
    user_विनोद कुमार सोनकर पत्रकार
    विनोद कुमार सोनकर पत्रकार
    हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद ब्लॉक अंतर्गत रौरापार गांव में एक सड़क उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य अजय शर्मा ने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं के विकास को अपनी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि नई सड़क के निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और यह क्षेत्र के विकास को नई गति देगा। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने इन विकास कार्यों के लिए जिला पंचायत सदस्य का आभार व्यक्त किया।
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    संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद ब्लॉक अंतर्गत रौरापार गांव में एक सड़क उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य अजय शर्मा ने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं के विकास को अपनी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि नई सड़क के निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और यह क्षेत्र के विकास को नई गति देगा। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने इन विकास कार्यों के लिए जिला पंचायत सदस्य का आभार व्यक्त किया।
    user_Vipin Rai Journalist
    Vipin Rai Journalist
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2025 को सफलतापूर्वक, पारदर्शी, निष्पक्ष, सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से, संत कबीर नगर के जिलाधिकारी आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने 9 जून 2026 को जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने संत कबीर नगर के आचार्य राम विलास इण्टर कालेज मगहर, मौलाना आजाद इण्टर कालेज खलीलाबाद सहित अन्य परीक्षा केंद्रों पर पहुँचकर वहाँ की सुरक्षा व्यवस्था, व्यवस्थापन और परीक्षा संचालन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस मौके पर, ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को परीक्षा की शुचिता बनाए रखने, अभ्यर्थियों के लिए सुगम और व्यवस्थित प्रवेश सुनिश्चित करने, संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी नज़र रखने और परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ जमा न होने देने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए सघन निगरानी की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, जनपदीय कंट्रोल रूम और डायल-112 को भी पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक महोदय ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि परीक्षा ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। जनपद पुलिस ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय से अपने परीक्षा केंद्र पर पहुँचें और परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में प्रशासन का सहयोग करें।
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    उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2025 को सफलतापूर्वक, पारदर्शी, निष्पक्ष, सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से, संत कबीर नगर के जिलाधिकारी आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने 9 जून 2026 को जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने संत कबीर नगर के आचार्य राम विलास इण्टर कालेज मगहर, मौलाना आजाद इण्टर कालेज खलीलाबाद सहित अन्य परीक्षा केंद्रों पर पहुँचकर वहाँ की सुरक्षा व्यवस्था, व्यवस्थापन और परीक्षा संचालन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस मौके पर, ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को परीक्षा की शुचिता बनाए रखने, अभ्यर्थियों के लिए सुगम और व्यवस्थित प्रवेश सुनिश्चित करने, संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी नज़र रखने और परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ जमा न होने देने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए सघन निगरानी की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, जनपदीय कंट्रोल रूम और डायल-112 को भी पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक महोदय ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि परीक्षा ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। जनपद पुलिस ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय से अपने परीक्षा केंद्र पर पहुँचें और परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में प्रशासन का सहयोग करें।
    user_Durgesh Mishra
    Durgesh Mishra
    रिपोर्टर खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • संतकबीरनगर के खलीलाबाद स्थित समय मंदिर परिसर के पंचमुखी हनुमान मंदिर में पंचम मंगलवार के पावन अवसर पर एक विशाल भंडारे और सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की, भगवान हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रसाद ग्रहण किया। आयोजित सुंदरकांड पाठ ने पूरे मंदिर परिसर को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया। हनुमान जी के गुणगान और भक्ति रस से ओतप्रोत चौपाइयों के श्रवण से उपस्थित श्रद्धालुओं को गहरी आत्मिक शांति एवं आध्यात्मिक संतुष्टि का अनुभव हुआ। श्रद्धालुओं ने बताया कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी भाईचारे का संदेश प्रसारित होता है। मंदिर के महंत बाबा अवधेश दास के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में भंडारे की व्यवस्था अत्यंत सुव्यवस्थित थी, जिसकी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर सराहना की। इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में उपेन्द्र त्रिपाठी, विनय मिश्रा, आर के राय, रुद्र पाठक, राज, सुनील पाठक, महेन्द्र तिवारी, अरुण तिवारी, मनजीत, जैनेंद्र कुमार उर्फ पिंटू, सूरज सिंह, राजेश पांडे एवं राजन पांडे सहित अनेक श्रद्धालुओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी के सहयोग एवं समर्पण से कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। महंत बाबा अवधेश दास ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों और उपस्थित जनसमुदाय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के माध्यम से समाज में सद्भाव, सेवा और संस्कारों का विस्तार होता है।
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    संतकबीरनगर के खलीलाबाद स्थित समय मंदिर परिसर के पंचमुखी हनुमान मंदिर में पंचम मंगलवार के पावन अवसर पर एक विशाल भंडारे और सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की, भगवान हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रसाद ग्रहण किया। आयोजित सुंदरकांड पाठ ने पूरे मंदिर परिसर को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया।

हनुमान जी के गुणगान और भक्ति रस से ओतप्रोत चौपाइयों के श्रवण से उपस्थित श्रद्धालुओं को गहरी आत्मिक शांति एवं आध्यात्मिक संतुष्टि का अनुभव हुआ। श्रद्धालुओं ने बताया कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी भाईचारे का संदेश प्रसारित होता है। मंदिर के महंत बाबा अवधेश दास के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में भंडारे की व्यवस्था अत्यंत सुव्यवस्थित थी, जिसकी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर सराहना की।

इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में उपेन्द्र त्रिपाठी, विनय मिश्रा, आर के राय, रुद्र पाठक, राज, सुनील पाठक, महेन्द्र तिवारी, अरुण तिवारी, मनजीत, जैनेंद्र कुमार उर्फ पिंटू, सूरज सिंह, राजेश पांडे एवं राजन पांडे सहित अनेक श्रद्धालुओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी के सहयोग एवं समर्पण से कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। महंत बाबा अवधेश दास ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों और उपस्थित जनसमुदाय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के माध्यम से समाज में सद्भाव, सेवा और संस्कारों का विस्तार होता है।
    user_खबरें 24
    खबरें 24
    Court reporter खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने चोरी के मामलों से संबंधित 03 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई में चोरी की कुल 02 घटनाओं का अनावरण भी किया गया। यह जानकारी क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद द्वारा दी गई बाईट में सामने आई है।
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    थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने चोरी के मामलों से संबंधित 03 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई में चोरी की कुल 02 घटनाओं का अनावरण भी किया गया। यह जानकारी क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद द्वारा दी गई बाईट में सामने आई है।
    user_Ramesh Dubey
    Ramesh Dubey
    पत्रकारिता Ghanghata, Sant Kabeer Nagar•
    10 hrs ago
  • राजधानी लखनऊ के दुबग्गा क्षेत्र में मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसे में एक निजी अस्पताल की 26 वर्षीय नर्स साधना की जान चली गई। अपनी ड्यूटी पूरी कर पैदल घर लौट रही साधना दुबग्गा स्थित जॉगर्स चौराहे के पास सड़क पार कर रही थी, तभी एक तेज रफ्तार मौरंग लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर उन पर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में साधना मौरंग के ढेर और ट्रैक्टर की चपेट में बुरी तरह दब गईं, जिससे उन्हें सिर और पैरों में गंभीर चोटें आईं और उनकी हालत बेहद नाजुक हो गई। हादसे का शोर सुनकर मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने तुरंत साधना को मौरंग के नीचे से बाहर निकाला और गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर दुबग्गा पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है और फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश में जुटी है। इस दुखद घटना से मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं स्थानीय लोगों में इस तरह के तेज रफ्तार वाहनों के बेखौफ आवागमन को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है।
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    राजधानी लखनऊ के दुबग्गा क्षेत्र में मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसे में एक निजी अस्पताल की 26 वर्षीय नर्स साधना की जान चली गई। अपनी ड्यूटी पूरी कर पैदल घर लौट रही साधना दुबग्गा स्थित जॉगर्स चौराहे के पास सड़क पार कर रही थी, तभी एक तेज रफ्तार मौरंग लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर उन पर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में साधना मौरंग के ढेर और ट्रैक्टर की चपेट में बुरी तरह दब गईं, जिससे उन्हें सिर और पैरों में गंभीर चोटें आईं और उनकी हालत बेहद नाजुक हो गई।

हादसे का शोर सुनकर मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने तुरंत साधना को मौरंग के नीचे से बाहर निकाला और गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर दुबग्गा पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है और फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश में जुटी है। इस दुखद घटना से मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं स्थानीय लोगों में इस तरह के तेज रफ्तार वाहनों के बेखौफ आवागमन को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
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